निम्नलिखित में से कौन-सी कोशिकाएँ किसी बाहरी प्रतिजन (एंटीजन) के विरुद्ध प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी) बनाती हैं?
- A.लसीकाणु (लिम्फोसाइट)
- B.लाल रक्त कणिकाएँ (एरिथ्रोसाइट)
- C.इओसिनोफिल
- D.पट्टिकाणु (प्लेटलेट)
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, लसीकाणु (लिम्फोसाइट)। एंटीबॉडी B-लिम्फोसाइट बनाते हैं, जो एक प्रकार की श्वेत रक्त कोशिका है, और यह काम वे किसी बाहरी एंटीजन के संपर्क में आने के बाद करते हैं।
जब कोई रोगाणु या बाहरी पदार्थ शरीर में आता है, तो उसके एंटीजन को पहचानने वाले B-लिम्फोसाइट तेज़ी से बढ़ते हैं और प्लाज़्मा कोशिकाओं में बदल जाते हैं। हर प्लाज़्मा कोशिका बड़ी मात्रा में एंटीबॉडी छोड़ती है। ये Y-आकार के प्रोटीन (इम्युनोग्लोबुलिन) एंटीजन से चिपककर उसे नष्ट करने के लिए चिह्नित करते हैं। कुछ B-कोशिकाएँ स्मृति कोशिकाएँ बन जाती हैं, जिससे दोबारा संक्रमण पर लड़ाई तेज़ होती है; टीकाकरण इसी पर आधारित है।
B गलत है, क्योंकि लाल रक्त कणिकाएँ हीमोग्लोबिन से ऑक्सीजन ढोती हैं। C गलत है, क्योंकि इओसिनोफिल परजीवियों से लड़ते हैं और एलर्जी में भाग लेते हैं, पर एंटीबॉडी नहीं बनाते। D गलत है, क्योंकि प्लेटलेट रक्त का थक्का जमाने में मदद करते हैं।
Exam tip: B-कोशिकाएँ एंटीबॉडी बनाती हैं, T-कोशिकाएँ संक्रमित कोशिकाओं को मारती हैं, RBC ऑक्सीजन ढोती हैं, प्लेटलेट थक्का जमाते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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