निम्नलिखित में से कौन-से भारत के प्रमुख प्रवाल भित्ति क्षेत्र हैं? 1. कच्छ की खाड़ी 2. मन्नार की खाड़ी 3. लक्षद्वीप 4. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1 और 3
- B.केवल 2 और 4
- C.केवल 1, 2 और 3
- D.1, 2, 3 और 4
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1, 2, 3 और 4। ये चारों क्षेत्र भारत के प्रमुख प्रवाल भित्ति क्षेत्र माने जाते हैं।
भारत की प्रवाल भित्तियाँ चार मुख्य क्षेत्रों में हैं। गुजरात की कच्छ की खाड़ी में तटीय भित्तियाँ हैं और जामनगर के पास देश का पहला समुद्री राष्ट्रीय उद्यान है। तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच मन्नार की खाड़ी में 21 छोटे द्वीपों के चारों ओर भित्तियाँ हैं और यह जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है। लक्षद्वीप लगभग पूरा प्रवाल एटॉल से बना है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में देश की सबसे समृद्ध और विविध भित्तियाँ हैं। प्रवाल को गर्म, साफ़, उथला और खारा जल चाहिए, इसलिए बड़ी नदियों के मुहानों के पास ये नहीं मिलते।
A गलत है: इसमें मन्नार की खाड़ी और अंडमान-निकोबार छूट गए। B गलत है: इसमें कच्छ की खाड़ी और लक्षद्वीप छूट गए। C गलत है: इसमें अंडमान-निकोबार नहीं है, जो सबसे बड़ा भित्ति क्षेत्र है।
परीक्षा टिप: भारत के चार प्रवाल क्षेत्र: कच्छ की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी, लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार; एटॉल समूह लक्षद्वीप है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा अम्ल वर्षा का एक कारण है?
- A.ओज़ोन
- B.अमोनिया
- C.सल्फ़र डाइऑक्साइड
- D.कार्बन मोनोऑक्साइड
उत्तर देखें
सल्फ़र डाइऑक्साइड वर्षा जल में घुलकर सल्फ़्यूरिक अम्ल बनाती है, जो अम्ल वर्षा का मुख्य कारण है। बिजलीघरों, प्रगलकों और वाहनों में कोयला और तेल जलने से सल्फ़र डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन के ऑक्साइड वायु में पहुँचते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'ज़ेरिस्केपिंग' की अवधारणा किससे संबंधित है?
- A.जल बचाने से संबंधित भू-दृश्य निर्माण (लैंडस्केपिंग)
- B.मृदा अपरदन रोकने से संबंधित भू-दृश्य निर्माण
- C.चट्टानों की सतह का अपक्षय
- D.उपर्युक्त सभी
उत्तर देखें
ज़ेरिस्केपिंग बगीचों और भू-दृश्यों को इस तरह बनाने का तरीका है कि उन्हें बहुत कम या बिल्कुल सिंचाई न चाहिए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा/से रेडियोधर्मी पदार्थ खाद्य शृंखला के माध्यम से मानव शरीर में प्रवेश करता है/करते हैं और अनेक शारीरिक विकार उत्पन्न करता है/करते हैं?
- A.स्ट्रॉन्शियम-90
- B.आयोडीन-131
- C.सीज़ियम-137
- D.उपर्युक्त सभी
उत्तर देखें
स्ट्रॉन्शियम-90, आयोडीन-131 और सीज़ियम-137 तीनों विखंडन उत्पाद हैं जो मिट्टी, पानी और पौधों पर जमकर भोजन के रास्ते मनुष्य तक पहुँचते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का गैर-परंपरागत स्रोत है?
- A.पेट्रोलियम
- B.प्राकृतिक गैस
- C.ज्वारीय ऊर्जा
- D.कोयला
उत्तर देखें
यह समुद्र में ज्वार-भाटे के चढ़ने-उतरने से मिलती है और नवीकरणीय स्रोत है, जो पारंपरिक ईंधनों में नहीं आता। परंपरागत स्रोत वे हैं जिनका लंबे समय से बड़े पैमाने पर उपयोग होता आया है, मुख्यतः जीवाश्म ईंधन कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस, तथा बड़ी जलविद्युत परियोजनाएँ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक कार्बन क्रेडिट को किसके बराबर माना जाता है?
- A.100 किग्रा कार्बन
- B.100 किग्रा कार्बन डाइऑक्साइड
- C.1000 किग्रा कार्बन
- D.1000 किग्रा कार्बन डाइऑक्साइड
उत्तर देखें
एक कार्बन क्रेडिट का अर्थ है वायुमंडल में जाने से रोकी गई एक टन कार्बन डाइऑक्साइड, या अन्य ग्रीनहाउस गैसों की उतनी ही समतुल्य मात्रा।
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