निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व अधातु है, परंतु चमकीला है?
- A.कार्बन
- B.सिलिकॉन
- C.जर्मेनियम
- D.आयोडीन
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, आयोडीन। आयोडीन अधातु है, फिर भी इसके ठोस क्रिस्टलों में धातु जैसी चमक होती है, इसलिए स्कूली रसायन में इसे अधातुओं के अपवाद के रूप में पढ़ाया जाता है।
अधातुएँ प्रायः चमकहीन, भंगुर और ऊष्मा तथा विद्युत की कुचालक होती हैं। समूह 17 का हैलोजन आयोडीन चमक के मामले में इस नियम को तोड़ता है: इसके धूसर-काले क्रिस्टल चमकते हैं और हल्का गर्म करने पर ये सीधे बैंगनी वाष्प में बदल जाते हैं, यानी ऊर्ध्वपातित होते हैं। आयोडीन का टिंचर रोगाणुरोधक के रूप में काम आता है और घेंघा रोकने के लिए साधारण नमक में आयोडीन मिलाया जाता है। पाठ्यपुस्तक में अधातुओं के अपवादों की सूची में चमक के लिए आयोडीन, विद्युत चालकता के लिए ग्रेफ़ाइट और कठोरता के लिए हीरे का नाम आता है।
A गलत है क्योंकि कार्बन को चालकता (ग्रेफ़ाइट) और कठोरता (हीरा) के अपवाद के रूप में बताया जाता है, चमकीली अधातु के रूप में नहीं। B गलत है क्योंकि सिलिकॉन उपधातु है। C गलत है क्योंकि जर्मेनियम भी उपधातु है, जो अर्धचालक के रूप में प्रयुक्त होता है।
परीक्षा टिप: अधातुओं के अपवाद: आयोडीन चमकीला, ग्रेफ़ाइट विद्युत चालक, हीरा सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ; ब्रोमीन एकमात्र द्रव अधातु।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंवस्तु दूरी 'u', प्रतिबिंब दूरी 'v' और दर्पण की फोकस दूरी 'f' को जोड़ने वाला गोलीय दर्पण सूत्र समतल दर्पण पर कब लागू किया जा सकता है?
- A.जब फोकस दूरी अनंत की ओर जाए।
- B.जब फोकस दूरी शून्य की ओर जाए।
- C.जब प्रतिबिंब दूरी शून्य की ओर जाए।
- D.जब प्रतिबिंब दूरी अनंत की ओर जाए।
उत्तर देखें
समतल दर्पण अनंत वक्रता त्रिज्या वाला गोलीय दर्पण है, इसलिए इसकी फोकस दूरी f = R/2 भी अनंत होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महिलाओं में मासिक चक्र उन हार्मोनों द्वारा नियंत्रित होता है जो किसके द्वारा स्रावित होते हैं?
- A.अंडाशय और अश्रु ग्रंथि
- B.अंडाशय और तैल ग्रंथि
- C.अंडाशय और पीयूष ग्रंथि
- D.प्रोस्टेट और पीयूष ग्रंथि
उत्तर देखें
पीयूष ग्रंथि FSH और LH छोड़ती है और उसके उत्तर में अंडाशय एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन बनाता है; ये हार्मोन मिलकर चक्र चलाते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी तत्व की संयोजकता किस पर निर्भर करती है?
- A.परमाणु में प्रोटॉनों की कुल संख्या
- B.परमाणु की द्रव्यमान संख्या
- C.परमाणु में न्यूट्रॉनों की कुल संख्या
- D.परमाणु के सबसे बाहरी कोश में इलेक्ट्रॉनों की कुल संख्या
उत्तर देखें
संयोजकता परमाणु की संयोग क्षमता है, और यह उन संयोजी इलेक्ट्रॉनों से तय होती है जिन्हें परमाणु अपना बाहरी कोश पूरा करने के लिए ग्रहण करता है, खोता है या साझा करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा हार्मोन स्त्री लैंगिक लक्षणों के विकास के लिए उत्तरदायी है?
- A.प्रोलैक्टिन
- B.एस्ट्रोजन
- C.ऑक्सीटोसिन
- D.प्रोजेस्टेरोन
उत्तर देखें
मुख्यतः अंडाशय द्वारा बनने वाला एस्ट्रोजन यौवनारंभ पर स्त्रियों के द्वितीयक लैंगिक लक्षण विकसित करता है। यौवनारंभ पर पीयूष ग्रंथि FSH और LH छोड़ती है, जो अंडाशय को एस्ट्रोजन स्रावित करने के लिए प्रेरित करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक G का मात्रक है
- A.N
- B.m/s
- C.जूल
- D.N-m²/kg²
उत्तर देखें
न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण नियम को पुनर्व्यवस्थित करने पर G = F r² / (m₁ m₂) मिलता है, इसलिए इसका मात्रक न्यूटन × मीटर² ÷ किलोग्राम² है।
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