निम्नलिखित में से कौन-सा रासायनिक परिवर्तन का उदाहरण है?
- A.कपूर का ऊर्ध्वपातन
- B.बर्फ का पिघलना
- C.लोहे की छड़ को गर्म करना
- D.NaOH और HCl को मिलाना
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, NaOH और HCl को मिलाना। सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक अम्ल अभिक्रिया करके नए पदार्थ, सोडियम क्लोराइड और पानी, बनाते हैं, इसलिए यह रासायनिक परिवर्तन है।
यह अभिक्रिया, जिसमें NaOH और HCl से NaCl और H2O बनते हैं, उदासीनीकरण कहलाती है: क्षार और अम्ल एक-दूसरे को निष्प्रभावी कर लवण और पानी बनाते हैं। इसमें ऊष्मा निकलती है, इसलिए मिश्रण गर्म हो जाता है। रासायनिक परिवर्तन में नए गुणों वाले नए पदार्थ बनते हैं और प्रायः साधारण तरीके से उसे उलटा नहीं जा सकता। भौतिक परिवर्तन केवल पदार्थ की अवस्था, आकार या माप बदलता है, पदार्थ वही रहता है।
A गलत है, क्योंकि कपूर का सीधे वाष्प बनना केवल अवस्था परिवर्तन है; वाष्प भी कपूर ही है। B गलत है, क्योंकि बर्फ पिघलकर वही पदार्थ, पानी, बनती है और जमाने पर फिर बर्फ हो जाती है। C गलत है, क्योंकि गर्म करने पर लोहे की छड़ केवल गर्म और थोड़ी लंबी होती है; वह लोहा ही रहती है और ठंडी होकर पहले जैसी हो जाती है।
परीक्षा टिप: अम्ल और क्षार से लवण और पानी बनना रासायनिक परिवर्तन; पिघलना, ऊर्ध्वपातन और गर्म करना भौतिक परिवर्तन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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