निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.कैथोड-किरण विसर्जन नलिका में कैथोड किरणें कैथोड से निकलकर एनोड की ओर जाती हैं।
- B.टेलीविज़न की पिक्चर ट्यूब वास्तव में कैथोड-किरण नलिकाएँ ही हैं।
- C.कैथोड किरणें स्वयं दिखाई नहीं देतीं।
- D.कैथोड किरणों के गुण कैथोड-किरण नलिका में भरी गैस की प्रकृति पर निर्भर करते हैं।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, कैथोड किरणों के गुण कैथोड-किरण नलिका में भरी गैस की प्रकृति पर निर्भर करते हैं।। नलिका में कोई भी गैस हो, कैथोड किरणें एक जैसा व्यवहार करती हैं, इसलिए गैस पर निर्भरता वाला कथन सही नहीं है।
कैथोड किरणें इलेक्ट्रॉनों की धाराएँ हैं, जो बहुत कम दाब पर गैस में उच्च वोल्टेज लगाने पर कैथोड से निकलकर सीधी रेखा में एनोड की ओर चलती हैं। जे. जे. थॉमसन ने 1897 में दिखाया कि इनका आवेश और द्रव्यमान का अनुपात हर गैस और हर कैथोड धातु के लिए समान रहता है, जिससे सिद्ध हुआ कि इलेक्ट्रॉन सभी परमाणुओं का साझा कण है। ये किरणें सीधे नहीं दिखतीं; ज़िंक सल्फ़ाइड जैसी परत से टकराकर उसे चमकाने पर इनका पता चलता है।
A उत्तर नहीं है क्योंकि किरणें सचमुच कैथोड से निकलकर एनोड की ओर जाती हैं। B उत्तर नहीं है क्योंकि पुराने टेलीविज़न की पिक्चर ट्यूब कैथोड-किरण नलिकाएँ ही थीं। C उत्तर नहीं है क्योंकि ये किरणें अदृश्य होती हैं और केवल प्रतिदीप्ति से दिखती हैं।
परीक्षा टिप: कैथोड किरणें: इलेक्ट्रॉन, कैथोड से एनोड, सीधी रेखा, अदृश्य, e/m गैस पर निर्भर नहीं (जे. जे. थॉमसन, 1897)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंधावकों (स्प्रिंटर्स) की मांसपेशियों में निम्नलिखित में से किसके जमा होने से ऐंठन होती है?
- A.लैक्टिक अम्ल
- B.एथेनॉल
- C.पाइरुविक अम्ल
- D.ग्लूकोज
उत्तर देखें
तेज दौड़ के दौरान मांसपेशियों को ऊर्जा की जरूरत इतनी तेजी से होती है कि रक्त पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँचा पाता, इसलिए वे अवायवीय श्वसन करने लगती हैं और लैक्टिक अम्ल जमा हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस तत्व का पता "लैसेन परीक्षण" से नहीं लगाया जा सकता?
- A.I
- B.Cl
- C.S
- D.F
उत्तर देखें
लैसेन परीक्षण से फ्लोरीन का पता नहीं लगता, क्योंकि सिल्वर फ्लोराइड पानी में घुलनशील है और कोई अवक्षेप नहीं देता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पक्षियों और चमगादड़ों के पंखों को समवृत्ति (एनालॉगस) संरचनाएँ माना जाता है, क्योंकि उनमें होता है
- A.समान उत्पत्ति और समान कार्य
- B.भिन्न उत्पत्ति और समान कार्य
- C.समान उत्पत्ति और भिन्न कार्य
- D.भिन्न उत्पत्ति और भिन्न कार्य
उत्तर देखें
समवृत्ति संरचनाएँ एक जैसा काम करती हैं पर उनका विकास अलग-अलग हुआ होता है, और पक्षियों तथा चमगादड़ों के पंख इसका मानक उदाहरण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक मुक्तजीवी (स्वतंत्र रूप से रहने वाला) जंतु है?
- A.लिवर फ्लूक
- B.वुचेरेरिया
- C.प्लाज्मोडियम
- D.प्लेनेरिया
उत्तर देखें
प्लेनेरिया एक मुक्तजीवी चपटा कृमि है, जबकि बाकी तीनों परजीवी हैं जो किसी पोषक के भीतर रहते हैं। प्लेनेरिया संघ प्लेटीहेल्मिन्थीज़ का सदस्य है और मीठे पानी के तालाबों और धाराओं में पत्थरों के नीचे सरकते हुए छोटे जीवों को खाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी कण का रैखिक संवेग संरक्षित रहता है यदि:
- A.उस पर कुल बल अधिकतम हो।
- B.उस पर कुल बल शून्य हो।
- C.उस पर कुल बल-आघूर्ण शून्य हो।
- D.उस पर किया गया कुल कार्य अधिकतम हो।
उत्तर देखें
रैखिक संवेग तभी स्थिर रहता है जब कोई कुल बाहरी बल न लगे। रैखिक संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, p = mv।
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