धावकों (स्प्रिंटर्स) की मांसपेशियों में निम्नलिखित में से किसके जमा होने से ऐंठन होती है?
- A.लैक्टिक अम्ल
- B.एथेनॉल
- C.पाइरुविक अम्ल
- D.ग्लूकोज
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, लैक्टिक अम्ल। तेज दौड़ के दौरान मांसपेशियों को ऊर्जा की जरूरत इतनी तेजी से होती है कि रक्त पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँचा पाता, इसलिए वे अवायवीय श्वसन करने लगती हैं और लैक्टिक अम्ल जमा हो जाता है। सामान्य वायवीय श्वसन में ग्लूकोज पहले पाइरुविक अम्ल में टूटता है, जो फिर माइटोकॉन्ड्रिया में पूरी तरह ऑक्सीकृत होकर कार्बन डाइऑक्साइड और पानी बनाता है और बहुत ऊर्जा देता है। ऑक्सीजन कम होने पर मांसपेशी कोशिकाएँ पाइरुविक अम्ल को लैक्टिक अम्ल में बदल देती हैं, जिससे थोड़ी ऊर्जा जल्दी मिलती है। मांसपेशियों में लैक्टिक अम्ल जमा होने से थकान, जलन और ऐंठन होती है। आराम के समय गहरी साँसें ऑक्सीजन देती हैं और लैक्टिक अम्ल हटकर मुख्यतः यकृत में साफ हो जाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि एथेनॉल यीस्ट के अवायवीय श्वसन में बनता है, मनुष्य की मांसपेशियों में नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि पाइरुविक अम्ल केवल बीच का चरण है और जमा होकर ऐंठन नहीं करता। विकल्प D गलत है क्योंकि ग्लूकोज तो ईंधन है जो टूटता है, अपशिष्ट नहीं। परीक्षा टिप: अवायवीय श्वसन, मांसपेशियों में लैक्टिक अम्ल, यीस्ट में एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस तत्व का पता "लैसेन परीक्षण" से नहीं लगाया जा सकता?
- A.I
- B.Cl
- C.S
- D.F
उत्तर देखें
लैसेन परीक्षण से फ्लोरीन का पता नहीं लगता, क्योंकि सिल्वर फ्लोराइड पानी में घुलनशील है और कोई अवक्षेप नहीं देता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पक्षियों और चमगादड़ों के पंखों को समवृत्ति (एनालॉगस) संरचनाएँ माना जाता है, क्योंकि उनमें होता है
- A.समान उत्पत्ति और समान कार्य
- B.भिन्न उत्पत्ति और समान कार्य
- C.समान उत्पत्ति और भिन्न कार्य
- D.भिन्न उत्पत्ति और भिन्न कार्य
उत्तर देखें
समवृत्ति संरचनाएँ एक जैसा काम करती हैं पर उनका विकास अलग-अलग हुआ होता है, और पक्षियों तथा चमगादड़ों के पंख इसका मानक उदाहरण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक मुक्तजीवी (स्वतंत्र रूप से रहने वाला) जंतु है?
- A.लिवर फ्लूक
- B.वुचेरेरिया
- C.प्लाज्मोडियम
- D.प्लेनेरिया
उत्तर देखें
प्लेनेरिया एक मुक्तजीवी चपटा कृमि है, जबकि बाकी तीनों परजीवी हैं जो किसी पोषक के भीतर रहते हैं। प्लेनेरिया संघ प्लेटीहेल्मिन्थीज़ का सदस्य है और मीठे पानी के तालाबों और धाराओं में पत्थरों के नीचे सरकते हुए छोटे जीवों को खाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी कण का रैखिक संवेग संरक्षित रहता है यदि:
- A.उस पर कुल बल अधिकतम हो।
- B.उस पर कुल बल शून्य हो।
- C.उस पर कुल बल-आघूर्ण शून्य हो।
- D.उस पर किया गया कुल कार्य अधिकतम हो।
उत्तर देखें
रैखिक संवेग तभी स्थिर रहता है जब कोई कुल बाहरी बल न लगे। रैखिक संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, p = mv।
पूरी व्याख्या पढ़ें →जंतुओं के निम्नलिखित में से किस वर्ग/किन वर्गों में तीन कक्षों वाला हृदय होता है?
- A.मत्स्य (पिसीज़) और उभयचर
- B.उभयचर और सरीसृप
- C.केवल सरीसृप
- D.केवल उभयचर
उत्तर देखें
उभयचरों और अधिकांश सरीसृपों का हृदय तीन कक्षों वाला होता है: दो आलिंद और एक निलय। मेंढक और टोड में फेफड़ों से आया ऑक्सीजन युक्त रक्त और शरीर से आया ऑक्सीजन रहित रक्त, दोनों एक ही निलय में पहुँचते हैं, इसलिए कुछ मिश्रण हो जाता है।
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