निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.ऊष्मा स्थानांतरण की चालन विधि में ठोस के अणु अपने स्थान से हटे बिना ऊष्मा एक अणु से दूसरे अणु तक पहुँचाते हैं
- B.किसी पदार्थ का ताप बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा की मात्रा उसकी विशिष्ट ऊष्मा धारिता कहलाती है
- C.द्रवों और गैसों में ऊष्मा स्थानांतरण संवहन विधि से होता है
- D.उच्च ताप वाली वस्तु से निम्न ताप वाली वस्तु तक, बीच के स्थान को गर्म किए बिना, ऊष्मा स्थानांतरण की प्रक्रिया विकिरण कहलाती है
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B। विशिष्ट ऊष्मा धारिता किसी पदार्थ के इकाई द्रव्यमान का ताप एक डिग्री बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा है, केवल उसका ताप बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा नहीं।
विशिष्ट ऊष्मा धारिता जूल प्रति किलोग्राम प्रति केल्विन में मापी जाती है। पूरी वस्तु का ताप एक डिग्री बढ़ाने के लिए आवश्यक ऊष्मा उसकी ऊष्मा धारिता कहलाती है। ऊष्मा तीन तरीकों से चलती है: चालन, जिसमें ठोस के कंपन करते कण अपना स्थान छोड़े बिना ऊर्जा पड़ोसी कणों को देते हैं; संवहन, जिसमें गर्म तरल स्वयं चलकर ऊष्मा ले जाता है, जैसे द्रवों और गैसों में; और विकिरण, जिसमें ऊर्जा विद्युतचुंबकीय तरंगों के रूप में चलती है और किसी माध्यम की ज़रूरत नहीं होती।
A सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं: चालन में कण अपनी जगह रहकर ऊर्जा आगे देते हैं। C सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं: द्रव और गैसें मुख्यतः संवहन से ऊष्मा ले जाती हैं। D सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं: विकिरण बीच के स्थान को गर्म किए बिना ऊष्मा पहुँचाता है, जैसे सूर्य का प्रकाश।
परीक्षा टिप: विशिष्ट ऊष्मा प्रति इकाई द्रव्यमान प्रति डिग्री; ठोस में चालन, तरल में संवहन, विकिरण को माध्यम नहीं चाहिए।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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