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सेना की एमटीएस 2.0 संगोष्ठी का विषय चक्र, कर्टेन रेजर हुआ

पश्चिमी कमान ने यंत्रीकरण प्रौद्योगिकी संगोष्ठी 2.0 का कर्टेन रेजर किया, जिसका विषय चक्र है और जो 14 तथा 15 दिसंबर 2026 को चंडीमंदिर में होगी।

लेखक प्रकाशित · 2 मिनट
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सेना की एमटीएस 2.0 संगोष्ठी का विषय चक्र, कर्टेन रेजर हुआ

चर्चा में क्यों

26 अक्तूबर 2026 को पश्चिमी कमान के जीओसी-इन-सी लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में यंत्रीकरण प्रौद्योगिकी संगोष्ठी 2.0 का कर्टेन रेजर किया और दिसंबर 2026 में चंडीमंदिर में चक्र विषय पर होने वाली संगोष्ठी की घोषणा की।

भारतीय सेना ने ऐसी संगोष्ठी की भूमिका बांध दी है, जो नया खरीदने के बजाय पहले से मौजूद साजो-सामान को नए सिरे से गढ़ने पर केंद्रित है। पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने 26 अक्तूबर 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में यंत्रीकरण प्रौद्योगिकी संगोष्ठी 2.0 यानी एमटीएस 2.0 का कर्टेन रेजर किया। इस आयोजन को पश्चिमी कमान ने सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स के साथ मिलकर तैयार किया, जिसे संक्षेप में एसआईडीएम कहा जाता है।

आगे की संगोष्ठी

संगोष्ठी का विषय चक्र, भविष्य के युद्ध के लिए मौजूदा प्लेटफॉर्मों का कायाकल्प रखा गया है। यह 14 और 15 दिसंबर 2026 को चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन में होगी और इसमें भी एसआईडीएम साझेदार रहेगा। इस जुटान में भारतीय सेना, रक्षा उद्योग और शिक्षा जगत के लोग एक जगह बैठकर प्रौद्योगिकी की प्रगति तथा यंत्रीकृत बलों की क्षमता बढ़ाने के तरीकों पर विचार करेंगे।

एमटीएस 2.0 का लक्ष्य

एमटीएस 2.0 पश्चिमी कमान की पहल है। इसका घोषित उद्देश्य यंत्रीकृत बलों की मारक धार तेज करना है और इसके लिए पहले से सेवा में लगे सैन्य प्लेटफॉर्मों को तकनीकी रूप से उन्नत, सक्षम तथा भविष्य के लिए तैयार युद्ध प्रणालियों में बदला जाएगा। काम की दिशा छह सूत्र तय करते हैं, यानी युद्ध क्षमता में वृद्धि, प्रौद्योगिकी का उपयोग, अनुकूलनशीलता, गतिकी, जीर्णोद्धार और आत्मनिर्भरता। खास जोर इस बात पर है कि परिचालन क्षमता की कमियों तथा जरूरतों को स्पष्ट शब्दों में समस्या परिभाषा कथन के रूप में लिखा जाए, जिससे उद्योग के पास डिजाइन करने के लिए कुछ ठोस हो।

महत्व क्यों

कर्टेन रेजर में आने वाली संगोष्ठी की व्यापक दृष्टि और केंद्र बिंदु सामने रखे गए। इसमें प्रौद्योगिकी से चलने वाले आधुनिकीकरण, असैन्य तथा सैन्य पक्षों के सहयोग और आत्मनिर्भरता को स्वदेशी रक्षा क्षमता मजबूत करने का रास्ता बताया गया। इसने सैन्य उपयोगकर्ताओं, उद्योग के प्रतिनिधियों और शिक्षाविदों को आपस में बात करने का मौका भी दिया, जिसमें सेवा में लगे प्लेटफॉर्मों के उन्नयन, स्वदेशी नवाचार तथा उभरती परिचालन जरूरतों पर चर्चा हुई। सेना के लिए यह कवायद एक बड़े बदलाव का संकेत है, क्योंकि आधुनिकीकरण को केवल खरीद का सवाल मानने के बजाय अब उसे इंजीनियरी, जीर्णोद्धार और साझेदारी की समस्या के रूप में देखा जा रहा है।

महत्वपूर्ण तथ्य

आयोजनयंत्रीकरण प्रौद्योगिकी संगोष्ठी 2.0 का कर्टेन रेजर
उद्घाटनलेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, जीओसी-इन-सी, पश्चिमी कमान
कर्टेन रेजर का स्थानमानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली, 26 अक्तूबर 2026
संगोष्ठी का विषयचक्र, भविष्य के युद्ध के लिए मौजूदा प्लेटफॉर्मों का कायाकल्प
संगोष्ठी की तिथियां14 और 15 दिसंबर 2026
संगोष्ठी का स्थानचंडीमंदिर सैन्य स्टेशन
आयोजकपश्चिमी कमान तथा सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (एसआईडीएम)
केंद्र बिंदुयुद्ध क्षमता वृद्धि, प्रौद्योगिकी, अनुकूलनशीलता, गतिकी, जीर्णोद्धार, आत्मनिर्भरता
मुख्य शब्दसमस्या परिभाषा कथन (पीडीएस)

परीक्षा की दृष्टि से

याद रखें: संगोष्ठी का नाम (यंत्रीकरण प्रौद्योगिकी संगोष्ठी 2.0), विषय (चक्र, भविष्य के युद्ध के लिए मौजूदा प्लेटफॉर्मों का कायाकल्प), तिथियां (14 और 15 दिसंबर 2026), स्थान (चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन), कर्टेन रेजर का स्थान (मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली), उद्घाटन करने वाले (लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह, जीओसी-इन-सी पश्चिमी कमान), उद्योग साझेदार (एसआईडीएम) तथा समस्या परिभाषा कथन शब्द।

अभ्यास प्रश्न

Q1.रक्षाआसान

पश्चिमी कमान द्वारा घोषित यंत्रीकरण प्रौद्योगिकी संगोष्ठी 2.0 का विषय क्या है?

  1. A.चक्र, भविष्य के युद्ध के लिए मौजूदा प्लेटफॉर्मों का कायाकल्प
  2. B.वज्र, नए युग के लिए यंत्रीकृत बल
  3. C.प्रलय, कल के लिए स्वदेशी कवच
  4. D.शक्ति, रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भरता
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. चक्र, भविष्य के युद्ध के लिए मौजूदा प्लेटफॉर्मों का कायाकल्प

संगोष्ठी का विषय ठीक यही है और यह वाक्यांश ही पूरी कवायद के पीछे का विचार पकड़ लेता है, यानी यह कि सेना के पास पहले से मौजूद साजो-सामान को केवल बदलने के बजाय उसे उन्नत तथा भविष्य के लिए तैयार युद्ध प्रणालियों में ढाला जाए।

Q2.रक्षामध्यम

यंत्रीकरण प्रौद्योगिकी संगोष्ठी 2.0 कहां आयोजित होगी?

  1. A.मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली
  2. B.चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन
  3. C.झांसी सैन्य स्टेशन
  4. D.पुणे सैन्य स्टेशन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन

सही उत्तर चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन है, जो पश्चिमी कमान का मुख्यालय स्टेशन है और दिसंबर 2026 की दो दिवसीय संगोष्ठी के लिए चुना गया स्थान है।

Q3.रक्षामध्यम

एमटीएस 2.0 के लिए पश्चिमी कमान के साथ कौन सा संगठन सहयोग कर रहा है?

  1. A.डीआरडीओ
  2. B.फिक्की
  3. C.सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स
  4. D.आयुध निर्माणी बोर्ड
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. सोसाइटी ऑफ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स

एसआईडीएम रक्षा निर्माताओं का उद्योग निकाय है, इसीलिए वह ऐसे आयोजन में ठीक बैठता है जिसका मकसद सैन्य उपयोगकर्ताओं को उन कंपनियों से जोड़ना है जो वास्तव में प्लेटफॉर्म बनाएंगी या उनका जीर्णोद्धार करेंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यंत्रीकरण प्रौद्योगिकी संगोष्ठी 2.0 का विषय क्या है?

चक्र, भविष्य के युद्ध के लिए मौजूदा प्लेटफॉर्मों का कायाकल्प। यह संगोष्ठी 14 और 15 दिसंबर 2026 को चंडीमंदिर सैन्य स्टेशन में पश्चिमी कमान तथा एसआईडीएम द्वारा आयोजित होगी।

एमटीएस 2.0 के कर्टेन रेजर का उद्घाटन किसने किया?

पश्चिमी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह ने, 26 अक्तूबर 2026 को नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में।

एमटीएस 2.0 क्या हासिल करना चाहती है?

यह यंत्रीकृत बलों की युद्ध प्रभावशीलता बढ़ाना चाहती है और इसके लिए सेवा में लगे प्लेटफॉर्मों को तकनीकी रूप से उन्नत, सक्षम तथा भविष्य के लिए तैयार युद्ध प्रणालियों में बदलेगी, जिसमें परिचालन कमियां समस्या परिभाषा कथन के रूप में लिखी जाएंगी।

स्रोत

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