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GK24
भारतीय राजव्यवस्थाआसानपूछा गया: CTET · 19 Jan 2023

निम्नलिखित में से कौन हमारे संविधान की विशेषता है? (A) सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को अपनाना। (B) सभी नागरिकों को समान अधिकार। (C) सामाजिक रूप से वंचित भारतीयों के लिए विशेष प्रावधान। सही विकल्प चुनिए।

  1. A.केवल (A) और (B)
  2. B.केवल (B) और (C)
  3. C.केवल (A) और (C)
  4. D.(A), (B) और (C)

सही उत्तर

D. (A), (B) और (C)

व्याख्या

सही उत्तर है D, (A), (B) और (C)। तीनों कथन भारतीय संविधान की वास्तविक विशेषताएँ बताते हैं, इसलिए तीनों को गिनना ज़रूरी है।

सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार पहले आम चुनाव से ही लागू था। अनुच्छेद 326 हर नागरिक को बिना संपत्ति, शिक्षा, जाति या लिंग की किसी शर्त के मत देने का अधिकार देता है, और 61वें संविधान संशोधन से मतदान की आयु इक्कीस से घटाकर अठारह वर्ष कर दी गई। कानून के समक्ष समता और कानूनों का समान संरक्षण अनुच्छेद 14 से मिलता है, जबकि अनुच्छेद 15 और 16 भेदभाव पर रोक लगाते हैं। साथ ही संविधान सामाजिक रूप से वंचित वर्गों के लिए विशेष प्रावधान की अनुमति देता है, जैसे अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और पिछड़े वर्गों के लिए सीटों और पदों का आरक्षण, क्योंकि वास्तविक समानता के लिए असमान के साथ असमान व्यवहार आवश्यक है।

विकल्प A, B और C इसलिए गलत हैं कि इनमें से हर विकल्प एक ऐसे कथन को छोड़ देता है जो वास्तव में संविधान की विशेषता है।

परीक्षा टिप: हमारे संविधान में समानता का अर्थ है कानून के समक्ष समता और साथ में कमज़ोर वर्गों के लिए संरक्षणात्मक विभेद।

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Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 03 Jul, 2024, Shift 3कठिन

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम (आरपीए), 1951 की कौन-सी धारा कैदियों को मत देने के अधिकार से वंचित करती है?

  1. A.धारा 72 (5)
  2. B.धारा 10 (4)
  3. C.धारा 15 (3)
  4. D.धारा 62 (5)
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. धारा 62 (5)

व्याख्या

सही उत्तर है D, धारा 62 (5)। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 62(5) कहती है कि कोई व्यक्ति किसी चुनाव में मत नहीं दे सकता जब वह कारावास की सजा, निर्वासन अथवा किसी अन्य कारण से जेल में बंद हो, या पुलिस की वैध अभिरक्षा में हो। निवारक निरोध में रखा गया व्यक्ति इसका अपवाद है, और ऐसा मतदाता डाक मतपत्र से मत दे सकता है। उच्चतम न्यायालय ने इस प्रावधान को बनाए रखा है और मत देने के अधिकार को विधिक अधिकार माना है, जिसे कानून सीमित कर सकता है। धारा 62 का शेष भाग तय करता है कि मत कौन दे सकता है - केवल वह निर्वाचक जिसका नाम मतदाता सूची में है, और एक निर्वाचन क्षेत्र में केवल एक बार। A गलत है क्योंकि अधिनियम में कैदियों के मताधिकार को रोकने वाली धारा 72(5) नहीं है। B गलत है क्योंकि धारा 10 सरकारी कंपनी में पद धारण करने से होने वाली निरर्हता से संबंधित है। C गलत है क्योंकि धारा 15 राज्य विधानसभा के आम चुनाव की अधिसूचना से जुड़ी है। परीक्षा टिप: जोड़ी याद रखें - कैदी मत नहीं दे सकते, आरपीए 1951 की धारा 62(5)।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CHSL · 9 Aug 2021, Shift 1कठिन

भारत का कौन-सा भाग सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनाव कराने वाला पहला भाग था?

  1. A.असम
  2. B.मणिपुर
  3. C.बिहार
  4. D.त्रिपुरा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मणिपुर

व्याख्या

सही उत्तर है B, मणिपुर। सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनाव कराने वाला भारत का पहला भाग मणिपुर था, जहाँ मणिपुर राज्य संविधान अधिनियम, 1947 के अंतर्गत 1948 में राज्य विधानसभा चुनी गई। इस रियासत के प्रत्येक वयस्क, स्त्री और पुरुष दोनों को मत देने का अधिकार मिला, और यह भारत का संविधान लागू होने तथा 1951-52 के पहले आम चुनाव से भी पहले हुआ। यह विधानसभा 1949 में मणिपुर के भारतीय संघ में विलय तक काम करती रही; बाद में यह क्षेत्र 1956 में केंद्रशासित प्रदेश और 1972 में पूर्ण राज्य बना। A गलत है क्योंकि असम ब्रिटिश प्रांत था और वहाँ वयस्क मताधिकार से पहला चुनाव 1951-52 के आम चुनाव में हुआ। C गलत है क्योंकि बिहार भी ब्रिटिश प्रांत था और उसी पहले आम चुनाव में वहाँ मतदान हुआ। D गलत है क्योंकि त्रिपुरा रियासत में 1949 के विलय से पहले ऐसा कोई चुनाव नहीं हुआ। परीक्षा टिप: मणिपुर 1948 पहले, और अखिल भारतीय पहला आम चुनाव 1951-52 में।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 06 Dec 2022, Shift 4आसान

भारत का संविधान एक संपूर्ण प्रभुत्वसंपन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य है, जिसमें _________ शासन प्रणाली है।

  1. A.एकात्मक
  2. B.संसदीय
  3. C.राजतंत्रात्मक
  4. D.अध्यक्षात्मक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. संसदीय

व्याख्या

सही उत्तर है B, संसदीय। भारत में ब्रिटेन से ली गई संसदीय प्रणाली है, जिसमें वास्तविक कार्यपालिका विधायिका के प्रति उत्तरदायी होती है। राष्ट्रपति राज्य का नाममात्र प्रमुख है, जबकि प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद वास्तविक शक्ति का प्रयोग करती है और तब तक पद पर रहती है जब तक उसे लोकसभा का विश्वास प्राप्त है। मंत्री संसद से ही लिए जाते हैं, अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर सरकार गिर जाती है, और प्रधानमंत्री लोकसभा के विघटन की सलाह दे सकता है। A गलत है क्योंकि संविधान संरचना में संघीय है जिसमें एकात्मक लक्षण हैं, और यह केंद्र तथा राज्यों के बीच शक्ति विभाजन बताता है, शासन का रूप नहीं। C गलत है क्योंकि भारत गणराज्य है, इसलिए राज्य का प्रमुख निर्वाचित होता है, वंशानुगत राजा नहीं। D गलत है क्योंकि अध्यक्षात्मक प्रणाली में कार्यपालिका विधायिका से अलग और उसके प्रति उत्तरदायी नहीं होती, जैसे संयुक्त राज्य अमेरिका में। परीक्षा टिप: दोनों बातें अलग रखें - एकात्मक झुकाव वाला संघीय ढाँचा संरचना बताता है, संसदीय शब्द शासन बताता है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 21 April 2022, Shift 2आसान

भारत के संविधान में राज्य के नीति निदेशक तत्व _________ संविधान से लिए गए थे।

  1. A.नॉर्वे के
  2. B.ऑस्ट्रेलिया के
  3. C.स्पेन के
  4. D.आयरलैंड के
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. आयरलैंड के

व्याख्या

सही उत्तर है D, आयरलैंड के। राज्य के नीति निदेशक तत्व, जो संविधान के भाग चार में अनुच्छेद 36 से 51 तक हैं, आयरलैंड के संविधान से लिए गए थे, जिसने यह विचार स्पेन से लिया था। ये राज्य के लिए विधि और नीति बनाने के लक्ष्य तय करते हैं, जैसे समान कार्य के लिए समान वेतन, निर्वाह योग्य मजदूरी, बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा, ग्राम पंचायतें तथा स्मारकों का संरक्षण। ये न्यायालय में प्रवर्तनीय नहीं हैं, और यही इन्हें मूल अधिकारों से अलग करता है, पर अनुच्छेद 37 इन्हें देश के शासन में मूलभूत कहता है। A गलत है क्योंकि एकल नागरिकता का विचार ब्रिटेन से आया, नॉर्वे से कोई उल्लेखनीय प्रावधान नहीं लिया गया। B गलत है क्योंकि ऑस्ट्रेलिया से समवर्ती सूची, व्यापार और वाणिज्य की स्वतंत्रता तथा संयुक्त बैठक ली गई। C गलत है क्योंकि स्पेन आयरलैंड का पूर्ववर्ती स्रोत है, भारत का सीधा स्रोत नहीं। परीक्षा टिप: श्रृंखला याद रखें - नीति निदेशक तत्व आयरलैंड से भारत आए, और राष्ट्रपति के निर्वाचन की पद्धति भी वहीं से आई।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: SSC CGL · 09 Dec 2022, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से किस आयोग ने सिफारिश की थी कि राज्यपाल की नियुक्ति दलीय राजनीति से अलग होनी चाहिए?

  1. A.फजल अली आयोग
  2. B.राजमन्नार आयोग
  3. C.सरकारिया आयोग
  4. D.मंडल आयोग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सरकारिया आयोग

व्याख्या

सही उत्तर है C, सरकारिया आयोग। सरकारिया आयोग ने कहा कि राज्यपाल ऐसा निष्पक्ष व्यक्ति होना चाहिए जिसका चयन दलीय आधार पर न हो, और आदर्श रूप में वह निकट भूतकाल में सक्रिय राजनीति में न रहा हो और न केंद्र के सत्ताधारी दल का रहा हो। यह आयोग 1983 में न्यायमूर्ति आर एस सरकारिया की अध्यक्षता में केंद्र-राज्य संबंधों की समीक्षा के लिए बना और 1988 में इसकी रिपोर्ट आई। इसने यह भी सुझाया कि राज्यपाल की नियुक्ति से पहले राज्य के मुख्यमंत्री से परामर्श किया जाए, अनुच्छेद 356 का प्रयोग अंतिम उपाय के रूप में ही हो, और अंतर-राज्य परिषद बनाई जाए, जो 1990 में बनी। A गलत है क्योंकि 1953 का फजल अली आयोग राज्यों की सीमाओं पर बना राज्य पुनर्गठन आयोग था। B गलत है क्योंकि 1969 की राजमन्नार समिति तमिलनाडु ने नियुक्त की थी, संघ ने नहीं। D गलत है क्योंकि 1979 का मंडल आयोग पिछड़े वर्गों के आरक्षण से जुड़ा था। परीक्षा टिप: नाम जोड़कर याद रखें - केंद्र-राज्य संबंधों पर 1983 में सरकारिया और बाद में 2007 में पुंछी आयोग।