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GK क्विजविज्ञान और प्रौद्योगिकी

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मिश्रित क्विज: सेट 6

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मिश्रित क्विज़ (सेट 6) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 10 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: आदित्य-एल1 और अंतरिक्ष विज्ञान मिशन, दूरसंचार: 4जी, 5जी और 6जी, विश्व की अंतरिक्ष एजेंसियां और मिशन और अन्य। इनमें से 6 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

भारत का मार्स ऑर्बिटर मिशन, जिसे मंगलयान कहा जाता है, किस वर्ष मंगल की कक्षा में पहुँचा था?

  1. A.2008
  2. B.2013
  3. C.2014
  4. D.2019
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 2014

व्याख्या

सही उत्तर C, 2014 है। मार्स ऑर्बिटर मिशन 5 नवंबर 2013 को पीएसएलवी से प्रक्षेपित हुआ और 24 सितंबर 2014 को मंगल की कक्षा में पहुँचा। इसके साथ भारत संसार का पहला ऐसा देश बना जो पहले ही प्रयास में मंगल तक पहुँचा, और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन सोवियत संघ, संयुक्त राज्य अमेरिका तथा यूरोप की एजेंसियों के बाद वहाँ पहुँचने वाली चौथी एजेंसी बना। इस मिशन में पाँच उपकरण थे, जिनमें मीथेन संवेदक और रंगीन कैमरा शामिल थे, और यह बहुत कम लागत में बना था।

विकल्प A, 2008 चंद्रयान-1 का वर्ष है, जो पहला भारतीय चंद्र मिशन था। विकल्प B, 2013 मंगल मिशन के प्रक्षेपण का वर्ष है, पहुँचने का नहीं, और लगभग दस महीने का यही अंतर प्रश्न परख रहा है। विकल्प D, 2019 चंद्रयान-2 का वर्ष है। प्रक्षेपण वर्ष और पहुँचने के वर्ष को अलग रखने की आदत यहाँ बनानी चाहिए।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: SSC CHSL · 12 April 2021, Shift 2कठिन

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा तय मानकों के अनुसार, मोबाइल हैंडसेट के सभी नए डिजाइनों के लिए 1 सितंबर 2012 से 1 ग्राम मानव ऊतक पर औसत अनुमेय विशिष्ट अवशोषण दर (SAR) सीमा ______ है।

  1. A.1.8 W/kg
  2. B.2.1 W/kg
  3. C.2.2 W/kg
  4. D.1.6 W/kg
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1.6 W/kg

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1.6 W/kg। विशिष्ट अवशोषण दर यह मापती है कि हैंडसेट से निकलने वाली रेडियो ऊर्जा शरीर कितनी मात्रा में सोखता है, और इसकी इकाई वाट प्रति किलोग्राम ऊतक है। दूरसंचार विभाग ने 1 सितंबर 2012 से भारत में बिकने वाले हर नए मोबाइल हैंडसेट डिजाइन के लिए 1 ग्राम मानव ऊतक पर औसत 1.6 W/kg की सीमा तय की। इससे पहले भारत में 10 ग्राम ऊतक पर औसत 2.0 W/kg की पुरानी सीमा लागू थी। नियमों के अनुसार SAR मान हैंडसेट और उसके डिब्बे पर छपा होना चाहिए, और खरीदार निर्माता द्वारा बताए गए कोड से इसे जांच सकता है। भारत की यह सीमा अमेरिका के मानक के समान है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1.8 W/kg कहीं निर्धारित सीमा नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 2.1 W/kg कोई SAR मानक नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2.2 W/kg केवल भ्रमित करने वाला विकल्प है। परीक्षा टिप: भारत में SAR सीमा 1 ग्राम ऊतक पर 1.6 W/kg है, जो 1 सितंबर 2012 से लागू है।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

जाक्सा किस देश की अंतरिक्ष एजेंसी है?

  1. A.दक्षिण कोरिया
  2. B.जापान
  3. C.चीन
  4. D.इजरायल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जापान

व्याख्या

सही उत्तर B, जापान है। जाक्सा का अर्थ जापान वैमानिकी अन्वेषण एजेंसी है, जो 2003 में जापान की तीन पुरानी अंतरिक्ष संस्थाओं को मिलाकर बनी और जिसका मुख्यालय टोक्यो में है। यह हायाबुसा मिशनों के लिए प्रसिद्ध है, जो क्षुद्रग्रहों से नमूने लाए, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के किबो प्रयोगशाला मॉड्यूल के लिए और एच शृंखला के प्रक्षेपण यानों के लिए।

विकल्प A, दक्षिण कोरिया की अपनी संस्था कारी यानी कोरिया वैमानिकी अनुसंधान संस्थान है। विकल्प C, चीन चीन राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रशासन के माध्यम से काम करता है, जो 1993 में बना और बीजिंग से चलता है तथा चांगई चंद्र मिशन और तियांगोंग स्टेशन चलाता है। विकल्प D, इजरायल की इजरायल अंतरिक्ष एजेंसी है। संक्षिप्त नाम को देश से जोड़ना ही ऐसे प्रश्नों में परखा जाता है, इसलिए इसरो, नासा, ईएसए, जाक्सा, सीएनएसए और कारी को साथ याद करें।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · 21 May 2023आसान

कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक किसे कहा जाता है?

  1. A.एलन ट्यूरिंग
  2. B.जॉन मैकार्थी
  3. C.ब्लेज़ पास्कल
  4. D.डार्टमाउथ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जॉन मैकार्थी

व्याख्या

सही उत्तर है B, जॉन मैकार्थी। अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक जॉन मैकार्थी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने 1956 की डार्टमाउथ ग्रीष्मकालीन शोध परियोजना के प्रस्ताव में यह शब्द पहली बार गढ़ा था; इसी बैठक से यह विषय शुरू हुआ माना जाता है। उन्होंने 1958 में लिस्प भाषा भी बनाई, जिसमें शुरुआती दौर का अधिकांश कृत्रिम बुद्धिमत्ता का काम लिखा गया, कंप्यूटर पर समय-साझाकरण का समर्थन किया और 1971 में ट्यूरिंग पुरस्कार पाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि एलन ट्यूरिंग को कंप्यूटर विज्ञान का जनक और ट्यूरिंग परीक्षण का प्रवर्तक माना जाता है, जिसमें देखा जाता है कि बातचीत में मशीन और मनुष्य में अंतर पहचाना जा सकता है या नहीं, पर इस विषय का नाम उन्होंने नहीं रखा। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्लेज़ पास्कल ने सत्रहवीं सदी में जोड़ने वाली यांत्रिक मशीन पास्कलाइन बनाई थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि डार्टमाउथ वह महाविद्यालय है जहाँ 1956 का सम्मेलन हुआ, कोई व्यक्ति नहीं। परीक्षा टिप: मैकार्थी ने 1956 में यह नाम दिया और लिस्प भाषा बनाई।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: RRB JE · 29 Aug 2019, Shift 2कठिन

निम्नलिखित में से कौन सी मिसाइल डीआरडीओ द्वारा विकसित कनिस्तर से छोड़ी जाने वाली हाइपरसोनिक सतह से सतह सामरिक मिसाइल है?

  1. A.अस्त्र
  2. B.आकाश
  3. C.शौर्य
  4. D.त्रिशूल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. शौर्य

व्याख्या

सही उत्तर C, शौर्य है। शौर्य पनडुब्बी से छोड़ी जाने वाली के पंद्रह सागरिका का थलीय रूप है, और इसे बंद कनिस्तर में रखकर उसी से छोड़ा जाता है, जिससे इसे सड़क मार्ग से ले जाया जा सकता है और अल्प सूचना पर दागा जा सकता है। यह गैस के दबाव से कनिस्तर छोड़ती है, फिर उसका अपना मोटर काम संभालता है, और यह हाइपरसोनिक गति से पुनः प्रवेश करती है, जिसे प्रश्न में हाइपरसोनिक सामरिक मिसाइल कहा गया है।

विकल्प A, अस्त्र, लड़ाकू विमान से छोड़ी जाने वाली दृष्टि सीमा से परे की हवा से हवा मिसाइल है, सतह से सतह हथियार नहीं। विकल्प B, आकाश, आईजीएमडीपी की मध्यम दूरी की सतह से हवा मिसाइल है, जो राजेंद्र राडार के साथ काम करती है और विमानों को गिराने के लिए है। विकल्प D, त्रिशूल, उसी कार्यक्रम की कम दूरी की सतह से हवा मिसाइल थी।

Q6.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन डीआरडीओ द्वारा विकसित मल्टी-बैरल रॉकेट प्रणाली है?

  1. A.धनुष
  2. B.त्रिशूल
  3. C.पिनाका
  4. D.पृथ्वी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पिनाका

व्याख्या

सही उत्तर है C, पिनाका। पिनाका भारतीय सेना के लिए डीआरडीओ के आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, पुणे ने बनाई गई मल्टी-बैरल रॉकेट प्रणाली है और इसका नाम भगवान शिव के धनुष पर रखा गया है। एक लॉन्चर लगभग चवालीस सेकंड में बारह रॉकेट दागता है, इसलिए एक बैटरी एक ही बार में बड़े इलाके पर मार कर सकती है। पहले संस्करण की मारक क्षमता लगभग चालीस किलोमीटर है और बाद के संस्करण इससे काफी आगे तक जाते हैं। 1999 के कारगिल संघर्ष में पिनाका का उपयोग हुआ था और अब इसका निर्यात भी होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि धनुष पृथ्वी मिसाइल का नौसैनिक, जहाज से छोड़ा जाने वाला रूप है और यही नाम एक खींचकर ले जाने वाली तोप का भी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि त्रिशूल एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम की कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि पृथ्वी सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, रॉकेट प्रणाली नहीं। परीक्षा टिप: आईजीएमडीपी से पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, आकाश और नाग मिले; पिनाका इस सूची से बाहर है।

Q7.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भारत सरकार ने एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम को किस वर्ष स्वीकृति दी?

  1. A.1974
  2. B.1983
  3. C.1991
  4. D.1998
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1983

व्याख्या

सही उत्तर B, 1983 है। एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम, जिसे आईजीएमडीपी लिखा जाता है, 1983 में स्वीकृत हुआ और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के अधीन रखा गया, जिसके प्रमुख ए. पी. जे. अब्दुल कलाम थे। इसका उद्देश्य एक के बाद एक के बजाय पांच मिसाइलें साथ बनाना था, और कार्यक्रम औपचारिक रूप से 2008 में पूर्ण घोषित किया गया।

विकल्प A, 1974 पोखरण-1 का वर्ष है, वह शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट जिसका सांकेतिक नाम स्माइलिंग बुद्धा था, और अभ्यर्थी उसे यहां ले आते हैं। विकल्प C, 1991 आर्थिक उदारीकरण के लिए याद किया जाता है, मिसाइलों के लिए नहीं। विकल्प D, 1998 पोखरण-2 अर्थात ऑपरेशन शक्ति के परमाणु परीक्षणों का वर्ष है, और यह सबसे आम गलत चयन है क्योंकि उसी काल में अग्नि के परीक्षण हुए। आईजीएमडीपी से केवल 1983 जुड़ा है।

Q8.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की स्थापना किस वर्ष हुई?

  1. A.1962
  2. B.1969
  3. C.1972
  4. D.1975
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1969

व्याख्या

सही उत्तर B, 1969 है। इसरो की स्थापना 15 अगस्त 1969 को हुई और उसने वह अंतरिक्ष कार्य सँभाला जो 1962 से भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुसंधान समिति कर रही थी। उस समिति का मार्गदर्शन करने वाले विक्रम साराभाई को भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक कहा जाता है, और यह संगठन आज अंतरिक्ष विभाग के अधीन बेंगलुरु से काम करता है।

विकल्प A, 1962 उस पहली समिति की स्थापना का वर्ष है, इसलिए यह सबसे आम गलत उत्तर है। विकल्प C, 1972 में अंतरिक्ष आयोग और अंतरिक्ष विभाग बने, जिससे इसरो उस विभाग के अधीन आया। विकल्प D, 1975 में भारत का पहला उपग्रह आर्यभट सोवियत सहयोग से छोड़ा गया। तीनों गलत विकल्प इस कार्यक्रम के सच्चे पड़ाव हैं, जो गलत प्रश्न के सामने रखे गए हैं।

Q9.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: RRB NTPC · 10 May 2022, Shift 1मध्यम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरित ऊर्जा स्रोतों से हाइड्रोजन बनाने के लिए राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की घोषणा कब की?

  1. A.मई 2021
  2. B.नवंबर 2021
  3. C.अगस्त 2021
  4. D.जनवरी 2021
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अगस्त 2021

व्याख्या

सही उत्तर है C, अगस्त 2021। प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त 2021 को लाल किले से दिए स्वतंत्रता दिवस भाषण में राष्ट्रीय हाइड्रोजन मिशन की घोषणा की थी, जिसका लक्ष्य भारत को हरित हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात का केंद्र बनाना है। हरित हाइड्रोजन सौर, पवन या अन्य नवीकरणीय बिजली से पानी के विद्युत अपघटन द्वारा बनाया जाता है, इसलिए इसमें कार्बन डाइऑक्साइड नहीं निकलती, जबकि प्राकृतिक गैस से बनी ग्रे हाइड्रोजन में निकलती है। बाद में जनवरी 2023 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 19,744 करोड़ रुपये के परिव्यय से राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दी। विकल्प A गलत है क्योंकि मई 2021 में ऐसी कोई घोषणा नहीं हुई। विकल्प B गलत है क्योंकि नवंबर 2021 में प्रधानमंत्री ने ग्लासगो के सीओपी26 शिखर सम्मेलन में पंचामृत जलवायु संकल्प रखे थे। विकल्प D गलत है क्योंकि जनवरी 2021 कोविड-19 टीकाकरण अभियान से जुड़ा है, हाइड्रोजन से नहीं। परीक्षा टिप: घोषणा 15 अगस्त 2021; मिशन को मंत्रिमंडल की मंजूरी जनवरी 2023 में मिली।

Q10.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 13 Feb 2019, Shift 1आसान

निम्न में से किसे भारत का पहला मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम कहा गया है?

  1. A.मंगलयान 2
  2. B.गगनयान
  3. C.चंद्रयान 2
  4. D.आदित्य एल-1
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. गगनयान

व्याख्या

सही उत्तर B, गगनयान है। गगनयान वह कार्यक्रम है जिसके अंतर्गत भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन अपने ही चालक दल मॉड्यूल से भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की नीची कक्षा में भेजने और सुरक्षित लौटाने की तैयारी कर रहा है। इस कार्यक्रम में मानवरहित परीक्षण उड़ानें, चालक दल बचाव प्रणाली और मानव के लिए प्रमाणित प्रक्षेपण यान शामिल हैं। चालक दल बचाव प्रणाली की पहली परीक्षण उड़ान टीवी-डी1 अक्टूबर 2023 में हुई।

विकल्प A, मंगलयान मार्स ऑर्बिटर मिशन है, जो मानवरहित यान था और 2014 में मंगल की कक्षा में पहुँचा। विकल्प C, चंद्रयान-2 वर्ष 2019 का मानवरहित चंद्र मिशन था, जिसमें ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर थे। विकल्प D, आदित्य-एल1 वर्ष 2023 में लैग्रेंज बिंदु एल1 की प्रभामंडल कक्षा में भेजी गई सौर वेधशाला है। इनमें से किसी पर चालक दल नहीं जाता, इसलिए केवल गगनयान ही उत्तर है।

Q11.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

1975 में सोवियत संघ से प्रक्षेपित भारत का पहला उपग्रह कौन सा था?

  1. A.भास्कर
  2. B.आर्यभट
  3. C.रोहिणी
  4. D.एप्पल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. आर्यभट

व्याख्या

सही उत्तर B, आर्यभट है। आर्यभट भारत का बनाया पहला उपग्रह था और इसे 19 अप्रैल 1975 को सोवियत प्रक्षेपण स्थल से भेजा गया, क्योंकि उस समय भारत के पास अपना प्रक्षेपण यान नहीं था। इसका नाम प्राचीन भारतीय खगोलशास्त्री और गणितज्ञ के नाम पर रखा गया, और इसमें एक्स-किरण खगोल विज्ञान, सौर भौतिकी तथा आयनमंडल के अध्ययन के प्रयोग थे। यही भारतीय उपग्रह कार्यक्रम का आरंभ है।

विकल्प A, भास्कर बाद में 1979 में भेजा गया प्रायोगिक पृथ्वी अवलोकन उपग्रह था। विकल्प C, रोहिणी उस शृंखला का नाम है जिसका आरएस-1 भारतीय प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 से 18 जुलाई 1980 को कक्षा में पहुँचने वाला पहला उपग्रह बना। विकल्प D, एप्पल 1981 का एरियन पैसेंजर पेलोड एक्सपेरिमेंट था, जो भूस्थिर कक्षा में भारत का पहला प्रायोगिक संचार उपग्रह था। क्रम आर्यभट, भास्कर, रोहिणी, एप्पल याद रखें।

Q12.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भारतीय उपग्रह किस केंद्र से कक्षा में प्रक्षेपित किए जाते हैं?

  1. A.विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, तिरुवनंतपुरम
  2. B.सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा
  3. C.यू. आर. राव उपग्रह केंद्र, बेंगलुरु
  4. D.अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, अहमदाबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा

व्याख्या

सही उत्तर B, श्रीहरिकोटा का सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र शार है, जो आंध्र प्रदेश में है। यह भारत का एकमात्र कक्षीय प्रक्षेपण स्थल है और पूर्वी तट पर है, इसलिए यान बंगाल की खाड़ी के ऊपर पूर्व दिशा में उड़ सकते हैं, पृथ्वी के घूर्णन का मुफ़्त लाभ ले सकते हैं और जले हुए चरण समुद्र में गिरते हैं। पहले इसे शार केंद्र कहा जाता था और बाद में सतीश धवन के नाम पर इसका नाम रखा गया।

विकल्प A, विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, प्रक्षेपण यानों का डिज़ाइन और विकास करता है पर उन्हें छोड़ता नहीं, और निकट का थुंबा केंद्र केवल छोटे परिज्ञापी रॉकेटों के लिए है। विकल्प C, यू. आर. राव उपग्रह केंद्र, उपग्रह बनाता और परखता है। विकल्प D, अंतरिक्ष उपयोग केंद्र, उपग्रहों के पेलोड तथा उपकरण विकसित करता है और आँकड़ों के उपयोग पर काम करता है। इन चार केंद्रों को कामों के जोड़े में याद करें: रॉकेट, प्रक्षेपण, उपग्रह, पेलोड।

Q13.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

चंद्रमा के दूरस्थ भाग पर सबसे पहली लैंडिंग किस देश के यान ने की?

  1. A.अमेरिका
  2. B.रूस
  3. C.चीन
  4. D.भारत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चीन

व्याख्या

सही उत्तर C, चीन है। चीन के चांगई 4 मिशन ने जनवरी 2019 में चंद्रमा के दूरस्थ भाग पर लैंडिंग की, जो किसी भी यान की वहाँ पहली लैंडिंग थी, और उसने युतु-2 रोवर बाहर भेजा। वहाँ उतरना कठिन है क्योंकि दूरस्थ भाग कभी पृथ्वी की ओर नहीं होता, इसलिए संकेत पहुँचाने के लिए अलग रिले उपग्रह पहले से स्थापित किया गया था। बाद में चीन ने चांगई 5 से चंद्र नमूने पृथ्वी पर लाए।

विकल्प A, अमेरिका ने अपोलो दलों को निकट भाग पर उतारा। विकल्प B, रूस ने सोवियत संघ के रूप में लूना 9 से 1966 में किसी भी प्रकार की पहली सॉफ्ट लैंडिंग की, वह भी निकट भाग पर। विकल्प D, भारत ने 2023 में चंद्रयान-3 से दक्षिण ध्रुव के निकट लैंडिंग की, जो अलग उपलब्धि है और इस प्रश्न में सबसे संभावित भ्रम। दूरस्थ भाग का श्रेय चीन का है।

Q14.विज्ञान और प्रौद्योगिकीकठिन

भारत के सौर अभियान आदित्य-एल1 को किस बिंदु के चारों ओर हेलो कक्षा में स्थापित किया गया है?

  1. A.द्वितीय लैग्रांज बिंदु, एल2
  2. B.प्रथम लैग्रांज बिंदु, एल1
  3. C.सूर्य के चारों ओर ध्रुवीय कक्षा
  4. D.पृथ्वी के चारों ओर भूस्थिर कक्षा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. प्रथम लैग्रांज बिंदु, एल1

व्याख्या

सही उत्तर B, प्रथम लैग्रांज बिंदु एल1 है, जो सूर्य-पृथ्वी निकाय का वह बिंदु है और सूर्य की दिशा में पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर है। लैग्रांज बिंदु वह स्थान है जहाँ दोनों पिंडों का गुरुत्वाकर्षण और कक्षीय गति संतुलित हो जाते हैं, इसलिए यान वहाँ बहुत कम ईंधन से बना रह सकता है, और एल1 से सूर्य को बिना ग्रहण या अवरोध लगातार देखा जा सकता है। आदित्य-एल1 2 सितंबर 2023 को पीएसएलवी से छोड़ा गया।

विकल्प A, एल2, सूर्य से पृथ्वी के दूसरी ओर है और उसका उपयोग वे दूरबीनें करती हैं जो सूर्य से विपरीत दिशा में देखती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि यान सूर्य-पृथ्वी निकाय के एक बिंदु की परिक्रमा करता है, सूर्य की नहीं। विकल्प D उसे पृथ्वी की कक्षा में रख देता, जहाँ प्रतिदिन कुछ समय पृथ्वी दृश्य रोक देती, और अभियान को ठीक यही टालना था। जोड़ी याद रखें: सूर्य देखने के लिए एल1, दूरी 15 लाख किलोमीटर।

Q15.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

1983 में स्वीकृत एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम का नेतृत्व किसने किया?

  1. A.होमी जहाँगीर भाभा
  2. B.विक्रम साराभाई
  3. C.ए पी जे अब्दुल कलाम
  4. D.सतीश धवन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ए पी जे अब्दुल कलाम

व्याख्या

सही उत्तर C, ए पी जे अब्दुल कलाम है। एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम 1983 में स्वीकृत हुआ और तब रक्षा अनुसंधान और विकास प्रयोगशाला में कार्यरत कलाम को उसका प्रमुख बनाया गया। भिन्न श्रेणियों की पाँच मिसाइलें एक साथ ली गईं जिससे नोदन, निर्देशन और पदार्थ जैसी समान प्रौद्योगिकियाँ साझा हो सकें, और इस सफलता से उन्हें भारत का मिसाइल पुरुष कहा गया। वे आगे भारत के राष्ट्रपति बने और उन्हें 1997 में भारत रत्न मिला था।

विकल्प A, होमी जहाँगीर भाभा, भारतीय परमाणु कार्यक्रम के जनक थे और उनका निधन 1966 में हुआ। विकल्प B, विक्रम साराभाई, ने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की नींव रखी और उनका निधन 1971 में हुआ। विकल्प D, सतीश धवन, साराभाई के बाद इसरो के प्रमुख रहे और श्रीहरिकोटा का प्रक्षेपण केंद्र उनके नाम पर है।

Q16.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

जुलाई 2019 में चंद्रयान दो किस राकेट से प्रक्षेपित हुआ था?

  1. A.पीएसएलवी सी पच्चीस
  2. B.जीएसएलवी मार्क तीन
  3. C.एएसएलवी
  4. D.पीएसएलवी सी ग्यारह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जीएसएलवी मार्क तीन

व्याख्या

सही उत्तर B, जीएसएलवी मार्क तीन है। चंद्रयान दो ने 22 जुलाई 2019 को उस समय के सबसे भारी भारतीय राकेट, अर्थात भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान मार्क तीन से उड़ान भरी, जिसे अब एलवीएम तीन कहा जाता है। अतिरिक्त भार क्षमता इसलिए चाहिए थी कि यह मिशन तीन यान एक साथ ले जा रहा था: ऑर्बिटर, विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर।

विकल्प A, पीएसएलवी सी पच्चीस, ने 2013 में मंगल ऑर्बिटर मिशन भेजा। विकल्प C, एएसएलवी, अस्सी के दशक का संवर्धित उपग्रह प्रक्षेपण यान था, जो एक छोटा प्रायोगिक राकेट था और बहुत पहले सेवामुक्त हो चुका है। विकल्प D, पीएसएलवी सी ग्यारह, ने 2008 में चंद्रयान एक भेजा। याद रखने योग्य क्रम यह है कि ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान ने पहला चंद्र मिशन और मंगल मिशन भेजा, जबकि भारी राकेट ने लैंडर वाले दोनों बाद के चंद्र मिशन भेजे।

Q17.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सी मिसाइल एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम की पांच मिसाइलों में नहीं थी?

  1. A.त्रिशूल
  2. B.नाग
  3. C.ब्रह्मोस
  4. D.आकाश
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. ब्रह्मोस

व्याख्या

सही उत्तर C, ब्रह्मोस है। आईजीएमडीपी की पांच मिसाइलें पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, आकाश और नाग थीं। ब्रह्मोस बाद में और पूरी तरह दूसरे मार्ग से आया, भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम के रूप में, तथा वह पराध्वनिक क्रूज मिसाइल है, जबकि आईजीएमडीपी ने भारतीय डिजाइन की बैलिस्टिक और निर्देशित मिसाइलें दीं।

विकल्प A, त्रिशूल कार्यक्रम की अल्प दूरी सतह से हवा मिसाइल थी, और वह परियोजना बाद में बंद कर दी गई। विकल्प B, नाग कार्यक्रम की तीसरी पीढ़ी की दागो और भूल जाओ श्रेणी की टैंक रोधी निर्देशित मिसाइल है, जो नामिका वाहन पर लगती है। विकल्प D, आकाश उसी कार्यक्रम की रैमजेट इंजन वाली मध्यम दूरी सतह से हवा मिसाइल है, जो अब थल सेना और वायु सेना में सेवारत है। तीनों मूल पांच में थे, इसलिए ब्रह्मोस बेमेल है।

Q18.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

1977 में छोड़ा गया कौन यान पृथ्वी से सबसे दूर स्थित मानव निर्मित वस्तु है?

  1. A.पायोनियर 10
  2. B.वॉयजर 1
  3. C.न्यू होराइजंस
  4. D.कैसिनी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वॉयजर 1

व्याख्या

सही उत्तर B, वॉयजर 1 है। नासा ने इसे 1977 में छोड़ा, यह बृहस्पति और शनि के पास से गुजरा, फिर बाहर की ओर बढ़ता रहा और तारों के बीच के अंतरिक्ष में पहुँच गया, जिससे यह पृथ्वी से सबसे दूर मानव निर्मित वस्तु बन गया। इसमें हमारे ग्रह की ध्वनियों और चित्रों वाला स्वर्ण अभिलेख रखा है, और इसी ने पृथ्वी का वह चित्र लिया जिसे पीला नीला बिंदु कहा जाता है।

विकल्प A, पायोनियर 10 बृहस्पति की ओर भेजा गया पुराना यान था और एक समय सबसे दूर था, पर वह पीछे छूट गया और अब संकेत नहीं भेजता। विकल्प C, न्यू होराइजंस 2015 में प्लूटो के पास से गुजरा और दूर है, पर वॉयजर यानों से बहुत निकट है। विकल्प D, कैसिनी ने शनि और उसके चंद्रमाओं का अध्ययन किया और 2017 में मिशन के अंत में उसे जानबूझकर ग्रह में गिरा दिया गया। जुड़वाँ वॉयजर 2 ही चारों विशाल ग्रहों के पास से गुजरा है।

Q19.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

आईजीएमडीपी के अंतर्गत विकसित कौन सी मिसाइल टैंक भेदी निर्देशित मिसाइल है?

  1. A.नाग
  2. B.त्रिशूल
  3. C.पृथ्वी
  4. D.आकाश
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नाग

व्याख्या

सही उत्तर A, नाग है। नाग तीसरी पीढ़ी की टैंक भेदी निर्देशित मिसाइल है, जो दागो और भूल जाओ प्रकार की है, अर्थात जब उसका अन्वेषी लक्ष्य पर लॉक कर ले तो संचालक को उसे निर्देशित करते रहने की आवश्यकता नहीं रहती और चालक दल तुरंत हट सकता है। इसे नामिका नामक शृंखलायुक्त प्रक्षेपक पर ढोया जाता है, और हेलिकॉप्टर से छोड़े जाने वाले रूप का नाम हेलिना है।

विकल्प B, त्रिशूल, उसी कार्यक्रम की कम दूरी की सतह से हवा मिसाइल थी, जो जहाजों और अग्रिम चौकियों को नीची उड़ान वाले विमानों से बचाने के लिए थी। विकल्प C, पृथ्वी, कम दूरी की सतह से सतह मिसाइल है, जिसका पहला रूप थल सेना और दूसरा वायु सेना के लिए है। विकल्प D, आकाश, मध्यम दूरी की सतह से हवा मिसाइल है।

Q20.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

ब्रह्मोस मिसाइल का नाम किन दो नदियों के नाम से बना है?

  1. A.ब्रह्मपुत्र और मॉस्कवा
  2. B.ब्रह्मपुत्र और वोल्गा
  3. C.ब्यास और मॉस्कवा
  4. D.ब्रह्मपुत्र और डेन्यूब
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. ब्रह्मपुत्र और मॉस्कवा

व्याख्या

सही उत्तर A, ब्रह्मपुत्र और मॉस्कवा है। ब्रह्मोस भारत और रूस के संयुक्त उपक्रम ने बनाया है, और उसका नाम इस साझेदारी को दर्शाने के लिए भारत की ब्रह्मपुत्र को रूस की मॉस्कवा से जोड़ता है। यह पराध्वनिक क्रूज मिसाइल है, जो ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना चलती है और भूमि, जलपोत, पनडुब्बी तथा विमान से छोड़ी जा सकती है, जिसका वायु संस्करण सुखोई-30 एमकेआई पर लगता है।

विकल्प B में वोल्गा का नाम है, जो रूस की सबसे लंबी नदी है पर मिसाइल के नाम में नहीं आती। विकल्प C ब्रह्मपुत्र के स्थान पर ब्यास रख देता है, जो पंजाब की पांच नदियों में एक है। विकल्प D में डेन्यूब है, जो मध्य और पूर्वी यूरोप में बहती है और इस परियोजना से जुड़ी नहीं है। याद रखने योग्य जोड़ा ब्रह्मपुत्र और मॉस्कवा है।

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