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GK क्विजविज्ञान और प्रौद्योगिकी

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मिश्रित क्विज: सेट 3

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इस क्विज के बारे में

विज्ञान और प्रौद्योगिकी मिश्रित क्विज़ (सेट 3) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 7 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: चंद्र और मंगल मिशन: चंद्रयान और मंगलयान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और इंडियाएआई मिशन, गगनयान और मानव अंतरिक्ष उड़ान और अन्य। इनमें से 4 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

जुलाई 2019 में चंद्रयान दो किस राकेट से प्रक्षेपित हुआ था?

  1. A.पीएसएलवी सी पच्चीस
  2. B.जीएसएलवी मार्क तीन
  3. C.एएसएलवी
  4. D.पीएसएलवी सी ग्यारह
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जीएसएलवी मार्क तीन

व्याख्या

सही उत्तर B, जीएसएलवी मार्क तीन है। चंद्रयान दो ने 22 जुलाई 2019 को उस समय के सबसे भारी भारतीय राकेट, अर्थात भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान मार्क तीन से उड़ान भरी, जिसे अब एलवीएम तीन कहा जाता है। अतिरिक्त भार क्षमता इसलिए चाहिए थी कि यह मिशन तीन यान एक साथ ले जा रहा था: ऑर्बिटर, विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर।

विकल्प A, पीएसएलवी सी पच्चीस, ने 2013 में मंगल ऑर्बिटर मिशन भेजा। विकल्प C, एएसएलवी, अस्सी के दशक का संवर्धित उपग्रह प्रक्षेपण यान था, जो एक छोटा प्रायोगिक राकेट था और बहुत पहले सेवामुक्त हो चुका है। विकल्प D, पीएसएलवी सी ग्यारह, ने 2008 में चंद्रयान एक भेजा। याद रखने योग्य क्रम यह है कि ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान ने पहला चंद्र मिशन और मंगल मिशन भेजा, जबकि भारी राकेट ने लैंडर वाले दोनों बाद के चंद्र मिशन भेजे।

Q2.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · 21 May 2023मध्यम

निम्नलिखित में से कौन कृत्रिम बुद्धिमत्ता में पूर्वाग्रह का स्रोत नहीं है?

  1. A.डेटा
  2. B.एल्गोरिदम
  3. C.लोग
  4. D.क्षमता
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. क्षमता

व्याख्या

सही उत्तर है D, क्षमता। कृत्रिम बुद्धिमत्ता में पूर्वाग्रह के तीन स्रोत माने जाते हैं, वह डेटा जिससे प्रणाली सीखती है, सीखने वाला एल्गोरिदम, और उसे बनाने तथा उपयोग करने वाले लोग; क्षमता इनमें नहीं आती, क्योंकि किसी मॉडल की क्षमता यह बताती है कि वह कितना अच्छा काम करता है, वह अनुचितता के प्रवेश का रास्ता नहीं है। डेटा से पूर्वाग्रह तब आता है जब प्रशिक्षण के आँकड़ों में कोई समूह छूट जाए या कम हो, जैसे चेहरा पहचानने वाली प्रणाली मुख्यतः एक ही तरह के चेहरों पर प्रशिक्षित हो। एल्गोरिदम से पूर्वाग्रह मॉडल की बनावट के चुनावों से आता है, जैसे उसे कौन-कौन से गुण देखने दिए गए। मनुष्यों से पूर्वाग्रह लेबल लगाने, नमूना चुनने और टीम की धारणाओं से आता है। विकल्प A, B और C इस प्रश्न के उत्तर के रूप में गलत हैं, क्योंकि ये तीनों वास्तव में पूर्वाग्रह के स्रोत हैं। परीक्षा टिप: डेटा, एल्गोरिदम और लोग, यही तीन स्रोत याद रखें।

Q3.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

अक्टूबर 2023 का टीवी-डी1 मिशन मुख्यतः गगनयान की किस प्रणाली के परीक्षण के लिए किया गया था?

  1. A.क्रायोजेनिक ऊपरी चरण
  2. B.क्रू एस्केप सिस्टम
  3. C.डॉकिंग तंत्र
  4. D.चंद्र लैंडर के पाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. क्रू एस्केप सिस्टम

व्याख्या

सही उत्तर B, क्रू एस्केप सिस्टम है। पहला परीक्षण यान अबॉर्ट मिशन टीवी-डी1 21 अक्टूबर 2023 को श्रीहरिकोटा से छोड़ा गया। एक चरण वाला परीक्षण यान क्रू मॉड्यूल और क्रू एस्केप सिस्टम को ध्वनि के निकट गति तक ले गया, अबॉर्ट का आदेश दिया गया, एस्केप मोटरों ने क्रू मॉड्यूल को दूर खींचा, और मॉड्यूल पैराशूट से उतरकर समुद्र से बरामद कर लिया गया।

विकल्प A गलत है क्योंकि परीक्षण यान में क्रायोजेनिक चरण ही नहीं था। विकल्प C गलत है क्योंकि डॉकिंग अलग से सिद्ध की जा रही है, विशेषतः स्पेडेक्स प्रयोग से, और यह गगनयान की पहली उड़ान की योजना में नहीं है। विकल्प D गलत है क्योंकि चंद्र लैंडर चंद्रयान कार्यक्रम का अंग है और इस परीक्षण से उसका कोई संबंध नहीं। सन 2018 के पैड अबॉर्ट परीक्षण ने इसी एस्केप प्रणाली को मंच पर खड़े राकेट से पहले ही सिद्ध कर दिया था।

Q4.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: SSC CHSL · 12 April 2021, Shift 2कठिन

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा तय मानकों के अनुसार, मोबाइल हैंडसेट के सभी नए डिजाइनों के लिए 1 सितंबर 2012 से 1 ग्राम मानव ऊतक पर औसत अनुमेय विशिष्ट अवशोषण दर (SAR) सीमा ______ है।

  1. A.1.8 W/kg
  2. B.2.1 W/kg
  3. C.2.2 W/kg
  4. D.1.6 W/kg
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1.6 W/kg

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1.6 W/kg। विशिष्ट अवशोषण दर यह मापती है कि हैंडसेट से निकलने वाली रेडियो ऊर्जा शरीर कितनी मात्रा में सोखता है, और इसकी इकाई वाट प्रति किलोग्राम ऊतक है। दूरसंचार विभाग ने 1 सितंबर 2012 से भारत में बिकने वाले हर नए मोबाइल हैंडसेट डिजाइन के लिए 1 ग्राम मानव ऊतक पर औसत 1.6 W/kg की सीमा तय की। इससे पहले भारत में 10 ग्राम ऊतक पर औसत 2.0 W/kg की पुरानी सीमा लागू थी। नियमों के अनुसार SAR मान हैंडसेट और उसके डिब्बे पर छपा होना चाहिए, और खरीदार निर्माता द्वारा बताए गए कोड से इसे जांच सकता है। भारत की यह सीमा अमेरिका के मानक के समान है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1.8 W/kg कहीं निर्धारित सीमा नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि 2.1 W/kg कोई SAR मानक नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि 2.2 W/kg केवल भ्रमित करने वाला विकल्प है। परीक्षा टिप: भारत में SAR सीमा 1 ग्राम ऊतक पर 1.6 W/kg है, जो 1 सितंबर 2012 से लागू है।

Q5.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

चंद्रयान मिशनों के लैंडर और रोवर के नाम क्या हैं?

  1. A.आर्यभट और भास्कर
  2. B.विक्रम और प्रज्ञान
  3. C.रोहिणी और एप्पल
  4. D.आदित्य और मंगल
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. विक्रम और प्रज्ञान

व्याख्या

सही उत्तर B, विक्रम और प्रज्ञान है। लैंडर का नाम विक्रम साराभाई पर है, जो वे भौतिकविद थे जिन्होंने भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम की नींव रखी और जिन्हें इसका जनक कहा जाता है। छह पहियों वाले रोवर का नाम प्रज्ञान है, जो संस्कृत शब्द है और जिसका अर्थ बुद्धि है। ये दोनों नाम 2019 में चंद्रयान दो और फिर 2023 में चंद्रयान तीन में प्रयुक्त हुए।

विकल्प A में आर्यभट, 1975 का भारत का पहला उपग्रह, और भास्कर, आरंभिक पृथ्वी प्रेक्षण उपग्रह हैं। विकल्प C में रोहिणी, वह उपग्रह जिसे 1980 में एसएलवी तीन ने कक्षा में रखा, और एप्पल, 1981 का प्रायोगिक संचार उपग्रह हैं। विकल्प D आदित्य, 2023 में प्रक्षेपित सौर वेधशाला, को मंगल शब्द से मिलाता है। ये सभी वास्तविक भारतीय अंतरिक्ष नाम हैं, इसीलिए इन्हें यहाँ रखा गया है।

Q6.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

भारत का चंद्रमा के लिए पहला मिशन चंद्रयान एक किस वर्ष प्रक्षेपित हुआ था?

  1. A.2005
  2. B.2008
  3. C.2013
  4. D.2019
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2008

व्याख्या

सही उत्तर B, 2008 है। चंद्रयान एक को 22 अक्टूबर 2008 को श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित किया गया और वह पखवाड़े भर में चंद्र कक्षा में पहुँच गया। इसमें ग्यारह नीतभार थे, पाँच भारतीय और छह विदेशी, और इसके आँकड़ों से चंद्र सतह पर जल के अणुओं की पुष्टि हुई। अगस्त 2009 में इससे संपर्क टूट गया।

विकल्प A, 2005, बहुत पहले का है; उस वर्ष भारत का कोई चंद्र मिशन नहीं था। विकल्प C, 2013, वह वर्ष है जब 5 नवंबर को मंगल ऑर्बिटर मिशन प्रक्षेपित हुआ, इसीलिए यह इस समूह का सबसे प्रबल भ्रामक विकल्प है। विकल्प D, 2019, चंद्रयान दो का वर्ष है, जो 22 जुलाई को प्रक्षेपित हुआ। चारों तिथियाँ एक शृंखला में याद कीजिए: 2008 पहला चंद्र मिशन, 2013 मंगल, 2019 दूसरा चंद्र मिशन और 2023 तीसरा।

Q7.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

गगनयान का कक्षीय मॉड्यूल किससे मिलकर बनता है?

  1. A.क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल
  2. B.लैंडर और रोवर
  3. C.ऑर्बिटर और प्रणोदन मॉड्यूल
  4. D.क्रू मॉड्यूल और क्रायोजेनिक चरण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल

व्याख्या

सही उत्तर A, क्रू मॉड्यूल और सर्विस मॉड्यूल है। क्रू मॉड्यूल वह दाबयुक्त दोहरी दीवार वाला कक्ष है जिसमें अंतरिक्ष यात्री रहते हैं, और यही एकमात्र भाग पृथ्वी पर लौटता है, जिसे ताप कवच बचाता है और पैराशूट उतारते हैं। सर्विस मॉड्यूल बिना दाब वाला भाग है जिसमें प्रणोदन, विद्युत उत्पादन, ताप नियंत्रण तथा अन्य सहायक प्रणालियाँ होती हैं, और यह पुनःप्रवेश से पहले अलग कर दिया जाता है।

विकल्प B, लैंडर और रोवर, चंद्रयान-3 का वर्णन है, जिसमें विक्रम और प्रज्ञान चंद्रमा पर कार्य कर रहे थे। विकल्प C, ऑर्बिटर और प्रणोदन मॉड्यूल, पूर्ववर्ती चंद्र मिशनों का वर्णन है, जिन्हें यान को चंद्र कक्षा में पहुँचाना था। विकल्प D गलत है क्योंकि क्रायोजेनिक चरण प्रक्षेपण यान का अंग है और कक्षा तक पहुँचने से पहले ही जल जाता है, अतः वह यान का भाग कभी नहीं होता। कौन-सा भाग लौटता है, यही सर्वाधिक पूछा जाता है।

Q8.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

गगनयान मिशन किस प्रक्षेपण यान से भेजा जाएगा?

  1. A.पीएसएलवी-एक्सएल
  2. B.जीएसएलवी एमके-2
  3. C.मानव अनुकूलित एलवीएम3
  4. D.एसएसएलवी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मानव अनुकूलित एलवीएम3

व्याख्या

सही उत्तर C, मानव अनुकूलित एलवीएम3 है। गगनयान एलवीएम3 से उड़ेगा, जो भारत का सबसे भारी प्रक्षेपण यान है और मनुष्यों को ले जाने के लिए संशोधित तथा प्रमाणित किए जाने पर एचएलवीएम3 लिखा जाता है। यह तीन चरणों वाला यान है जिसमें दो ठोस बूस्टर, एक द्रव मुख्य चरण और एक क्रायोजेनिक ऊपरी चरण है, और मानव अनुकूलन में अधिक संरचनात्मक सुरक्षा सीमा, प्रतिरूपी प्रणालियाँ तथा अतिरिक्त जाँचें जोड़ी जाती हैं।

विकल्प A, पीएसएलवी-एक्सएल, दूरसंवेदी उपग्रहों तथा चंद्रयान-1 और मंगलयान के लिए प्रयुक्त यान है, पर यह मानव यान नहीं उठा सकता। विकल्प B, जीएसएलवी एमके-2, लगभग दो टन के संचार उपग्रह भूसमकालिक अंतरण कक्षा में भेजता है और इस भार के लिए छोटा है। विकल्प D, एसएसएलवी, कुछ सौ किलोग्राम के छोटे उपग्रहों के लिए है। एलवीएम3 को पहले जीएसएलवी एमके-3 कहा जाता था, इसीलिए प्रश्नपत्रों में दोनों नाम आते हैं।

Q9.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

चंद्रयान तीन के विक्रम लैंडर ने चंद्रमा पर सुरक्षित अवतरण किस तिथि को किया?

  1. A.14 जुलाई 2023
  2. B.23 अगस्त 2023
  3. C.2 सितंबर 2023
  4. D.7 सितंबर 2019
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 23 अगस्त 2023

व्याख्या

सही उत्तर B, 23 अगस्त 2023 है। चंद्रयान तीन का विक्रम लैंडर उसी सायं चंद्र दक्षिणी ध्रुव के निकट उच्च अक्षांश क्षेत्र में सुरक्षित उतरा, और उसके कुछ ही देर बाद प्रज्ञान रोवर बाहर निकला। अवतरण स्थल का नाम शिव शक्ति पॉइंट रखा गया, और अब 23 अगस्त प्रतिवर्ष राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के रूप में मनाया जाता है।

विकल्प A, 14 जुलाई 2023, चंद्रयान तीन की प्रक्षेपण तिथि है, और प्रक्षेपण को अवतरण से मिला देना इस अध्याय की सबसे आम भूल है। विकल्प C, 2 सितंबर 2023, सौर मिशन आदित्य एल एक की प्रक्षेपण तिथि है। विकल्प D, 7 सितंबर 2019, वह तिथि है जब चंद्रयान दो के लैंडर से अवतरण के समय संपर्क टूट गया और पहला अवतरण प्रयास विफल हुआ, अर्थात इस सफलता से पूरे चार वर्ष पहले।

Q10.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 1आसान

निम्नलिखित में से कौन डीआरडीओ द्वारा विकसित मल्टी-बैरल रॉकेट प्रणाली है?

  1. A.धनुष
  2. B.त्रिशूल
  3. C.पिनाका
  4. D.पृथ्वी
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पिनाका

व्याख्या

सही उत्तर है C, पिनाका। पिनाका भारतीय सेना के लिए डीआरडीओ के आयुध अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, पुणे ने बनाई गई मल्टी-बैरल रॉकेट प्रणाली है और इसका नाम भगवान शिव के धनुष पर रखा गया है। एक लॉन्चर लगभग चवालीस सेकंड में बारह रॉकेट दागता है, इसलिए एक बैटरी एक ही बार में बड़े इलाके पर मार कर सकती है। पहले संस्करण की मारक क्षमता लगभग चालीस किलोमीटर है और बाद के संस्करण इससे काफी आगे तक जाते हैं। 1999 के कारगिल संघर्ष में पिनाका का उपयोग हुआ था और अब इसका निर्यात भी होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि धनुष पृथ्वी मिसाइल का नौसैनिक, जहाज से छोड़ा जाने वाला रूप है और यही नाम एक खींचकर ले जाने वाली तोप का भी है। विकल्प B गलत है, क्योंकि त्रिशूल एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम की कम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि पृथ्वी सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है, रॉकेट प्रणाली नहीं। परीक्षा टिप: आईजीएमडीपी से पृथ्वी, अग्नि, त्रिशूल, आकाश और नाग मिले; पिनाका इस सूची से बाहर है।

Q11.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

इसरो का मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के लिए समर्पित केंद्र कहाँ स्थित है?

  1. A.तिरुवनंतपुरम
  2. B.बेंगलुरु
  3. C.अहमदाबाद
  4. D.श्रीहरिकोटा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बेंगलुरु

व्याख्या

सही उत्तर B, बेंगलुरु है। गगनयान कार्यक्रम के लिए उत्तरदायी इसरो केंद्र, मानव अंतरिक्ष उड़ान केंद्र, 2019 में स्थापित हुआ और बेंगलुरु से कार्य करता है, जहाँ इसरो का मुख्यालय, यू आर राव उपग्रह केंद्र तथा इसरो टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क भी हैं।

विकल्प A, तिरुवनंतपुरम, में विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र है जहाँ प्रक्षेपण यान विकसित होते हैं, तथा वलियामला में द्रव नोदन प्रणाली केंद्र है। विकल्प C, अहमदाबाद, में अंतरिक्ष उपयोग केंद्र और विक्रम साराभाई द्वारा स्थापित भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला है। विकल्प D, आंध्र प्रदेश का श्रीहरिकोटा, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र अर्थात प्रक्षेपण स्थल है, और गगनयान वहीं से उड़ेगा, यद्यपि कार्यक्रम का संचालन बेंगलुरु से होता है। इसरो का मुख्यालय भी बेंगलुरु में है, और इसी शहर से गगनयान की प्रणालियों का समन्वय तथा यात्रियों का प्रशिक्षण संचालित होता है, इसलिए प्रश्नपत्र इसे बार-बार पूछते हैं।

Q12.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) में कितने चरण होते हैं?

  1. A.दो
  2. B.तीन
  3. C.चार
  4. D.पाँच
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चार

व्याख्या

सही उत्तर C, चार है। पीएसएलवी की विशेषता यह है कि उसके चरणों में प्रणोदक बारी-बारी बदलता है: पहला और तीसरा चरण ठोस प्रणोदक जलाते हैं और दूसरा तथा चौथा द्रव प्रणोदक। द्रव चौथे चरण को फिर से चालू किया जा सकता है, और इसी कारण यह यान एक ही उड़ान में उपग्रहों को एक से अधिक कक्षाओं में छोड़ सकता है।

विकल्प B, तीन, जीएसएलवी मार्क 2 और एलवीएम3 के चरणों की संख्या है, और यानों के भ्रम में यही उत्तर चुना जाता है। विकल्प A, दो, किसी भारतीय कक्षीय यान से मेल नहीं खाता। विकल्प D, पाँच, संवर्धित उपग्रह प्रक्षेपण यान के अधिक निकट है, जिसे स्ट्रैप-ऑन बूस्टरों के कारण पाँच चरणों का रॉकेट गिना जाता है। ध्यान रखें कि बड़े पीएसएलवी संस्करणों की छह स्ट्रैप-ऑन मोटरें अलग चरण नहीं मानी जातीं, क्योंकि वे पहले चरण के साथ ही जलती हैं।

Q13.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

चंद्रयान तीन की सफलता के साथ भारत चंद्रमा पर सुरक्षित अवतरण करने वाला कौन सा देश बना?

  1. A.दूसरा
  2. B.तीसरा
  3. C.चौथा
  4. D.पाँचवाँ
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चौथा

व्याख्या

सही उत्तर C, चौथा है। चंद्र सतह पर यान को धीरे से उतारने वाला पहला देश सोवियत संघ था, उसके बाद संयुक्त राज्य और फिर चीन तीसरा बना। भारत 23 अगस्त 2023 को चंद्रयान तीन के विक्रम लैंडर के अवतरण के साथ इनमें सम्मिलित हुआ। भारत दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र में उतरने वाला पहला देश भी बना, और यह अलग कीर्तिमान प्रायः उसी प्रश्नपत्र में पूछा जाता है।

विकल्प A, दूसरा, और विकल्प B, तीसरा, स्थान कम बताते हैं और ये क्रमशः संयुक्त राज्य तथा चीन के हैं। विकल्प D, पाँचवाँ, स्थान अधिक बताता है। दोनों दावों को स्मृति में अलग रखिए: चंद्रमा पर कहीं भी सुरक्षित उतरने वाला चौथा देश, और चंद्र दक्षिणी ध्रुव के निकट उतरने वाला पहला देश। प्रश्न किसी एक को पूछेगा, और उसकी भाषा बता देगी कि कौन सा।

Q14.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

केवल मौसम विज्ञान को समर्पित भारत का पहला उपग्रह कौन था?

  1. A.इनसैट-1बी
  2. B.कल्पना-1
  3. C.भास्कर-2
  4. D.ओशनसैट-1
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कल्पना-1

व्याख्या

सही उत्तर B, कल्पना-1 है। 2002 में मेटसैट के नाम से छोड़ा गया यह केवल मौसम के काम के लिए बना पहला भारतीय उपग्रह था, और 2003 की कोलंबिया दुर्घटना में जान गँवाने वाली भारत में जन्मी अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की स्मृति में इसका नाम कल्पना-1 रखा गया। इसके उपकरण चक्रवात चेतावनी के लिए बादल, जलवाष्प और समुद्र सतह के तापमान पर नज़र रखते थे।

विकल्प A, 1983 का इनसैट-1बी, मौसम उपकरण ले गया था पर मुख्यतः संचार उपग्रह था, और केवल शब्द इसी भेद को जाँचता है। विकल्प C, भास्कर-2, 1979 और 1981 की आरंभिक प्रायोगिक भू-अवलोकन श्रेणी का था। विकल्प D, 1999 का ओशनसैट-1, समुद्र, उसके रंग और उस पर चलने वाली हवाओं का अध्ययन करता था, इसलिए वह समुद्री उपग्रह है, मौसम का नहीं। इस क्रम के बाद के समर्पित मौसम उपग्रह इनसैट-3डी श्रेणी के हैं।

Q15.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

गगनयान कार्यक्रम से जुड़ी व्योममित्र क्या है?

  1. A.एक अर्धमानवाकार रोबोट
  2. B.एक नया क्रायोजेनिक इंजन
  3. C.भू-नियंत्रण केंद्र
  4. D.यात्रियों के लिए बना अंतरिक्ष परिधान
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. एक अर्धमानवाकार रोबोट

व्याख्या

सही उत्तर A, एक अर्धमानवाकार रोबोट है। व्योम अर्थात आकाश और मित्र से बना नाम व्योममित्र इसरो द्वारा विकसित अर्धमानवाकार रोबोट है, जिसे बिना यात्री वाले गगनयान मिशन में भेजा जाएगा। इसमें सिर, भुजाएँ और धड़ है पर पैर नहीं, और इसका कार्य यात्री की सीट पर बैठकर कक्ष के मापदंडों की निगरानी करना, स्विच चलाना तथा सूचना भेजना है, जिससे मानव दल की निर्भर प्रणालियाँ पहले परखी जा सकें।

विकल्प B गलत है क्योंकि एलवीएम3 के क्रायोजेनिक इंजनों के अपने पदनाम हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि मिशन नियंत्रण इसरो के टेलीमेट्री, ट्रैकिंग एंड कमांड नेटवर्क तथा मिशन नियंत्रण केंद्र से होता है, व्योममित्र नामक किसी इकाई से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि भारतीय दल का अंतरिक्ष परिधान अलग विकास कार्य है और उसका यह नाम नहीं है। इस विषय के प्रश्न प्रायः व्योममित्र को बिना यात्री वाली परीक्षण उड़ानों के साथ जोड़ते हैं।

Q16.विज्ञान और प्रौद्योगिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · 21 May 2023आसान

कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक किसे कहा जाता है?

  1. A.एलन ट्यूरिंग
  2. B.जॉन मैकार्थी
  3. C.ब्लेज़ पास्कल
  4. D.डार्टमाउथ
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. जॉन मैकार्थी

व्याख्या

सही उत्तर है B, जॉन मैकार्थी। अमेरिकी कंप्यूटर वैज्ञानिक जॉन मैकार्थी को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का जनक कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने 1956 की डार्टमाउथ ग्रीष्मकालीन शोध परियोजना के प्रस्ताव में यह शब्द पहली बार गढ़ा था; इसी बैठक से यह विषय शुरू हुआ माना जाता है। उन्होंने 1958 में लिस्प भाषा भी बनाई, जिसमें शुरुआती दौर का अधिकांश कृत्रिम बुद्धिमत्ता का काम लिखा गया, कंप्यूटर पर समय-साझाकरण का समर्थन किया और 1971 में ट्यूरिंग पुरस्कार पाया। विकल्प A गलत है, क्योंकि एलन ट्यूरिंग को कंप्यूटर विज्ञान का जनक और ट्यूरिंग परीक्षण का प्रवर्तक माना जाता है, जिसमें देखा जाता है कि बातचीत में मशीन और मनुष्य में अंतर पहचाना जा सकता है या नहीं, पर इस विषय का नाम उन्होंने नहीं रखा। विकल्प C गलत है, क्योंकि ब्लेज़ पास्कल ने सत्रहवीं सदी में जोड़ने वाली यांत्रिक मशीन पास्कलाइन बनाई थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि डार्टमाउथ वह महाविद्यालय है जहाँ 1956 का सम्मेलन हुआ, कोई व्यक्ति नहीं। परीक्षा टिप: मैकार्थी ने 1956 में यह नाम दिया और लिस्प भाषा बनाई।

Q17.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

चंद्रमा पर चंद्रयान तीन के अवतरण स्थल को क्या नाम दिया गया है?

  1. A.तिरंगा पॉइंट
  2. B.शिव शक्ति पॉइंट
  3. C.जवाहर पॉइंट
  4. D.साराभाई पॉइंट
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. शिव शक्ति पॉइंट

व्याख्या

सही उत्तर B, शिव शक्ति पॉइंट है। जिस स्थान पर चंद्रयान तीन का विक्रम लैंडर 23 अगस्त 2023 को चंद्र दक्षिणी ध्रुव के निकट उच्च अक्षांश क्षेत्र में उतरा, उसे अवतरण के कुछ ही दिन बाद यह नाम दिया गया। अवतरण के दिन को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस भी घोषित किया गया।

विकल्प A, तिरंगा पॉइंट, उस स्थान का नाम है जहाँ 2019 में चंद्रयान दो का लैंडर गिरा था, अतः यह वास्तविक चंद्र नाम है और यहाँ सबसे तीक्ष्ण भ्रामक विकल्प है। विकल्प C, जवाहर पॉइंट, उस स्थान का नाम है जहाँ चंद्रयान एक का मून इंपैक्ट प्रोब 14 नवंबर 2008 को टकराया था। विकल्प D, साराभाई पॉइंट, किसी स्थल का नाम नहीं है, यद्यपि एक चंद्र क्रेटर का नाम विक्रम साराभाई पर है। इनमें से तीन नाम वास्तविक हैं, इसीलिए यह प्रश्न सावधान पठन माँगता है।

Q18.विज्ञान और प्रौद्योगिकीआसान

अंतरिक्ष में जाने वाला पहला मनुष्य कौन था?

  1. A.नील आर्मस्ट्रांग
  2. B.यूरी गागरिन
  3. C.वेलेंटीना तेरेश्कोवा
  4. D.एलन शेपर्ड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. यूरी गागरिन

व्याख्या

सही उत्तर B, यूरी गागरिन है। सोवियत अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन ने 12 अप्रैल 1961 को वोस्तोक-1 से पृथ्वी का एक चक्कर लगाया और अंतरिक्ष में जाने वाले पहले मनुष्य बने। यह दिन अब अंतरराष्ट्रीय मानव अंतरिक्ष उड़ान दिवस के रूप में मनाया जाता है, और रूस का वह प्रशिक्षण केंद्र, जहाँ गगनयान के चयनित यात्रियों ने प्रशिक्षण लिया, गागरिन के नाम पर ही है।

विकल्प A, नील आर्मस्ट्रांग, जुलाई 1969 के अपोलो-11 में चंद्रमा पर पैर रखने वाले पहले मनुष्य थे, जो भिन्न उपलब्धि है। विकल्प C, वेलेंटीना तेरेश्कोवा, जून 1963 में वोस्तोक-6 से अंतरिक्ष जाने वाली पहली महिला बनीं। विकल्प D, एलन शेपर्ड, गागरिन के कुछ सप्ताह बाद मई 1961 में उपकक्षीय उड़ान से जाने वाले पहले अमेरिकी थे और आगे अपोलो-14 से चंद्रमा पर चले। प्रश्नपत्र अंतरिक्ष के पहले मनुष्य और चंद्रमा के पहले मनुष्य को आपस में मिला देते हैं।

Q19.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

निम्नलिखित में से क्या चंद्रयान तीन में नहीं था?

  1. A.प्रणोदन मॉड्यूल
  2. B.लैंडर
  3. C.रोवर
  4. D.नया चंद्र ऑर्बिटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नया चंद्र ऑर्बिटर

व्याख्या

सही उत्तर D, नया चंद्र ऑर्बिटर है। चंद्रयान तीन को जानबूझकर बिना ऑर्बिटर के बनाया गया, क्योंकि चंद्रयान दो का ऑर्बिटर अब भी चंद्र कक्षा में स्वस्थ था और लैंडर के संकेत पृथ्वी तक पहुँचा सकता था। नया ऑर्बिटर न रखने से भार और लागत बची तथा मिशन उसी अवतरण पर केंद्रित रह सका जो 2019 में विफल हुआ था।

विकल्प A गलत है क्योंकि मिशन में प्रणोदन मॉड्यूल था, जो लैंडर को चंद्र कक्षा तक ले गया और फिर वहीं रहकर एक उपकरण से वहाँ से दिखती पृथ्वी का प्रेक्षण करता रहा। विकल्प B गलत है क्योंकि विक्रम लैंडर ही मिशन का केंद्र था और उसने 23 अगस्त 2023 को सुरक्षित अवतरण किया। विकल्प C गलत है क्योंकि छह पहियों वाला प्रज्ञान रोवर लैंडर से बाहर निकला और उसके दो स्पेक्ट्रोमीटरों ने चंद्र मृदा में गंधक तथा कई धातुओं की पुष्टि की।

Q20.विज्ञान और प्रौद्योगिकीमध्यम

अपने ही अंतरिक्ष यान से मनुष्य को कक्षा में भेजने वाला तीसरा देश कौन बना?

  1. A.जापान
  2. B.फ्रांस
  3. C.चीन
  4. D.भारत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चीन

व्याख्या

सही उत्तर C, चीन है। चीन ने अक्टूबर 2003 में शेनझोउ-5 से यांग लिवेई को भेजा और सोवियत संघ तथा संयुक्त राज्य अमेरिका के बाद अपने राकेट और यान से मनुष्य को कक्षा में भेजने वाला तीसरा देश बना। चीन ने इसके बाद अपना अंतरिक्ष स्टेशन भी बनाया, और उसके अंतरिक्ष यात्रियों को ताइकोनॉट कहा जाता है।

विकल्प A, जापान, और विकल्प B, फ्रांस, ने अंतरिक्ष यात्री भेजे हैं, पर सदैव सोवियत, रूसी, अमेरिकी या यूरोपीय मिशनों से, अपने राष्ट्रीय मानव यान से नहीं। विकल्प D, भारत, ने अभी अपना मानव मिशन नहीं भेजा है; गगनयान ही वह पहली उड़ान होगी, और राकेश शर्मा की 1984 की उड़ान सोवियत यान से थी। यह प्रश्न स्वतंत्र क्षमता परखता है, यह नहीं कि उस देश का कोई नागरिक कभी अंतरिक्ष गया या नहीं।

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