निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. भारत में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों का विनियमन भारतीय रिज़र्व बैंक करता है। 2. ICRA के नाम से प्रसिद्ध रेटिंग एजेंसी एक पब्लिक लिमिटेड कंपनी है। 3. ब्रिकवर्क रेटिंग्स एक भारतीय क्रेडिट रेटिंग एजेंसी है। उपर्युक्त में से कौन-से कथन सही हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। भारत में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों का विनियमन SEBI करता है, RBI नहीं, जबकि कथन 2 और 3 सही हैं।
SEBI (क्रेडिट रेटिंग एजेंसी) विनियम, 1999 के तहत SEBI इन एजेंसियों का पंजीकरण और निगरानी करता है। RBI केवल कुछ एजेंसियों को बाहरी ऋण मूल्यांकन संस्था के रूप में मान्यता देता है, ताकि बैंक बेसल मानदंडों के तहत पूँजी तय करते समय उनकी रेटिंग का उपयोग कर सकें। ICRA लिमिटेड, जिसका पुराना नाम इन्वेस्टमेंट इन्फॉर्मेशन एंड क्रेडिट रेटिंग एजेंसी ऑफ इंडिया था, 1991 में बनी और यह शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध पब्लिक लिमिटेड कंपनी है। ब्रिकवर्क रेटिंग्स 2007 में बेंगलुरु में शुरू हुई भारतीय एजेंसी है; CRISIL, CARE, इंडिया रेटिंग्स और एक्यूइट भी भारत की रेटिंग एजेंसियाँ हैं।
A गलत है क्योंकि इसमें असत्य कथन 1 है और कथन 3 छूट गया है। C गलत है क्योंकि इसमें कथन 1 है और कथन 2 छूट गया है। D गलत है क्योंकि कथन 1 असत्य है।
Exam tip: क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों का नियामक SEBI है (1999 के विनियम); RBI केवल बैंक पूँजी के लिए मान्यता देता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) देश में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने में सहायता करता है। 2. NPCI ने एक कार्ड भुगतान योजना, रुपे (RuPay), प्रारंभ की है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम की स्थापना 2008 में देश में खुदरा भुगतान की शीर्ष संस्था के रूप में भारतीय रिज़र्व बैंक और भारतीय बैंक संघ की पहल पर, भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 के तहत हुई।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFC) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. NBFC मांग जमा स्वीकार नहीं कर सकतीं। 2. भारत में कार्यरत सभी NBFC का RBI में पंजीकृत होना अनिवार्य है। 3. NBFC भुगतान और निपटान प्रणाली का हिस्सा हैं और स्वयं पर आहरित चेक जारी कर सकती हैं। 4. जमा स्वीकार करने वाली NBFC के जमाकर्ताओं को निक्षेप बीमा और प्रत्यय गारंटी निगम (DICGC) की जमा बीमा सुविधा उपलब्ध नहीं है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.1 और 4
- B.1, 2 और 3
- C.केवल 4
- D.2, 3 और 4
उत्तर देखें
RBI स्वयं NBFC और बैंक के बीच जो तीन अंतर बताता है, उनमें से दो यही हैं। NBFC बैंक की तरह कर्ज देती और निवेश करती है, पर बचत या चालू खाते जैसी मांग जमा स्वीकार नहीं कर सकती, इसलिए कथन 1 सही है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में किसी वाणिज्यिक बैंक की परिसंपत्तियों में शामिल नहीं है?
- A.अग्रिम
- B.जमा
- C.निवेश
- D.माँग और अल्प सूचना पर देय धन
उत्तर देखें
जमा वह धन है जो बैंक को अपने ग्राहकों को लौटाना होता है, इसलिए यह बैलेंस शीट में देनदारियों की ओर आता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा भारत में वाणिज्यिक बैंकों का अभिकर्ता (एजेंसी) कार्य माना जाता है?
- A.जमा स्वीकार करना
- B.अधिशेष निधियों का निवेश
- C.आयकर भुगतान स्वीकार करना
- D.ओवरड्राफ्ट सुविधा देना
उत्तर देखें
कर एकत्र करते समय बैंक अपने ग्राहक और सरकार की ओर से अभिकर्ता के रूप में काम करता है, इसलिए यह एजेंसी कार्य है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. अमेरिकी डॉलर या SWIFT प्रणाली का प्रयोग किए बिना डिजिटल मुद्रा में भुगतान करना संभव है। 2. डिजिटल मुद्रा को उसमें प्रोग्राम की गई किसी शर्त के साथ वितरित किया जा सकता है, जैसे उसे खर्च करने की समय-सीमा। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा से देशों के बीच डॉलर या SWIFT के बिना सीधे भुगतान हो सकता है, और इसके उपयोग पर शर्तें प्रोग्राम की जा सकती हैं।
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