निम्नलिखित चाहमान शासकों में से किसने 1191 में सुल्तान मुहम्मद गोरी को पराजित किया था?
- A.विग्रहराज III
- B.अजयराज II
- C.पृथ्वीराज III
- D.दुर्लभराज III
सही उत्तर
C. पृथ्वीराज III
व्याख्या
सही उत्तर है C, पृथ्वीराज III। अजमेर और दिल्ली के चाहमान यानी चौहान शासक पृथ्वीराज III ने 1191 में तराइन के प्रथम युद्ध में मुहम्मद गोरी को हराया था; लोक स्मृति में वही पृथ्वीराज चौहान हैं। तराइन, आज का तरावड़ी, हरियाणा में थानेसर के निकट दिल्ली के पुराने मार्ग पर है, और उसी भूमि पर 1192 में तराइन का द्वितीय युद्ध हुआ, जिसमें गोरी ने लौटकर पृथ्वीराज को हराया और उत्तर भारत तुर्की शासन के लिए खुल गया। पृथ्वीराज रासो लिखने वाले चंदबरदाई और पृथ्वीराज विजय लिखने वाले जयानक उनके दरबार से जुड़े थे। A गलत है क्योंकि विग्रहराज III गोरी के भारत आने से बहुत पहले के चाहमान शासक थे। B गलत है क्योंकि अजयराज II बारहवीं शताब्दी में अजमेर की स्थापना के लिए याद किए जाते हैं, इस युद्ध के लिए नहीं। D गलत है क्योंकि दुर्लभराज III भी अजमेर के पुराने शासकों की श्रृंखला के हैं। परीक्षा टिप: तराइन प्रथम 1191 – पृथ्वीराज जीते, तराइन द्वितीय 1192 – गोरी जीता।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंजवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में अखिल बंगाल छात्र सम्मेलन कब हुआ था?
- A.1928
- B.1939
- C.1934
- D.1920
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. 1928
व्याख्या
सही उत्तर है A, 1928। अखिल बंगाल छात्र सम्मेलन 1928 में कलकत्ता में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ था। यह वर्ष युवा राजनीति के लिए बहुत सक्रिय रहा: फरवरी में साइमन कमीशन भारत आया और उसका स्वागत काले झंडों से हुआ, सर्वदल सम्मेलन ने नेहरू रिपोर्ट तैयार की, और नेहरू तथा सुभाष चंद्र बोस छात्रों, युवाओं और मजदूरों को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ रहे थे। दोनों ने 1928 में इंडिपेंडेंस फॉर इंडिया लीग भी बनाई, और कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में औपनिवेशिक स्वराज के स्थान पर पूर्ण स्वतंत्रता की माँग रखी। इन वर्षों में बने छात्र संगठनों से आगे चलकर 1936 का अखिल भारतीय विद्यार्थी संघ बना। B गलत है क्योंकि 1939 त्रिपुरी अधिवेशन और बोस के कांग्रेस अध्यक्ष पद से त्यागपत्र का वर्ष है। C गलत है क्योंकि 1934 में सविनय अवज्ञा आंदोलन वापस लिया गया और कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी बनी। D गलत है क्योंकि 1920 में असहयोग आंदोलन शुरू हुआ था। परीक्षा टिप: 1928 – साइमन कमीशन, नेहरू रिपोर्ट, बारदोली सत्याग्रह और नेहरू की अध्यक्षता वाला छात्र सम्मेलन।
326 ईसा पूर्व में निम्नलिखित में से किस युद्ध में सिकंदर महान ने पौरव के पोरस को पराजित किया था?
- A.प्लासी का युद्ध
- B.सकला का युद्ध
- C.कलिंग युद्ध
- D.हाइडेस्पीज का युद्ध
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. हाइडेस्पीज का युद्ध
व्याख्या
सही उत्तर है D, हाइडेस्पीज का युद्ध। सिकंदर ने 326 ईसा पूर्व में हाइडेस्पीज के युद्ध में पोरस को हराया था, जो झेलम नदी के तट पर लड़ा गया; यूनानी इस नदी को हाइडेस्पीज कहते थे। पोरस झेलम और चिनाब के बीच पौरव राज्य का शासक था और उसने बड़ी सेना तथा युद्ध हाथियों के साथ मुकाबला किया, लेकिन सिकंदर ने बरसात में उमड़ी नदी को ऊपर की ओर से पार कर पार्श्व से आक्रमण किया। यूनानी लेखक बताते हैं कि पोरस के साहस से प्रभावित होकर सिकंदर ने उसका राज्य लौटा दिया और उसमें कुछ भूमि जोड़ भी दी। A गलत है क्योंकि प्लासी का युद्ध 1757 में बंगाल में रॉबर्ट क्लाइव और सिराजुद्दौला के बीच हुआ था। B गलत है क्योंकि सकला का युद्ध सिकंदर का बाद का युद्ध कठ जनजाति के विरुद्ध था, पोरस के विरुद्ध नहीं। C गलत है क्योंकि कलिंग युद्ध लगभग 261 ईसा पूर्व में अशोक ने लड़ा था। परीक्षा टिप: हाइडेस्पीज यानी झेलम, वर्ष 326 ईसा पूर्व, सिकंदर बनाम पोरस।
किस घटना के कारण गांधीजी ने असहयोग-खिलाफत आंदोलन समाप्त कर दिया था?
- A.रॉलेट अधिनियम का पारित होना
- B.बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु
- C.जलियाँवाला बाग हत्याकांड
- D.चौरी-चौरा की घटना
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. चौरी-चौरा की घटना
व्याख्या
सही उत्तर है D, चौरी-चौरा की घटना। गांधीजी ने असहयोग और खिलाफत आंदोलन इसलिए वापस लिया क्योंकि 5 फरवरी 1922 को गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा में भीड़ ने एक थाने में आग लगा दी, जिसमें लगभग बाईस पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी का मत था कि जनता अभी अहिंसा में प्रशिक्षित नहीं है, और कांग्रेस कार्य समिति ने 12 फरवरी 1922 को बारदोली में आंदोलन वापस ले लिया। मोतीलाल नेहरू, सी. आर. दास और सुभाष चंद्र बोस सहित कई नेता इस निर्णय से असंतुष्ट थे, और इसी मतभेद से 1923 में स्वराज पार्टी बनी। गांधीजी पर जल्द ही राजद्रोह का मुकदमा चला और अहमदाबाद के ऐतिहासिक मुकदमे में छह वर्ष की सजा हुई। A गलत है क्योंकि 1919 का रॉलेट अधिनियम उससे पहले के रॉलेट सत्याग्रह का कारण बना। B गलत है क्योंकि तिलक की मृत्यु अगस्त 1920 में हुई, आंदोलन के ठीक से शुरू होने से पहले। C गलत है क्योंकि अप्रैल 1919 का जलियाँवाला बाग हत्याकांड असहयोग आंदोलन का एक कारण था, उसका अंत नहीं। परीक्षा टिप: चौरी-चौरा 5 फरवरी 1922, बारदोली में वापसी 12 फरवरी 1922।
निम्नलिखित में से किस अधिनियम ने प्रांतीय स्तर पर ‘द्वैध शासन’ समाप्त किया और लोकप्रिय ढंग से निर्वाचित प्रांतीय विधानमंडलों का रास्ता खोला?
- A.चार्टर अधिनियम, 1793
- B.मोंटेग्यू-चेम्सफोर्ड सुधार (भारत सरकार अधिनियम), 1919
- C.भारत सरकार अधिनियम, 1935
- D.पिट्स इंडिया एक्ट, 1784
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. भारत सरकार अधिनियम, 1935
व्याख्या
सही उत्तर है C, भारत सरकार अधिनियम, 1935। 1935 के अधिनियम ने प्रांतों में द्वैध शासन समाप्त किया, प्रांतीय स्वायत्तता दी और पूरे प्रांतीय प्रशासन को निर्वाचित विधानमंडलों के प्रति उत्तरदायी मंत्रियों के अधीन कर दिया। द्वैध शासन 1919 के भारत सरकार अधिनियम से आया था, जिसने प्रांतीय विषयों को भारतीय मंत्रियों के हस्तांतरित विषयों और राज्यपाल के पास रखे आरक्षित विषयों में बाँट दिया था। 1935 के अधिनियम ने यह बँटवारा हटाया, मताधिकार लगभग छठे हिस्से वयस्कों तक बढ़ाया, द्विसदनीय केंद्रीय विधानमंडल वाले संघ की व्यवस्था की, संघीय न्यायालय बनाया और द्वैध शासन केंद्र में लागू कर दिया। इसके अंतर्गत 1937 के चुनावों में अधिकांश प्रांतों में कांग्रेस के मंत्रिमंडल बने। A गलत है क्योंकि 1793 के चार्टर अधिनियम ने मुख्यतः कंपनी के व्यापारिक अधिकार बढ़ाए। B गलत है क्योंकि 1919 के अधिनियम ने द्वैध शासन शुरू किया, समाप्त नहीं। D गलत है क्योंकि 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट ने लंदन में बोर्ड ऑफ कंट्रोल बनाया। परीक्षा टिप: 1919 – प्रांतों में द्वैध शासन, 1935 – प्रांतों से हटा और केंद्र में लागू।
होम रूल आंदोलन किस वर्ष शुरू हुआ था?
- A.1914
- B.1915
- C.1917
- D.1916
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. 1916
व्याख्या
सही उत्तर है D, 1916। होम रूल आंदोलन 1916 में शुरू हुआ, जब ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर भारत के लिए स्वशासन की माँग करने वाले दो लीग बनाए गए। बाल गंगाधर तिलक ने अप्रैल 1916 में बेलगाम में इंडियन होम रूल लीग शुरू की और एनी बेसेंट ने सितंबर 1916 में मद्रास में अपनी होम रूल लीग बनाई। आंदोलन ने अपना नाम और तरीका आयरलैंड के होम रूल अभियान से लिया और 1907 के सूरत विभाजन के बाद शांत पड़ी कांग्रेस के दौर में स्वराज की माँग को छात्रों, व्यापारियों और पेशेवरों तक पहुँचाया। इसके दबाव ने 1917 की मोंटेग्यू घोषणा और कांग्रेस-मुस्लिम लीग के बीच लखनऊ समझौते में मदद की। A गलत है क्योंकि 1914 में प्रथम विश्व युद्ध शुरू हुआ था। B गलत है क्योंकि 1915 में गांधीजी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे थे। C गलत है क्योंकि 1917 में चंपारण सत्याग्रह हुआ, जो लीगों के बनने के बाद का है। परीक्षा टिप: तिलक – अप्रैल 1916 बेलगाम, एनी बेसेंट – सितंबर 1916 मद्रास।