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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 47

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 47) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: गांधी युग: असहयोग से भारत छोड़ो तक, स्वतंत्रता संग्राम के व्यक्तित्व और उनकी उपाधियां, क्रांतिकारी आंदोलन और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 09 March, 2023, Shift 1आसान

महात्मा गांधी ने गुजरात के खेड़ा जिले में किसानों के समर्थन में सत्याग्रह किस वर्ष आयोजित किया?

  1. A.1916
  2. B.1920
  3. C.1919
  4. D.1918
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1918

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1918। गांधीजी ने 1918 में खेड़ा सत्याग्रह का नेतृत्व किया और गुजरात के इस जिले में फसल खराब होने पर भू-राजस्व में छूट की माँग की। नियमों के अनुसार उपज सामान्य फसल के एक चौथाई से कम होने पर छूट मिलनी चाहिए थी, पर अधिकारियों ने इससे मना कर दिया; तब गांधीजी और सरदार वल्लभभाई पटेल ने किसानों से राजस्व रोकने का आह्वान किया और सरकार ने अंत में गरीब किसानों से वसूली स्थगित कर दी। इसी वर्ष अहमदाबाद मिल हड़ताल हुई, जहाँ गांधीजी ने भारत में पहली बार भूख हड़ताल का प्रयोग किया; इससे पहले 1917 में चंपारण सत्याग्रह हुआ था। A गलत है क्योंकि 1916 लखनऊ समझौते और गांधीजी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय वाले भाषण का वर्ष है। B गलत है क्योंकि असहयोग आंदोलन 1920 में आरंभ हुआ। C गलत है क्योंकि 1919 में रौलट सत्याग्रह और जलियाँवाला बाग हत्याकांड हुए। परीक्षा टिप: शुरुआती आंदोलनों का क्रम याद रखें - चंपारण 1917, फिर अहमदाबाद और खेड़ा 1918।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 25 November 2020, Shift 2मध्यम

सी. राजगोपालाचारी के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य नहीं है?

  1. A.वे भारत के गवर्नर जनरल बनने वाले पहले भारतीय थे
  2. B.वे स्वतंत्र पार्टी के संस्थापक थे
  3. C.वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे
  4. D.वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे

व्याख्या

सही उत्तर है D, वे पद्म श्री पुरस्कार के प्रथम प्राप्तकर्ता थे। सी. राजगोपालाचारी को 1954 में सी. वी. रमन तथा एस. राधाकृष्णन के साथ पहले भारत रत्न प्राप्तकर्ताओं में शामिल किया गया था, पद्म श्री में नहीं, इसलिए यह कथन सत्य नहीं है। राजाजी के नाम से प्रसिद्ध वे लॉर्ड माउंटबेटन के जाने के बाद 1948 में भारत के अंतिम गवर्नर जनरल बने और इस पद पर पहुंचने वाले एकमात्र भारतीय रहे। इससे पहले वे मद्रास प्रेसीडेंसी के प्रधान, पश्चिम बंगाल के राज्यपाल, केंद्रीय गृह मंत्री तथा मद्रास राज्य के मुख्यमंत्री रहे। A सत्य है क्योंकि कोई अन्य भारतीय इस पद पर नहीं रहा। B सत्य है क्योंकि उन्होंने नेहरू की राज्य नियंत्रण तथा भूमि सीमा नीति के विरोध में 1959 में स्वतंत्र पार्टी बनाई। C सत्य है क्योंकि वे गांधीजी के निकट सहयोगी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे। परीक्षा टिप: पहला भारत रत्न 1954 में राजाजी, रमन और राधाकृष्णन को मिला।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 28 July 2019मध्यम

1904 में क्रांतिकारियों की गुप्त संस्था के रूप में अभिनव भारत का संगठन किसने किया?

  1. A.वी. डी. सावरकर
  2. B.प्रफुल्ल चाकी
  3. C.सचींद्र सान्याल
  4. D.रास बिहारी बोस
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. वी. डी. सावरकर

व्याख्या

सही उत्तर A, वी. डी. सावरकर है। सावरकर ने 1899 में नासिक में मित्र मेला नामक युवा संगठन बनाया था और 1904 में उसे अभिनव भारत सोसाइटी में बदल दिया, जो महाराष्ट्र में फैली और बाद में लंदन के इंडिया हाउस के माध्यम से विदेश में भी सक्रिय हुई। विकल्प B गलत है, क्योंकि प्रफुल्ल चाकी बंगाल के क्रांतिकारी थे, जिन्होंने खुदीराम बोस के साथ 1908 में मुजफ्फरपुर में बग्घी पर हमला किया और गिरफ्तारी से बचने के लिए स्वयं को गोली मार ली। विकल्प C गलत है, क्योंकि सचींद्र नाथ सान्याल ने 1924 में कानपुर में हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन बनाई और बंदी जीवन संस्मरण लिखा। विकल्प D गलत है, क्योंकि रास बिहारी बोस ने 1912 की दिल्ली बम कार्रवाई की योजना बनाई और बाद में जापान से कार्य किया, जहां उन्होंने इंडियन इंडिपेंडेंस लीग बनाने में सहायता की। 1904 को सावरकर और अभिनव भारत के साथ जोड़ें।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 21 Feb, 2024, Shift 3मध्यम

प्राचीन भारत में तमिल क्षेत्र में साधारण हलवाहों को ________ कहा जाता था।

  1. A.उझवर
  2. B.अदिमै
  3. C.कडैसियर
  4. D.वेल्लालर
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उझवर

व्याख्या

सही उत्तर है A, उझवर। प्राचीन भारत के तमिल क्षेत्र में साधारण हलवाहों, यानी वे लोग जो वास्तव में खेत जोतते थे, उन्हें उझवर कहा जाता था।

अभिलेख और संगम कविताएँ वहाँ की श्रेणीबद्ध ग्राम व्यवस्था दिखाती हैं। सबसे ऊपर वेल्लालर थे, यानी बड़े भूस्वामी; उनके नीचे उझवर आते थे, यानी हलवाहे या छोटे किसान; और सबसे नीचे भूमिहीन मजदूर थे, जिनमें दास भी शामिल थे। ये शब्द लगभग तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से तीसरी शताब्दी ईस्वी तक के प्रारंभिक तमिल साहित्य, यानी संगम युग से आते हैं, जिसकी कविताएँ चोल, चेर और पांड्य सरदारियों का वर्णन करती हैं और उनके शासकों को मुवेंदर, यानी तीन मुकुटधारी राजा कहती हैं।

B गलत है: अदिमै का अर्थ दास है, यानी वे लोग जो दूसरों की संपत्ति माने जाते थे। C गलत है: कडैसियर वे भूमिहीन मजदूर थे जो दूसरों के खेतों में काम करते थे। D गलत है: वेल्लालर बड़े भूस्वामी थे, गाँव का सबसे संपन्न वर्ग।

परीक्षा टिप: तमिल गाँव का क्रम — वेल्लालर बड़े भूस्वामी, उझवर हलवाहे, तथा कडैसियर और अदिमै भूमिहीन मजदूर और दास।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 17 June 2022, Shift 2मध्यम

भारत शासन अधिनियम, 1919 ब्रिटिश संसद ने किसकी सिफारिश पर पारित किया था?

  1. A.लॉर्ड एल्गिन
  2. B.एडविन मॉन्टेग्यू
  3. C.चार्ल्स प्रथम
  4. D.लॉर्ड लिनलिथगो
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. एडविन मॉन्टेग्यू

व्याख्या

सही उत्तर है B, एडविन मॉन्टेग्यू। भारत सचिव एडविन मॉन्टेग्यू ने अगस्त 1917 की घोषणा की, जिसमें स्वशासी संस्थाओं के क्रमिक विकास का वचन था, और वायसराय लॉर्ड चेम्सफोर्ड के साथ मिलकर 1918 की रिपोर्ट तैयार की, जिस पर 1919 का अधिनियम आधारित था। विकल्प A गलत है क्योंकि लॉर्ड एल्गिन उन्नीसवीं सदी में वायसराय रहे और इन सुधारों से उनका कोई संबंध नहीं था। विकल्प C गलत है क्योंकि चार्ल्स प्रथम सत्रहवीं सदी के इंग्लैंड के राजा थे, जिनका नाम ईस्ट इंडिया कंपनी के आरंभिक चार्टरों से जुड़ा है, बीसवीं सदी के सुधारों से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि लॉर्ड लिनलिथगो बाद में आए: उन्होंने 1935 के अधिनियम वाले विधेयक की संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्षता की और द्वितीय विश्वयुद्ध के समय वायसराय रहे। श्रृंखला याद रखिए: 1917 की मॉन्टेग्यू घोषणा, 1918 की रिपोर्ट, 1919 का अधिनियम और 1921 में उसका लागू होना।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 09 Jul, 2024, Shift 2कठिन

फिरोजशाह मेहता और के टी तेलंग के साथ 1885 में बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन की स्थापना किसने की थी?

  1. A.बदरुद्दीन तैयबजी
  2. B.बेहरामजी एम मलाबारी
  3. C.ए के फज़लुल हक
  4. D.ज़ाकिर हुसैन
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बदरुद्दीन तैयबजी

व्याख्या

सही उत्तर है A, बदरुद्दीन तैयबजी। बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन की स्थापना 1885 में बदरुद्दीन तैयबजी, फिरोजशाह मेहता और काशीनाथ त्रिंबक तेलंग ने की थी, जो बॉम्बे के तीन वकील थे और जिन्हें अक्सर बॉम्बे की त्रिमूर्ति कहा जाता है।

यह संगठन भारतीय राजनीतिक मांगों को ब्रिटिश संसद के सामने रखने के लिए बना, विशेष रूप से इल्बर्ट बिल से उठे रोष के बाद, और इसी वर्ष भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की भी स्थापना हुई। बदरुद्दीन तैयबजी आगे 1887 के मद्रास अधिवेशन में कांग्रेस के तीसरे अध्यक्ष बने और यह पद सँभालने वाले पहले मुसलमान थे।

विकल्प B, बेहरामजी एम मलाबारी, समाज सुधारक और पत्रकार थे जिन्होंने बाल विवाह के विरुद्ध अभियान चलाया। विकल्प C, ए के फज़लुल हक, बंगाल के नेता थे जिन्होंने 1940 में लाहौर प्रस्ताव रखा। विकल्प D, ज़ाकिर हुसैन, भारत के तीसरे राष्ट्रपति थे।

परीक्षा टिप: बॉम्बे त्रिमूर्ति — तैयबजी, मेहता और तेलंग; बॉम्बे प्रेसीडेंसी एसोसिएशन 1885।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Prelims 2018 Official Paperमध्यम

गांधी-इरविन समझौते में मध्यस्थ की भूमिका किसने निभाई थी?

  1. A.मोतीलाल नेहरू
  2. B.तेज बहादुर सप्रू
  3. C.एनी बेसेंट
  4. D.चिंतामणि
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तेज बहादुर सप्रू

व्याख्या

सही उत्तर है B, तेज बहादुर सप्रू। उदारवादी नेता तेज बहादुर सप्रू ने एम. आर. जयकर के साथ मिलकर गांधीजी और वायसराय लॉर्ड इरविन को बातचीत की मेज तक लाया, इसलिए उन्हें इस समझौते का मध्यस्थ माना जाता है। यह समझौता 5 मार्च 1931 को दिल्ली में हुआ था और इसे दिल्ली समझौता भी कहा जाता है। गांधीजी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन स्थगित करने और लंदन में दूसरे गोलमेज सम्मेलन में भाग लेने पर सहमति दी, जबकि सरकार ने हिंसा के दोषी न ठहराए गए राजनीतिक बंदियों को छोड़ने, जब्त संपत्ति लौटाने तथा तटवर्ती लोगों को अपने उपयोग के लिए नमक बनाने की अनुमति देने पर सहमति जताई। A गलत है क्योंकि मोतीलाल नेहरू का निधन समझौते से पहले फरवरी 1931 में हो गया था। C गलत है क्योंकि एनी बेसेंट होमरूल आंदोलन से जुड़ी थीं और इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी। D गलत है क्योंकि सी. वाई. चिंतामणि उदारवादी संपादक और नेता थे, इस समझौते के मध्यस्थ नहीं। परीक्षा टिप: गांधी-इरविन समझौता, 5 मार्च 1931, दिल्ली समझौता, दूसरे गोलमेज सम्मेलन से ठीक पहले।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021कठिन

दक्कन सल्तनतों और उनके संबंधित क्षेत्रों के निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा सही सुमेलित नहीं है?

  1. A.निजाम शाही : बीजापुर
  2. B.बरीद शाही : बीदर
  3. C.कुतुब शाही : गोलकुंडा
  4. D.इमाद शाही : बरार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. निजाम शाही : बीजापुर

व्याख्या

सही उत्तर है A, निजाम शाही : बीजापुर, क्योंकि यही युग्म गलत सुमेलित है। निजाम शाही वंश अहमदनगर से शासन करता था, जिसकी नींव 1490 में मलिक अहमद ने रखी थी, जबकि बीजापुर यूसुफ आदिल शाह के आदिल शाही वंश का था। पाँचों दक्कन सल्तनतें लगभग 1490 से 1518 के बीच बहमनी राज्य के विघटन से निकलीं और उनमें से चार ने मिलकर 1565 में तालीकोटा के युद्ध में विजयनगर को कुचल दिया। बीजापुर गोल गुंबज के लिए, गोलकुंडा अपने किले और हीरों के लिए तथा अहमदनगर मुगलों के विरुद्ध चाँद बीबी की रक्षा के लिए याद किया जाता है। विकल्प B सही युग्म है, क्योंकि बरीद शाही वंश के पास बीदर था, जो बहमनी राज्य की अंतिम राजधानी थी। विकल्प C सही युग्म है, क्योंकि कुली कुतुब शाह के कुतुब शाही वंश ने गोलकुंडा पर शासन किया और बाद में हैदराबाद की नींव रखी। विकल्प D सही युग्म है, क्योंकि इमाद शाही वंश के पास बरार था, जो सबसे पहले अलग हुआ और सबसे पहले अहमदनगर में मिला लिया गया। परीक्षा टिप: अहमदनगर निजाम शाही, बीजापुर आदिल शाही, गोलकुंडा कुतुब शाही, बीदर बरीद शाही, बरार इमाद शाही।

Q9.भारतीय इतिहासमध्यम

खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी ने 1908 में मुजफ्फरपुर में किसे मारने के उद्देश्य से बम फेंका था?

  1. A.लॉर्ड कर्जन
  2. B.मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड
  3. C.कर्जन वायली
  4. D.पुलिस अधिकारी सांडर्स
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड

व्याख्या

सही उत्तर B, मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड है। किंग्सफोर्ड ने कलकत्ता में मजिस्ट्रेट के रूप में युवा स्वदेशी कार्यकर्ताओं को कठोर दंड दिए थे और उनका स्थानांतरण मुजफ्फरपुर कर दिया गया था। खुदीराम बोस और प्रफुल्ल चाकी ने उस बग्घी पर हमला किया, जिसमें वे उनके होने का अनुमान लगा रहे थे, किंतु उसमें दो ब्रिटिश महिलाएं थीं, जो मारी गईं। चाकी ने स्वयं को गोली मार ली और खुदीराम बोस को अगस्त 1908 में फांसी दी गई, जिससे वे आंदोलन के सबसे कम आयु के शहीदों में गिने जाते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि लॉर्ड कर्जन 1905 में भारत छोड़ चुके थे और इस कार्रवाई का लक्ष्य नहीं थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि कर्जन वायली को 1909 में लंदन में मदन लाल ढींगरा ने मारा, जो अलग घटना है। विकल्प D गलत है, क्योंकि लाहौर के पुलिस अधिकारी सांडर्स को 1928 में भगत सिंह और उनके साथियों ने लाला लाजपत राय पर हमले का बदला लेने के लिए मारा।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · UPSC CAPF AC 2023 Official Paper-Iकठिन

प्राचीन भारतीय सिक्कों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?

  1. A.इंडो-ग्रीक शासकों ने सबसे पहले ऐसे सिक्के जारी किए जिन पर शासकों के नाम और चित्र अंकित थे।
  2. B.कुषाणों ने सबसे पहले स्वर्ण सिक्के जारी किए।
  3. C.कुषाण स्वर्ण सिक्कों का भार समकालीन रोमन सम्राटों के सिक्कों से भिन्न था।
  4. D.ये कुषाण स्वर्ण सिक्के उत्तर भारत और मध्य एशिया के कई स्थलों से मिले हैं।
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कुषाण स्वर्ण सिक्कों का भार समकालीन रोमन सम्राटों के सिक्कों से भिन्न था।

व्याख्या

सही उत्तर है C, क्योंकि यही कथन सही नहीं है। कुषाण स्वर्ण सिक्के उस समय के रोमन ऑरियस के समान भार मानक पर ढाले गए थे, भिन्न मानक पर नहीं, क्योंकि यह वंश रोमन जगत से जोरदार व्यापार करता था और उसी मानक को अपनाना सुविधाजनक समझता था। बाकी तीन कथन ठीक हैं। इंडो-ग्रीक शासकों ने भारत के वे पहले सिक्के जारी किए जिन पर शासक का नाम और उसका चित्र दोनों अंकित हैं, जो पहले के आहत (पंच-मार्क्ड) सिक्कों से बड़ा बदलाव था, क्योंकि उन पर केवल प्रतीक बने होते थे। कुषाणों ने विम कडफिसेस और कनिष्क के समय से भारत में पहली बार बड़ी संख्या में स्वर्ण सिक्के जारी किए, जिनके पृष्ठ भाग पर शिव और बुद्ध जैसे देवता दिखते हैं। और उनके स्वर्ण सिक्के वास्तव में उत्तर भारत तथा मध्य एशिया के कई स्थलों से मिले हैं, जो उनके व्यापार के विस्तार का सबसे स्पष्ट प्रमाण है। परीक्षा टिप: आहत सिक्के सबसे प्राचीन, इंडो-ग्रीक सिक्के पहले चित्रयुक्त, कुषाण सिक्के पहले स्वर्ण और सर्वाधिक स्वर्ण सिक्के गुप्तों के।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · 46th BPSC Prelims (Held in 2004) Officiaकठिन

1935 के उस विधेयक की संयुक्त संसदीय समिति के अध्यक्ष कौन थे, जिससे भारत शासन अधिनियम, 1935 बना?

  1. A.लिनलिथगो
  2. B.जेम्स मैकडोनाल्ड
  3. C.विंस्टन चर्चिल
  4. D.क्लीमेंट एटली
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. लिनलिथगो

व्याख्या

सही उत्तर है A, लिनलिथगो। भारतीय संवैधानिक सुधार पर 1933 के श्वेत पत्र की जाँच ब्रिटिश संसद की संयुक्त प्रवर समिति ने की, जिसके अध्यक्ष लॉर्ड लिनलिथगो थे, और उसकी रिपोर्ट पर बना विधेयक भारत शासन अधिनियम, 1935 के रूप में पारित हुआ; लिनलिथगो बाद में 1936 से 1943 तक भारत के वायसराय रहे। विकल्प B गलत है क्योंकि रैम्से मैकडोनाल्ड वह ब्रिटिश प्रधानमंत्री थे जिन्होंने गोलमेज सम्मेलन बुलाए और 1932 का सांप्रदायिक पंचाट घोषित किया। विकल्प C गलत है क्योंकि विंस्टन चर्चिल ब्रिटिश संसद में इन सुधारों के सबसे मुखर विरोधी थे, समिति के अध्यक्ष नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि क्लीमेंट एटली कहानी के अंत से जुड़े हैं: प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने फरवरी 1947 में सत्ता हस्तांतरण की घोषणा की और 1946 में कैबिनेट मिशन भेजा। इन चारों को उनके दशक के अनुसार क्रम में रखिए।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 12 July 2022, Shift 3आसान

निम्नलिखित चाहमान शासकों में से किसने 1191 में सुल्तान मुहम्मद गोरी को पराजित किया था?

  1. A.विग्रहराज III
  2. B.अजयराज II
  3. C.पृथ्वीराज III
  4. D.दुर्लभराज III
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पृथ्वीराज III

व्याख्या

सही उत्तर है C, पृथ्वीराज III। अजमेर और दिल्ली के चाहमान यानी चौहान शासक पृथ्वीराज III ने 1191 में तराइन के प्रथम युद्ध में मुहम्मद गोरी को हराया था; लोक स्मृति में वही पृथ्वीराज चौहान हैं। तराइन, आज का तरावड़ी, हरियाणा में थानेसर के निकट दिल्ली के पुराने मार्ग पर है, और उसी भूमि पर 1192 में तराइन का द्वितीय युद्ध हुआ, जिसमें गोरी ने लौटकर पृथ्वीराज को हराया और उत्तर भारत तुर्की शासन के लिए खुल गया। पृथ्वीराज रासो लिखने वाले चंदबरदाई और पृथ्वीराज विजय लिखने वाले जयानक उनके दरबार से जुड़े थे। A गलत है क्योंकि विग्रहराज III गोरी के भारत आने से बहुत पहले के चाहमान शासक थे। B गलत है क्योंकि अजयराज II बारहवीं शताब्दी में अजमेर की स्थापना के लिए याद किए जाते हैं, इस युद्ध के लिए नहीं। D गलत है क्योंकि दुर्लभराज III भी अजमेर के पुराने शासकों की श्रृंखला के हैं। परीक्षा टिप: तराइन प्रथम 1191 – पृथ्वीराज जीते, तराइन द्वितीय 1192 – गोरी जीता।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 16 August 2019, Shift 1आसान

किस घटना के कारण गांधीजी ने असहयोग-खिलाफत आंदोलन समाप्त कर दिया था?

  1. A.रॉलेट अधिनियम का पारित होना
  2. B.बाल गंगाधर तिलक की मृत्यु
  3. C.जलियाँवाला बाग हत्याकांड
  4. D.चौरी-चौरा की घटना
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चौरी-चौरा की घटना

व्याख्या

सही उत्तर है D, चौरी-चौरा की घटना। गांधीजी ने असहयोग और खिलाफत आंदोलन इसलिए वापस लिया क्योंकि 5 फरवरी 1922 को गोरखपुर जिले के चौरी-चौरा में भीड़ ने एक थाने में आग लगा दी, जिसमें लगभग बाईस पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी का मत था कि जनता अभी अहिंसा में प्रशिक्षित नहीं है, और कांग्रेस कार्य समिति ने 12 फरवरी 1922 को बारदोली में आंदोलन वापस ले लिया। मोतीलाल नेहरू, सी. आर. दास और सुभाष चंद्र बोस सहित कई नेता इस निर्णय से असंतुष्ट थे, और इसी मतभेद से 1923 में स्वराज पार्टी बनी। गांधीजी पर जल्द ही राजद्रोह का मुकदमा चला और अहमदाबाद के ऐतिहासिक मुकदमे में छह वर्ष की सजा हुई। A गलत है क्योंकि 1919 का रॉलेट अधिनियम उससे पहले के रॉलेट सत्याग्रह का कारण बना। B गलत है क्योंकि तिलक की मृत्यु अगस्त 1920 में हुई, आंदोलन के ठीक से शुरू होने से पहले। C गलत है क्योंकि अप्रैल 1919 का जलियाँवाला बाग हत्याकांड असहयोग आंदोलन का एक कारण था, उसका अंत नहीं। परीक्षा टिप: चौरी-चौरा 5 फरवरी 1922, बारदोली में वापसी 12 फरवरी 1922।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC CAPF · 8 Aug 2021कठिन

निम्नलिखित में से किसने हैदराबाद को अपना केंद्र बनाकर निजाम-उल-मुल्क आसफ जाह की उपाधि के साथ स्वयं को स्वतंत्र शासक के रूप में स्थापित किया?

  1. A.आसफ जाह द्वितीय
  2. B.बहादुर शाह
  3. C.अलीवर्दी खान
  4. D.चिन किलिच खान
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. चिन किलिच खान

व्याख्या

सही उत्तर है D, चिन किलिच खान। चिन किलिच खान, जो अपनी उपाधि निजाम-उल-मुल्क आसफ जाह से अधिक याद किए जाते हैं, एक मुगल अमीर थे जिन्हें मुहम्मद शाह ने दक्कन का सूबेदार नियुक्त किया। दिल्ली दरबार की साजिशों से ऊबकर वे दक्षिण लौटे, 1724 में शकर खेड़ा में अपने प्रतिद्वंद्वी मुबारिज खान को हराया और इसके बाद नाम भर के अतिरिक्त हर अर्थ में स्वतंत्र शासक की तरह दक्कन पर राज किया; उन्होंने हैदराबाद के आसफ जाही या निजाम वंश की नींव रखी, जो 1948 तक चला। उन्होंने मुगल निष्ठा का रूप बनाए रखा और बादशाह के नाम से सिक्के ढाले, पर अधिकारी स्वयं नियुक्त किए तथा युद्ध और संधि अपने निर्णय से की। विकल्प A गलत है, क्योंकि आसफ जाह द्वितीय यानी निजाम अली खान इसी वंश के बाद के शासक थे, संस्थापक नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बहादुर शाह 1707 से 1712 तक शासन करने वाला मुगल बादशाह था। विकल्प C गलत है, क्योंकि अलीवर्दी खान ने बंगाल में स्वतंत्रता कायम की थी, हैदराबाद में नहीं। परीक्षा टिप: हैदराबाद 1724 चिन किलिच खान, अवध 1722 सआदत खान, बंगाल मुर्शिद कुली खान।

Q15.भारतीय इतिहासमध्यम

9 अगस्त 1925 की काकोरी कार्रवाई, जिसमें सरकारी धन ले जा रही ट्रेन लूटी गई, किस संगठन ने की?

  1. A.हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन
  2. B.हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन
  3. C.गदर पार्टी
  4. D.अनुशीलन समिति
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन

व्याख्या

सही उत्तर A, हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन है। एचआरए की स्थापना 1924 में कानपुर में सचींद्र नाथ सान्याल, जोगेश चंद्र चटर्जी और राम प्रसाद बिस्मिल ने की थी, और उसे हथियारों के लिए धन चाहिए था, इसलिए उसके सदस्यों ने संयुक्त प्रांत में काकोरी के पास ट्रेन रोककर सरकारी खजाना ले लिया। इसके बाद चले मुकदमे में 1927 में राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह को फांसी दी गई। विकल्प B गलत है, क्योंकि एचएसआरए 1928 में बनी, जब दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में एचआरए का समाजवादी लक्ष्य के साथ पुनर्गठन हुआ। विकल्प C गलत है, क्योंकि गदर पार्टी उत्तरी अमेरिका से कार्य करती थी और उसकी 1915 की योजना युद्धकालीन थी। विकल्प D गलत है, क्योंकि अनुशीलन समिति पहले चरण की बंगाल की संस्था थी। क्रम याद रखें: 1924 एचआरए, 1925 काकोरी, 1928 एचएसआरए।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 15 Oct 2020, Shift 3आसान

महमूद गज़नवी ने भारत पर कितनी बार आक्रमण किया?

  1. A.5
  2. B.15
  3. C.17
  4. D.7
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 17

व्याख्या

सही उत्तर है C, 17। महमूद गज़नवी, जिसने 998 से 1030 तक गज़नवी राज्य पर शासन किया, ने लगभग 1000 से 1027 के बीच भारत पर सत्रह बार आक्रमण किए, ऐसा उल्लेख मिलता है। उसका उद्देश्य लूट था, स्थायी शासन नहीं, इसलिए वह धन-संपत्ति लूटकर ले जाता रहा और पंजाब के पूर्व में कोई व्यवस्थित प्रशासन नहीं छोड़ा। इनमें सबसे चर्चित आक्रमण 1025 में गुजरात के सोमनाथ मंदिर का विध्वंस था; इससे पहले उसने 1001 में हिंदूशाही वंश के जयपाल को हराया और मथुरा, थानेसर तथा कन्नौज के समृद्ध मंदिर-नगरों को लूटा। किताब-उल-हिंद लिखने वाला विद्वान अल-बरूनी और कवि फ़िरदौसी उसके दरबार से जुड़े थे। A गलत है क्योंकि पाँच वास्तविक संख्या से बहुत कम है। B गलत है क्योंकि पंद्रह वह संख्या है जिससे सबसे अधिक भ्रम होता है। D गलत है क्योंकि सात भी मान्य संख्या नहीं है। परीक्षा टिप: महमूद गज़नवी ने 17 आक्रमण किए और 1025 में सोमनाथ पर चढ़ाई की, जबकि मुहम्मद ग़ोरी की 1192 की तराईन विजय से तुर्क शासन शुरू हुआ।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CGL · 18 Aug 2021, Shift 3आसान

ब्रिटिश संसद ने भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम निम्नलिखित में से किस वर्ष पारित किया?

  1. A.1945
  2. B.1942
  3. C.1947
  4. D.1946
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 1947

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1947। भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम 3 जून 1947 की माउंटबेटन योजना के आधार पर जुलाई 1947 में ब्रिटिश संसद में रखा गया, 18 जुलाई 1947 को शाही अनुमति मिली और 15 अगस्त 1947 से प्रभावी हुआ, जिससे भारत और पाकिस्तान डोमिनियन बने। विकल्प A गलत है क्योंकि 1945 वेवेल योजना और शिमला सम्मेलन का वर्ष है, जो मुस्लिम लीग के इस दावे पर विफल हुआ कि सभी मुस्लिम सदस्य वही नामित करेगी। विकल्प B गलत है क्योंकि 1942 में क्रिप्स मिशन और भारत छोड़ो आंदोलन हुए, सत्ता हस्तांतरण नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि 1946 कैबिनेट मिशन, संविधान सभा के चुनाव और अंतरिम सरकार के गठन का वर्ष है। अंतिम क्रम याद रखिए: 1945 वेवेल योजना, 1946 कैबिनेट मिशन, 1947 माउंटबेटन योजना और अधिनियम।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 01 Jul, 2024, Shift 4मध्यम

31 अक्टूबर 1940 को निम्नलिखित में से किसे द्वितीय विश्वयुद्ध में भारत की जबरन भागीदारी के विरोध में व्यक्तिगत सत्याग्रह करने पर गिरफ्तार किया गया था?

  1. A.सुभाष चंद्र बोस
  2. B.सरदार वल्लभभाई पटेल
  3. C.सैफुद्दीन किचलू
  4. D.जवाहरलाल नेहरू
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. जवाहरलाल नेहरू

व्याख्या

सही उत्तर है D, जवाहरलाल नेहरू। जवाहरलाल नेहरू को 31 अक्टूबर 1940 को व्यक्तिगत सत्याग्रह के लिए गिरफ्तार किया गया और चार वर्ष की सज़ा सुनाई गई; उनका विरोध इस बात पर था कि भारत को जनता की सहमति के बिना द्वितीय विश्वयुद्ध में घसीटा जा रहा है।

अगस्त प्रस्ताव से स्वतंत्रता का कोई वादा न मिलने पर गांधीजी ने अक्टूबर 1940 में व्यक्तिगत सत्याग्रह शुरू किया। पहला सत्याग्रही विनोबा भावे, दूसरे नेहरू और तीसरे ब्रह्मदत्त चुने गए। यह आंदोलन जानबूझकर व्यक्तिगत रखा गया, जन-आंदोलन नहीं, जिससे मांग जीवित बनी रहे।

विकल्प A, सुभाष चंद्र बोस, 1939 में कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ चुके थे और 1941 में भारत से निकल गए। विकल्प B, सरदार वल्लभभाई पटेल, ने यह सत्याग्रह नहीं किया। विकल्प C, सैफुद्दीन किचलू, 1919 के जलियाँवाला बाग प्रसंग से जुड़े हैं।

परीक्षा टिप: व्यक्तिगत सत्याग्रह 1940 — विनोबा भावे पहले, नेहरू दूसरे, ब्रह्मदत्त तीसरे।

Q19.भारतीय इतिहासकठिन

मदन लाल ढींगरा को 1909 में लंदन में किसकी हत्या के लिए याद किया जाता है?

  1. A.लॉर्ड हार्डिंग
  2. B.कर्जन वायली
  3. C.मजिस्ट्रेट किंग्सफोर्ड
  4. D.जनरल डायर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कर्जन वायली

व्याख्या

सही उत्तर B, कर्जन वायली है। सर विलियम हट कर्जन वायली भारत सचिव के राजनीतिक सहायक थे, और श्यामजी कृष्ण वर्मा के इंडिया हाउस मंडल से जुड़े मदन लाल ढींगरा ने 1909 में लंदन की एक सभा में उन्हें गोली मारी और उसी वर्ष फांसी पर चढ़ा दिए गए। विकल्प A गलत है, क्योंकि लॉर्ड हार्डिंग वे वायसराय थे, जिन पर 1912 में दिल्ली में बम फेंका गया और जो बच गए। विकल्प C गलत है, क्योंकि किंग्सफोर्ड वह मजिस्ट्रेट था, जिसे 1908 के मुजफ्फरपुर बम का लक्ष्य बनाया गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड के लिए उत्तरदायी जनरल डायर को 1940 में लंदन में ऊधम सिंह ने मारा, जिन्हें इस प्रकार के प्रश्नों में ढींगरा के साथ भ्रमित किया जाता है, क्योंकि दोनों ने लंदन में कार्रवाई की। 1909 ढींगरा और 1940 ऊधम सिंह याद रखें।

Q20.भारतीय इतिहासआसान

1858 के भारत शासन अधिनियम के बाद भारत के पहले वायसराय कौन थे?

  1. A.लॉर्ड डलहौजी
  2. B.लॉर्ड कैनिंग
  3. C.लॉर्ड लिटन
  4. D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लॉर्ड कैनिंग

व्याख्या

सही उत्तर है B, लॉर्ड कैनिंग। 1858 के अधिनियम ने गवर्नर-जनरल को वायसराय की अतिरिक्त उपाधि दी, जिससे वह भारत में ताज का सीधा प्रतिनिधि बना, और 1857 के विद्रोह के समय गवर्नर-जनरल रहे लॉर्ड कैनिंग यह उपाधि पाने वाले पहले व्यक्ति बने। विकल्प A गलत है क्योंकि लॉर्ड डलहौजी 1856 में, विद्रोह से पहले, भारत छोड़ चुके थे और वे हड़प नीति तथा पहली रेल लाइन के लिए याद किए जाते हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि लॉर्ड लिटन बहुत बाद में आए और 1878 के वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट तथा 1877 के दिल्ली दरबार से जुड़े हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि भारत में स्थानीय स्वशासन के जनक कहे जाने वाले लॉर्ड रिपन 1880 के दशक में रहे और उन्होंने वर्नाक्यूलर प्रेस एक्ट निरस्त किया। क्रम यही है: 1858 में कैनिंग, फिर उनके उत्तराधिकारियों के समय परिषदों का क्रमिक विस्तार।

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