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GK24
भारतीय इतिहासआसान

नंद वंश का अंतिम शासक, जिसे चंद्रगुप्त मौर्य ने अपदस्थ किया, कौन था?

  1. A.कालाशोक
  2. B.उदायिन
  3. C.धनानंद
  4. D.बिंदुसार

सही उत्तर

C. धनानंद

व्याख्या

सही उत्तर C, धनानंद है। वह मगध के नंद वंश का अंतिम शासक था और उसके समय सिकंदर ने पंजाब पर आक्रमण किया; यूनानी लेखक व्यास नदी के आगे गंगारिडाई और प्रासिआई की विशाल सेना का वर्णन करते हैं। उसके भारी कर और अलोकप्रियता ने चाणक्य के मार्गदर्शन में चंद्रगुप्त मौर्य को अवसर दिया कि वह उसे हटाकर पाटलिपुत्र में मौर्य साम्राज्य की नींव रखे।

विकल्प A, कालाशोक, पहले के शिशुनाग वंश का था और वैशाली की द्वितीय बौद्ध संगीति के लिए स्मरण किया जाता है। विकल्प B, उदायिन, हर्यक वंश का था और उसने पाटलिपुत्र बसाया। विकल्प D, बिंदुसार, तो वंश बदलने के बाद का शासक है: वह चंद्रगुप्त मौर्य का पुत्र और अशोक का पिता था, इसलिए वह नंद हो ही नहीं सकता। हर्यक, शिशुनाग, नंद, मौर्य का क्रम और हर वंश का अंतिम नाम याद रखें। यह भी ध्यान रखें कि धनानंद को मुख्यतः सिकंदर के साथियों के विवरणों और बाद के संस्कृत नाटकों से जाना जाता है, इसलिए यही नाम कभी अंतिम नंद के रूप में और कभी सिकंदर के समकालीन के रूप में पूछा जाता है।

पूरा लेख पढ़ें: महाजनपद और मगध का उदय: राजधानियाँ और राजवंश

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Q1.भारतीय इतिहासआसान

छठी शताब्दी ईसा पूर्व के सोलह महाजनपदों की सूची निम्नलिखित में से किस ग्रंथ में मिलती है?

  1. A.अर्थशास्त्र
  2. B.अंगुत्तर निकाय
  3. C.महाभाष्य
  4. D.अष्टाध्यायी
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सही उत्तर: B. अंगुत्तर निकाय

व्याख्या

सही उत्तर B, अंगुत्तर निकाय है। यह बौद्ध त्रिपिटक के सुत्त पिटक का ग्रंथ है और इसमें बुद्ध के समय के सोलह बड़े राज्यों के नाम मिलते हैं, पूर्व में मगध और कोसल से लेकर उत्तर-पश्चिम में गांधार और कंबोज तक। यही वह सूची है जो सभी मानक पाठ्यपुस्तकों में दी जाती है, जबकि जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में कुछ नाम बदले हुए मिलते हैं।

विकल्प A, अर्थशास्त्र, कौटिल्य का राजनीति ग्रंथ है, जो शासन की पद्धति बताता है पर सोलह महाजनपदों की सूची नहीं देता। विकल्प C, महाभाष्य, पतंजलि की संस्कृत व्याकरण पर टीका है और लगभग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व का स्रोत है, जो शुंग काल के लिए उपयोगी है। विकल्प D, अष्टाध्यायी, पाणिनि का व्याकरण ग्रंथ है और स्थान नामों का स्रोत है, सूची का नहीं। दोहराते समय सोलह की संख्या को अंगुत्तर निकाय से जोड़कर याद रखें।

Q2.भारतीय इतिहासमध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा महाजनपद विंध्य के दक्षिण में स्थित था?

  1. A.अश्मक
  2. B.चेदि
  3. C.मत्स्य
  4. D.शूरसेन
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सही उत्तर: A. अश्मक

व्याख्या

सही उत्तर A, अश्मक है। सोलह महाजनपदों में केवल अश्मक दक्कन में, गोदावरी नदी के तट पर स्थित था और उसकी राजधानी पोतन या पोतली थी। सूची के शेष सभी राज्य उत्तरी मैदान, मालवा के पठार या उत्तर-पश्चिम में थे, इसलिए यह अकेला अपवाद बार-बार पूछा जाता है।

विकल्प B, चेदि, मध्य भारत के बुंदेलखंड क्षेत्र में विंध्य के उत्तर में था और उसकी राजधानी सुक्तिमती थी। विकल्प C, मत्स्य, राजस्थान के जयपुर क्षेत्र में था और उसकी राजधानी विराटनगर थी; यही वह भूमि है जहाँ पांडवों ने अज्ञातवास बिताया माना जाता है। विकल्प D, शूरसेन, की राजधानी यमुना घाटी में मथुरा थी और उसका शासक अवंतिपुत्र बौद्ध ग्रंथों में बुद्ध का अनुयायी बताया गया है। अश्मक और गोदावरी के जोड़े को पक्का कर लें, क्योंकि भ्रमित करने वाले विकल्प सदा उत्तरी राज्य होते हैं।

Q3.भारतीय इतिहासआसान

उज्जयिनी किस महाजनपद की राजधानी थी?

  1. A.वत्स
  2. B.कोसल
  3. C.अवंति
  4. D.पांचाल
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सही उत्तर: C. अवंति

व्याख्या

सही उत्तर C, अवंति है। अवंति मालवा क्षेत्र में था और उसकी दो राजधानियाँ थीं, उत्तरी भाग में उज्जयिनी और दक्षिणी भाग में नर्मदा तट पर महिष्मती। प्रद्योत के नेतृत्व में यह उन चार शक्तियों में था जो प्रभुत्व के लिए लड़ीं, और अंत में मगध के शिशुनाग ने इसे मिला लिया। बाद में उज्जयिनी मौर्य प्रांतीय शासक का केंद्र और विद्या का प्रसिद्ध स्थल बनी।

विकल्प A, वत्स, की राजधानी प्रयागराज के पास कौशांबी थी और वहाँ उदयन का शासन था, जो बाद के संस्कृत नाटकों का नायक है। विकल्प B, कोसल, की राजधानी श्रावस्ती थी और अयोध्या तथा साकेत उसके अन्य नगर थे; उसका राजा प्रसेनजित बुद्ध का समकालीन था। विकल्प D, पांचाल, दो भागों में बँटा था, उत्तरी की राजधानी अहिच्छत्र और दक्षिणी की कांपिल्य। प्रश्नपत्र प्रायः उज्जयिनी और कौशांबी को आपस में बदल देते हैं, इसलिए उज्जयिनी को अवंति और कौशांबी को वत्स से जोड़े रखें।

Q4.भारतीय इतिहासआसान

बुद्ध के समकालीन बिंबिसार किस वंश के शासक थे?

  1. A.शिशुनाग वंश
  2. B.नंद वंश
  3. C.मौर्य वंश
  4. D.हर्यक वंश
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. हर्यक वंश

व्याख्या

सही उत्तर D, हर्यक वंश है। बिंबिसार मगध के हर्यक वंश के पहले बड़े शासक थे, जिनका काल परंपरा से लगभग 544 ईसा पूर्व से माना जाता है और जिनकी राजधानी गिरिव्रज अर्थात राजगृह थी। उन्होंने अंग और उसके नदी बंदरगाह चंपा को जीता तथा कोसल, वैशाली के लिच्छवियों और पंजाब के मद्र से वैवाहिक संबंध बनाकर मगध को मजबूत किया। वे बुद्ध और महावीर दोनों के समकालीन और संरक्षक थे।

विकल्प A, शिशुनाग वंश, बाद में आया और अवंति को मिलाने के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प B, नंद वंश, मौर्यों से ठीक पहले का वंश था, जिसकी स्थापना महापद्म नंद ने की। विकल्प C, मौर्य वंश, की स्थापना लगभग 321 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य ने अंतिम नंद को हटाकर की, इसलिए वह बिंबिसार से दो वंश बाद आता है। मगध के लिए क्रम याद रखें: हर्यक, शिशुनाग, नंद, मौर्य।

Q5.भारतीय इतिहासमध्यम

प्रथम बौद्ध संगीति राजगृह में किस शासक के संरक्षण में हुई थी?

  1. A.अजातशत्रु
  2. B.कालाशोक
  3. C.अशोक
  4. D.कनिष्क
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सही उत्तर: A. अजातशत्रु

व्याख्या

सही उत्तर A, अजातशत्रु है। बुद्ध के महापरिनिर्वाण के तुरंत बाद राजगृह में प्रथम बौद्ध संगीति हुई, जिसके संरक्षक हर्यक वंश के अजातशत्रु थे और अध्यक्ष महाकस्सप थे; इसमें उपालि ने विनय पिटक और आनंद ने सुत्त पिटक का संकलन प्रस्तुत किया।

विकल्प B, शिशुनाग वंश के कालाशोक, ने वैशाली में द्वितीय संगीति कराई, जिसके बाद संघ स्थविरवादी और महासांघिक में बँट गया। विकल्प C, मौर्य सम्राट अशोक, ने पाटलिपुत्र में मोग्गलिपुत्त तिस्स की अध्यक्षता में तृतीय संगीति कराई, जिसके बाद धर्मप्रचारक बाहर भेजे गए। विकल्प D, कुषाण शासक कनिष्क, ने कश्मीर में वसुमित्र और अश्वघोष के साथ चतुर्थ संगीति कराई, जहाँ महायान शाखा ने रूप लिया। चारों संगीतियों को स्थान, राजा और अध्यक्ष की कड़ी के रूप में याद करें, क्योंकि प्रश्न तीनों में से कोई भी देकर दूसरा पूछ सकता है।