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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 17

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 17) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 11 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: बौद्ध और जैन धर्म, आंग्ल-मैसूर, आंग्ल-मराठा और आंग्ल-सिख युद्ध, महाजनपद और मगध का उदय और अन्य। इनमें से 9 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · CTET Feb 2014 Paper 2 Social Studies (L मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी विशेषता बौद्ध धर्म और जैन धर्म, दोनों में समान है?

  1. A.सच्चा ज्ञान केवल वे ही प्राप्त कर सकते थे जिन्होंने घर छोड़ दिया
  2. B.इन दोनों धर्मों को मुख्य रूप से व्यापारियों का समर्थन मिला
  3. C.मोक्ष पाने के लिए मनुष्य को वस्त्रों सहित सब कुछ त्यागना पड़ता था
  4. D.अधिक पाने की लगातार इच्छा मध्यम मार्ग अपनाकर दूर की जा सकती थी
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सच्चा ज्ञान केवल वे ही प्राप्त कर सकते थे जिन्होंने घर छोड़ दिया

व्याख्या

सही उत्तर है A, सच्चा ज्ञान केवल वे ही प्राप्त कर सकते थे जिन्होंने घर छोड़ दिया। महावीर और बुद्ध, दोनों का मानना था कि सच्चा ज्ञान पाने के लिए व्यक्ति को घर-परिवार छोड़कर भिक्षु या भिक्षुणी का जीवन अपनाना पड़ता है। इसी कारण दोनों धर्मों में संघ बने, यानी भिक्षुओं और भिक्षुणियों के संगठित समूह, जो भिक्षा माँगकर भोजन जुटाते, लगभग कुछ भी अपने पास नहीं रखते और अध्ययन तथा ध्यान में समय बिताते थे। महावीर ने तीस वर्ष की आयु में घर छोड़ा और बुद्ध ने राजकुमार रहते हुए कपिलवस्तु छोड़ा, तथा दोनों ने आम लोगों की भाषा प्राकृत में उपदेश दिए। B गलत है क्योंकि मुख्य रूप से व्यापारियों का समर्थन जैन धर्म को मिला, जबकि बौद्ध धर्म राजाओं, किसानों और शिल्पकारों में भी फैला। C गलत है क्योंकि वस्त्र त्यागने का नियम जैन मुनियों का था, बौद्ध भिक्षुओं का नहीं। D गलत है क्योंकि मध्यम मार्ग बुद्ध की शिक्षा थी, जैन धर्म कठोर तपस्या पर बल देता था। परीक्षा टिप: संघ और गृहत्याग दोनों में समान; मध्यम मार्ग केवल बौद्ध।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Aug, 2023, Shift 1मध्यम

निम्नलिखित में से किस आंग्ल-मराठा युद्ध के परिणामस्वरूप पेशवा के क्षेत्र बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए थे?

  1. A.चौथा
  2. B.तीसरा
  3. C.दूसरा
  4. D.पहला
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. तीसरा

व्याख्या

सही उत्तर है B, तीसरा। तीसरा आंग्ल-मराठा युद्ध 1817-18 में लॉर्ड हेस्टिंग्स के समय लड़ा गया और इसी से मराठा शक्ति समाप्त हुई। पेशवा बाजीराव द्वितीय खड़की, कोरेगाँव और अष्टी में पराजित हुआ, पेशवा का पद ही समाप्त कर दिया गया और पूना के आसपास के उसके क्षेत्र लेकर बंबई प्रेसीडेंसी में मिला दिए गए। बाजीराव द्वितीय को पेंशन देकर कानपुर के पास बिठूर भेज दिया गया और शिवाजी के वंशज के लिए सतारा में एक छोटा राज्य बना दिया गया। इसके बाद ईस्ट इंडिया कंपनी भारत की सर्वोपरि शक्ति बन गई। विकल्प A गलत है, क्योंकि चौथा आंग्ल-मराठा युद्ध हुआ ही नहीं; मराठों ने तीन युद्ध लड़े। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1803-05 का दूसरा युद्ध बसीन की संधि के बाद हुआ और उसमें मराठों ने ओडिशा, दिल्ली तथा आगरा खोए, पर पेशवा अपने पद पर बना रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि 1775-82 का पहला युद्ध सालबाई की संधि से समाप्त हुआ, जिसने युद्ध से पहले की स्थिति बहाल कर दी। परीक्षा टिप: सालबाई 1782, बसीन 1802, पेशवा पद समाप्त 1818।

Q3.भारतीय इतिहासमध्यम

प्रथम बौद्ध संगीति राजगृह में किस शासक के संरक्षण में हुई थी?

  1. A.अजातशत्रु
  2. B.कालाशोक
  3. C.अशोक
  4. D.कनिष्क
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अजातशत्रु

व्याख्या

सही उत्तर A, अजातशत्रु है। बुद्ध के महापरिनिर्वाण के तुरंत बाद राजगृह में प्रथम बौद्ध संगीति हुई, जिसके संरक्षक हर्यक वंश के अजातशत्रु थे और अध्यक्ष महाकस्सप थे; इसमें उपालि ने विनय पिटक और आनंद ने सुत्त पिटक का संकलन प्रस्तुत किया।

विकल्प B, शिशुनाग वंश के कालाशोक, ने वैशाली में द्वितीय संगीति कराई, जिसके बाद संघ स्थविरवादी और महासांघिक में बँट गया। विकल्प C, मौर्य सम्राट अशोक, ने पाटलिपुत्र में मोग्गलिपुत्त तिस्स की अध्यक्षता में तृतीय संगीति कराई, जिसके बाद धर्मप्रचारक बाहर भेजे गए। विकल्प D, कुषाण शासक कनिष्क, ने कश्मीर में वसुमित्र और अश्वघोष के साथ चतुर्थ संगीति कराई, जहाँ महायान शाखा ने रूप लिया। चारों संगीतियों को स्थान, राजा और अध्यक्ष की कड़ी के रूप में याद करें, क्योंकि प्रश्न तीनों में से कोई भी देकर दूसरा पूछ सकता है।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 16 Oct 2018, Shift 3आसान

भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन के दौरान लोकमान्य तिलक ने निम्नलिखित में से कौन-सा समाचार पत्र निकाला था?

  1. A.युगांतर
  2. B.बंगाली
  3. C.केसरी
  4. D.अमृत बाजार पत्रिका
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. केसरी

व्याख्या

सही उत्तर है C, केसरी। बाल गंगाधर तिलक ने 1881 में केसरी आरंभ किया और इसके माध्यम से मराठी पाठकों तक स्वराज का संदेश पहुँचाया।

तिलक ने उसी वर्ष पुणे से दो पत्र निकाले, मराठी में केसरी और अंग्रेजी में मराठा। बंगाल विभाजन तथा मुजफ्फरपुर बम कांड पर केसरी में लिखे उनके लेखों के कारण उन पर राजद्रोह का आरोप लगा और 1908 में उन्हें छह वर्ष के लिए बर्मा के मांडले भेजा गया। तिलक ने ही घोषित किया था कि स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लूँगा, तथा जनसाधारण तक पहुँचने के लिए उन्होंने सार्वजनिक गणपति और शिवाजी उत्सव आरंभ किए।

विकल्प A गलत है क्योंकि युगांतर बंगाली में बारींद्र कुमार घोष और भूपेंद्रनाथ दत्त ने निकाला था। विकल्प B गलत है क्योंकि बंगाली का संपादन सुरेंद्रनाथ बनर्जी करते थे। विकल्प D गलत है क्योंकि अमृत बाजार पत्रिका की स्थापना शिशिर कुमार घोष और मोतीलाल घोष ने की थी।

परीक्षा टिप: तिलक के पत्र केसरी (मराठी) और मराठा (अंग्रेजी); गांधीजी के यंग इंडिया और नवजीवन।

Q5.भारतीय इतिहासकठिन

मौर्य प्रशासन में राजस्व का प्रमुख संग्राहक कौन अधिकारी था?

  1. A.सन्निधाता
  2. B.समाहर्ता
  3. C.राजुक
  4. D.प्रादेशिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. समाहर्ता

व्याख्या

सही उत्तर B, समाहर्ता है। अर्थशास्त्र में समाहर्ता वह अधिकारी है जो भूमि, खानों, वनों, व्यापार मार्गों और नगर शुल्कों से मिलने वाले राज्य के राजस्व का निर्धारण और संग्रह करता था तथा आय और व्यय का लेखा रखता था, जिस पर पूरा राज्य चलता था।

विकल्प A सन्निधाता कोषाध्यक्ष था, अर्थात वह अधिकारी जो भंडारों और कोष की देखभाल करता था जिसमें यही राजस्व जमा होता था; यही जोड़ा इस प्रश्न का सबसे आम भ्रम है। विकल्प C राजुक ग्रामीण क्षेत्र का अधिकारी था, जिसे अशोक के चौथे स्तंभ लेख में पुरस्कार और दंड के अधिकार दिए गए हैं और प्रजा के कल्याण का दायित्व सौंपा गया है। विकल्प D प्रादेशिक जिला स्तर का अधिकारी था, जो अभिलेखों में राजुकों और युक्तों के साथ हर पाँचवें वर्ष दौरे से जोड़ा गया है।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 12 Oct 2020, Shift 3आसान

मेवाड़ के किस राजपूत शासक ने 1576 में हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा था?

  1. A.महाराणा प्रताप
  2. B.राणा अमर सिंह
  3. C.महाराजा उदय सिंह
  4. D.राजा मान सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. महाराणा प्रताप

व्याख्या

सही उत्तर है A, महाराणा प्रताप। हल्दीघाटी का युद्ध 18 जून 1576 को राजस्थान में गोगुंदा के पास मेवाड़ के महाराणा प्रताप और अकबर द्वारा भेजी गई मुगल सेना के बीच लड़ा गया। प्रताप अपने घोड़े चेतक पर सवार थे और उनके साथ राजपूत सैनिकों के अलावा पहाड़ों के भील धनुर्धर भी लड़े; मुगल सेना का नेतृत्व आमेर के राजा मान सिंह और आसफ खान ने किया। युद्धभूमि मुगलों के हाथ रही, पर प्रताप बच निकले और लंबे समय तक छापामार युद्ध चलाकर 1582 में दिवेर में मेवाड़ का बड़ा भाग वापस जीत लिया। विकल्प B गलत है, क्योंकि अमर सिंह प्रताप के पुत्र थे और उनके बाद राणा बने। विकल्प C गलत है, क्योंकि प्रताप के पिता उदय सिंह द्वितीय ने उदयपुर बसाया और 1572 में उनका देहांत हो गया था। विकल्प D गलत है, क्योंकि मान सिंह मुगल पक्ष के सेनापति थे। परीक्षा टिप: हल्दीघाटी 1576 - महाराणा प्रताप बनाम मान सिंह; प्रताप का घोड़ा चेतक।

Q7.भारतीय इतिहासआसान

वैशाली को केंद्र बनाकर बना गणसंघ कौन सा महाजनपद था?

  1. A.अंग
  2. B.वज्जि
  3. C.काशी
  4. D.कुरु
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वज्जि

व्याख्या

सही उत्तर B, वज्जि है। वज्जि संघ का केंद्र उत्तर बिहार में वैशाली था और यह सबसे प्रसिद्ध गणसंघ था, जिसमें शासन किसी एक राजा के हाथ में नहीं, बल्कि प्रमुख कुलों के मुखियाओं की सभा के हाथ में था। लिच्छवि, विदेह और ज्ञातृक इसके प्रमुख कुल थे, और महावीर का जन्म इसी संघ के ज्ञातृक कुल में हुआ था।

विकल्प A, अंग, राजतंत्र था और उसकी राजधानी चंपा थी; उसे मगध के बिंबिसार ने जीत लिया। विकल्प C, काशी, वाराणसी केंद्रित राजतंत्र था, जिसे मगध से पहले कोसल ने अपने में मिला लिया। विकल्प D, कुरु, दिल्ली और हरियाणा क्षेत्र का पुराना राजतंत्र था, जिसकी राजधानी इंद्रप्रस्थ थी और जो महाभारत से प्रसिद्ध है। कुशीनगर के मल्ल, कपिलवस्तु के शाक्य और कोलिय भी गणसंघ थे, पर वैशाली सदा वज्जि से ही जोड़ा जाता है।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 02 Jul, 2024, Shift 4कठिन

बिजोलिया शिलालेख में निम्नलिखित में से किस वंश की वंशावली मिली है?

  1. A.चाहमान
  2. B.चंदेल
  3. C.परमार
  4. D.गहड़वाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. चाहमान

व्याख्या

सही उत्तर है A, चाहमान। बिजोलिया शिलालेख राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के बिजोलिया में है और 1170 ईस्वी का माना जाता है, यानी सोमेश्वर के शासनकाल का। इसमें शाकंभरी के चौहानों यानी चाहमान वंश की वंशावली दी गई है। संस्कृत में लिखा यह लेख जैन व्यापारी लोलाक ने पार्श्वनाथ मंदिर के पास उत्कीर्ण कराया था और इसमें सामंतराज से लेकर पृथ्वीराज चौहान के पिता सोमेश्वर तक के शासकों के नाम हैं। इतिहासकार इसे इसलिए महत्वपूर्ण मानते हैं कि इसमें चाहमानों को वत्स गोत्र का ब्राह्मण कहा गया है और अजमेर के लिए अजयमेरु जैसे पुराने स्थान-नाम मिलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि खजुराहो बनवाने वाले बुंदेलखंड के चंदेलों की जानकारी खजुराहो तथा मऊ अभिलेखों से मिलती है। विकल्प C गलत है, क्योंकि मालवा के परमारों का वर्णन उदयपुर प्रशस्ति में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कन्नौज के गहड़वालों की जानकारी चंद्रावती आदि ताम्रपत्रों से मिलती है। परीक्षा टिप: बिजोलिया - चाहमान; खजुराहो - चंदेल; उदयपुर प्रशस्ति - परमार।

Q9.भारतीय इतिहासकठिन

अशोक का व्यक्तिगत नाम निम्नलिखित में से किस अभिलेख में मिलता है?

  1. A.मस्की का लघु शिलालेख
  2. B.गिरनार का वृहद शिलालेख
  3. C.सारनाथ का स्तंभ लेख
  4. D.बराबर गुफा का अभिलेख
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मस्की का लघु शिलालेख

व्याख्या

सही उत्तर A, मस्की का लघु शिलालेख है। अशोक के लगभग सभी अभिलेखों में केवल देवानांपिय पियदसि उपाधि मिलती है। कर्नाटक के मस्की का लघु शिलालेख वह प्रसिद्ध अपवाद है जिसमें व्यक्तिगत नाम अशोक लिखा है और जिससे यह निश्चित हुआ कि अभिलेखों का पियदसि ही बौद्ध परंपरा का अशोक है। गुज्जरा, नेट्टूर और उडेगोलम के अभिलेखों में भी यह नाम मिलता है।

विकल्प B गिरनार की शिला पर चौदह वृहद शिलालेखों का पूरा समूह है, पर वहाँ केवल उपाधियाँ आई हैं। विकल्प C सारनाथ का स्तंभ लेख संघभेद निषेध का अभिलेख है, जिसमें भिक्षु और भिक्षुणियों को संघ में फूट डालने से रोका गया है, और वहाँ भी उपाधि ही है। विकल्प D बराबर गुफाओं के अभिलेख आजीवकों को गुफाएँ दान देने का उल्लेख करते हैं और उनमें भी नाम के स्थान पर देवानांपिय ही लिखा है।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · 21st Dec 2021आसान

पद, वेतन और सैनिक ज़िम्मेदारियाँ तय करने के लिए मुग़लों द्वारा प्रयुक्त श्रेणी-व्यवस्था किस नाम से जानी जाती थी?

  1. A.मनसबदारी व्यवस्था
  2. B.इक्तादारी व्यवस्था
  3. C.ज़ब्त व्यवस्था
  4. D.जागीरदारी व्यवस्था
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. मनसबदारी व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है A, मनसबदारी व्यवस्था। 'मनसब' का अर्थ पद या श्रेणी है, और अकबर ने इसके द्वारा साम्राज्य के प्रत्येक अधिकारी को एक श्रेणीबद्ध सीढ़ी पर रखा। मनसबदार के पद में दो संख्याएँ होती थीं: 'ज़ात', जो उसका व्यक्तिगत स्थान और वेतन तय करती थी, और 'सवार', जो यह तय करती थी कि उसे सेवा के लिए कितने घुड़सवार तैयार रखने हैं। अधिकांश मनसबदारों को नकद वेतन नहीं, बल्कि सौंपी गई भूमि के राजस्व से भुगतान मिलता था, और उनका स्थानांतरण होता रहता था जिससे कोई परिवार किसी क्षेत्र में जड़ें न जमा सके। B गलत है क्योंकि 'इक्ता' दिल्ली सल्तनत की राजस्व-व्यवस्था थी, जिसे मुक्ती रखते थे, और वह अधिकारियों की इस प्रकार श्रेणी नहीं बनाती थी। C गलत है क्योंकि ज़ब्त या टोडरमल के समय बनी दहसाला व्यवस्था नपी हुई भूमि और औसत उपज से लगान आँकने की पद्धति थी, अमीरों की श्रेणी तय करने की नहीं। D गलत है क्योंकि जागीर केवल वह भूमि थी जिसके राजस्व से मनसबदार का वेतन चुकता था। परीक्षा टिप: मनसब = ज़ात + सवार; ज़ब्त या दहसाला = लगान निर्धारण।

Q11.भारतीय इतिहासमध्यम

मगध के नंद वंश का संस्थापक कौन था?

  1. A.धनानंद
  2. B.उदायिन
  3. C.महापद्म नंद
  4. D.शिशुनाग
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. महापद्म नंद

व्याख्या

सही उत्तर C, महापद्म नंद है। उन्होंने नंद वंश की स्थापना की और पुराणों में उन्हें साधारण कुल का ऐसा शासक बताया गया है जिसने सभी क्षत्रिय कुलों का अंत किया, इसलिए उन्हें सर्वक्षत्रांतक और एकराट कहा गया। उन्होंने विशाल सेना खड़ी की, भारी कर लगाया और मगध की शक्ति कलिंग तक पहुँचाई, जिसका संकेत बाद के खारवेल के हाथीगुंफा अभिलेख में एक नंद राजा की खुदवाई नहर से मिलता है।

विकल्प A, धनानंद, इसी वंश का अंतिम शासक था, संस्थापक नहीं; उसके समय सिकंदर व्यास तक पहुँचा और चंद्रगुप्त मौर्य ने उसे अपदस्थ किया। विकल्प B, उदायिन, पहले के हर्यक वंश का था और पाटलिपुत्र बसाने के लिए प्रसिद्ध है। विकल्प D, शिशुनाग, ने हर्यकों और नंदों के बीच वाले वंश की स्थापना की तथा अवंति को मिलाया। नंद वंश के पहले और अंतिम शासक को अलग-अलग याद रखें, क्योंकि दोनों नाम एक ही विकल्प सूची में आते हैं।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 17 March 2020, Shift 2आसान

भारत ने पंचशील समझौते पर किस देश के साथ हस्ताक्षर किए थे?

  1. A.पाकिस्तान
  2. B.बांग्लादेश
  3. C.चीन
  4. D.नेपाल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. चीन

व्याख्या

सही उत्तर है C, चीन। पंचशील समझौते पर 29 अप्रैल 1954 को भारत और चीन ने हस्ताक्षर किए थे, जो भारत तथा चीन के तिब्बत क्षेत्र के बीच व्यापार संबंधी संधि का भाग था। जवाहरलाल नेहरू और चाउ एन-लाई ने इसे पंचशील नाम दिया। इसके पांच सिद्धांत हैं - एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान, अनाक्रमण, एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, समानता और पारस्परिक लाभ, तथा शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व। 'हिंदी-चीनी भाई-भाई' का नारा इन्हीं वर्षों का है और आगे चलकर इन्हीं सिद्धांतों ने गुटनिरपेक्ष आंदोलन को दिशा दी। 1962 के युद्ध ने दिखा दिया कि यह समझौता कितना कमजोर सिद्ध हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि पाकिस्तान के साथ मुख्य समझौते 1960 की सिंधु जल संधि और 1972 का शिमला समझौता हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि बांग्लादेश 1971 में बना। विकल्प D गलत है, क्योंकि भारत-नेपाल शांति एवं मैत्री संधि 1950 में हुई थी। परीक्षा टिप: पंचशील - भारत और चीन, 29 अप्रैल 1954, पांच सिद्धांत।

Q13.भारतीय इतिहासमध्यम

मौर्य वंश का अंतिम शासक कौन था?

  1. A.दशरथ
  2. B.सम्प्रति
  3. C.बृहद्रथ
  4. D.शालिशुक
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बृहद्रथ

व्याख्या

सही उत्तर C, बृहद्रथ है। वह मौर्यों में अंतिम था और लगभग 185 ईसा पूर्व में उसके अपने सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने उसकी हत्या कर दी, जिसने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाकर शुंग वंश की स्थापना की। सभी मानक कालक्रमों में यही घटना मौर्य युग का अंत मानी जाती है।

विकल्प A दशरथ अशोक का पौत्र था, जिसने अशोक के कुछ ही समय बाद शासन किया और अपने पितामह की भाँति नागार्जुनी पहाड़ियों की गुफाएँ आजीवकों को दान दीं। विकल्प B सम्प्रति को जैन परंपरा में उस मत का संरक्षक कहा गया है और उसे बाद के मौर्यों में गिना जाता है। विकल्प D शालिशुक भी पुराणों की सूची में आने वाला एक दुर्बल उत्तराधिकारी था। तीनों पतन काल के शासक हैं, पर अंत के समय सिंहासन पर बृहद्रथ था।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 11 Feb 2019, Shift 1आसान

तीसरे वर्ग द्वारा बैस्तील जेल पर किए गए हमले से _______ की चिंगारी भड़की।

  1. A.रूसी क्रांति
  2. B.फ्रांसीसी क्रांति
  3. C.सोवियत संघ का विघटन
  4. D.ज़ार का पतन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. फ्रांसीसी क्रांति

व्याख्या

सही उत्तर है B, फ्रांसीसी क्रांति। 14 जुलाई 1789 को पेरिस में बैस्तील जेल पर हुए हमले से फ्रांसीसी क्रांति की शुरुआत मानी जाती है। उस समय फ्रांसीसी समाज तीन वर्गों में बँटा था, पहला पादरी वर्ग, दूसरा कुलीन वर्ग और तीसरा वह वर्ग जिसमें किसानों से लेकर व्यापारी तक सब आते थे; कर वही चुकाता था, पर उसे कोई विशेषाधिकार नहीं था। बैस्तील राजा का किलेनुमा कारागार और लुई सोलहवें की निरंकुश सत्ता का प्रतीक था, इसलिए भीड़ ने हथियार और बारूद के लिए उस पर हमला किया। इस क्रांति ने दुनिया को स्वतंत्रता, समता और बंधुता का नारा तथा मानव अधिकारों की घोषणा दी, और 14 जुलाई आज भी फ्रांस का राष्ट्रीय दिवस है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1917 की रूसी क्रांति पेत्रोग्राद की हड़तालों से शुरू हुई। विकल्प C गलत है, क्योंकि सोवियत संघ का विघटन 1991 में हुआ। विकल्प D गलत है, क्योंकि ज़ार निकोलस द्वितीय ने 1917 की फरवरी क्रांति में गद्दी छोड़ी। परीक्षा टिप: 14 जुलाई 1789 बैस्तील, 1917 रूसी क्रांति, 1991 सोवियत संघ का अंत।

Q15.भारतीय इतिहासकठिन

रथमूसल और महाशिलाकंटक नामक युद्ध यंत्र किस शासक के अभियानों से जुड़े हैं?

  1. A.बिंबिसार
  2. B.अजातशत्रु
  3. C.प्रसेनजित
  4. D.प्रद्योत
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. अजातशत्रु

व्याख्या

सही उत्तर B, अजातशत्रु है। बौद्ध और जैन परंपराएँ वज्जि संघ के विरुद्ध लंबे युद्ध में उनके दो यंत्रों का उल्लेख करती हैं: रथमूसल, अर्थात ऐसा रथ जिसमें घूमती गदा लगी थी और जो चलाए जाने पर सैनिकों को काटता चलता था, तथा महाशिलाकंटक, अर्थात भारी पत्थर फेंकने वाला यंत्र। उन्होंने आक्रमण से पहले मंत्री वस्सकार को वैशाली भेजकर लिच्छवियों में फूट भी डलवाई।

विकल्प A, उनके पिता बिंबिसार, ने मगध का विस्तार मुख्यतः अंग विजय और वैवाहिक संबंधों से किया, इन यंत्रों से नहीं। विकल्प C, प्रसेनजित, कोसल के राजा और समकालीन प्रतिद्वंद्वी थे, जिनकी बहन बिंबिसार से ब्याही थीं; उन्होंने अजातशत्रु से युद्ध किया पर इन यंत्रों से उनका संबंध नहीं है। विकल्प D, प्रद्योत, उज्जयिनी से अवंति पर शासन करते थे और अपने उग्र स्वभाव के लिए जाने जाते थे। दोनों असामान्य नामों को अजातशत्रु और वज्जि युद्ध से जोड़ लें।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: CTET · Paper II SST, 21 Jan 2024मध्यम

हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन (HSRA) के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है? सही विकल्प चुनिए:

  1. A.HSRA के सदस्यों ने पुलिस अधिकारी सॉन्डर्स की हत्या की थी।
  2. B.भगत सिंह और उनके साथियों ने इस संगठन की स्थापना की थी।
  3. C.इसकी स्थापना 1928 में दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में हुई थी।
  4. D.इसकी स्थापना 1928 में पंजाब के अमृतसर में हुई थी।
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. इसकी स्थापना 1928 में पंजाब के अमृतसर में हुई थी।

व्याख्या

सही उत्तर है D, इसकी स्थापना 1928 में पंजाब के अमृतसर में हुई थी। यही कथन गलत है, क्योंकि HSRA की स्थापना अमृतसर में नहीं, दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में हुई थी। 1928 में भगत सिंह, सुखदेव और दूसरे युवा क्रांतिकारी दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में मिले और हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन को हिंदुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन में बदल दिया। नाम में 'सोशलिस्ट' शब्द बताता था कि वे आज़ादी के साथ शोषण-मुक्त समाज भी चाहते थे। दिसंबर 1928 में इसके सदस्यों ने लाला लाजपत राय की मौत का बदला लेने के लिए लाहौर में पुलिस अधिकारी सॉन्डर्स को गोली मारी। A सही कथन है, क्योंकि सॉन्डर्स को भगत सिंह और राजगुरु ने मारा था। B भी सही है, क्योंकि संगठन भगत सिंह और उनके साथियों ने बनाया था। C भी सही है, क्योंकि स्थापना दिल्ली के फिरोजशाह कोटला में ही हुई थी। परीक्षा टिप: HRA – 1924, कानपुर; HSRA – 1928, फिरोजशाह कोटला, दिल्ली।

Q17.भारतीय इतिहासकठिन

चंद्रगुप्त मौर्य के शासनकाल में बनी सुदर्शन झील का उल्लेख किस अभिलेख से मिलता है?

  1. A.रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख
  2. B.खारवेल का हाथीगुम्फा अभिलेख
  3. C.समुद्रगुप्त का प्रयाग प्रशस्ति
  4. D.अशोक का कंधार अभिलेख
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख

व्याख्या

सही उत्तर A, रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख है। शक शासक रुद्रदामन का यह अभिलेख परिष्कृत संस्कृत का सबसे पुराना लंबा अभिलेख माना जाता है। इसमें कहा गया है कि सौराष्ट्र की सुदर्शन झील का बाँध मूल रूप से चंद्रगुप्त मौर्य के राज्यपाल पुष्यगुप्त ने बनवाया था और अशोक के समय तुषास्प ने उसमें नहरें जुड़वाईं; आगे रुद्रदामन के काल में बाँध की मरम्मत का वर्णन है।

विकल्प B कलिंग के खारवेल का हाथीगुम्फा अभिलेख उसके अभियानों और निर्माण कार्यों का वर्णन करता है, सौराष्ट्र की झील का नहीं। विकल्प C हरिषेण द्वारा रचित प्रयाग प्रशस्ति समुद्रगुप्त की विजयों की सूची है। विकल्प D कंधार के अभिलेख यूनानी और अरामाइक में धम्म से संबंधित हैं, और गुजरात में अशोक के वृहद शिलालेख जूनागढ़ की उसी शिला पर हैं, कंधार में नहीं।

Q18.भारतीय इतिहासमध्यम

श्रावस्ती किस महाजनपद की राजधानी थी?

  1. A.कोसल
  2. B.मल्ल
  3. C.चेदि
  4. D.मगध
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. कोसल

व्याख्या

सही उत्तर A, कोसल है। श्रावस्ती पूर्वी उत्तर प्रदेश में कोसल की राजधानी थी, और अयोध्या तथा साकेत उसके अन्य महत्वपूर्ण नगर थे। उसका राजा प्रसेनजित बुद्ध का समकालीन था और बुद्ध ने कई वर्षावास श्रावस्ती के जेतवन विहार में बिताए, इसीलिए यह नगर बौद्ध साहित्य में बार-बार आता है।

विकल्प B, मल्ल, गणसंघ था जिसके दो केंद्र थे, कुशीनगर जहाँ बुद्ध का महापरिनिर्वाण हुआ और पावा जहाँ महावीर का निर्वाण हुआ। विकल्प C, चेदि, बुंदेलखंड में था और उसकी राजधानी सुक्तिमती थी। विकल्प D, मगध, की पहली राजधानी गिरिव्रज अर्थात राजगृह और बाद में पाटलिपुत्र थी। एक सामान्य जाल श्रावस्ती को मगध या मल्ल से जोड़ देता है, इसलिए कोसल, श्रावस्ती, प्रसेनजित और जेतवन की कड़ी याद रखें। यह भी याद रखें कि कोसल ने पड़ोसी राज्य काशी को अपने में मिलाया था और बाद में स्वयं मगध में मिल गया, तथा बिंबिसार को दहेज में मिले काशी के गाँव को लेकर प्रसेनजित और अजातशत्रु का लंबा संघर्ष इसी प्रकरण से जुड़ा कथन प्रश्न बनता है।

Q19.भारतीय इतिहासमध्यम

अशोक के शासनकाल में पाटलिपुत्र में हुई तीसरी बौद्ध संगीति की अध्यक्षता किसने की थी?

  1. A.वसुमित्र
  2. B.मोग्गलिपुत्त तिस्स
  3. C.महाकस्सप
  4. D.सबाकामी
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. मोग्गलिपुत्त तिस्स

व्याख्या

सही उत्तर B, मोग्गलिपुत्त तिस्स है। बौद्ध परंपरा के अनुसार तीसरी संगीति अशोक के शासन में पाटलिपुत्र में हुई और उसकी अध्यक्षता मोग्गलिपुत्त तिस्स ने की, जिन्हें संघ के विवाद सुलझाने और अभिधम्म पिटक के ग्रंथ कथावत्थु की रचना का श्रेय दिया जाता है। इसी संगीति के बाद धर्म प्रचार के लिए दल भेजे गए, जिनमें महेंद्र का श्रीलंका जाना प्रसिद्ध है।

विकल्प A वसुमित्र ने कनिष्क के शासनकाल में कश्मीर में हुई चौथी संगीति की अध्यक्षता की थी, जिसमें अश्वघोष उपाध्यक्ष थे। विकल्प C महाकस्सप ने बुद्ध के महापरिनिर्वाण के तुरंत बाद राजगृह में हुई पहली संगीति की अध्यक्षता की, जहाँ आनंद और उपालि ने उपदेश दोहराए। विकल्प D सबाकामी ने बुद्ध के लगभग सौ वर्ष बाद वैशाली में हुई दूसरी संगीति की अध्यक्षता की, जो अनुशासन के विवादों पर बुलाई गई थी।

Q20.भारतीय इतिहासआसान

नंद वंश का अंतिम शासक, जिसे चंद्रगुप्त मौर्य ने अपदस्थ किया, कौन था?

  1. A.कालाशोक
  2. B.उदायिन
  3. C.धनानंद
  4. D.बिंदुसार
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सही उत्तर: C. धनानंद

व्याख्या

सही उत्तर C, धनानंद है। वह मगध के नंद वंश का अंतिम शासक था और उसके समय सिकंदर ने पंजाब पर आक्रमण किया; यूनानी लेखक व्यास नदी के आगे गंगारिडाई और प्रासिआई की विशाल सेना का वर्णन करते हैं। उसके भारी कर और अलोकप्रियता ने चाणक्य के मार्गदर्शन में चंद्रगुप्त मौर्य को अवसर दिया कि वह उसे हटाकर पाटलिपुत्र में मौर्य साम्राज्य की नींव रखे।

विकल्प A, कालाशोक, पहले के शिशुनाग वंश का था और वैशाली की द्वितीय बौद्ध संगीति के लिए स्मरण किया जाता है। विकल्प B, उदायिन, हर्यक वंश का था और उसने पाटलिपुत्र बसाया। विकल्प D, बिंदुसार, तो वंश बदलने के बाद का शासक है: वह चंद्रगुप्त मौर्य का पुत्र और अशोक का पिता था, इसलिए वह नंद हो ही नहीं सकता। हर्यक, शिशुनाग, नंद, मौर्य का क्रम और हर वंश का अंतिम नाम याद रखें। यह भी ध्यान रखें कि धनानंद को मुख्यतः सिकंदर के साथियों के विवरणों और बाद के संस्कृत नाटकों से जाना जाता है, इसलिए यही नाम कभी अंतिम नंद के रूप में और कभी सिकंदर के समकालीन के रूप में पूछा जाता है।

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