नमक और एन्थ्रासीन के मिश्रण से एन्थ्रासीन को अलग करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी विधि प्रयुक्त की जा सकती है?
- A.आसवन
- B.ऊर्ध्वपातन
- C.वाष्पीकरण
- D.वर्णलेखन (क्रोमैटोग्राफी)
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, ऊर्ध्वपातन। गर्म करने पर एन्थ्रासीन ऊर्ध्वपातित होता है, जबकि साधारण नमक नहीं, इसलिए मिश्रण को गर्म करके दोनों को अलग किया जा सकता है। ऊर्ध्वपातन में ठोस बिना द्रव बने सीधे वाष्प में बदल जाता है। मिश्रण को चीनी मिट्टी की प्याली में रखकर, उसके ऊपर रुई लगी उलटी कीप रखकर धीरे-धीरे गर्म किया जाता है। एन्थ्रासीन वाष्प बनकर कीप की ठंडी दीवारों पर ठंडा होता है और ठोस एन्थ्रासीन के रूप में जम जाता है, जबकि ऊर्ध्वपातित न होने वाला नमक प्याली में रह जाता है। कपूर, नेफ्थलीन, अमोनियम क्लोराइड और आयोडीन भी इसी तरह अलग किए जाते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि आसवन द्रवों को, या द्रव को उसमें घुले ठोस से, क्वथनांक के अंतर से अलग करता है। विकल्प C गलत है, क्योंकि वाष्पीकरण विलयन से घुला ठोस प्राप्त करता है और दो ठोसों को अलग नहीं करता। विकल्प D गलत है, क्योंकि वर्णलेखन स्याही के रंगों जैसे घुले घटकों की थोड़ी मात्रा अलग करता है और यहाँ इसकी जरूरत नहीं है। परीक्षा टिप: कपूर, नेफ्थलीन, एन्थ्रासीन, अमोनियम क्लोराइड और आयोडीन ऊर्ध्वपातन से अलग होते हैं।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से कौन-सा, स्तनपान कराने वाली माँ द्वारा उत्पन्न वह विशेष प्रकार का दूध है, जो मानव नवजात शिशु में प्रतिरक्षा अनुक्रिया के विकास के लिए आवश्यक है?
- A.प्रसव के एक महीने बाद बनने वाला स्तन दूध
- B.संक्रमणकालीन दूध
- C.खीस (कोलोस्ट्रम)
- D.खनिजयुक्त दूध
उत्तर देखें
खीस वह गाढ़ा, पीलापन लिए पहला दूध है जो माँ प्रसव के बाद शुरुआती कुछ दिनों में बनाती है। इसकी मात्रा कम होती है, पर इसमें प्रतिरक्षी (एंटीबॉडी), विशेषकर इम्युनोग्लोबुलिन A (IgA), के साथ श्वेत रक्त कोशिकाएँ, प्रोटीन और विटामिन A भरपूर होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →यदि किसी कुंडली के अंदर गतिमान चुंबक की चाल बढ़ा दी जाए, तो कुंडली में विद्युत धारा
- A.बढ़ जाती है
- B.घट जाती है
- C.उलट जाती है
- D.वैसी ही रहती है
उत्तर देखें
जब कोई चुंबक कुंडली के भीतर चलता है, तो कुंडली से जुड़ा चुंबकीय फ्लक्स बदलता है, और यही बदलाव विद्युत वाहक बल (emf) तथा धारा पैदा करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →खाने के सोडे (कुकिंग सोडा) का रासायनिक सूत्र है
- A.NaCl
- B.NaOCl
- C.Na2CO3
- D.NaHCO3
उत्तर देखें
खाने का सोडा, जिसे बेकिंग सोडा भी कहते हैं, सोडियम हाइड्रोजन कार्बोनेट यानी सोडियम बाइकार्बोनेट है। यह एक हल्का क्षार है, जिसमें सोडियम, हाइड्रोजन और कार्बन का एक-एक तथा ऑक्सीजन के तीन परमाणु होते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →थर्मस फ़्लास्क के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.फ़्लास्क की दीवारों के बीच निर्वात होता है और वे कांच की बनी होती हैं, जो ऊष्मा का कुचालक है
- B.कांच की दीवारों की सतहें स्वयं चमकीली होती हैं
- C.भीतरी दीवार की सतह अच्छी मात्रा में ऊष्मा विकिरित करती है और बाहरी दीवार की सतह भीतरी दीवार से विकिरित ऊष्मा का कुछ भाग अवशोषित करती है
- D.कॉर्क के आधार ऊष्मा के कुचालक होते हैं
उत्तर देखें
यह कथन गलत है, क्योंकि थर्मस फ़्लास्क की भीतरी दीवार पर चांदी की परत होती है, जिससे वह बहुत कम ऊष्मा विकिरित करती है; बाहरी दीवार की चमकीली सतह भी ऊष्मा को अवशोषित करने के बजाय वापस परावर्तित करती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्य एक जूल कहा जाता है, जब किसी बल द्वारा
- A.4 N का बल किसी वस्तु को 25 cm विस्थापित करता है।
- B.2 N का बल किसी वस्तु को 1 m विस्थापित करता है।
- C.1 N का बल किसी वस्तु को 1 cm विस्थापित करता है।
- D.1 N का बल किसी वस्तु को 50 cm विस्थापित करता है।
उत्तर देखें
कार्य बल और विस्थापन का गुणनफल है, और 4 N गुणा 0.25 m ठीक 1 जूल होता है। एक जूल वह कार्य है जो तब होता है जब एक न्यूटन का बल किसी वस्तु को बल की दिशा में एक मीटर खिसकाता है, अर्थात 1 J = 1 N m।
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