नई सतना–देवेंद्रनगर रेल लाइन की अनुमानित लागत कितनी है?
- A.लगभग 1,070 करोड़ रुपये
- B.लगभग 873 करोड़ रुपये
- C.लगभग 541 करोड़ रुपये
- D.लगभग 1,339 करोड़ रुपये
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर लगभग 873 करोड़ रुपये है। सतना–देवेंद्रनगर लाइन की लंबाई करीब 53 किमी है और फुलवारी तथा देवेंद्रनगर के बीच आखिरी 8 किमी हिस्से के बनने पर यह पूरी हुई। यह खंड उद्योग के लिहाज से अहम है, क्योंकि सतना और आसपास चूना-पत्थर तथा सीमेंट एवं खनिज इकाइयों का जमावड़ा है, जो अब सीमेंट और क्लिंकर रेल से भेज सकेंगी। विकल्प A दूसरी नई लाइन रीवा–चुरहट की लागत है, जो लगभग 65 किमी लंबी है, इसलिए यह आंकड़ा गलत खंड से जोड़ा गया है। विकल्प C में लागत को ललितपुर–सिंगरौली परियोजना की किलोमीटर लंबाई से मिला दिया गया है। विकल्प D इस परियोजना से जुड़ा आंकड़ा नहीं है। इसके अलावा देवेंद्रनगर, नागौद और पन्ना क्षेत्र के किसानों तथा व्यापारियों को इस लाइन से बड़े बाजारों तक पहुंच मिलेगी और भंडारण एवं परिवहन में रोजगार के अवसर बनेंगे। इसलिए विकल्प B सही है।
पूरा लेख पढ़ें: सतना–देवेंद्रनगर और रीवा–चुरहट रेल लाइनें राष्ट्र को समर्पित
अभ्यास प्रश्न
अक्तूबर 2026 में शुरू हुए सतना–देवेंद्रनगर और रीवा–चुरहट रेलखंड किस रेल परियोजना का हिस्सा हैं?
- A.कटनी–सिंगरौली परियोजना
- B.ललितपुर–सिंगरौली परियोजना
- C.इंदौर–दाहोद परियोजना
- D.जबलपुर–गोंदिया परियोजना
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दोनों नए रेलखंड, लगभग 53 किमी का सतना–देवेंद्रनगर तथा लगभग 65 किमी का रीवा–चुरहट, इसी परियोजना के अंतर्गत बने हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →चुरहट तक रेल सेवा पहुंचने से कौन सा जिला देश के रेल नेटवर्क से जुड़ा?
- A.पन्ना
- B.सतना
- C.सीधी
- D.छतरपुर
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चुरहट सीधी जिले में पड़ता है और लगभग 65 किमी लंबी रीवा–चुरहट लाइन बन जाने से सीधी के लोगों को देश के रेल नेटवर्क पर सफर करने का अवसर मिला है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →रेल मंत्री के अनुसार मध्य प्रदेश में लगभग कितने मूल्य की रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है?
- A.लगभग 10,000 करोड़ रुपये
- B.लगभग 50,000 करोड़ रुपये
- C.लगभग 1 लाख करोड़ रुपये
- D.लगभग 5 लाख करोड़ रुपये
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उद्घाटन कार्यक्रम में रेल मंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश में इतनी राशि की रेल परियोजनाओं पर काम हो रहा है, जिनमें नई लाइनें, दोहरीकरण, तीसरी और चौथी लाइन तथा आमान परिवर्तन शामिल हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महिला-नेतृत्व वाली पहल पिंक पेट्रोल: आइज इन द स्काई, शक्ति ऑन द ग्राउंड किस रेलवे जोन ने प्रस्तुत की?
- A.उत्तरी रेलवे
- B.दक्षिण मध्य रेलवे
- C.मध्य रेलवे
- D.पश्चिम रेलवे
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इसकी पिंक पेट्रोल पहल, जिसका नारा आइज इन द स्काई, शक्ति ऑन द ग्राउंड है, महिलाओं के नेतृत्व वाला मॉडल है और इसमें शक्ति फ्रेमवर्क के तहत द्रुत कार्यबलों के साथ ड्रोन से निगरानी को जोड़ा गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक कौन हैं?
- A.सोनाली मिश्रा
- B.सतीश कुमार
- C.अरुण कुमार
- D.जया वर्मा सिन्हा
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उन्होंने इस उच्चस्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता की और समापन संबोधन में रेल सुरक्षा मजबूत करने के लिए आसूचना आधारित पुलिस व्यवस्था की जरूरत पर बल दिया।
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