इस सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक कौन हैं?
- A.सोनाली मिश्रा
- B.सतीश कुमार
- C.अरुण कुमार
- D.जया वर्मा सिन्हा
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर सोनाली मिश्रा है, जो रेलवे सुरक्षा बल की महानिदेशक हैं। उन्होंने इस उच्चस्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता की और समापन संबोधन में रेल सुरक्षा मजबूत करने के लिए आसूचना आधारित पुलिस व्यवस्था की जरूरत पर बल दिया। विकल्प B यानी सतीश कुमार गलत है, लेकिन यही सबसे भ्रम पैदा करने वाला विकल्प है, क्योंकि वे सम्मेलन में शामिल हुए और उसे संबोधित भी किया, मगर दूसरी हैसियत में - रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में। उम्मीदवारों को इन दोनों पदों को अलग-अलग याद रखना चाहिए। विकल्प C यानी अरुण कुमार और विकल्प D यानी जया वर्मा सिन्हा भी गलत हैं, क्योंकि इस सम्मेलन के संदर्भ में इनका कोई उल्लेख नहीं है। परीक्षा के लिए यह संस्थागत अंतर अहम है: आरपीएफ रेल मंत्रालय के अधीन केंद्रीय बल है, जबकि सरकारी रेलवे पुलिस राज्यों की होती है, और इसी तालमेल को सुधारने के लिए यह सम्मेलन होता है।
पूरा लेख पढ़ें: जीआरपी प्रमुखों का 8वां अखिल भारतीय सम्मेलन नई दिल्ली में समाप्त
अभ्यास प्रश्न
अक्टूबर 2026 में नई दिल्ली में जीआरपी प्रमुखों का कौन सा अखिल भारतीय सम्मेलन समाप्त हुआ?
- A.6वां
- B.7वां
- C.8वां
- D.9वां
उत्तर देखें
रेलवे सुरक्षा बल की ओर से आयोजित सरकारी रेलवे पुलिस प्रमुखों का 8वां अखिल भारतीय सम्मेलन 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में समाप्त हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →महिला-नेतृत्व वाली पहल पिंक पेट्रोल: आइज इन द स्काई, शक्ति ऑन द ग्राउंड किस रेलवे जोन ने प्रस्तुत की?
- A.उत्तरी रेलवे
- B.दक्षिण मध्य रेलवे
- C.मध्य रेलवे
- D.पश्चिम रेलवे
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इसकी पिंक पेट्रोल पहल, जिसका नारा आइज इन द स्काई, शक्ति ऑन द ग्राउंड है, महिलाओं के नेतृत्व वाला मॉडल है और इसमें शक्ति फ्रेमवर्क के तहत द्रुत कार्यबलों के साथ ड्रोन से निगरानी को जोड़ा गया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वन अधिकारों पर यह क्षेत्रीय समीक्षा श्रृंखला किस कानून के तहत आयोजित हुई?
- A.अनुसूचित जनजाति और अन्य परंपरागत वन निवासी (वन अधिकारों की मान्यता) अधिनियम, 2006
- B.भारतीय वन अधिनियम, 1927
- C.वन (संरक्षण) अधिनियम, 1980
- D.वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
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इस समीक्षा में इसी कानून के तहत प्राप्त और निपटाए गए दावे, बांटे गए पट्टे, सामुदायिक वन संसाधन अधिकार तथा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के आवास अधिकार शामिल थे, और ये सभी व्यवस्थाएं इसी अधिनियम से निकलती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →वन अधिकार अधिनियम के तहत आवास अधिकार अब तक देश के कितने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के लिए मान्यता प्राप्त हैं?
- A.75 में से 75
- B.75 में से 11
- C.75 में से 20
- D.20 में से 11
उत्तर देखें
जनजातीय कार्य मंत्रालय ने बताया कि देश के सभी विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों में से केवल इतने के लिए आवास अधिकार मान्यता प्राप्त हैं, और इसी कारण राज्यों से मान्यता में तेजी लाने तथा प्रत्येक समूह के लिए आवास अधिकार रोडमैप बनाने को कहा गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →31 अगस्त 2026 तक देश में प्राप्त वन अधिकार अधिनियम के दावों में से कितने प्रतिशत निपटाए जा चुके थे?
- A.80.64 प्रतिशत
- B.54 प्रतिशत
- C.43.56 प्रतिशत
- D.25.42 प्रतिशत
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मंत्रालय ने बताया कि देश भर में लगभग 54 लाख दावे प्राप्त हुए थे और इनमें से 43.56 लाख दावे, यानी यही हिस्सा, उस तिथि तक निपटाए जा चुके थे।
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