मुख्य सूचना आयुक्त के अतिरिक्त केंद्रीय सूचना आयोग में अधिकतम कितने सूचना आयुक्त हो सकते हैं?
- A.पांच
- B.आठ
- C.दस
- D.बारह
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, दस। अधिनियम की धारा 12 कहती है कि केंद्रीय सूचना आयोग में एक मुख्य सूचना आयुक्त तथा आवश्यकतानुसार उतने केंद्रीय सूचना आयुक्त होंगे, जो दस से अधिक न हों। धारा 15 के अंतर्गत राज्य सूचना आयोग पर भी दस की यही सीमा लागू होती है। इनकी नियुक्ति राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री (अध्यक्ष), लोकसभा में विपक्ष के नेता तथा प्रधानमंत्री द्वारा नामित एक केंद्रीय कैबिनेट मंत्री की समिति की सिफारिश पर करते हैं। विकल्प A, पांच, और विकल्प D, बारह, अधिनियम के आंकड़े नहीं हैं। विकल्प B, आठ, लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अंतर्गत लोकपाल के सदस्यों की अधिकतम संख्या है और इसे यहां इसलिए रखा गया है कि प्रश्नपत्रों में ये दोनों सीमाएं आपस में बदल दी जाती हैं। इसके अलावा मुख्य सूचना आयुक्त तथा सूचना आयुक्त किसी संसद सदस्य, विधानमंडल सदस्य या किसी लाभ के पद पर नहीं रह सकते, और उन्हें सिद्ध दुर्व्यवहार या अक्षमता के आधार पर सर्वोच्च न्यायालय की जांच के बाद ही हटाया जा सकता है।
पूरा लेख पढ़ें: सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 और सुशासन कानून
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंसूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 पूर्ण रूप से किस तारीख को लागू हुआ?
- A.15 जून 2005
- B.12 अक्टूबर 2005
- C.1 जनवरी 2006
- D.26 नवंबर 2005
उत्तर देखें
सूचना का अधिकार अधिनियम को राष्ट्रपति की स्वीकृति 15 जून 2005 को मिली थी और इसकी धारा 1(3) में कहा गया था कि शेष प्रावधान अधिनियमन के एक सौ बीसवें दिन लागू होंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से जुड़ी सूचना कितने समय में देनी होती है?
- A.48 घंटे
- B.7 दिन
- C.30 दिन
- D.35 दिन
उत्तर देखें
अधिनियम की धारा 7(1) दो समय-सीमाएं देती है। सामान्य सीमा आवेदन प्राप्ति से तीस दिन है, परंतु जहां मांगी गई सूचना किसी व्यक्ति के जीवन या स्वतंत्रता से जुड़ी हो, वहां लोक सूचना अधिकारी को अड़तालीस घंटे के भीतर सूचना देनी होती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 20 के अंतर्गत लोक सूचना अधिकारी पर अधिकतम कितना जुर्माना लगाया जा सकता है?
- A.10,000 रुपये
- B.25,000 रुपये
- C.50,000 रुपये
- D.1,00,000 रुपये
उत्तर देखें
धारा 20(1) कहती है कि यदि सूचना आयोग पाता है कि लोक सूचना अधिकारी ने बिना उचित कारण आवेदन अस्वीकार किया, निर्धारित समय में सूचना नहीं दी, गलत या भ्रामक सूचना दी अथवा सूचना नष्ट कर दी, तो वह विलंब के प्रत्येक दिन के लिए दो सौ पचास रुपये का…
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की कौन सी धारा इसे शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923 पर अध्यारोही प्रभाव देती है?
- A.धारा 8
- B.धारा 18
- C.धारा 22
- D.धारा 24
उत्तर देखें
धारा 22 कहती है कि इस अधिनियम के प्रावधान शासकीय गुप्त बात अधिनियम, 1923, किसी अन्य प्रवृत्त विधि अथवा किसी अन्य विधि के अधीन प्रभावी किसी लिखत में असंगत बात के होते हुए भी प्रभावी होंगे।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत द्वितीय अपील सूचना आयोग को कितने दिन के भीतर की जाती है?
- A.30 दिन
- B.45 दिन
- C.60 दिन
- D.90 दिन
उत्तर देखें
अधिनियम दो अपीलों की व्यवस्था करता है। धारा 19(1) के अंतर्गत प्रथम अपील उत्तर मिलने या समय-सीमा बीतने के तीस दिन के भीतर की जाती है और वह उसी लोक प्राधिकारी में लोक सूचना अधिकारी से वरिष्ठ अधिकारी, यानी प्रथम अपीलीय प्राधिकारी को जाती है।
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