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GK क्विजपर्यावरण और पारिस्थितिकी

पर्यावरण और पारिस्थितिकी मिश्रित क्विज: सेट 16

  • 20 प्रश्न
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इस क्विज के बारे में

पर्यावरण और पारिस्थितिकी मिश्रित क्विज़ (सेट 16) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 13 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण सम्मेलन, जल संरक्षण और पारंपरिक वर्षा जल संचयन, भारत में पर्यावरण कानून और संस्थाएं और अन्य। इनमें से 16 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC MTS · 8 Oct 2021, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन क्योटो प्रोटोकॉल के नियमों के अंतर्गत आने वाली छह प्रदूषक गैसों में से एक है?

  1. A.क्लोरीन
  2. B.फॉस्जीन
  3. C.कार्बन मोनोऑक्साइड
  4. D.परफ्लोरोकार्बन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. परफ्लोरोकार्बन

व्याख्या

सही उत्तर है D, परफ्लोरोकार्बन। क्योटो प्रोटोकॉल, जो दिसंबर 1997 में जापान में अपनाया गया और फरवरी 2005 से लागू हुआ, छह ग्रीनहाउस गैसों में कटौती को बाध्यकारी बनाता है: कार्बन डाइऑक्साइड, मेथेन, नाइट्रस ऑक्साइड, हाइड्रोफ्लोरोकार्बन, परफ्लोरोकार्बन और सल्फर हेक्साफ्लोराइड। परफ्लोरोकार्बन मुख्य रूप से एल्युमिनियम के प्रगलन और अर्धचालक बनाने की प्रक्रिया से निकलते हैं; ये बहुत थोड़ी मात्रा में निकलते हैं, पर वायुमंडल में हजारों साल बने रहते हैं और उतने ही वजन की कार्बन डाइऑक्साइड से कई गुना अधिक गर्मी रोकते हैं, इसीलिए प्रोटोकॉल ने इन्हें गिना। सातवीं गैस नाइट्रोजन ट्राइफ्लोराइड को बाद में 2012 के दोहा संशोधन से जोड़ा गया। A गलत है क्योंकि क्लोरीन ग्रीनहाउस गैस नहीं है; सीएफसी से निकली क्लोरीन ओजोन परत को नुकसान पहुँचाती है, जिसे मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल देखता है। B गलत है क्योंकि फॉस्जीन एक जहरीली औद्योगिक गैस है और क्योटो की सूची में नहीं है। C गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड वायु प्रदूषक है, पर प्रोटोकॉल में शामिल नहीं। परीक्षा टिप: छह क्योटो गैसें - CO2, CH4, N2O, HFC, PFC और SF6।

Q2.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CHSL · 5 Aug 2021, Shift 2मध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सी जलग्रहण विकास परियोजना केंद्र सरकार द्वारा प्रायोजित है और ग्रामीण आबादी को जल संरक्षण में सक्षम बनाने के लिए चलाई गई है?

  1. A.अरवरी पानी संसद
  2. B.हरियाली
  3. C.जल क्रांति अभियान
  4. D.नीरू-मीरू
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हरियाली

व्याख्या

सही उत्तर है B, हरियाली। हरियाली केंद्र द्वारा प्रायोजित जलग्रहण विकास परियोजना है, जिसे ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 2003 में शुरू किया था। इसकी सबसे बड़ी बात यह है कि काम की योजना और उसका निर्माण गाँव की पंचायत खुद करती है। इसके तहत ग्राम पंचायतें चेक डैम, खेत तालाब, रिसाव टैंक और कंटूर बंध बनवाती हैं, ताकि बारिश का पानी वहीं रुक जाए जहाँ वह गिरा है। इससे कुएँ रिचार्ज होते हैं और सूखी जमीन वाले किसानों को दूसरी फसल के लिए पानी मिल जाता है। जलग्रहण समिति ग्राम सभा चुनती है और गाँव वाले लागत तथा रखरखाव में हिस्सा देते हैं। A गलत है क्योंकि अरवरी पानी संसद राजस्थान के अलवर में अरवरी नदी के गाँवों की अपनी पहल है, केंद्रीय योजना नहीं। C गलत है क्योंकि जल क्रांति अभियान बाद में चला जल जागरूकता अभियान था। D गलत है क्योंकि नीरू-मीरू आंध्र प्रदेश का राज्य कार्यक्रम था। परीक्षा टिप: हरियाली–2003, केंद्रीय और पंचायत संचालित; नीरू-मीरू–आंध्र प्रदेश; अरवरी पानी संसद–राजस्थान।

Q3.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · General Studies 2018आसान

NGT का पूरा नाम क्या है?

  1. A.नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (राष्ट्रीय हरित अधिकरण)
  2. B.नेशनल जनरल ट्राइब
  3. C.न्यू जनरल ट्रिब्यूनल
  4. D.नेशनल ग्रीन ट्राइब
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (राष्ट्रीय हरित अधिकरण)

व्याख्या

सही उत्तर है A, नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (राष्ट्रीय हरित अधिकरण)। राष्ट्रीय हरित अधिकरण की स्थापना राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 के अंतर्गत हुई, ताकि पर्यावरण, वन, जल, वायु और जैव विविधता से जुड़े मामलों का निपटारा तेजी से हो सके; ऐसा विशेष पर्यावरण न्यायालय बनाने वाले पहले देशों में भारत भी शामिल हो गया। इसकी प्रधान पीठ नई दिल्ली में है और अन्य पीठें भोपाल, पुणे, कोलकाता तथा चेन्नई में हैं; इससे अपेक्षा की जाती है कि वह मामला दायर होने के छह महीने के भीतर निपटा दे। अधिकरण सिविल प्रक्रिया संहिता से बँधा नहीं है और नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों पर चलता है, जिसमें प्रदूषक भुगतान करे, पूर्वोपाय तथा संपोषणीय विकास के सिद्धांत लागू होते हैं। यह मुआवजा, पर्यावरण की बहाली और प्रदूषण फैलाने वाली इकाई को बंद करने के आदेश दे सकता है। B, C और D गलत हैं क्योंकि ये गढ़े हुए नाम हैं; नाम में ट्रिब्यूनल अर्थात् अधिकरण आता है, ट्राइब नहीं। परीक्षा टिप: एनजीटी अधिनियम 2010, प्रधान पीठ नई दिल्ली, छह महीने में निर्णय।

Q4.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 14 Feb 2019, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन 2030 तक प्राप्त किया जाने वाला सतत विकास लक्ष्य नहीं है?

  1. A.लैंगिक समानता
  2. B.शून्य भुखमरी
  3. C.अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण
  4. D.अंतरिक्ष अनुसंधान
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. अंतरिक्ष अनुसंधान

व्याख्या

सही उत्तर है D, अंतरिक्ष अनुसंधान। अंतरिक्ष अनुसंधान सतत विकास लक्ष्यों में शामिल नहीं है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सितंबर 2015 में सतत विकास के 2030 एजेंडा के अंतर्गत सत्रह लक्ष्य अपनाए, जिनमें 169 उप-लक्ष्य हैं और इन्हें 2030 तक पूरा करना है; इन्होंने 2000 से 2015 तक चले सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों का स्थान लिया। ये सत्रह लक्ष्य गरीबी, भुखमरी, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, स्वच्छ जल, ऊर्जा, सम्मानजनक रोजगार, उद्योग, असमानता, नगर, जिम्मेदार उपभोग, जलवायु कार्रवाई, जल के भीतर जीवन, थल पर जीवन, शांति और न्याय तथा साझेदारी को कवर करते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि लैंगिक समानता लक्ष्य 5 है। विकल्प B गलत है, क्योंकि शून्य भुखमरी लक्ष्य 2 है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण लक्ष्य 3 है। भारत में नीति आयोग एसडीजी इंडिया इंडेक्स के जरिए राज्यों की प्रगति मापता है। परीक्षा टिप: 17 लक्ष्य, 169 उप-लक्ष्य, 2015 में स्वीकृत, लक्ष्य वर्ष 2030।

Q5.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: बिहार · BPSC AE Paper 3 (General Studies) 2019 Oआसान

'फ्लाई ऐश', एक सुपरिचित प्रदूषक, किससे उत्पन्न होता है?

  1. A.तेल शोधनशाला
  2. B.उर्वरक संयंत्र
  3. C.सीमेंट संयंत्र
  4. D.तापीय विद्युत संयंत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तापीय विद्युत संयंत्र

व्याख्या

सही उत्तर है D, तापीय विद्युत संयंत्र। फ्लाई ऐश वह महीन राख है जो कोयला आधारित बिजलीघर में पिसे हुए कोयले के जलने पर धुएं के साथ ऊपर उठती है। बहुत हल्की होने के कारण यह चिमनी से बाहर निकल जाती है, जब तक कि इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर इसे रोक न लें; बाहर निकली राख खेतों और जलाशयों पर बैठ जाती है तथा आर्सेनिक और पारा जैसी भारी धातुएं साथ ले जाती है। भारत की फ्लाई ऐश अधिसूचना तापीय संयंत्रों के लिए इस राख का उपयोग अनिवार्य बनाती है, इसलिए आज इसका अधिकांश भाग सीमेंट, ईंटों, सड़क तटबंधों और खदानों की भराई में जाता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि तेल शोधनशाला से मुख्यतः सल्फर डाइऑक्साइड और हाइड्रोकार्बन निकलते हैं। विकल्प B गलत है, क्योंकि उर्वरक संयंत्र से अमोनिया और नाइट्रोजन के ऑक्साइड निकलते हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि सीमेंट संयंत्र से सीमेंट धूल और कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है; वह फ्लाई ऐश का उपयोग करता है, उत्पादन नहीं। परीक्षा टिप: फ्लाई ऐश कोयला आधारित तापीय विद्युत संयंत्रों से निकलती है, इलेक्ट्रोस्टैटिक प्रेसिपिटेटर से रोकी जाती है और सीमेंट तथा ईंट में पुनः उपयोग होती है।

Q6.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC MTS · 14 Oct 2021, Shift 2मध्यम

मृदा संरक्षण की निम्नलिखित में से कौन-सी प्रक्रिया 'मल्चिंग' कहलाती है?

  1. A.समोच्च रेखाओं के साथ पत्थर, घास और मिट्टी से अवरोध बनाए जाते हैं।
  2. B.पौधों के बीच की खाली ज़मीन को पुआल जैसे जैविक पदार्थ की परत से ढक दिया जाता है।
  3. C.मिट्टी को वर्षा जल से बचाने के लिए एक-एक कतार छोड़कर अलग-अलग फसलें उगाई जाती हैं।
  4. D.पानी के बहाव को धीमा करने के लिए चट्टानों को ढेर के रूप में लगाया जाता है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. पौधों के बीच की खाली ज़मीन को पुआल जैसे जैविक पदार्थ की परत से ढक दिया जाता है।

व्याख्या

सही उत्तर है B। मल्चिंग का अर्थ है पौधों के बीच की खाली मिट्टी को पुआल, सूखी पत्तियों, भूसी या कटी घास जैसे जैविक पदार्थ की परत से ढक देना। यह परत ज़मीन पर छाया करती है, जिससे वाष्पीकरण कम होता है और मिट्टी नम तथा ठंडी रहती है। यह गिरती बारिश की चोट को भी हल्का कर देती है, वरना पानी ऊपरी मिट्टी को ढीला करके बहा ले जाता है। मल्च सड़कर खेत में ह्यूमस बढ़ाता है और रोशनी रोककर खरपतवार भी कम करता है। बाग-बगीचों और सब्ज़ी की क्यारियों में किसान इसका खूब प्रयोग करते हैं, और सूखे इलाकों में नमी बचाने का यह सबसे सस्ता तरीका है। A गलत है क्योंकि समोच्च रेखाओं पर पत्थर-घास के अवरोध बनाना कंटूर बैरियर है। C गलत है क्योंकि एक-एक कतार छोड़कर अलग फसलें उगाना पट्टी कृषि है। D गलत है क्योंकि चट्टानों का ढेर लगाना रॉक डैम कहलाता है। परीक्षा टिप: मल्चिंग मिट्टी ढकती है, पट्टी कृषि कतारें बदलती है, सीढ़ीदार खेती ढलान पर सीढ़ियाँ बनाती है।

Q7.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

पोषक-समृद्ध जलाशयों को ढक लेने वाली तैरती हुई खरपतवार जलकुंभी को लोकप्रिय रूप से क्या कहा जाता है?

  1. A.बंगाल का आतंक
  2. B.दलदल की रानी
  3. C.दक्कन का गौरव
  4. D.स्वर्ण खरपतवार
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. बंगाल का आतंक

व्याख्या

सही उत्तर A, बंगाल का आतंक है। जलकुंभी दक्षिण अमेरिका से भारत लाई गई जलीय खरपतवार है। मल और उर्वरक से समृद्ध जल में यह इतनी तेजी से बढ़ती है कि पूरी सतह ढक लेती है, सूर्य का प्रकाश रोक देती है, ऑक्सीजन की आपूर्ति घटाती है, जलमार्ग अवरुद्ध करती है और मच्छरों के प्रजनन का स्थान बन जाती है; बंगाल के जलाशयों में इसके उग्र प्रसार के कारण इसे बंगाल का आतंक कहा गया। विकल्प B, C और D गलत हैं क्योंकि इनमें से कोई भी इस या किसी अन्य जलीय खरपतवार का मान्य नाम नहीं है; ये केवल यह परखने के लिए रखे गए भ्रामक विकल्प हैं कि प्रचलित पद याद है या नहीं। यह खरपतवार एक साथ दो बातों का पाठ्यपुस्तकीय उदाहरण है: सुपोषण का प्रभाव, और यह कि कोई आक्रामक विदेशी प्रजाति स्थानीय पारितंत्र को कितनी हानि पहुँचा सकती है।

Q8.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · MPPSC Forest Service Previous Year Mainsआसान

चिपको आंदोलन किस स्थान से शुरू हुआ था?

  1. A.पटना
  2. B.त्रिशूर
  3. C.गढ़वाल हिमालय
  4. D.जम्मू
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. गढ़वाल हिमालय

व्याख्या

सही उत्तर है C, गढ़वाल हिमालय। चिपको आंदोलन 1973 में गढ़वाल हिमालय के चमोली ज़िले (आज का उत्तराखंड) से शुरू हुआ, जब गाँव के लोग पेड़ों से चिपककर ठेकेदारों को उन्हें काटने से रोकने लगे। इसी से इसका नाम चिपको पड़ा। पहला विरोध मंडल गाँव में चंडी प्रसाद भट्ट के नेतृत्व में हुआ, 1974 में रैणी गाँव की महिलाओं का नेतृत्व गौरा देवी ने किया, और सुंदरलाल बहुगुणा ने पहाड़ों में यह संदेश फैलाया कि जंगल की असली उपज मिट्टी, पानी और शुद्ध हवा है। इस आंदोलन के कारण 1980 में उत्तर प्रदेश के हिमालयी वनों में 1,000 मीटर से ऊपर हरे पेड़ों की कटाई पर पंद्रह साल की रोक लगी। विकल्प A गलत है, क्योंकि बिहार के पटना से इसका कोई संबंध नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि त्रिशूर केरल में है। विकल्प D गलत है, क्योंकि जम्मू इस आंदोलन का केंद्र नहीं रहा। परीक्षा टिप: चिपको 1973 गढ़वाल, अप्पिको 1983 कर्नाटक।

Q9.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

ओज़ोन परत संरक्षण का अंतरराष्ट्रीय दिवस किस दिन मनाया जाता है?

  1. A.5 जून
  2. B.22 अप्रैल
  3. C.16 सितंबर
  4. D.2 दिसंबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 16 सितंबर

व्याख्या

सही उत्तर C, 16 सितंबर है। यह दिवस 1987 में ओज़ोन क्षयकारी पदार्थों पर मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर की स्मृति में है और हर वर्ष संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित विषय के साथ मनाया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पाँच जून विश्व पर्यावरण दिवस है, जो 1972 के स्टॉकहोम सम्मेलन के आरंभ की याद दिलाता है। विकल्प B गलत है क्योंकि बाईस अप्रैल पृथ्वी दिवस है। विकल्प D गलत है क्योंकि दो दिसंबर भारत में राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के रूप में मनाया जाता है, जो 1984 की भोपाल गैस त्रासदी की स्मृति में है। पर्यावरण खंड इन चारों तिथियों को प्रायः एक ही प्रश्न में रखता है, इसलिए इन्हें जैव विविधता के लिए बाईस मई और आर्द्रभूमियों के लिए दो फरवरी के साथ एक समूह में याद कीजिए।

Q10.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: CTET · Paper II SST, 14 Dec 2024, Shift 1आसान

विश्व पर्यावरण दिवस हर वर्ष निम्नलिखित में से किस दिन मनाया जाता है?

  1. A.5 मई
  2. B.5 जून
  3. C.5 जुलाई
  4. D.5 अगस्त
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 5 जून

व्याख्या

सही उत्तर है B, 5 जून। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1972 में 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस घोषित किया, और 1974 से यह हर साल मनाया जा रहा है। यह तारीख 5 से 16 जून 1972 तक स्टॉकहोम में हुए संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावरण सम्मेलन के पहले दिन की याद दिलाती है, जो पर्यावरण पर दुनिया की पहली बड़ी बैठक थी। इसी सम्मेलन से संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम, यानी UNEP, बना, जो हर साल इस दिन के आयोजन की अगुवाई करता है। हर वर्ष इस दिन की नई थीम और नया मेज़बान देश होता है; भारत ने 2018 में 'प्लास्टिक प्रदूषण को हराएँ' थीम के साथ इसकी मेज़बानी की थी। A गलत है क्योंकि मई की मुख्य पर्यावरण तारीख 22 मई, अंतरराष्ट्रीय जैव विविधता दिवस है। C गलत है क्योंकि जुलाई में 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस आता है, पर्यावरण दिवस नहीं। D गलत है क्योंकि 5 अगस्त का इस दिवस से कोई संबंध नहीं है। परीक्षा टिप: 22 अप्रैल – पृथ्वी दिवस; 22 मई – जैव विविधता दिवस; 5 जून – विश्व पर्यावरण दिवस; 16 सितंबर – विश्व ओज़ोन दिवस।

Q11.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 30 May 2019, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से किस प्रकार के कोयले में कार्बन की मात्रा सर्वाधिक होती है?

  1. A.बिटुमिनस
  2. B.लिग्नाइट
  3. C.पीट
  4. D.एंथ्रेसाइट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. एंथ्रेसाइट

व्याख्या

सही उत्तर D, एंथ्रेसाइट है। एंथ्रेसाइट कोयले की सबसे पुरानी और सबसे कठोर श्रेणी है, जिसमें कार्बन का अनुपात सर्वाधिक होता है, इसलिए वह अपने भार के हिसाब से सबसे अधिक ऊष्मा देता है और लगभग धुआं रहित ज्वाला से जलता है। विकल्प A गलत है क्योंकि बिटुमिनस कोयला उद्योग और बिजलीघरों में सर्वाधिक प्रयुक्त होने पर भी कार्बन में एंथ्रेसाइट से नीचे है और अधिक धुआं देता है। विकल्प B गलत है क्योंकि लिग्नाइट, जिसे भूरा कोयला कहते हैं, अधिक नमी वाली निम्न श्रेणी है, जो प्रायः खदान के पास बने बिजलीघरों में जलाई जाती है। विकल्प C गलत है क्योंकि पीट इस प्रक्रिया की पहली अवस्था है, जो आंशिक रूप से सड़ी वनस्पति से अधिक कुछ नहीं, और उसमें कार्बन सबसे कम तथा नमी सबसे अधिक होती है। बढ़ता क्रम है पीट, लिग्नाइट, बिटुमिनस, एंथ्रेसाइट।

Q12.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 28 June 2019, Shift 3आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा जैव-निम्नीकरणीय (biodegradable) कचरा नहीं है?

  1. A.सब्ज़ियों के छिलके
  2. B.मृत पत्तियाँ
  3. C.पॉलीथीन की थैली
  4. D.सड़ता हुआ फल
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. पॉलीथीन की थैली

व्याख्या

सही उत्तर है C, पॉलीथीन की थैली। पॉलीथीन एक कृत्रिम प्लास्टिक है, जिसे जीवाणु और कवक तोड़ नहीं पाते, इसलिए यह जैव-अनिम्नीकरणीय (non-biodegradable) है। प्लास्टिक की थैली मिट्टी या पानी में सैकड़ों वर्षों तक बनी रह सकती है। जैव-निम्नीकरणीय कचरा वह है जिसे अपघटक सरल और हानिरहित पदार्थों में तोड़ दें; यह प्रायः पौधों या जंतुओं से आता है। प्लास्टिक की थैलियाँ नालियाँ जाम करके जलभराव करती हैं, गाय और समुद्री जीव इन्हें निगल लेते हैं, और जलाने पर ये ज़हरीली गैसें छोड़ती हैं; इसलिए इनका उपयोग घटाना, दोबारा इस्तेमाल करना और पुनर्चक्रण करना ज़रूरी है। कचरे को दो डिब्बों में अलग रखना सबसे अच्छा है: गीला (जैव-निम्नीकरणीय) और सूखा (अनिम्नीकरणीय)। A गलत है क्योंकि सब्ज़ियों के छिलके कुछ ही दिनों में सड़कर अच्छी खाद बन जाते हैं। B गलत है क्योंकि मृत पत्तियाँ सड़कर ह्यूमस बनाती हैं, जो मिट्टी को उपजाऊ बनाता है। D गलत है क्योंकि सड़ते फल को तो सूक्ष्मजीव पहले से ही तोड़ रहे हैं। परीक्षा टिप: जिसे सूक्ष्मजीव खा सकें वह जैव-निम्नीकरणीय है; प्लास्टिक, काँच, धातु के डिब्बे और DDT नहीं।

Q13.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: उत्तर प्रदेश · 24 Oct, 2021मध्यम

निम्नलिखित में से कौन सा रामसर स्थल उत्तर प्रदेश में स्थित नहीं है?

  1. A.सूर सरोवर
  2. B.समसपुर पक्षी अभयारण्य
  3. C.सरसई नावर झील
  4. D.सुरिनसर-मानसर झीलें
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सुरिनसर-मानसर झीलें

व्याख्या

सही उत्तर D, सुरिनसर-मानसर झीलें है। ये जुड़वां झीलें जम्मू के निकट जम्मू और कश्मीर क्षेत्र में हैं, उत्तर प्रदेश में नहीं, इसलिए इस सूची में यही भिन्न है। विकल्प A गलत है क्योंकि सूर सरोवर, जिसे कीठम झील भी कहते हैं, उत्तर प्रदेश में आगरा के पास है और उसका नाम कवि सूरदास पर पड़ा है। विकल्प B गलत है क्योंकि समसपुर पक्षी अभयारण्य उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में है और शीत ऋतु में प्रवासी जलपक्षियों का आश्रय है। विकल्प C गलत है क्योंकि सरसई नावर झील उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में है और राज्य पक्षी सारस क्रेन के लिए जानी जाती है। ऐसे प्रश्नों का जाल यह है कि नाम मिलते जुलते लगते हैं; प्रत्येक स्थल का राज्य उसके जिले से जोड़कर याद रखें और ध्यान रखें कि गंगा के मैदान में उत्तर प्रदेश की अनेक रामसर आर्द्रभूमियां हैं।

Q14.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: दिल्ली · DSSSB PRT, 7 Mar 2022, Shift 1आसान

हर घर में छत पर वर्षा जल संचयन ढाँचा बनाना अनिवार्य करने वाला भारत का पहला राज्य कौन-सा है?

  1. A.केरल
  2. B.गुजरात
  3. C.राजस्थान
  4. D.तमिलनाडु
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. तमिलनाडु

व्याख्या

सही उत्तर है D, तमिलनाडु। तमिलनाडु भारत का पहला राज्य है जिसने पूरे राज्य में सभी घरों और इमारतों के लिए छत पर वर्षा जल संचयन ढाँचा अनिवार्य किया; इसके लिए 2003 में कानून लाया गया। यह राज्य उत्तर-पूर्वी मानसून और भूजल पर बहुत निर्भर है, और चेन्नई को पानी की भारी कमी झेलनी पड़ी, इसलिए छत के पानी को इकट्ठा करके ज़मीन में उतारना प्राथमिकता बन गया। इसमें छतों से बारिश का पानी टंकियों में जमा किया जाता है या कुओं और जलभृतों को रिचार्ज करने में लगाया जाता है, जिससे भूजल स्तर ऊपर आता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि केरल में भारी वर्षा होती है और वहाँ संचयन को बढ़ावा दिया गया, पर हर घर के लिए इसे अनिवार्य करने वाला वह पहला राज्य नहीं था। विकल्प B गलत है, क्योंकि गुजरात चेक डैम और दूसरे जल कार्यों के लिए जाना जाता है, इस पहले कानून के लिए नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि राजस्थान बीकानेर और फलोदी के टांकों जैसे पारंपरिक संचयन के लिए प्रसिद्ध है, इस पहले कानून के लिए नहीं। परीक्षा टिप: तमिलनाडु छत पर वर्षा जल संचयन अनिवार्य करने वाला पहला राज्य है (2003); टांका राजस्थान के पारंपरिक भूमिगत टैंक हैं।

Q15.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CGL · 20 April 2022, Shift 2आसान

निम्नलिखित में से कौन-सा सतत विकास लक्ष्य सभी के लिए जल और स्वच्छता की उपलब्धता तथा उसके सतत प्रबंधन को सुनिश्चित करता है?

  1. A.एसडीजी 4
  2. B.एसडीजी 7
  3. C.एसडीजी 6
  4. D.एसडीजी 5
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एसडीजी 6

व्याख्या

सही उत्तर है C, एसडीजी 6। सतत विकास लक्ष्य 6 का विषय स्वच्छ जल और स्वच्छता है, और इसका उद्देश्य सभी के लिए जल तथा स्वच्छता की उपलब्धता और उसका सतत प्रबंधन सुनिश्चित करना है। सतरह लक्ष्यों को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने सितंबर 2015 में सतत विकास के 2030 एजेंडा के हिस्से के रूप में अपनाया था और इन्होंने सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों की जगह ली। लक्ष्य 6 में सुरक्षित पेयजल, शौचालय और खुले में शौच का अंत, अपशिष्ट जल का बेहतर उपचार, खेती और उद्योग में जल का कुशल उपयोग तथा नदियों, झीलों और भूजल की सुरक्षा शामिल है। A गलत है क्योंकि एसडीजी 4 गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ा है। B गलत है क्योंकि एसडीजी 7 सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा का लक्ष्य है। D गलत है क्योंकि एसडीजी 5 लैंगिक समानता से संबंधित है। परीक्षा टिप: एसडीजी 4 – शिक्षा, एसडीजी 5 – लैंगिक समानता, एसडीजी 6 – स्वच्छ जल और स्वच्छता, एसडीजी 7 – स्वच्छ ऊर्जा; सतरह लक्ष्य 2015 में अपनाए गए, लक्ष्य वर्ष 2030।

Q16.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: RRB ग्रुप D · 12 Nov 2018, Shift 3मध्यम

OTEC विद्युत संयंत्र स्थापित करने के लिए समुद्र की ऊपरी परतों और गहरी परतों के बीच तापमान का अंतर कितना होना चाहिए?

  1. A.40°C
  2. B.250°C
  3. C.50°C
  4. D.20°C
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 20°C

व्याख्या

सही उत्तर है D, 20°C। महासागरीय तापीय ऊर्जा रूपांतरण संयंत्र वहीं काम करता है जहाँ सतह का गर्म जल गहराई से लाए गए ठंडे जल से कम से कम लगभग 20 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म हो।

OTEC इसी अंतर को अपने ऊष्मा स्रोत की तरह उपयोग करता है। सतह का गर्म जल अमोनिया जैसे कम क्वथनांक वाले द्रव को उबालता है और बनी वाष्प टरबाइन घुमाकर बिजली बनाती है; लगभग एक किलोमीटर गहराई से खींचा गया ठंडा जल इस वाष्प को फिर द्रव में बदल देता है और चक्र दोहराया जाता है। 20 डिग्री का अंतर इसलिए जरूरी है कि इससे कम अंतर में पंप चलाने के बाद बाहर भेजने योग्य बिजली नहीं बचती। ऐसी दशाएँ उष्णकटिबंधीय समुद्रों में मिलती हैं और भारत ने लक्षद्वीप तथा अंडमान के पास OTEC का परीक्षण किया है।

विकल्प A गलत है क्योंकि सतह और गहरे समुद्र के बीच 40 डिग्री का अंतर नहीं होता। विकल्प B गलत है क्योंकि 250 डिग्री भट्ठी का ताप है, समुद्र का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि 50 डिग्री का अंतर किसी भी प्राकृतिक समुद्र में नहीं मिलता।

परीक्षा टिप: OTEC के लिए सतह और गहरे जल में लगभग 20°C का अंतर चाहिए और यह उष्णकटिबंधीय समुद्रों में सबसे उपयुक्त है।

Q17.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: SSC CGL · 8 August 2017, Shift 3मध्यम

क्योटो प्रोटोकॉल किस वर्ष लागू हुआ था?

  1. A.2004
  2. B.2005
  3. C.2006
  4. D.2007
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 2005

व्याख्या

सही उत्तर है B, 2005। क्योटो प्रोटोकॉल 16 फरवरी 2005 को लागू हुआ। इसे 11 दिसंबर 1997 को जापान के क्योटो शहर में अपनाया गया था और यह 1992 की जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन के अंतर्गत पहला बाध्यकारी समझौता था। यह तभी लागू हो सकता था जब कम से कम 55 देश इसका अनुमोदन कर दें, और उनमें वे विकसित देश शामिल हों जिनका 1990 के कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कम से कम 55 प्रतिशत हिस्सा था। नवंबर 2004 में रूस के अनुमोदन से यह शर्त पूरी हुई और उसके नब्बे दिन बाद संधि प्रभावी हो गई। इसकी पहली प्रतिबद्धता अवधि 2008 से 2012 तक चली, जिसमें विकसित देशों को अपने उत्सर्जन 1990 के स्तर से लगभग पाँच प्रतिशत नीचे लाने थे। A गलत है क्योंकि 2004 में रूस ने अनुमोदन किया था, संधि लागू नहीं हुई थी। C और D गलत हैं क्योंकि तब तक प्रोटोकॉल काम कर रहा था; 2007 बाली रोड मैप के लिए याद किया जाता है। परीक्षा टिप: स्वीकृति 1997, लागू 2005, पहली अवधि 2008 से 2012।

Q18.पर्यावरण और पारिस्थितिकीपूछा गया: मध्य प्रदेश · General Studies 2020मध्यम

राष्ट्रीय हरित अधिकरण के निर्णय से व्यथित व्यक्ति कितने दिनों के भीतर उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकता है?

  1. A.तीस दिन
  2. B.पैंतालीस दिन
  3. C.साठ दिन
  4. D.नब्बे दिन
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. नब्बे दिन

व्याख्या

सही उत्तर है D, नब्बे दिन। राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम, 2010 की धारा 22 के अनुसार अधिकरण के किसी अवार्ड, आदेश या निर्णय से व्यथित व्यक्ति उसकी सूचना मिलने की तारीख से नब्बे दिन के भीतर उच्चतम न्यायालय में अपील कर सकता है; देर का पर्याप्त कारण होने पर न्यायालय बाद में भी अपील स्वीकार कर सकता है। अधिकरण की स्थापना 2010 में इसी उद्देश्य से हुई थी कि पर्यावरण से जुड़े मामले जल्दी सुने जाएँ; इसकी प्रधान पीठ नई दिल्ली में है और इससे छह महीने में निर्णय की अपेक्षा की जाती है। A गलत है क्योंकि तीस दिन की अवधि राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे निकाय के आदेश के विरुद्ध अधिकरण में जाने के लिए है, उच्चतम न्यायालय में अपील के लिए नहीं। B और C गलत हैं क्योंकि अधिनियम में ऐसी अपील के लिए पैंतालीस या साठ दिन की कोई अवधि तय नहीं है। परीक्षा टिप: एनजीटी अधिनियम 2010 – अधिकरण में अपील तीस दिन, उच्चतम न्यायालय में अपील नब्बे दिन।

Q19.पर्यावरण और पारिस्थितिकीआसान

पेयजल में किस पदार्थ की अधिकता से फ्लोरोसिस होता है, जिसमें दाँतों पर धब्बे पड़ते हैं और हड्डियाँ विकृत होती हैं?

  1. A.फ्लोराइड
  2. B.क्लोराइड
  3. C.सल्फेट
  4. D.मैग्नीशियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. फ्लोराइड

व्याख्या

सही उत्तर A, फ्लोराइड है। पेयजल में थोड़ी मात्रा में फ्लोराइड दाँतों को सड़न से बचाता है, पर जब उसकी सांद्रता अनुमेय सीमा से ऊपर चली जाती है तो फ्लोरोसिस होता है। दंत फ्लोरोसिस में दाँतों पर धब्बे पड़ते और रंग बिगड़ता है तथा अस्थि फ्लोरोसिस में जोड़ अकड़ जाते और हड्डियाँ टेढ़ी हो जाती हैं; यह राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के उन भागों की गंभीर समस्या है जहाँ भूजल में स्वाभाविक रूप से फ्लोराइड अधिक है। विकल्प B गलत है क्योंकि क्लोराइड मुख्यतः जल के स्वाद और अधिक मात्रा में लवणता को प्रभावित करता है। विकल्प C गलत है क्योंकि अधिक सल्फेट विरेचक प्रभाव डालता है पर फ्लोरोसिस नहीं करता। विकल्प D गलत है क्योंकि मैग्नीशियम कैल्शियम के साथ मिलकर जल को कठोर बनाता है, जिससे साबुन का झाग और बॉयलर प्रभावित होते हैं। उपाय है विफ्लोरीनीकरण अथवा वैकल्पिक स्रोत से जल देना।

Q20.पर्यावरण और पारिस्थितिकीमध्यम

मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में 2016 का किगाली संशोधन किसमें चरणबद्ध कमी की व्यवस्था करता है?

  1. A.क्लोरोफ्लोरो कार्बन
  2. B.हाइड्रोफ्लोरो कार्बन
  3. C.सल्फर डाइऑक्साइड
  4. D.मेथिल ब्रोमाइड
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. हाइड्रोफ्लोरो कार्बन

व्याख्या

सही उत्तर B, हाइड्रोफ्लोरो कार्बन है। प्रशीतन और वातानुकूलन में क्लोरोफ्लोरो कार्बन के स्थान पर हाइड्रोफ्लोरो कार्बन अपनाए गए क्योंकि वे ओज़ोन परत को हानि नहीं पहुँचाते, परंतु वे बहुत प्रबल ग्रीनहाउस गैस निकले, इसलिए 2016 के किगाली संशोधन ने उन्हें उपयोग घटाने की समय सारणी के साथ मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के दायरे में ले लिया। विकल्प A गलत है क्योंकि क्लोरोफ्लोरो कार्बन 1987 के मूल प्रोटोकॉल में ही शामिल थे और उनका उत्पादन उसी के अंतर्गत समाप्त किया जा चुका है। विकल्प C गलत है क्योंकि अम्लीय वर्षा का मुख्य कारण सल्फर डाइऑक्साइड राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता कानूनों और उत्सर्जन मानकों से नियंत्रित होता है, इस संधि से नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि मृदा के धूमन में प्रयुक्त मेथिल ब्रोमाइड भी ओज़ोन क्षयकारी पदार्थों की मूल सूची का भाग है। यहाँ यही परखा जा रहा है कि किगाली एक ओज़ोन संधि के माध्यम से जलवायु गैस पर काम करता है।

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