मनुष्य में धमनियों और शिराओं के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.धमनियाँ रक्त को हृदय से दूर ले जाती हैं जबकि शिराएँ रक्त को हृदय की ओर लाती हैं
- B.फुफ्फुसीय धमनियाँ सदैव ऑक्सीजनित रक्त ले जाती हैं जबकि फुफ्फुसीय शिराएँ सदैव विऑक्सीजनित रक्त ले जाती हैं
- C.सामान्यतः शिराओं की तुलना में धमनियों की दीवारें मोटी और अधिक लचीली होती हैं
- D.धमनियों में वाल्व नहीं होते परंतु शिराओं में वाल्व होते हैं
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B। यह तथ्य को उलट देता है: फुफ्फुसीय धमनियाँ विऑक्सीजनित रक्त ले जाती हैं और फुफ्फुसीय शिराएँ ऑक्सीजनित रक्त लाती हैं।
धमनी और शिरा का नाम रक्त की दिशा से तय होता है, उसमें मौजूद ऑक्सीजन से नहीं। फुफ्फुसीय धमनी दाएँ निलय से निकलकर विऑक्सीजनित रक्त फेफड़ों तक ले जाती है, जबकि चार फुफ्फुसीय शिराएँ फेफड़ों से ऑक्सीजन युक्त रक्त बाएँ अलिंद में लौटाती हैं। यही इस नियम के प्रसिद्ध अपवाद हैं कि धमनियाँ ऑक्सीजन युक्त रक्त ले जाती हैं। हृदय से रक्त ऊँचे दबाव पर निकलता है, इसलिए धमनियों की दीवारें मोटी, लचीली और पेशीय होती हैं; शिराओं में दबाव कम होता है और उनमें वाल्व होते हैं जो रक्त को पीछे लौटने से रोकते हैं।
A सही कथन है, क्योंकि धमनियाँ रक्त हृदय से दूर और शिराएँ हृदय की ओर ले जाती हैं। C सही है, क्योंकि दबाव सहने के लिए धमनियों की दीवारें मोटी होती हैं। D सही है, क्योंकि वाल्व शिराओं की विशेषता हैं, धमनियों की नहीं।
Exam tip: फुफ्फुसीय धमनी में विऑक्सीजनित और फुफ्फुसीय शिरा में ऑक्सीजनित रक्त, नियम का उलटा।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंधावकों (स्प्रिंटर्स) की मांसपेशियों में निम्नलिखित में से किसके जमा होने से ऐंठन होती है?
- A.लैक्टिक अम्ल
- B.एथेनॉल
- C.पाइरुविक अम्ल
- D.ग्लूकोज
उत्तर देखें
तेज दौड़ के दौरान मांसपेशियों को ऊर्जा की जरूरत इतनी तेजी से होती है कि रक्त पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुँचा पाता, इसलिए वे अवायवीय श्वसन करने लगती हैं और लैक्टिक अम्ल जमा हो जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस तत्व का पता "लैसेन परीक्षण" से नहीं लगाया जा सकता?
- A.I
- B.Cl
- C.S
- D.F
उत्तर देखें
लैसेन परीक्षण से फ्लोरीन का पता नहीं लगता, क्योंकि सिल्वर फ्लोराइड पानी में घुलनशील है और कोई अवक्षेप नहीं देता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पक्षियों और चमगादड़ों के पंखों को समवृत्ति (एनालॉगस) संरचनाएँ माना जाता है, क्योंकि उनमें होता है
- A.समान उत्पत्ति और समान कार्य
- B.भिन्न उत्पत्ति और समान कार्य
- C.समान उत्पत्ति और भिन्न कार्य
- D.भिन्न उत्पत्ति और भिन्न कार्य
उत्तर देखें
समवृत्ति संरचनाएँ एक जैसा काम करती हैं पर उनका विकास अलग-अलग हुआ होता है, और पक्षियों तथा चमगादड़ों के पंख इसका मानक उदाहरण हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा एक मुक्तजीवी (स्वतंत्र रूप से रहने वाला) जंतु है?
- A.लिवर फ्लूक
- B.वुचेरेरिया
- C.प्लाज्मोडियम
- D.प्लेनेरिया
उत्तर देखें
प्लेनेरिया एक मुक्तजीवी चपटा कृमि है, जबकि बाकी तीनों परजीवी हैं जो किसी पोषक के भीतर रहते हैं। प्लेनेरिया संघ प्लेटीहेल्मिन्थीज़ का सदस्य है और मीठे पानी के तालाबों और धाराओं में पत्थरों के नीचे सरकते हुए छोटे जीवों को खाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →किसी कण का रैखिक संवेग संरक्षित रहता है यदि:
- A.उस पर कुल बल अधिकतम हो।
- B.उस पर कुल बल शून्य हो।
- C.उस पर कुल बल-आघूर्ण शून्य हो।
- D.उस पर किया गया कुल कार्य अधिकतम हो।
उत्तर देखें
रैखिक संवेग तभी स्थिर रहता है जब कोई कुल बाहरी बल न लगे। रैखिक संवेग द्रव्यमान और वेग का गुणनफल है, p = mv।
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