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GK24
सामान्य विज्ञानकठिन

मानव रक्त में कार्बन डाइऑक्साइड का परिवहन मुख्य रूप से किस रूप में होता है?

  1. A.ऑक्सीहीमोग्लोबिन के रूप में
  2. B.प्लाज्मा में बाइकार्बोनेट आयन के रूप में
  3. C.मुक्त गैस के बुलबुलों के रूप में
  4. D.कार्बन मोनोऑक्साइड के रूप में

सही उत्तर

B. प्लाज्मा में बाइकार्बोनेट आयन के रूप में

व्याख्या

सही उत्तर B, बाइकार्बोनेट आयन के रूप में है। ऊतकों में बनी अधिकांश कार्बन डाइऑक्साइड लाल रक्त कणिकाओं में जाती है, जहां कार्बोनिक एनहाइड्रेज एंजाइम उसे जल से मिलाकर कार्बोनिक अम्ल बनाता है, जो तुरंत हाइड्रोजन और बाइकार्बोनेट आयनों में टूट जाता है; फिर बाइकार्बोनेट प्लाज्मा में फेफड़ों तक जाता है, जहां यही अभिक्रिया उलटी होती है और गैस बाहर निकाल दी जाती है। कुछ कम भाग हीमोग्लोबिन से जुड़कर कार्बेमिनोहीमोग्लोबिन के रूप में और थोड़ा घुली अवस्था में ढोया जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि ऑक्सीहीमोग्लोबिन वह रूप है जिसमें ऑक्सीजन का परिवहन होता है, कार्बन डाइऑक्साइड का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि रक्त में गैस के मुक्त बुलबुले वाहिका अवरोध पैदा करते हैं और घातक होते हैं, वे सामान्य परिवहन का रूप नहीं हैं। विकल्प D गलत है क्योंकि कार्बन मोनोऑक्साइड अपूर्ण दहन से बनी विषैली गैस है जो हीमोग्लोबिन को अवरुद्ध करती है, शरीर उसे परिवहन के लिए नहीं बनाता।

पूरा लेख पढ़ें: मानव पाचन और श्वसन तंत्र: अंग, ग्रंथियां और एंजाइम

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Q1.सामान्य विज्ञानपूछा गया: दिल्ली · 6 Dec 2017, Shift 2आसान

शरीर में ऑक्सीजन युक्त वायु को भीतर लेने की प्रक्रिया को ______ कहते हैं।

  1. A.अंतःश्वसन
  2. B.निःश्वसन
  3. C.प्लवन
  4. D.अन्वेषण
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अंतःश्वसन

व्याख्या

सही उत्तर A, अंतःश्वसन है। अंतःश्वसन श्वासक्रिया की वह अवस्था है जिसमें डायाफ्राम चपटा होता है और अंतरापर्शुक पेशियां पसलियों को ऊपर तथा बाहर खींचती हैं, जिससे वक्ष गुहा बड़ी हो जाती है, फेफड़ों के भीतर का दाब वायुमंडलीय दाब से घट जाता है और ऑक्सीजन युक्त वायु नासाछिद्रों तथा श्वासनली से भीतर दौड़ आती है। विकल्प B गलत है क्योंकि निःश्वसन इसकी उलटी अवस्था है, जिसमें पेशियां शिथिल होती हैं, वक्ष गुहा सिकुड़ती है और कार्बन डाइऑक्साइड युक्त वायु बाहर धकेली जाती है; सामान्यतः यह निष्क्रिय क्रिया है। विकल्प C गलत है क्योंकि प्लवन तरल में रखी वस्तुओं का भौतिक गुण है, जिसे आर्किमिडीज का नियम बताता है, और इसका श्वसन से कोई संबंध नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि अन्वेषण का अर्थ खोज या जांच करना है और यह जीव विज्ञान का पद ही नहीं है। इस जोड़ी को याद रखें, वायु भीतर लेना अंतःश्वसन और बाहर निकालना निःश्वसन।

Q2.सामान्य विज्ञानआसान

निम्नलिखित में से मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि कौन सी है?

  1. A.अग्न्याशय
  2. B.थायरॉइड ग्रंथि
  3. C.यकृत
  4. D.कर्णपूर्व ग्रंथि
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. यकृत

व्याख्या

सही उत्तर C, यकृत है। यह मानव शरीर की सबसे बड़ी ग्रंथि तथा सबसे भारी आंतरिक अंग है, यह उदर के ऊपरी दाहिने भाग में स्थित है, और पाचन में इसका मुख्य योगदान पित्त है, जो पित्ताशय में संचित होकर वसा का इमल्सीकरण करता है। विकल्प A गलत है क्योंकि अग्न्याशय महत्वपूर्ण होते हुए भी, कि वह एकमात्र बहिःस्रावी और अंतःस्रावी दोनों ग्रंथि है, आकार में बहुत छोटा है और उसका भार सौ ग्राम से भी कम होता है। विकल्प B गलत है क्योंकि थायरॉइड शरीर की सबसे बड़ी अंतःस्रावी ग्रंथि होकर भी यकृत से बहुत छोटी है, और प्रश्न किसी भी प्रकार की सबसे बड़ी ग्रंथि पूछ रहा है। विकल्प D गलत है क्योंकि कर्णपूर्व ग्रंथि केवल लार ग्रंथियों के तीन जोड़ों में सबसे बड़ी है, जो बहुत सीमित उपाधि है। प्रश्नपत्रों का एक सामान्य जाल थायरॉइड देना है, इसलिए पढ़ें कि प्रश्न ग्रंथि कह रहा है या अंतःस्रावी ग्रंथि।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

लार में उपस्थित कौन सा एंजाइम मुख में मंड का पाचन आरंभ करता है?

  1. A.पेप्सिन
  2. B.ट्रिप्सिन
  3. C.लार एमाइलेज
  4. D.लाइपेज
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लार एमाइलेज

व्याख्या

सही उत्तर C, लार एमाइलेज है, जिसे टायलिन भी कहा जाता है। यह लार ग्रंथियों के तीन जोड़ों से स्रावित होता है और मंड को माल्टोज नामक छोटी शर्करा में तोड़ता है, इसी कारण मंड ही भोजन का एकमात्र वर्ग है जिसका पाचन वास्तव में मुखगुहा में आरंभ हो जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि पेप्सिन आमाशय की जठर ग्रंथियों से स्रावित होता है और केवल प्रोटीन पर, वह भी प्रबल अम्लीय माध्यम में ही क्रिया करता है। विकल्प B गलत है क्योंकि ट्रिप्सिन अग्न्याशय से आता है, ग्रहणी में क्रिया करता है और वह भी प्रोटीन का पाचन करता है, मंड का नहीं। विकल्प D गलत है क्योंकि लाइपेज, जो भी अग्न्याशय से आता है, पित्त द्वारा पहले से इमल्सीकृत वसा पर क्रिया करके उसे वसा अम्ल और ग्लिसरॉल में तोड़ता है। ध्यान दें कि रोटी को देर तक चबाने पर मीठी लगने लगती है, यही रोजमर्रा का प्रमाण है कि लार एमाइलेज मंड को शर्करा में बदल रहा है।

Q4.सामान्य विज्ञानमध्यम

पित्त में कोई एंजाइम न होने पर भी वह वसा के पाचन में सहायक होता है। उसका मुख्य कार्य क्या है?

  1. A.वह वसा को वसा अम्ल और ग्लिसरॉल में तोड़ता है
  2. B.वह वसा का इमल्सीकरण करता है और माध्यम को क्षारीय बनाता है
  3. C.वह रसांकुरों से वसा का अवशोषण करता है
  4. D.वह वसा को मंड में बदल देता है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. वह वसा का इमल्सीकरण करता है और माध्यम को क्षारीय बनाता है

व्याख्या

सही उत्तर B है। पित्त यकृत में बनता है, पित्ताशय में संचित तथा सांद्र होता है और ग्रहणी में डाला जाता है, और इसमें पित्त लवण तथा पित्त वर्णक होते हैं, कोई पाचक एंजाइम नहीं। इसके पित्त लवण वसा के बड़े गोलकों को अत्यंत सूक्ष्म बूंदों में तोड़ते हैं, जिसे इमल्सीकरण कहते हैं, और इससे वह पृष्ठीय क्षेत्रफल कई गुना बढ़ जाता है जिस पर अग्न्याशयी लाइपेज क्रिया कर सकता है; साथ ही यह आमाशय से आए अम्ल को उदासीन करता है जिससे क्षारीय अग्न्याशयी और आंत्र एंजाइम काम कर सकें। विकल्प A गलत है क्योंकि वह रासायनिक विघटन लाइपेज का कार्य है, पित्त का नहीं। विकल्प C गलत है क्योंकि रसांकुरों से अवशोषण पाचन के बाद की अलग अवस्था है और पित्त उसे नहीं करता। विकल्प D गलत है क्योंकि शरीर का कोई स्राव वसा को मंड में नहीं बदलता, दोनों भिन्न वर्ग के पोषक तत्व हैं।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

आहारनाल का सबसे लंबा भाग कौन सा है और भोजन का अधिकांश अवशोषण कहां होता है?

  1. A.आमाशय
  2. B.ग्रासनली
  3. C.छोटी आंत
  4. D.बड़ी आंत
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. छोटी आंत

व्याख्या

सही उत्तर C, छोटी आंत है। लगभग छह से सात मीटर लंबी होने के कारण यह नौ मीटर की आहारनाल का सबसे लंबा भाग है, यहीं अग्न्याशयी और आंत्र रसों से पाचन पूरा होता है, और इसकी भीतरी भित्ति पर लाखों अंगुली जैसे रसांकुर होते हैं जो ग्लूकोज, अमीनो अम्ल, वसा अम्ल तथा ग्लिसरॉल को रक्त में सोखने के लिए विशाल पृष्ठ देते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि आमाशय लगभग पच्चीस सेंटीमीटर लंबा एक पेशीय थैला ही है और जल, एल्कोहॉल तथा कुछ औषधियों के अतिरिक्त वह कुछ भी अवशोषित नहीं करता। विकल्प B गलत है क्योंकि ग्रासनली लगभग पच्चीस सेंटीमीटर की एक साधारण संवाहक नली है जो क्रमसंकुचन से भोजन को नीचे धकेलती है। विकल्प D गलत है क्योंकि बड़ी आंत अधिक चौड़ी होकर भी बहुत छोटी है और मुख्यतः अपचे अवशेष से जल और लवण सोखती है।