मलेरिया परजीवी का वाहक है
- A.नर एनोफ़िलीज़ मच्छर
- B.नर क्यूलेक्स मच्छर
- C.मादा एनोफ़िलीज़ मच्छर
- D.मादा क्यूलेक्स मच्छर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, मादा एनोफ़िलीज़ मच्छर। केवल मादा एनोफ़िलीज़ मनुष्य का खून चूसती है और काटते समय मलेरिया परजीवी प्लाज़्मोडियम को रक्त में पहुंचा देती है।
मलेरिया प्लाज़्मोडियम वंश के एक प्रोटोज़ोआ से होता है; पी. फ़ैल्सीपेरम सबसे घातक रूप देता है और पी. वाइवैक्स भारत में बहुत आम है। मादा मच्छर को अंडे विकसित करने के लिए खून चाहिए, इसलिए वह काटती है, संक्रमित व्यक्ति से परजीवी लेती है और बाद में अपनी लार के साथ उसके स्पोरोज़ोइट दूसरे व्यक्ति में डाल देती है। परजीवी पहले यकृत में और फिर लाल रक्त कणिकाओं में बढ़ता है, इसीलिए रोगी को कंपकंपी के साथ बार-बार बुखार आता है। रोनाल्ड रॉस ने 1897 में सिकंदराबाद में मच्छर की यह भूमिका सिद्ध की थी।
A गलत है, क्योंकि नर मच्छर पौधों का रस और मकरंद पीते हैं और काटते नहीं। B गलत है, क्योंकि नर क्यूलेक्स भी नहीं काटता। D गलत है, क्योंकि मादा क्यूलेक्स फ़ाइलेरिया और जापानी इंसेफ़ेलाइटिस फैलाती है, मलेरिया नहीं।
Exam tip: मलेरिया मादा एनोफ़िलीज़ से, फ़ाइलेरिया मादा क्यूलेक्स से, डेंगू और चिकनगुनिया एडीज़ से।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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