लोकसभा के चुनाव के लिए नामांकन पत्र कौन दाखिल कर सकता है?
- A.भारत में निवास करने वाला कोई भी व्यक्ति।
- B.उस निर्वाचन क्षेत्र का निवासी जहाँ से चुनाव लड़ा जाना है।
- C.भारत का कोई भी नागरिक जिसका नाम किसी निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में हो।
- D.भारत का कोई भी नागरिक।
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, भारत का कोई भी नागरिक जिसका नाम किसी निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में हो। लोकसभा सीट लड़ने के लिए व्यक्ति का नागरिक और मतदाता होना ज़रूरी है, पर उसका नाम देश के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र की सूची में हो सकता है।
संविधान का अनुच्छेद 84 कहता है कि लोकसभा सदस्य भारत का नागरिक हो, कम से कम 25 वर्ष का हो और निर्वाचन आयोग द्वारा अधिकृत अधिकारी के सामने शपथ ले। लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 4 यह जोड़ती है कि वह किसी भी संसदीय निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता हो। इसीलिए एक राज्य में मतदाता के रूप में दर्ज नेता दूसरे राज्य से चुनाव लड़ सकता है। अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित सीटों पर केवल उन्हीं वर्गों के सदस्य लड़ सकते हैं।
A गलत है क्योंकि केवल निवास पर्याप्त नहीं; व्यक्ति नागरिक और पंजीकृत मतदाता होना चाहिए। B गलत है क्योंकि उम्मीदवार का उसी क्षेत्र में रहना ज़रूरी नहीं है। D गलत है क्योंकि मतदाता सूची में नाम के बिना केवल नागरिकता पर्याप्त नहीं है।
Exam tip: लोकसभा उम्मीदवार = नागरिक, 25 वर्ष, भारत में कहीं का भी मतदाता।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंपंचायतों के कार्यकरण के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.पंचायतें कर, शुल्क, पथकर आदि लगा, वसूल और विनियोजित कर सकती हैं।
- B.25 वर्ष की आयु प्राप्त कर चुका व्यक्ति पंचायत का सदस्य बनने के योग्य होगा।
- C.प्रत्येक पंचायत अपनी पहली बैठक की तिथि से सामान्यतः पाँच वर्ष तक बनी रहेगी।
- D.समय से पहले भंग होने के बाद पुनर्गठित पंचायत केवल पूरी अवधि के शेष भाग तक बनी रहेगी।
उत्तर देखें
अनुच्छेद 243F के अनुसार पंचायत का सदस्य बनने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है, 25 वर्ष नहीं। 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 से जोड़ा गया संविधान का भाग IX, जो 24 अप्रैल 1993 से लागू है, पंचायती राज का ढाँचा तय करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान के अनुच्छेद 371G के अनुसार मिज़ोरम राज्य के संबंध में विशेष उपबंध किए गए हैं। इसके अनुसार कुछ विषयों पर संसद का कोई अधिनियम तब तक लागू नहीं होगा जब तक मिज़ोरम की विधानसभा संकल्प द्वारा ऐसा निर्णय न ले। निम्नलिखित में से कौन-सा विषय इस अनुच्छेद के अंतर्गत नहीं आता?
- A.मिज़ो लोगों की धार्मिक या सामाजिक प्रथाएँ
- B.मिज़ो रूढ़िगत विधि और प्रक्रिया
- C.मिज़ो रूढ़िगत विधि के अनुसार निर्णयों से जुड़ा दीवानी और फ़ौजदारी न्याय प्रशासन
- D.प्राकृतिक संसाधनों का स्वामित्व और अंतरण
उत्तर देखें
अनुच्छेद 371G मिज़ोरम में भूमि के स्वामित्व और अंतरण की रक्षा करता है, सामान्य रूप से प्राकृतिक संसाधनों की नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शासन की स्थिति का आकलन करने के लिए निम्नलिखित में से किस सूचकांक का प्रयोग किया जाता है?
- A.सतत शासन सूचकांक
- B.ई-शासन सूचकांक
- C.शहरी शासन सूचकांक
- D.सुशासन सूचकांक
उत्तर देखें
सुशासन सूचकांक (GGI) भारत सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शासन की तुलना के लिए तैयार किया है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा समाजवाद का भारतीय रूप नहीं है?
- A.लोकतांत्रिक समाजवाद
- B.उग्र (रेडिकल) समाजवाद
- C.समुदायवादी समाजवाद
- D.नेहरूवादी समाजवाद
उत्तर देखें
रेडिकल समाजवाद मुख्य रूप से फ्रांस की यूरोपीय राजनीतिक परंपरा है और यह भारत में विकसित समाजवाद की धाराओं में से नहीं है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस संगठन ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 की संवैधानिकता को भारत के सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी?
- A.नाज़ फाउंडेशन (इंडिया) ट्रस्ट
- B.बचपन बचाओ आंदोलन
- C.संभव फाउंडेशन इंडिया
- D.एक्शनएड इंडिया
उत्तर देखें
एचआईवी/एड्स पर काम करने वाले दिल्ली के इस गैर-सरकारी संगठन ने आईपीसी की धारा 377 के विरुद्ध लंबी कानूनी लड़ाई का नेतृत्व किया।
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