कृषि योग्य बंजर भूमि क्या है?
- A.वह भूमि जो पिछले चार वर्षों में परती छोड़ी गई हो
- B.वह भूमि जो एक से दो वर्ष के बीच परती छोड़ी गई हो
- C.वह भूमि जो एक वर्ष से कम समय के लिए परती छोड़ी गई हो
- D.वह भूमि जो पाँच वर्ष से अधिक समय से परती छोड़ी गई हो
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, वह भूमि जो पाँच वर्ष से अधिक समय से परती छोड़ी गई हो। भारत के भू-उपयोग अभिलेखों में खेती लायक जो भूमि पाँच वर्ष से अधिक समय से जोती नहीं गई, उसे कृषि योग्य बंजर भूमि कहा जाता है।
भारत अपने प्रतिवेदित क्षेत्र को नौ भू-उपयोग वर्गों में बाँटता है। परती भूमि को खाली छोड़े जाने की अवधि के आधार पर बाँटा जाता है: चालू परती वह है जो एक कृषि वर्ष या उससे कम समय से खाली हो, और पुरातन परती वह है जो एक वर्ष से अधिक पर पाँच वर्ष से कम समय से खाली हो। जब भूमि पाँच वर्ष से अधिक समय तक बिना जोते रह जाए, तो वह कृषि योग्य बंजर भूमि के वर्ग में आ जाती है। सुधार के उपायों से इसे फिर खेती लायक बनाया जा सकता है, इसलिए यह बंजर और कृषि अयोग्य भूमि से अलग है।
A गलत है क्योंकि पाँच वर्ष तक खाली भूमि परती ही गिनी जाती है। B गलत है क्योंकि एक से पाँच वर्ष की अवधि पुरातन परती की है। C गलत है क्योंकि एक वर्ष या उससे कम खाली भूमि चालू परती है।
परीक्षा टिप: चालू परती: 1 वर्ष या कम; पुरातन परती: 1 से 5 वर्ष; कृषि योग्य बंजर भूमि: 5 वर्ष से अधिक।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअपक्षय, बृहत् संचलन (मास वेस्टिंग), अपरदन और परिवहन निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया के सूचक हैं?
- A.अनाच्छादन
- B.अंतर्जनित प्रक्रिया
- C.पटल विरूपण
- D.पर्वत निर्माण
उत्तर देखें
अपक्षय, बृहत् संचलन, अपरदन और परिवहन मिलकर पृथ्वी की सतह को घिसते और हटाते हैं, और इस सम्मिलित कार्य को अनाच्छादन कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नए और मौजूदा विचारों के सृजन, पुनर्व्यवस्थापन और व्याख्या पर केंद्रित क्रियाकलाप या सेवाएँ क्या कहलाती हैं?
- A.चतुर्थक क्रियाकलाप
- B.पंचम क्रियाकलाप
- C.तृतीयक क्रियाकलाप
- D.द्वितीयक क्रियाकलाप
उत्तर देखें
नए और मौजूदा विचारों का सृजन, पुनर्व्यवस्थापन और व्याख्या, आँकड़ों की व्याख्या और नई तकनीकों का मूल्यांकन करने वाली सेवाएँ पंचम क्रियाकलाप कहलाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. चट्टानें लंबे समय तक अपने मूल रूप में नहीं रहतीं और उनका रूपांतरण होता रहता है।
2. चट्टानों का रूपांतरण अपक्षय, अपरदन और कायांतरण क्रिया के कारण होता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
चट्टानें लगातार एक रूप से दूसरे रूप में बदलती रहती हैं, और यह बदलाव अपक्षय, अपरदन और कायांतरण से होता है, जिसे मिलाकर शैल चक्र कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का पर्वत शिखर नहीं है?
- A.सैडल पीक
- B.माउंट थुइलियर
- C.ल्होत्से पीक
- D.माउंट डियावोलो
उत्तर देखें
ल्होत्से अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में है ही नहीं; यह नेपाल और तिब्बत की सीमा पर माउंट एवरेस्ट के ठीक दक्षिण में स्थित हिमालय की चोटी है, और लगभग 8,516 मीटर ऊँचाई के साथ विश्व का चौथा सबसे ऊँचा पर्वत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस भारतीय राज्य की तटरेखा सबसे लंबी है?
- A.तमिलनाडु
- B.गुजरात
- C.महाराष्ट्र
- D.आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें
भारत के सभी राज्यों में गुजरात की तटरेखा सबसे लंबी है। इसका तट उत्तर में कच्छ के रण से शुरू होकर कच्छ की खाड़ी और सौराष्ट्र (काठियावाड़) प्रायद्वीप के चारों ओर घूमता हुआ खंभात की खाड़ी में जाता है और दक्षिण में दमन के पास महाराष्ट्र की सीमा तक पहुँचता…
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