अपक्षय, बृहत् संचलन (मास वेस्टिंग), अपरदन और परिवहन निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया के सूचक हैं?
- A.अनाच्छादन
- B.अंतर्जनित प्रक्रिया
- C.पटल विरूपण
- D.पर्वत निर्माण
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, अनाच्छादन। अपक्षय, बृहत् संचलन, अपरदन और परिवहन मिलकर पृथ्वी की सतह को घिसते और हटाते हैं, और इस सम्मिलित कार्य को अनाच्छादन कहते हैं।
भू-आकृतिक प्रक्रियाएँ दो प्रकार की होती हैं। बहिर्जनिक प्रक्रियाएँ अपनी ऊर्जा सूर्य और गुरुत्व से लेती हैं और सतह पर काम करती हैं: अपक्षय चट्टानों को उनकी जगह पर ही तोड़ता है, बृहत् संचलन ढीले पदार्थ को गुरुत्व के कारण ढलान से नीचे ले जाता है, जैसे भूस्खलन और मृदा सर्पण, और बहता जल, पवन, हिमनद और लहरें अपरदन व परिवहन द्वारा मलबा दूर ले जाती हैं। इन सबका कुल प्रभाव भूमि को नीचा करना है, जो अनाच्छादन है। अंतर्जनित प्रक्रियाएँ पृथ्वी के भीतर से ऊर्जा लेकर पटल विरूपण और ज्वालामुखीयता से सतह को ऊपर उठाती हैं।
B गलत है, क्योंकि अंतर्जनित प्रक्रियाएँ पृथ्वी के भीतर से आती हैं और भूमि को ऊपर उठाती हैं। C गलत है, क्योंकि पटल विरूपण आंतरिक बलों से भूपर्पटी का वलन, भ्रंशन और उत्थान है। D गलत है, क्योंकि पर्वत निर्माण पटल विरूपण का ही एक रूप है, घिसाव का नहीं।
Exam tip: बहिर्जनिक = अनाच्छादन (अपक्षय, बृहत् संचलन, अपरदन); अंतर्जनित = पटल विरूपण और ज्वालामुखीयता।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनए और मौजूदा विचारों के सृजन, पुनर्व्यवस्थापन और व्याख्या पर केंद्रित क्रियाकलाप या सेवाएँ क्या कहलाती हैं?
- A.चतुर्थक क्रियाकलाप
- B.पंचम क्रियाकलाप
- C.तृतीयक क्रियाकलाप
- D.द्वितीयक क्रियाकलाप
उत्तर देखें
नए और मौजूदा विचारों का सृजन, पुनर्व्यवस्थापन और व्याख्या, आँकड़ों की व्याख्या और नई तकनीकों का मूल्यांकन करने वाली सेवाएँ पंचम क्रियाकलाप कहलाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. चट्टानें लंबे समय तक अपने मूल रूप में नहीं रहतीं और उनका रूपांतरण होता रहता है।
2. चट्टानों का रूपांतरण अपक्षय, अपरदन और कायांतरण क्रिया के कारण होता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
चट्टानें लगातार एक रूप से दूसरे रूप में बदलती रहती हैं, और यह बदलाव अपक्षय, अपरदन और कायांतरण से होता है, जिसे मिलाकर शैल चक्र कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का पर्वत शिखर नहीं है?
- A.सैडल पीक
- B.माउंट थुइलियर
- C.ल्होत्से पीक
- D.माउंट डियावोलो
उत्तर देखें
ल्होत्से अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में है ही नहीं; यह नेपाल और तिब्बत की सीमा पर माउंट एवरेस्ट के ठीक दक्षिण में स्थित हिमालय की चोटी है, और लगभग 8,516 मीटर ऊँचाई के साथ विश्व का चौथा सबसे ऊँचा पर्वत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस भारतीय राज्य की तटरेखा सबसे लंबी है?
- A.तमिलनाडु
- B.गुजरात
- C.महाराष्ट्र
- D.आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें
भारत के सभी राज्यों में गुजरात की तटरेखा सबसे लंबी है। इसका तट उत्तर में कच्छ के रण से शुरू होकर कच्छ की खाड़ी और सौराष्ट्र (काठियावाड़) प्रायद्वीप के चारों ओर घूमता हुआ खंभात की खाड़ी में जाता है और दक्षिण में दमन के पास महाराष्ट्र की सीमा तक पहुँचता…
पूरी व्याख्या पढ़ें →मृदा के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. जलोढ़ मृदा में नाइट्रोजन की मात्रा अधिक होती है।
2. काली मृदा लोहे और चूने से समृद्ध होती है पर उसमें नाइट्रोजन की कमी होती है।
3. लैटेराइट मृदा लोहे और एल्युमिनियम से समृद्ध होती है पर उसमें नाइट्रोजन और पोटैशियम की कमी होती है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 3
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
कथन 1 गलत है: भारत में सबसे अधिक फैली जलोढ़ मृदा में प्रायः पोटाश और चूना पर्याप्त होता है, पर नाइट्रोजन और फॉस्फोरस कम होते हैं, इसीलिए उत्तरी मैदानों के किसान नाइट्रोजन उर्वरक डालते हैं।
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