'कोर बैंकिंग सॉल्यूशंस' शब्द कभी-कभी समाचारों में दिखाई देता है। निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन इस शब्द का सबसे अच्छा वर्णन करता/करते है/हैं? 1. यह किसी बैंक की शाखाओं का ऐसा नेटवर्क है जिससे ग्राहक, खाता चाहे कहीं भी खोला हो, नेटवर्क की किसी भी शाखा से अपना खाता चला सकते हैं। 2. यह कंप्यूटरीकरण द्वारा वाणिज्यिक बैंकों पर RBI का नियंत्रण बढ़ाने का प्रयास है। 3. यह एक विस्तृत प्रक्रिया है जिसके द्वारा भारी अनर्जक परिसंपत्तियों वाले बैंक को किसी अन्य बैंक द्वारा अधिग्रहित किया जाता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 3
- D.1, 2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है A, केवल 1। कोर बैंकिंग सॉल्यूशंस (CBS) किसी बैंक की सभी शाखाओं को एक केंद्रीय प्रणाली से जोड़ता है, जिससे ग्राहक केवल अपनी मूल शाखा ही नहीं, किसी भी शाखा में लेन-देन कर सकता है।
CBS में बैंक का हर खाता और हर लेन-देन एक केंद्रीय सर्वर पर रहता है, जो तुरंत अद्यतन होता है। CORE का विस्तार अक्सर Centralised Online Real-time Exchange बताया जाता है। पटना में खाता खोलने वाला जमाकर्ता उसी बैंक की पुणे शाखा में पैसा निकाल, जमा या भेज सकता है। ATM, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, NEFT और RTGS भी CBS पर ही टिके हैं। भारतीय बैंक 2000 के दशक में CBS पर आए और बाद में डाकघर व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक भी जुड़े।
कथन 2 गलत है: CBS बैंक का अपना ग्राहक-सेवा तकनीकी मंच है; यह बैंकों पर RBI के नियंत्रण का साधन नहीं है।
कथन 3 गलत है: डूबे ऋणों वाले बैंक का अधिग्रहण विलय या समाधान प्रक्रिया है, उसका CBS से कोई संबंध नहीं।
इसलिए B, C और D गलत हैं।
परीक्षा टिप: CBS = एक केंद्रीय सर्वर से उसी बैंक की किसी भी शाखा में कहीं भी, कभी भी बैंकिंग।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंRBI द्वारा घोषित 'मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फ़ंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR)' का/के उद्देश्य क्या है/हैं?
1. ये दिशानिर्देश अग्रिमों पर ब्याज दरें तय करने के लिए बैंकों द्वारा अपनाई जाने वाली पद्धति में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद करते हैं।
2. ये दिशानिर्देश ऐसी ब्याज दरों पर बैंक ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद करते हैं जो उधारकर्ताओं और बैंकों दोनों के लिए उचित हों।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
RBI ने MCLR इसलिए लागू किया ताकि बैंकों का ऋण-मूल्य निर्धारण अधिक पारदर्शी हो और उधारकर्ताओं को दोनों पक्षों के लिए उचित दरें मिलें।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डिजिटल रुपये के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. यह भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा अपनी मौद्रिक नीति के अनुरूप जारी की गई संप्रभु मुद्रा है।
2. यह RBI के तुलन-पत्र में देयता के रूप में दिखता है।
3. अपनी बनावट के कारण ही यह मुद्रास्फीति के विरुद्ध बीमित है।
4. यह वाणिज्यिक बैंक मुद्रा और नकदी के बदले स्वतंत्र रूप से परिवर्तनीय है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 1 और 3
- C.केवल 2 और 4
- D.1, 2 और 4
उत्तर देखें
डिजिटल रुपया RBI द्वारा जारी संप्रभु मुद्रा है, नोटों की तरह RBI की देयता है, और नकदी व बैंक जमा से एक के बदले एक बदला जा सकता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन-I: सिंडिकेटेड ऋण देने से उधारकर्ता के चूक का जोखिम कई ऋणदाताओं में बँट जाता है।
कथन-II: सिंडिकेटेड ऋण एक निश्चित राशि/एकमुश्त धनराशि हो सकता है, परंतु क्रेडिट लाइन नहीं हो सकता।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?
- A.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की व्याख्या करता है
- B.कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं, परंतु कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता
- C.कथन-I सही है, परंतु कथन-II गलत है
- D.कथन-I गलत है, परंतु कथन-II सही है
उत्तर देखें
सिंडिकेट चूक का जोखिम बाँट लेता है, और सिंडिकेटेड सुविधा सावधि ऋण भी हो सकती है और क्रेडिट लाइन भी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →विदेशी बैंकों के संबंध में भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा लागू नियम/नियमों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. भारत में पूर्ण स्वामित्व वाली बैंकिंग सहायक कंपनियों के लिए कोई न्यूनतम पूँजी आवश्यकता नहीं है। 2. भारत में पूर्ण स्वामित्व वाली बैंकिंग सहायक कंपनियों के लिए बोर्ड के कम से कम 50% सदस्य भारतीय नागरिक होने चाहिए। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
RBI विदेशी बैंक की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी के लिए न्यूनतम पूँजी तय करता है, और बोर्ड के कम से कम आधे सदस्यों का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →डिजिटल भुगतान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. BHIM ऐप उपयोगकर्ता को UPI-सक्षम बैंक खाते वाले किसी भी व्यक्ति को धन अंतरित करने की सुविधा देता है। 2. जहाँ चिप-पिन डेबिट कार्ड में प्रमाणीकरण के चार कारक होते हैं, वहीं BHIM ऐप में प्रमाणीकरण के केवल दो कारक होते हैं। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
BHIM से UPI से जुड़े बैंक खाते वाले किसी भी व्यक्ति को पैसे भेजे जा सकते हैं, पर चिप-पिन डेबिट कार्ड में प्रमाणीकरण के चार कारक नहीं होते।
पूरी व्याख्या पढ़ें →