किसी न्यायालय या अधिकरण के आदेश को रद्द करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी रिट जारी की जाती है?
- A.परमादेश
- B.प्रतिषेध
- C.अधिकार पृच्छा
- D.उत्प्रेषण
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, उत्प्रेषण। उत्प्रेषण (सर्टियोरारी), जिसका अर्थ है 'प्रमाणित होना' या 'सूचित होना', उच्च न्यायालय द्वारा किसी अधीनस्थ न्यायालय या अधिकरण को मामला स्थानांतरित करने या उसके द्वारा दिए गए आदेश को रद्द करने के लिए जारी किया जाता है।
सर्वोच्च न्यायालय अनुच्छेद 32 और उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के तहत रिट जारी करते हैं। उत्प्रेषण निवारक और उपचारात्मक दोनों है: यह तब जारी होता है जब निचली संस्था ने बिना क्षेत्राधिकार, क्षेत्राधिकार से बाहर या प्राकृतिक न्याय के विरुद्ध काम किया हो, और आदेश दिए जाने के बाद भी जारी हो सकता है। इसके विपरीत प्रतिषेध केवल निवारक है और कार्यवाही लंबित रहते ही जारी होता है।
A गलत है: परमादेश ('हम आदेश देते हैं') किसी लोक अधिकारी या संस्था को वह कर्तव्य निभाने का आदेश देता है जो उसने नहीं निभाया।
B गलत है: प्रतिषेध निचले न्यायालय को क्षेत्राधिकार से बाहर मामला आगे बढ़ाने से रोकता है; वह दिए जा चुके आदेश को रद्द नहीं करता।
C गलत है: अधिकार पृच्छा ('किस अधिकार से') किसी व्यक्ति से पूछती है कि वह किस अधिकार से लोक पद पर है।
परीक्षा टिप: प्रतिषेध रोकता है (आदेश से पहले), उत्प्रेषण उपचार करता है (आदेश के बाद रद्द करता है); दोनों न्यायिक और अर्ध-न्यायिक संस्थाओं के विरुद्ध।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकौन-सा कानून यह निर्धारित करता है कि सर्वोच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियाँ अंग्रेज़ी भाषा में होंगी?
- A.भारत के संविधान का अनुच्छेद 145
- B.भारत के संविधान का अनुच्छेद 348
- C.सर्वोच्च न्यायालय नियम, 1966
- D.संसद द्वारा पारित एक अधिनियम
उत्तर देखें
अनुच्छेद 348(1)(a) कहता है कि जब तक संसद कानून बनाकर अन्यथा व्यवस्था न करे, सर्वोच्च न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियाँ अंग्रेज़ी भाषा में होंगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान का अनुच्छेद 371A किसे विशेष अधिकार प्रदान करता है?
- A.नागालैंड
- B.मिज़ोरम
- C.सिक्किम
- D.मणिपुर
उत्तर देखें
अनुच्छेद 371A नागालैंड में नागा धार्मिक और सामाजिक प्रथाओं, प्रथागत कानून तथा भूमि और उसके संसाधनों के स्वामित्व को विशेष संरक्षण देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजनीतिक विश्लेषण में मानकीय और आनुभविक दोनों उपागम शामिल हैं। दोनों उपागमों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. आनुभविक उपागम से प्राप्त ज्ञान मूल्य-युक्त होता है। 2. मानकीय उपागम से प्राप्त ज्ञान वस्तुनिष्ठ रूप से तटस्थ होता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
दोनों कथन उपागमों को उलट देते हैं: आनुभविक ज्ञान मूल्य-निरपेक्ष होने का प्रयास करता है, जबकि मानकीय ज्ञान मूल्य-युक्त होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संसद की नीचे उल्लिखित समितियों से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समिति में राज्य सभा, लोक सभा से अधिक सदस्य चुनती है
- B.अन्य पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति लोक सभा अध्यक्ष करते हैं
- C.महिलाओं को शक्तियाँ प्रदान करने संबंधी समिति में राज्य सभा के सभापति द्वारा नामित सदस्यों की संख्या लोक सभा अध्यक्ष द्वारा नामित सदस्यों से अधिक है
- D.लोक लेखा समिति में राज्य सभा, लोक सभा से अधिक सदस्य चुनती है
उत्तर देखें
अन्य पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी समिति एक संयुक्त समिति है, जिसके अध्यक्ष को लोक सभा अध्यक्ष समिति के सदस्यों में से नियुक्त करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.भारत का सर्वोच्च न्यायालय एक अभिलेख न्यायालय है।
- B.भारत में उच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय हैं।
- C.भारत में अधीनस्थ न्यायालय अभिलेख न्यायालय हैं।
- D.भारत में सभी न्यायालय अभिलेख न्यायालय नहीं हैं।
उत्तर देखें
संविधान के अनुसार केवल सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय हैं; अधीनस्थ न्यायालय नहीं। अनुच्छेद 129 सर्वोच्च न्यायालय को अभिलेख न्यायालय घोषित करता है और अनुच्छेद 215 हर उच्च न्यायालय को।
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