किसी मेघ प्रकार की निम्नलिखित विशेषताओं पर विचार कीजिए : 1. वे संवहन से उत्पन्न होते हैं। 2. यही एकमात्र मेघ प्रकार है जो ओले, गर्जन और तड़ित उत्पन्न कर सकता है। 3. वे फूलगोभी के आकार की बड़ी मीनारें होते हैं, जिनके शीर्ष प्रायः 'निहाई' जैसे होते हैं। दी गई विशेषताओं के आधार पर मेघ के प्रकार की पहचान कीजिए।
- A.स्तरी कपासी (स्ट्रैटोक्यूमुलस)
- B.कपासी वर्षी (क्यूम्यलोनिम्बस)
- C.पक्षाभ कपासी (सिरोक्यूमुलस)
- D.वर्षा स्तरी (निम्बोस्ट्रेटस)
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, कपासी वर्षी (क्यूम्यलोनिम्बस)। क्यूम्यलोनिम्बस मेघ प्रबल संवहन से बनते हैं, फूलगोभी जैसी विशाल मीनारों में बढ़ते हैं जिनका शीर्ष चपटा और निहाई जैसा होता है, और यही एकमात्र मेघ हैं जो ओले, गर्जन और बिजली लाते हैं। जब धरती गर्म होती है, तो गर्म नम हवा तेजी से ऊपर उठती है, ठंडी होकर संघनित होती है और कपासी मेघ बनाती है। उठाव जारी रहे तो मेघ जमीन के पास से क्षोभमंडल के ऊपरी भाग तक, लगभग 12 से 15 किमी ऊँचाई तक बढ़ जाता है, जहाँ तेज हवाएँ इसके शीर्ष को निहाई के आकार में फैला देती हैं। भीतर ऊपर-नीचे चलती धाराएँ बर्फ और पानी को घुमाकर ओले बनाती हैं और विद्युत आवेश अलग करती हैं, जिससे बिजली कड़कती है। उष्णकटिबंध की दोपहर की आँधियाँ और भारत के मानसून-पूर्व तूफान इन्हीं से आते हैं। विकल्प A गलत है क्योंकि स्ट्रैटोक्यूमुलस नीचे की धूसर परतें हैं, जो अधिक से अधिक हल्की फुहार देती हैं। विकल्प C गलत है क्योंकि सिरोक्यूमुलस ऊँचे, पतले, बर्फ-कणों के छोटे सफेद टुकड़े हैं जो वर्षा नहीं देते। विकल्प D गलत है क्योंकि निम्बोस्ट्रेटस मोटी धूसर परतें हैं जो लगातार वर्षा देती हैं, ओले या बिजली नहीं। परीक्षा टिप: निम्बो का अर्थ वर्षा; निहाई शीर्ष वाला क्यूम्यलोनिम्बस तड़ित-झंझा का मेघ है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअपक्षय, बृहत् संचलन (मास वेस्टिंग), अपरदन और परिवहन निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया के सूचक हैं?
- A.अनाच्छादन
- B.अंतर्जनित प्रक्रिया
- C.पटल विरूपण
- D.पर्वत निर्माण
उत्तर देखें
अपक्षय, बृहत् संचलन, अपरदन और परिवहन मिलकर पृथ्वी की सतह को घिसते और हटाते हैं, और इस सम्मिलित कार्य को अनाच्छादन कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नए और मौजूदा विचारों के सृजन, पुनर्व्यवस्थापन और व्याख्या पर केंद्रित क्रियाकलाप या सेवाएँ क्या कहलाती हैं?
- A.चतुर्थक क्रियाकलाप
- B.पंचम क्रियाकलाप
- C.तृतीयक क्रियाकलाप
- D.द्वितीयक क्रियाकलाप
उत्तर देखें
नए और मौजूदा विचारों का सृजन, पुनर्व्यवस्थापन और व्याख्या, आँकड़ों की व्याख्या और नई तकनीकों का मूल्यांकन करने वाली सेवाएँ पंचम क्रियाकलाप कहलाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. चट्टानें लंबे समय तक अपने मूल रूप में नहीं रहतीं और उनका रूपांतरण होता रहता है।
2. चट्टानों का रूपांतरण अपक्षय, अपरदन और कायांतरण क्रिया के कारण होता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
चट्टानें लगातार एक रूप से दूसरे रूप में बदलती रहती हैं, और यह बदलाव अपक्षय, अपरदन और कायांतरण से होता है, जिसे मिलाकर शैल चक्र कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का पर्वत शिखर नहीं है?
- A.सैडल पीक
- B.माउंट थुइलियर
- C.ल्होत्से पीक
- D.माउंट डियावोलो
उत्तर देखें
ल्होत्से अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में है ही नहीं; यह नेपाल और तिब्बत की सीमा पर माउंट एवरेस्ट के ठीक दक्षिण में स्थित हिमालय की चोटी है, और लगभग 8,516 मीटर ऊँचाई के साथ विश्व का चौथा सबसे ऊँचा पर्वत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस भारतीय राज्य की तटरेखा सबसे लंबी है?
- A.तमिलनाडु
- B.गुजरात
- C.महाराष्ट्र
- D.आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें
भारत के सभी राज्यों में गुजरात की तटरेखा सबसे लंबी है। इसका तट उत्तर में कच्छ के रण से शुरू होकर कच्छ की खाड़ी और सौराष्ट्र (काठियावाड़) प्रायद्वीप के चारों ओर घूमता हुआ खंभात की खाड़ी में जाता है और दक्षिण में दमन के पास महाराष्ट्र की सीमा तक पहुँचता…
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