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GK24
भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यमपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 10 Oct 2021

किसी अर्थव्यवस्था में मुद्रा गुणक निम्नलिखित में से किसके साथ बढ़ता है?

  1. A.बैंकों में नकद आरक्षित अनुपात में वृद्धि
  2. B.बैंकों में सांविधिक तरलता अनुपात में वृद्धि
  3. C.लोगों की बैंकिंग आदत में वृद्धि
  4. D.देश की जनसंख्या में वृद्धि

सही उत्तर

C. लोगों की बैंकिंग आदत में वृद्धि

व्याख्या

सही उत्तर है C, लोगों की बैंकिंग आदत में वृद्धि। जब लोग नकदी रखने के बजाय ज्यादा पैसा बैंकों में रखते हैं, तो बैंक ज्यादा कर्ज दे पाते हैं, और आरक्षित मुद्रा का हर रुपया अर्थव्यवस्था में ज्यादा मुद्रा बनाता है। मुद्रा गुणक व्यापक मुद्रा (M3) और आरक्षित मुद्रा (M0) का अनुपात है। यह दो रिसावों पर निर्भर करता है: लोगों के पास रखी नकदी, यानी मुद्रा–जमा अनुपात, और बैंकों को रखना पड़ने वाला आरक्षित धन, यानी आरक्षित अनुपात। रिसाव जितना कम, गुणक उतना बड़ा। बैंकिंग आदत बढ़ने से मुद्रा–जमा अनुपात घटता है, इसलिए हर रुपये का ज्यादा हिस्सा बैंकों में लौटकर फिर कर्ज बनता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि ऊँचा नकद आरक्षित अनुपात बैंकों से ज्यादा पैसा RBI के पास रखवाता है, जिससे गुणक घटता है। विकल्प B गलत है, क्योंकि ऊँचा सांविधिक तरलता अनुपात भी बैंकों का ज्यादा धन बाँधकर कर्ज घटाता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि केवल जनसंख्या बढ़ने से यह नहीं बदलता कि हर जमा का कितना हिस्सा बैंक उधार दे सकते हैं। परीक्षा टिप: बैंकों में ज्यादा पैसा तो बड़ा गुणक; ऊँचा CRR या SLR तो छोटा गुणक।

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Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 22 Nov 2023, S1मध्यम

बाज़ार मूल्य पर GNP को किस प्रकार मापा जाता है?

  1. A.बाज़ार मूल्य पर GDP − मूल्यह्रास
  2. B.बाज़ार मूल्य पर GNP + सब्सिडी
  3. C.बाज़ार मूल्य पर GDP + विदेश से शुद्ध कारक आय
  4. D.कारक लागत पर NDP + विदेश से शुद्ध कारक आय
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. बाज़ार मूल्य पर GDP + विदेश से शुद्ध कारक आय

व्याख्या

सही उत्तर है C, बाज़ार मूल्य पर GDP + विदेश से शुद्ध कारक आय। GDP देश की सीमा के भीतर हुए सारे उत्पादन को गिनता है, चाहे उत्पादन कोई भी करे। GNP देश के सामान्य निवासियों द्वारा किए गए उत्पादन को गिनता है, वे जहाँ भी काम करें। इसलिए GDP से GNP पर जाने के लिए हम अपने निवासियों की विदेश में कमाई जोड़ते हैं और भारत में विदेशियों की कमाई घटाते हैं; इस शुद्ध राशि को विदेश से शुद्ध कारक आय (NFIA) कहते हैं। अगर NFIA ऋणात्मक हो, तो GNP, GDP से छोटा होता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि बाज़ार मूल्य पर GDP में से मूल्यह्रास घटाने पर बाज़ार मूल्य पर NDP मिलता है, GNP नहीं। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें GNP को उसी से परिभाषित किया गया है, और सब्सिडी जोड़ना बाज़ार मूल्य से कारक लागत पर जाने का कदम है, GNP निकालने का नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि कारक लागत पर NDP में NFIA जोड़ने से कारक लागत पर NNP मिलता है, जो राष्ट्रीय आय है। परीक्षा टिप: घरेलू से राष्ट्रीय के लिए NFIA जोड़ें, सकल से शुद्ध के लिए मूल्यह्रास घटाएँ, बाज़ार मूल्य से कारक लागत के लिए अप्रत्यक्ष कर घटाएँ और सब्सिडी जोड़ें।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · DSSSB Asst. Supdt., 20 Jul 2024, S1मध्यम

निम्नलिखित में से मुद्रा के किस माप को समग्र मौद्रिक संसाधन भी कहा जाता है?

  1. A.M2
  2. B.M3
  3. C.M4
  4. D.M1
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. M3

व्याख्या

सही उत्तर है B, M3। M3 को व्यापक मुद्रा या समग्र मौद्रिक संसाधन कहा जाता है। यह M1 में बैंकों के पास जनता की सावधि जमाओं को जोड़कर बनता है, इसलिए अर्थव्यवस्था में उपलब्ध लगभग सारे पैसे को मापता है। भारतीय रिज़र्व बैंक 1977 में शुरू किए गए चार माप, M1 से M4, इस्तेमाल करता है, और मुद्रा आपूर्ति पर नज़र रखने के लिए सबसे ज़्यादा M3 का ही प्रयोग होता है। M1 से M4 की ओर बढ़ने पर तरलता घटती जाती है, क्योंकि सावधि जमा और डाकघर जमा नकदी जितनी जल्दी खर्च नहीं की जा सकतीं। विकल्प A गलत है, क्योंकि M2 में M1 के साथ डाकघर बचत बैंकों की बचत जमाएँ जुड़ती हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि M4 में M3 के साथ डाकघर की कुल जमाएँ जुड़ती हैं, राष्ट्रीय बचत पत्रों को छोड़कर। विकल्प D गलत है, क्योंकि M1 संकीर्ण मुद्रा है: जनता के पास करेंसी, बैंकों की माँग जमाएँ और RBI के पास अन्य जमाएँ। परीक्षा टिप: M1 संकीर्ण मुद्रा है और M3 व्यापक मुद्रा या समग्र मौद्रिक संसाधन; M1 सबसे तरल है और M4 सबसे कम।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: दिल्ली · Delhi Police Const., 15 Nov 2023, S3आसान

1969 में बैंकों के राष्ट्रीयकरण के दौरान निम्नलिखित में से किस बैंक का राष्ट्रीयकरण नहीं किया गया था?

  1. A.केनरा बैंक
  2. B.SBI
  3. C.यूको बैंक
  4. D.बैंक ऑफ़ बड़ौदा
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. SBI

व्याख्या

सही उत्तर है B, SBI। भारतीय स्टेट बैंक 1969 के राष्ट्रीयकरण में शामिल नहीं था, क्योंकि वह पहले से ही सरकारी बैंक था। अखिल भारतीय ग्रामीण ऋण सर्वेक्षण समिति की सिफ़ारिश पर स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया अधिनियम के तहत इम्पीरियल बैंक ऑफ़ इंडिया को अपने हाथ में लेकर 1 जुलाई 1955 को SBI बनाया गया था। 19 जुलाई 1969 को इंदिरा गांधी सरकार ने 14 बड़े व्यावसायिक बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया, जिनमें से हर एक की जमा राशि ₹50 करोड़ से अधिक थी। 1980 में छह और बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ। विकल्प A गलत है, क्योंकि केनरा बैंक 1969 में राष्ट्रीयकृत 14 बैंकों में से एक था। विकल्प C गलत है, क्योंकि यूको बैंक, जिसका तब नाम यूनाइटेड कमर्शियल बैंक था, भी 1969 की सूची में था। विकल्प D गलत है, क्योंकि बैंक ऑफ़ बड़ौदा का भी 1969 में ही राष्ट्रीयकरण हुआ। परीक्षा टिप: इम्पीरियल बैंक 1955 में SBI बना; 1969 में 14 और 1980 में 6 बैंकों का राष्ट्रीयकरण हुआ; स्वयं RBI का राष्ट्रीयकरण 1949 में हुआ।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 2 Feb 2025मध्यम

भारत में 1991 के बाद शुरू हुए वित्तीय क्षेत्र के सुधारों से निम्न में से कौन सा सम्बन्धित नहीं है?

  1. A.पूँजी पर्याप्तता
  2. B.गैर-निष्पादित परिसम्पत्तियाँ
  3. C.एफ. आर. बी. एम. अधिनियम (फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट)
  4. D.सरफेसी अधिनियम
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. एफ. आर. बी. एम. अधिनियम (फिस्कल रिस्पांसिबिलिटी एंड बजट मैनेजमेंट)

व्याख्या

सही उत्तर है C, एफ. आर. बी. एम. अधिनियम। राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम, 2003 एक राजकोषीय सुधार है: यह केंद्र सरकार को राजकोषीय और राजस्व घाटा घटाने तथा अपने उधार की जानकारी देने के लिए बाध्य करता है। इसका संबंध सरकार के बजट से है, बैंकों और वित्तीय बाज़ारों से नहीं। 1991 के बाद वित्तीय क्षेत्र के सुधार वित्तीय प्रणाली पर नरसिंहम समिति से शुरू हुए, जिसने बैंकिंग के ठोस नियम माँगे। बैंकों को अपनी जोखिम वाली परिसम्पत्तियों के अनुपात में पूँजी रखनी पड़ी, यानी बेसल मानकों पर आधारित पूँजी पर्याप्तता अनुपात, और डूबते कर्ज़ों को छिपाने के बजाय ईमानदारी से गैर-निष्पादित परिसम्पत्ति (NPA) के रूप में दिखाना पड़ा। विकल्प A गलत है, क्योंकि पूँजी पर्याप्तता मानक बैंकिंग सुधार का मुख्य हिस्सा थे। विकल्प B गलत है, क्योंकि NPA के स्पष्ट नियम भी इसी सुधार का भाग थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि सरफेसी अधिनियम, 2002 बैंकों को अदालत गए बिना चूककर्ता की गिरवी संपत्ति ज़ब्त कर बेचने देता है, जो डूबे कर्ज़ वसूलने का बड़ा कदम था। परीक्षा टिप: बैंकिंग सुधार = पूँजी पर्याप्तता, NPA मानक, सरफेसी; FRBM = सरकार का राजकोषीय अनुशासन।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थापूछा गया: राजस्थान · RPSC RAS Pre, 1 Oct 2023आसान

मुद्रास्फीति के सन्दर्भ में निम्न कथनों पर ध्यान दीजिये:

कथन (A): हैडलाइन मुद्रास्फीति उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में परिवर्तन की दर को संदर्भित करती है, जो एक विशिष्ट परिवार द्वारा उपभोग की जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की एक मानक टोकरी की औसत कीमत का माप है।

कथन (B): कोर मुद्रास्फीति उपभोक्ता मूल्य सूचकांक से अस्थिर मूल्य वाली कुछ वस्तुओं जैसे खाद्य और ईंधन को बाहर करने के बाद औसत उपभोक्ता कीमतों में बदलाव को मापती है।

इन कथनों में से

  1. A.न तो (A) और न ही (B) सही है।
  2. B.(A) और (B) दोनों सही हैं।
  3. C.केवल (B) सही है।
  4. D.केवल (A) सही है।
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. (A) और (B) दोनों सही हैं।

व्याख्या

सही उत्तर है B, (A) और (B) दोनों सही हैं। हैडलाइन मुद्रास्फीति पूरे उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में बदलाव है, जो एक सामान्य परिवार द्वारा खरीदी जाने वाली वस्तुओं और सेवाओं की तय टोकरी, जैसे भोजन, ईंधन, कपड़े, आवास और सेवाओं, की औसत कीमत पर नज़र रखता है। कोर मुद्रास्फीति उन वस्तुओं को हटा देती है जिनकी कीमतें सबसे अधिक ऊपर-नीचे होती हैं, मुख्य रूप से खाद्य और ईंधन, ताकि कीमतों का असली रुझान दिखे। नीति के लिए यह अंतर अहम है: खराब मानसून के बाद सब्ज़ियों के दाम का उछाल कुछ महीनों में उतर सकता है, पर कोर मुद्रास्फीति का लगातार बढ़ना केंद्रीय बैंक को बताता है कि महँगाई का दबाव पूरी अर्थव्यवस्था में फैल गया है। इसीलिए रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति दोनों आँकड़ों पर नज़र रखती है। भारत में अखिल भारतीय CPI हर महीने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय तैयार करता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि दोनों कथन सही परिभाषाएँ हैं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कथन A भी सही है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कथन B भी सही है। परीक्षा टिप: हैडलाइन = पूरी टोकरी; कोर = टोकरी में से खाद्य और ईंधन हटाकर।