किस तिथि को सूर्य कर्क रेखा पर लंबवत होता है, जिससे उत्तरी गोलार्ध में सबसे बड़ा दिन होता है?
- A.21 मार्च
- B.21 जून
- C.23 सितंबर
- D.22 दिसंबर
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर B, 21 जून है। इस तिथि को, जो जून अयनांत है, सूर्य की किरणें 23.5 अंश उत्तर पर स्थित कर्क रेखा पर लंबवत पड़ती हैं, इसलिए उत्तरी गोलार्ध को अपना सबसे बड़ा दिन और सबसे छोटी रात मिलती है, जबकि दक्षिणी गोलार्ध में सबसे छोटा दिन होता है। विकल्प A, 21 मार्च, वसंत विषुव है, जब सूर्य भूमध्य रेखा पर लंबवत होता है और सर्वत्र दिन-रात बराबर होते हैं। विकल्प C, 23 सितंबर, शरद विषुव है, अर्थात बराबर लंबाई का दूसरा दिन। विकल्प D, 22 दिसंबर, दिसंबर अयनांत है, जब सूर्य 23.5 अंश दक्षिण पर स्थित मकर रेखा पर लंबवत होता है और उत्तरी गोलार्ध को सबसे छोटा दिन मिलता है। चक्र क्रम से याद रखें: 21 मार्च भूमध्य रेखा, 21 जून कर्क रेखा, 23 सितंबर भूमध्य रेखा, 22 दिसंबर मकर रेखा।
पूरा लेख पढ़ें: ग्रेगोरियन कैलेंडर, लीप वर्ष, अयनांत और विषुव: नोट्स
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंआज विश्व के अधिकांश भाग में नागरिक उपयोग में चलने वाला ग्रेगोरियन कैलेंडर किसने लागू किया?
- A.जूलियस सीजर
- B.पोप ग्रेगरी तेरहवें
- C.अलेक्जेंड्रिया के सोसिजिनीज
- D.सम्राट ऑगस्टस
उत्तर देखें
उन्होंने फरवरी 1582 में इंटर ग्रेविसिमास नामक आदेश जारी किया और नया कैलेंडर उसी अक्टूबर से लागू हुआ, जिसने पुराने तंत्र में जमा हो चुकी खिसकन सुधारी और लीप वर्ष का नियम कसा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →अक्टूबर 1582 में ग्रेगोरियन सुधार लागू होने पर कैलेंडर से कितने दिन हटाए गए थे?
- A.7 दिन
- B.10 दिन
- C.11 दिन
- D.13 दिन
उत्तर देखें
गुरुवार, 4 अक्टूबर 1582 के तुरंत बाद शुक्रवार, 15 अक्टूबर 1582 आया, इस प्रकार दस तिथियां लुप्त हो गईं जबकि सप्ताह के दिनों का क्रम बिना टूटे चलता रहा; यह सुधार आवश्यक था क्योंकि 365.25 दिन का जूलियन वर्ष लगभग ग्यारह मिनट अधिक लंबा था और उसने वसंत विषुव को…
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन लीप वर्ष नहीं है?
- A.1600
- B.2000
- C.1900
- D.2400
उत्तर देखें
ग्रेगोरियन नियम के अनुसार चार से विभाज्य वर्ष लीप वर्ष होता है, परंतु शताब्दी वर्ष लीप वर्ष केवल तब होता है जब वह 400 से भी विभाज्य हो।
पूरी व्याख्या पढ़ें →ग्रेगोरियन कैलेंडर किस पूर्ववर्ती कैलेंडर की त्रुटियां सुधारने के लिए लागू किया गया था?
- A.जूलियन कैलेंडर
- B.शक कैलेंडर
- C.हिजरी कैलेंडर
- D.विक्रम संवत
उत्तर देखें
46 ईसा पूर्व से प्रचलित जूलियन कैलेंडर ठीक 365.25 दिन का वर्ष मानता था, जो लगभग 365.2422 दिन के वास्तविक सायन वर्ष से करीब ग्यारह मिनट अधिक है, इसलिए वह प्रत्येक 128 वर्ष में लगभग एक दिन आगे बढ़ जाता था और विषुव अपने स्थान से खिसक जाता था।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वर्ष का कैलेंडर वर्ष 2003 के कैलेंडर के समान होगा?
- A.2014
- B.2013
- C.2012
- D.2011
उत्तर देखें
कोई वर्ष दूसरे वर्ष का कैलेंडर तब दोहराता है जब उनके बीच के विषम दिनों का योग सात का गुणज हो और दोनों वर्ष एक ही प्रकार के हों, अर्थात दोनों साधारण या दोनों लीप।
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