कौन-सा कानून यह निर्धारित करता है कि सर्वोच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियाँ अंग्रेज़ी भाषा में होंगी?
- A.भारत के संविधान का अनुच्छेद 145
- B.भारत के संविधान का अनुच्छेद 348
- C.सर्वोच्च न्यायालय नियम, 1966
- D.संसद द्वारा पारित एक अधिनियम
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, भारत के संविधान का अनुच्छेद 348। अनुच्छेद 348(1)(a) कहता है कि जब तक संसद कानून बनाकर अन्यथा व्यवस्था न करे, सर्वोच्च न्यायालय और प्रत्येक उच्च न्यायालय की सभी कार्यवाहियाँ अंग्रेज़ी भाषा में होंगी।
अनुच्छेद 348 संविधान के भाग XVII में है, जो राजभाषा से संबंधित है। न्यायालयी कार्यवाहियों के अलावा यह विधेयकों, अधिनियमों, अध्यादेशों, आदेशों, नियमों और विनियमों के प्राधिकृत पाठ भी अंग्रेज़ी में होने का प्रावधान करता है। अनुच्छेद 348(2) के तहत किसी राज्य का राज्यपाल राष्ट्रपति की सहमति से अपने उच्च न्यायालय की कार्यवाहियों में हिंदी या राज्य की राजभाषा की अनुमति दे सकता है, पर निर्णय, डिक्री और आदेश फिर भी अंग्रेज़ी में होने चाहिए।
A गलत है: अनुच्छेद 145 सर्वोच्च न्यायालय को अपनी प्रक्रिया के नियम बनाने की शक्ति देता है; यह भाषा तय नहीं करता।
C गलत है: सर्वोच्च न्यायालय नियम अनुच्छेद 145 के अंतर्गत बनते हैं; भाषा का नियम स्वयं संविधान से आता है।
D गलत है: संसद ने इसे बदलने वाला कोई कानून पारित नहीं किया है; इसका स्रोत स्वयं अनुच्छेद 348 है।
परीक्षा टिप: अनुच्छेद 343 – देवनागरी लिपि में हिंदी संघ की राजभाषा; अनुच्छेद 348 – सर्वोच्च और उच्च न्यायालयों में अंग्रेज़ी; अनुच्छेद 351 – हिंदी का विकास।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंकिसी न्यायालय या अधिकरण के आदेश को रद्द करने के लिए निम्नलिखित में से कौन-सी रिट जारी की जाती है?
- A.परमादेश
- B.प्रतिषेध
- C.अधिकार पृच्छा
- D.उत्प्रेषण
उत्तर देखें
उत्प्रेषण (सर्टियोरारी), जिसका अर्थ है 'प्रमाणित होना' या 'सूचित होना', उच्च न्यायालय द्वारा किसी अधीनस्थ न्यायालय या अधिकरण को मामला स्थानांतरित करने या उसके द्वारा दिए गए आदेश को रद्द करने के लिए जारी किया जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →भारत के संविधान का अनुच्छेद 371A किसे विशेष अधिकार प्रदान करता है?
- A.नागालैंड
- B.मिज़ोरम
- C.सिक्किम
- D.मणिपुर
उत्तर देखें
अनुच्छेद 371A नागालैंड में नागा धार्मिक और सामाजिक प्रथाओं, प्रथागत कानून तथा भूमि और उसके संसाधनों के स्वामित्व को विशेष संरक्षण देता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →राजनीतिक विश्लेषण में मानकीय और आनुभविक दोनों उपागम शामिल हैं। दोनों उपागमों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. आनुभविक उपागम से प्राप्त ज्ञान मूल्य-युक्त होता है। 2. मानकीय उपागम से प्राप्त ज्ञान वस्तुनिष्ठ रूप से तटस्थ होता है। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
दोनों कथन उपागमों को उलट देते हैं: आनुभविक ज्ञान मूल्य-निरपेक्ष होने का प्रयास करता है, जबकि मानकीय ज्ञान मूल्य-युक्त होता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →संसद की नीचे उल्लिखित समितियों से संबंधित निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण संबंधी समिति में राज्य सभा, लोक सभा से अधिक सदस्य चुनती है
- B.अन्य पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी समिति के अध्यक्ष की नियुक्ति लोक सभा अध्यक्ष करते हैं
- C.महिलाओं को शक्तियाँ प्रदान करने संबंधी समिति में राज्य सभा के सभापति द्वारा नामित सदस्यों की संख्या लोक सभा अध्यक्ष द्वारा नामित सदस्यों से अधिक है
- D.लोक लेखा समिति में राज्य सभा, लोक सभा से अधिक सदस्य चुनती है
उत्तर देखें
अन्य पिछड़े वर्गों के कल्याण संबंधी समिति एक संयुक्त समिति है, जिसके अध्यक्ष को लोक सभा अध्यक्ष समिति के सदस्यों में से नियुक्त करते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?
- A.भारत का सर्वोच्च न्यायालय एक अभिलेख न्यायालय है।
- B.भारत में उच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय हैं।
- C.भारत में अधीनस्थ न्यायालय अभिलेख न्यायालय हैं।
- D.भारत में सभी न्यायालय अभिलेख न्यायालय नहीं हैं।
उत्तर देखें
संविधान के अनुसार केवल सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय अभिलेख न्यायालय हैं; अधीनस्थ न्यायालय नहीं। अनुच्छेद 129 सर्वोच्च न्यायालय को अभिलेख न्यायालय घोषित करता है और अनुच्छेद 215 हर उच्च न्यायालय को।
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