जीवाणु के डीएनए को नग्न कहा जाता है, क्योंकि यह संबद्ध नहीं होता :
- A.किसी ढांचे (स्कैफ़ोल्ड) से
- B.प्रोटीनों से
- C.राइबोज़ाइम से
- D.प्लाज़्मिड से
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, प्रोटीनों से। जीवाणुओं में डीएनए यूकैरियोटों के गुणसूत्रों की तरह हिस्टोन प्रोटीनों पर लिपटा नहीं होता, इसलिए इसे नग्न डीएनए कहा जाता है।
हमारी जैसी यूकैरियोटिक कोशिकाओं में डीएनए हिस्टोन प्रोटीनों पर लिपटकर न्यूक्लियोसोम बनाता है, जो क्रोमैटिन और गुणसूत्रों के रूप में झिल्ली से घिरे केंद्रक के भीतर रहते हैं। जीवाणु प्रोकैरियोट हैं: उनमें केंद्रक झिल्ली नहीं होती, और उनका एकल, प्रायः वृत्ताकार डीएनए अणु कोशिका द्रव्य के न्यूक्लियॉइड नामक भाग में बिना हिस्टोन के पड़ा रहता है। कई जीवाणुओं में प्लाज़्मिड नामक डीएनए के छोटे अतिरिक्त छल्ले भी होते हैं, जिनमें प्रायः प्रतिजैविक प्रतिरोध के जीन होते हैं और जिनका उपयोग आनुवंशिक इंजीनियरी में वाहक के रूप में होता है।
A गलत है, क्योंकि नग्न शब्द हिस्टोन प्रोटीनों के अभाव को दर्शाता है, किसी ढांचे के अभाव को नहीं। C गलत है, क्योंकि राइबोज़ाइम एंज़ाइम की तरह काम करने वाले आरएनए अणु हैं और डीएनए की पैकिंग से उनका कोई संबंध नहीं है। D गलत है, क्योंकि प्लाज़्मिड कई जीवाणुओं में पाए जाने वाले अलग डीएनए छल्ले हैं; उनके होने या न होने से मुख्य डीएनए नग्न नहीं बनता।
Exam tip: यूकैरियोटिक डीएनए और हिस्टोन मिलकर क्रोमैटिन बनाते हैं; प्रोकैरियोटिक डीएनए न्यूक्लियॉइड में नग्न रहता है।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंविद्युत चुंबकीय तरंगों, ध्वनि तरंगों और जल तरंगों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. इनमें परावर्तन होता है 2. ये ऊर्जा का वहन करती हैं 3. ये दाब डालती हैं 4. ये निर्वात में चल सकती हैं नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
- A.1, 2 और 3
- B.2 और 4
- C.केवल 1 और 3
- D.केवल 1
उत्तर देखें
तीनों प्रकार की तरंगें परावर्तित होती हैं, ऊर्जा ले जाती हैं और दाब डालती हैं, पर केवल विद्युत चुंबकीय तरंगें निर्वात में चल सकती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा ऊर्जा का मात्रक नहीं है?
- A.जूल
- B.वाट-घंटा
- C.न्यूटन-मीटर
- D.kg-मीटर/सेकंड²
उत्तर देखें
किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड² द्रव्यमान और त्वरण का गुणनफल है, यानी बल; यह न्यूटन है, ऊर्जा का मात्रक नहीं। ऊर्जा और कार्य की विमाएँ बल गुणा दूरी की होती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →इस्पात और लोहे को जंग से बचाने के लिए निम्नलिखित में से किस धातु की पतली परत चढ़ाई जाती है?
- A.मैग्नीशियम
- B.ज़िंक (जस्ता)
- C.ऐलुमिनियम
- D.लेड (सीसा)
उत्तर देखें
लोहे या इस्पात पर ज़िंक की पतली परत चढ़ाने को यशदलेपन (गैल्वनीकरण) कहते हैं और जंग से बचाने का यह सबसे आम तरीका है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →एक विद्युत परिपथ में 10 Ω प्रतिरोध का एक तार प्रयुक्त है। यदि इस तार को खींचकर इसकी लंबाई मूल लंबाई की दोगुनी कर दी जाए, तो परिपथ में धारा हो जाएगी :
- A.अपने मूल मान की आधी।
- B.अपने मूल मान की दोगुनी।
- C.अपने मूल मान की एक-चौथाई।
- D.अपने मूल मान की चार गुनी।
उत्तर देखें
तार को खींचकर दोगुना लंबा करने से उसका प्रतिरोध चार गुना हो जाता है, इसलिए उसी वोल्टता पर धारा एक-चौथाई रह जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस वैज्ञानिक ने बताया कि परमाणु में इलेक्ट्रॉन विकिरण ऊर्जा उत्सर्जित किए बिना कुछ निश्चित स्थायी कक्षाओं में परिक्रमा कर सकता है?
- A.अर्नेस्ट रदरफ़ोर्ड
- B.जे. जे. थॉमसन
- C.नील्स बोर
- D.अल्बर्ट आइंस्टीन
उत्तर देखें
1913 के अपने परमाणु मॉडल में बोर ने बताया कि इलेक्ट्रॉन कुछ निश्चित कक्षाओं, जिन्हें स्थायी अवस्थाएँ कहा जाता है, में घूमते हैं और उनमें ऊर्जा विकिरित नहीं करते।
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