जिस नस्ल में ओपीयू-आईवीएफ से बछिया का जन्म हुआ, वह बद्री नस्ल किस राज्य का राज्य पशु है?
- A.हिमाचल प्रदेश
- B.उत्तराखंड
- C.सिक्किम
- D.अरुणाचल प्रदेश
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर उत्तराखंड है। बद्री मवेशी इस राज्य का महत्वपूर्ण देशी आनुवंशिक संसाधन बताए गए हैं और इन्हें राज्य पशु का दर्जा प्राप्त है, इसलिए इस नस्ल के संरक्षण का वैज्ञानिक और प्रतीकात्मक, दोनों महत्व है। यह काम करनाल के आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान और पंतनगर के जी. बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने मिलकर किया, और पंतनगर स्वयं उत्तराखंड में है। आर्थिक मदद हल्दी स्थित उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद से मिली। विकल्प A, C और D अन्य हिमालयी राज्य हैं, जिनके अपने राज्य पशु हैं, और इन्हें इसलिए रखा गया है कि अभ्यर्थी को केवल इतना याद रह जाए कि नस्ल पहाड़ की है। बद्री नाम को उत्तराखंड से जोड़कर और यह याद रखकर कि वीर्य उत्तराखंड पशुधन विकास बोर्ड से आया, उत्तर पक्का हो जाता है।
पूरा लेख पढ़ें: उत्तराखंड में ओपीयू-आईवीएफ से पहली बद्री बछिया का जन्म
अभ्यास प्रश्न
बद्री प्रजनन कार्यक्रम में बद्री भ्रूण किस नस्ल की प्राप्तकर्ता गाय में प्रत्यारोपित किया गया?
- A.गिर
- B.थारपारकर
- C.साहीवाल
- D.लाल सिंधी
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कार्यक्रम के तहत आनुवंशिक रूप से मूल्यवान बद्री दाता गायों से अल्ट्रासाउंड-निर्देशित ओवम पिक-अप द्वारा अंडे लिए गए, उन्हें परिपक्व कर प्रयोगशाला में बेहतर बद्री सांड के वीर्य से निषेचित किया गया और भ्रूणों को नियंत्रित परिस्थितियों में विकसित किया गया।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बद्री ओपीयू-आईवीएफ कार्यक्रम किन दो संस्थाओं ने चलाया?
- A.आईसीएआर-एनडीआरआई, करनाल और जी. बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर
- B.आईसीएआर-आईवीआरआई, इज्जतनगर और काशी हिंदू विश्वविद्यालय
- C.एनबीएजीआर, करनाल और कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल
- D.आईसीएआर-सीआईआरसी, मेरठ और दून विश्वविद्यालय, देहरादून
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यह कार्यक्रम इन्हीं दोनों के सहयोग से चला, जिसमें हल्दी स्थित उत्तराखंड जैव प्रौद्योगिकी परिषद ने आर्थिक मदद दी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →6 नवंबर 2026 तक I-STEM पोर्टल पर कितने उपकरण सूचीबद्ध थे?
- A.4,044
- B.18,250
- C.31,540
- D.45,000
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6 नवंबर 2026 तक, यानी जिस दिन स्टार्टअप इंडिया पोर्टल के साथ इसका एपीआई एकीकरण शुरू हुआ, I-STEM पर 4,044 पंजीकृत संस्थानों के 31,540 उपकरण दर्ज थे, जो शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों के लिए बड़ा राष्ट्रीय संसाधन है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →6 नवंबर 2026 को स्टार्टअप इंडिया और I-STEM पोर्टल के एपीआई एकीकरण के शुभारंभ की अध्यक्षता किसने की?
- A.डॉ. परविंदर मैनी
- B.प्रो. अजय कुमार सूद
- C.अतीश कुमार सिंह
- D.डॉ. विशाल चौधरी
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उन्होंने इस एकीकरण को संस्थाओं का तालमेल बताया, जिससे शोध और विकास का खर्च घटेगा, महंगी सुविधाओं का दोहराव रुकेगा और सार्वजनिक धन से बने ढांचे का बेहतर उपयोग होगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नवंबर 2026 में स्टार्टअप इंडिया पोर्टल से जोड़े गए I-STEM पोर्टल का पूरा नाम क्या है?
- A.इंडियन स्कीम फॉर टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग मेंटरशिप
- B.इंडियन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग फैसिलिटीज मैप
- C.इंटीग्रेटेड स्टार्टअप टेक्नोलॉजी एनेबलमेंट मिशन
- D.इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथमेटिक्स
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I-STEM वह पोर्टल है जो शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक उपकरणों और शोध सुविधाओं का नक्शा तैयार करता है, ताकि उन्हें साझा किया जा सके।
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