जरा-दूरदृष्टिता (प्रेसबायोपिया) से पीड़ित व्यक्तियों के बारे में निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? 1. वे रंगों में अंतर नहीं कर पाते। 2. यह प्रायः बढ़ती उम्र के साथ होता है। 3. वे या तो अवतल और उत्तल दोनों लेंस वाले द्विफोकसी लेंस पहनते हैं या प्रोग्रेसिव लेंस। नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 3
- D.2 और 3
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, 2 और 3। जरा-दूरदृष्टिता उम्र के साथ पास की चीजें साफ न देख पाने का दोष है, और इसे द्विफोकसी या प्रोग्रेसिव लेंस से ठीक किया जाता है।
उम्र बढ़ने पर पक्ष्माभी पेशियाँ कमजोर हो जाती हैं और नेत्र लेंस का लचीलापन घट जाता है, इसलिए समंजन क्षमता कम होती है और निकट बिंदु दूर खिसक जाता है। आमतौर पर चालीस वर्ष के बाद व्यक्ति को छोटे अक्षर पढ़ने के लिए किताब दूर रखनी पड़ती है। कई लोगों को साथ में निकट-दृष्टि या दूर-दृष्टि दोष भी होता है, इसलिए उन्हें द्विफोकसी लेंस चाहिए: ऊपर का भाग दूर देखने के लिए अवतल और नीचे का भाग पढ़ने के लिए उत्तल लेंस होता है। प्रोग्रेसिव लेंस यही काम क्षमता के धीरे-धीरे बदलाव से करते हैं।
A गलत है क्योंकि कथन 1 गलत है; रंगों में अंतर न कर पाना वर्णांधता है, जो रेटिना की शंकु कोशिकाओं का दोष है।
B गलत है क्योंकि इसमें सही कथन 3 छूट गया है।
C गलत है क्योंकि इसमें गलत कथन 1 शामिल है।
Exam tip: निकट-दृष्टि में अवतल, दूर-दृष्टि में उत्तल, जरा-दूरदृष्टिता में द्विफोकसी और दृष्टिवैषम्य में बेलनाकार लेंस।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंनिम्नलिखित में से किस कोशिकांग में DNA होता है?
- A.गॉल्जी उपकरण
- B.माइटोकॉन्ड्रिया
- C.लाइसोसोम
- D.अंतर्द्रव्यी जालिका
उत्तर देखें
माइटोकॉन्ड्रिया में अपना छोटा, वृत्ताकार DNA और अपने राइबोसोम होते हैं। माइटोकॉन्ड्रिया कोशिका का 'पावरहाउस' है, जहाँ वायवीय श्वसन से ATP बनता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सब्जियों का कौन-सा समूह पौधे का भूमिगत तना या रूपांतरित तना है?
- A.आलू, आर्टिचोक, टिंडा
- B.प्याज, लहसुन, गाजर
- C.आलू, प्याज, लहसुन
- D.आलू, लहसुन, शलजम
उत्तर देखें
तीनों भूमिगत रूपांतरित तने हैं: आलू तना कंद है, और प्याज तथा लहसुन शल्ककंद (बल्ब) हैं। तने को जड़ से उसकी गाँठों (पर्वसंधियों) और कलिकाओं से पहचाना जाता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →300 Hz आवृत्ति वाली एक ध्वनि तरंग किसी अज्ञात माध्यम में चल रही है। इसकी तरंगदैर्ध्य ज्ञात नहीं है। यह समय t में अपनी तरंगदैर्ध्य के 150 गुने के बराबर दूरी तय करती है। t का मान है :
- A.0.5 s
- B.1 s
- C.1.5 s
- D.2 s
उत्तर देखें
तरंग हर कंपन में एक तरंगदैर्ध्य आगे बढ़ती है, इसलिए 150 तरंगदैर्ध्य के लिए 150 कंपन चाहिए, और 300 कंपन प्रति सेकंड की दर से 150 कंपन में आधा सेकंड लगता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कोई वस्तु किसी द्रव में तैरती है, यदि उत्प्लावन बल :
- A.उसके भार के बराबर हो।
- B.उसके भार से कम हो।
- C.उसके भार से अधिक हो।
- D.शून्य हो।
उत्तर देखें
तैरती वस्तु संतुलन में होती है, इसलिए ऊपर की ओर लगने वाला उत्प्लावन बल ठीक उसके भार को संतुलित करता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-से मानव मस्तिष्क के विभिन्न भाग हैं?
- A.फोरफ्रंट ब्रेन, स्टैंडर्ड ब्रेन और पश्च मस्तिष्क
- B.अग्र मस्तिष्क, मीडियन ब्रेन और रियर ब्रेन
- C.अग्र मस्तिष्क, मध्य मस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क
- D.प्रीकर्सर ब्रेन, मीन ब्रेन और पश्च मस्तिष्क
उत्तर देखें
ये मानव मस्तिष्क के तीन मुख्य भाग हैं। अग्र मस्तिष्क सबसे बड़ा भाग है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →