हिमस्खलन निम्नलिखित में से किस प्रकार की आपदा है?
- A.वायुमंडलीय
- B.स्थलीय
- C.जलीय
- D.जैविक
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है B, स्थलीय। हिमस्खलन पर्वतीय ढलान से बर्फ़, हिम और मलबे का अचानक नीचे खिसकना है, यानी भू-सतह पर पदार्थ की गति, इसलिए इसे स्थलीय आपदाओं में रखा जाता है।
प्राकृतिक आपदाओं को आमतौर पर चार समूहों में बाँटा जाता है। वायुमंडलीय आपदाओं में बर्फ़ीले तूफ़ान, तड़ित झंझा, बिजली गिरना, उष्णकटिबंधीय चक्रवात, टॉरनेडो, सूखा, ओलावृष्टि और लू तथा शीत लहर आते हैं। स्थलीय आपदाओं में भूकंप, ज्वालामुखी उद्गार, भूस्खलन, हिमस्खलन, धँसाव और मृदा अपरदन आते हैं। जलीय आपदाओं में बाढ़, ज्वारीय लहरें, महासागरीय धाराएँ, तूफ़ानी लहरें और सुनामी आती हैं। जैविक आपदाओं में टिड्डी जैसे पौधे और जंतु उपनिवेशक, कीट संक्रमण तथा मनुष्यों और पशुओं की महामारियाँ आती हैं। भारत में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और सिक्किम के कुछ भागों में हिमस्खलन का ख़तरा रहता है।
A गलत है क्योंकि वायुमंडलीय आपदाएँ तूफ़ान और चक्रवात जैसी मौसमी प्रक्रियाओं से होती हैं। C गलत है क्योंकि जलीय आपदाएँ बाढ़ और सुनामी जैसी जल से जुड़ी होती हैं। D गलत है क्योंकि जैविक आपदाएँ महामारी और टिड्डी दल जैसे जीवों से होती हैं।
परीक्षा टिप: स्थलीय आपदाएँ: भूकंप, ज्वालामुखी, भूस्खलन, हिमस्खलन, धँसाव, मृदा अपरदन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंअपक्षय, बृहत् संचलन (मास वेस्टिंग), अपरदन और परिवहन निम्नलिखित में से किस प्रक्रिया के सूचक हैं?
- A.अनाच्छादन
- B.अंतर्जनित प्रक्रिया
- C.पटल विरूपण
- D.पर्वत निर्माण
उत्तर देखें
अपक्षय, बृहत् संचलन, अपरदन और परिवहन मिलकर पृथ्वी की सतह को घिसते और हटाते हैं, और इस सम्मिलित कार्य को अनाच्छादन कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नए और मौजूदा विचारों के सृजन, पुनर्व्यवस्थापन और व्याख्या पर केंद्रित क्रियाकलाप या सेवाएँ क्या कहलाती हैं?
- A.चतुर्थक क्रियाकलाप
- B.पंचम क्रियाकलाप
- C.तृतीयक क्रियाकलाप
- D.द्वितीयक क्रियाकलाप
उत्तर देखें
नए और मौजूदा विचारों का सृजन, पुनर्व्यवस्थापन और व्याख्या, आँकड़ों की व्याख्या और नई तकनीकों का मूल्यांकन करने वाली सेवाएँ पंचम क्रियाकलाप कहलाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. चट्टानें लंबे समय तक अपने मूल रूप में नहीं रहतीं और उनका रूपांतरण होता रहता है।
2. चट्टानों का रूपांतरण अपक्षय, अपरदन और कायांतरण क्रिया के कारण होता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
चट्टानें लगातार एक रूप से दूसरे रूप में बदलती रहती हैं, और यह बदलाव अपक्षय, अपरदन और कायांतरण से होता है, जिसे मिलाकर शैल चक्र कहते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन-सा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह का पर्वत शिखर नहीं है?
- A.सैडल पीक
- B.माउंट थुइलियर
- C.ल्होत्से पीक
- D.माउंट डियावोलो
उत्तर देखें
ल्होत्से अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में है ही नहीं; यह नेपाल और तिब्बत की सीमा पर माउंट एवरेस्ट के ठीक दक्षिण में स्थित हिमालय की चोटी है, और लगभग 8,516 मीटर ऊँचाई के साथ विश्व का चौथा सबसे ऊँचा पर्वत है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से किस भारतीय राज्य की तटरेखा सबसे लंबी है?
- A.तमिलनाडु
- B.गुजरात
- C.महाराष्ट्र
- D.आंध्र प्रदेश
उत्तर देखें
भारत के सभी राज्यों में गुजरात की तटरेखा सबसे लंबी है। इसका तट उत्तर में कच्छ के रण से शुरू होकर कच्छ की खाड़ी और सौराष्ट्र (काठियावाड़) प्रायद्वीप के चारों ओर घूमता हुआ खंभात की खाड़ी में जाता है और दक्षिण में दमन के पास महाराष्ट्र की सीमा तक पहुँचता…
पूरी व्याख्या पढ़ें →