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GK क्विजभारतीय इतिहास

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज: सेट 5

  • 20 प्रश्न
  • 20 मिनट
  • कठिनाई: मध्यम
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इस क्विज के बारे में

भारतीय इतिहास मिश्रित क्विज़ (सेट 5) में 20 बहुविकल्पीय प्रश्न हैं, जो इस विषय के 15 अलग-अलग टॉपिक से लिए गए हैं: सिंधु घाटी सभ्यता, मराठा और सिख, दिल्ली सल्तनत और अन्य। इनमें से 18 प्रश्न पिछले वर्षों की वास्तविक परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं। टॉपिक-वार क्विज़ एक अध्याय की जाँच करता है, जबकि यह सेट पूरे विषय को एक साथ दोहराता है, जैसा परीक्षा में होता है जहाँ अगला प्रश्न किसी भी अध्याय से आ सकता है। हर प्रश्न के साथ सही विकल्प की और बाकी विकल्पों के गलत होने की व्याख्या दी गई है। समय का पालन करते हुए हल करें, अंत में व्याख्याएँ पढ़ें और जिस टॉपिक में गलती हुई उसके नोट्स दोबारा पढ़ें।

इस क्विज के प्रश्न

20 प्रश्न उत्तर और व्याख्या सहित

Q1.भारतीय इतिहासमध्यम

हड़प्पाकालीन मकानों में प्रयुक्त ईंटों की लंबाई, चौड़ाई और मोटाई का निश्चित अनुपात क्या था?

  1. A.1:2:4
  2. B.2:2:1
  3. C.4:2:1
  4. D.3:2:1
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. 4:2:1

व्याख्या

सही उत्तर C, 4:2:1 है। हड़प्पाकालीन पकी ईंट की लंबाई चार इकाई, चौड़ाई दो इकाई और मोटाई एक इकाई होती थी, और सैकड़ों किलोमीटर दूर बसे स्थलों पर भी यही अनुपात मिलता है। यह मानकीकरण इस बात का प्रबल प्रमाण है कि पूरी सभ्यता में कोई साझा प्रशासन या कम से कम साझा नियम प्रचलित थे। इसी के साथ तौल की इकाइयों का सोलह के गुणकों में चलना भी याद रखें।

विकल्प A, 1:2:4 वही तीन अंक उलटे क्रम में हैं और यही इस प्रश्न का सबसे बड़ा जाल है; लंबाई सबसे अधिक होती है, इसलिए अनुपात 4 से ही आरंभ होगा। विकल्प B और D, अर्थात 2:2:1 तथा 3:2:1 किसी भी हड़प्पाकालीन ईंट से मेल नहीं खाते। उत्तर चुनने से पहले प्रश्न में दिए गए शब्दों का क्रम ध्यान से पढ़ें।

Q2.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HSSC CET Group C, 6 Nov 2022, Shift 2आसान

पानीपत की तीसरी लड़ाई मराठा शासकों एवं _____ के बीच लड़ी गई।

  1. A.हेमू
  2. B.मोहम्मद गौरी
  3. C.अहमद शाह अब्दाली
  4. D.बाबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. अहमद शाह अब्दाली

व्याख्या

सही उत्तर है C, अहमद शाह अब्दाली। 14 जनवरी 1761 को अफ़ग़ान शासक अहमद शाह अब्दाली, जिसे अहमद शाह दुर्रानी भी कहते हैं, ने आज के हरियाणा में स्थित पानीपत में मराठा सेना को बुरी तरह हराया। मराठों का नेतृत्व सदाशिवराव भाऊ कर रहे थे, और पेशवा बालाजी बाजीराव के युवा पुत्र विश्वासराव इस युद्ध में मारे गए। अब्दाली को रुहेला सरदार नजीबुद्दौला और अवध के नवाब शुजाउद्दौला का साथ मिला। इस हार ने लगभग दस साल तक उत्तर भारत में मराठों का विस्तार रोक दिया और अंग्रेजों के उभरने का रास्ता आसान कर दिया। विकल्प A गलत है, क्योंकि हेमू 1556 में पानीपत की दूसरी लड़ाई में अकबर की सेना से हारा था। विकल्प B गलत है, क्योंकि मोहम्मद गौरी ने 1191 और 1192 में तराइन के युद्ध लड़े थे, पानीपत के नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि बाबर ने 1526 में पानीपत की पहली लड़ाई में इब्राहिम लोदी को हराकर मुगल साम्राज्य की नींव रखी थी। परीक्षा टिप: पानीपत I 1526 बाबर बनाम इब्राहिम लोदी; पानीपत II 1556 अकबर बनाम हेमू; पानीपत III 1761 अब्दाली बनाम मराठे।

Q3.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023मध्यम

दिल्ली सल्तनत के दौरान 'मुकद्दम या चौधरी' पदनाम किसके लिए प्रयोग किया जाता था?

  1. A.गाँव का मुखिया
  2. B.राजस्व अधिकारी
  3. C.गाँव का लेखाकार
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. गाँव का मुखिया

व्याख्या

सही उत्तर है A, गाँव का मुखिया। दिल्ली सल्तनत में मुकद्दम या चौधरी गाँव का मुखिया होता था और किसानों से भू-राजस्व वसूलने में मदद करता था। सल्तनत की सबसे छोटी इकाई गाँव थी। उसके ऊपर परगना था, जिसका अधिकारी आमिल होता था; फिर शिक, जिसका प्रमुख शिकदार था; और सबसे ऊपर प्रांत या इक्ता, जिसे मुक्ती या वली चलाता था। खूत के साथ ये मुखिया कई विशेषाधिकार पाते थे, और अलाउद्दीन खिलजी ने इन्हें कम करके उनसे आम किसानों की तरह कर वसूला। विकल्प B गलत है, क्योंकि आमिल जैसे राजस्व अधिकारी गाँव से ऊपर, परगना स्तर पर काम करते थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि गाँव का लेखाकार पटवारी होता था, जो ज़मीन और लगान का हिसाब रखता था। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह पदनाम केवल एक ही पद, यानी मुखिया के लिए था। परीक्षा टिप: मुकद्दम या चौधरी मुखिया, पटवारी लेखाकार, और खूत-मुकद्दम-चौधरी के विशेषाधिकार अलाउद्दीन खिलजी ने घटाए।

Q4.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC MTS · 22 Oct 2021, Shift 2मध्यम

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी जाने वाली पहली महिला कौन थीं?

  1. A.इंदिरा गांधी
  2. B.सुचेता कृपलानी
  3. C.नेली सेनगुप्ता
  4. D.एनी बेसेंट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. एनी बेसेंट

व्याख्या

सही उत्तर है D, एनी बेसेंट। आयरलैंड में जन्मी थियोसोफिस्ट एनी बेसेंट भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षता करने वाली पहली महिला थीं; वे 1917 के कलकत्ता अधिवेशन में अध्यक्ष बनीं। उन्होंने 1916 में होम रूल लीग शुरू की, 'न्यू इंडिया' अखबार निकाला और बनारस में सेंट्रल हिंदू कॉलेज की स्थापना की, जो आगे चलकर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय बना। कांग्रेस की अध्यक्ष बनने वाली पहली भारतीय महिला सरोजिनी नायडू थीं, 1925 के कानपुर अधिवेशन में। A गलत है क्योंकि इंदिरा गांधी बहुत बाद में, 1959 में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं। B गलत है क्योंकि सुचेता कृपलानी भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं, 1963 में उत्तर प्रदेश की, और कभी कांग्रेस अध्यक्ष नहीं रहीं। C गलत है क्योंकि नेली सेनगुप्ता ने 1933 के कलकत्ता अधिवेशन की अध्यक्षता की, यानी वे तीसरी महिला अध्यक्ष थीं, पहली नहीं। परीक्षा टिप: पहली महिला कांग्रेस अध्यक्ष एनी बेसेंट, कलकत्ता 1917; पहली भारतीय महिला सरोजिनी नायडू, कानपुर 1925।

Q5.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB ग्रुप D · 22 Sep 2018, Shift 2आसान

हमीदा बानो बेगम ________ की माँ थीं।

  1. A.सम्राट हुमायूँ
  2. B.सम्राट जहाँगीर
  3. C.सम्राट अकबर
  4. D.सम्राट बाबर
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. सम्राट अकबर

व्याख्या

सही उत्तर है C, सम्राट अकबर। हमीदा बानो बेगम हुमायूँ की पत्नी और अकबर की माँ थीं; अकबर का जन्म 1542 में सिंध के अमरकोट में हुआ। हुमायूँ ने उनसे 1541 में विवाह किया, जब वह चौसा (1539) और कन्नौज (1540) की लड़ाइयों में शेरशाह सूरी से गद्दी हारकर भटक रहा था। अकबर का जन्म इन्हीं निर्वासन के वर्षों में हुआ, और हुमायूँ ने दिल्ली 1555 में ही वापस जीती, अपनी मृत्यु से कुछ महीने पहले। हमीदा बानो को मरियम मकानी की उपाधि मिली, और वे 1604 में अपनी मृत्यु तक अपने बेटे के दरबार में रहीं। A गलत है क्योंकि हुमायूँ उनके पति थे; हुमायूँ की माँ माहम बेगम थीं। B गलत है क्योंकि जहाँगीर उनके पोते थे, अकबर और मरियम-उज़-ज़मानी के पुत्र। D गलत है क्योंकि बाबर उनके ससुर और मुगल साम्राज्य के संस्थापक थे। परीक्षा टिप: बाबर, फिर हुमायूँ, फिर अकबर, फिर जहाँगीर; अकबर की माँ = हमीदा बानो बेगम, जन्म 1542 में अमरकोट।

Q6.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 28 Dec 2020, Shift 2 (CBT 1)मध्यम

जलियाँवाला बाग हत्याकांड किस वायसराय के कार्यकाल में हुआ था?

  1. A.लॉर्ड इरविन
  2. B.लॉर्ड डलहौज़ी
  3. C.लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड
  4. D.लॉर्ड रिपन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड

व्याख्या

सही उत्तर है C, लॉर्ड चेम्सफ़ोर्ड। चेम्सफ़ोर्ड 1916 से 1921 तक वायसराय रहे और जलियाँवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल 1919 को, बैसाखी के दिन, अमृतसर में हुआ। रॉलेट एक्ट और डॉ. सैफुद्दीन किचलू व डॉ. सत्यपाल की गिरफ्तारी के विरोध में जुटी शांत भीड़ पर जनरल डायर के आदेश से गोलियाँ चलाई गईं; उस समय पंजाब के लेफ्टिनेंट-गवर्नर माइकल ओ'डायर थे। विरोध में रवींद्रनाथ टैगोर ने अपनी 'सर' की उपाधि लौटा दी और जाँच के लिए हंटर आयोग बना। उसी वर्ष के मोंटेग्यू–चेम्सफ़ोर्ड सुधार और भारत सरकार अधिनियम 1919 भी इन्हीं के कार्यकाल के हैं। A गलत है क्योंकि लॉर्ड इरविन (1926–31) साइमन कमीशन के बहिष्कार, दांडी मार्च और गांधी–इरविन समझौते से जुड़े हैं। B गलत है क्योंकि डलहौज़ी (1848–56) गवर्नर-जनरल थे, जो व्यपगत सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं। D गलत है क्योंकि रिपन (1880–84) स्थानीय स्वशासन और इल्बर्ट बिल के लिए याद किए जाते हैं। परीक्षा टिप: 1919 = रॉलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग और मोंटेग्यू–चेम्सफ़ोर्ड सुधार, सब चेम्सफ़ोर्ड के समय।

Q7.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CHSL · 10 Aug 2021, Shift 2आसान

1793 में जब बंगाल में स्थायी बंदोबस्त लागू किया गया, तब बंगाल का गवर्नर-जनरल कौन था?

  1. A.वारेन हेस्टिंग्स
  2. B.लॉर्ड कॉर्नवालिस
  3. C.सर जॉन मैकफर्सन
  4. D.सर जॉन शोर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. लॉर्ड कॉर्नवालिस

व्याख्या

सही उत्तर है B, लॉर्ड कॉर्नवालिस। 1786 से 1793 तक गवर्नर-जनरल रहे लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 22 मार्च 1793 को बंगाल, बिहार और उड़ीसा में स्थायी बंदोबस्त लागू किया। इसने ज़मींदारों को ज़मीन का मालिक बना दिया और लगान हमेशा के लिए तय कर दिया: ज़मींदार ग्यारहवाँ हिस्सा रखता और दस हिस्से कंपनी को देता था, और 'सूर्यास्त कानून' के तहत तय तारीख के सूर्यास्त तक रकम न देने पर उसकी ज़मींदारी नीलाम हो जाती थी। कॉर्नवालिस ने 1793 की कॉर्नवालिस संहिता बनाई, राजस्व और न्याय के काम अलग किए, दारोगा के अधीन पुलिस का पुनर्गठन किया, और उन्हें भारतीय सिविल सेवा का जनक कहा जाता है। विकल्प A गलत है क्योंकि वारेन हेस्टिंग्स (1774 से 1785) बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल थे और उन्होंने वार्षिक व पंचवर्षीय इजारेदारी प्रणाली चलाई। विकल्प C गलत है क्योंकि सर जॉन मैकफर्सन 1785 से 1786 में केवल कार्यवाहक गवर्नर-जनरल थे। विकल्प D गलत है क्योंकि सर जॉन शोर ने योजना बनाने में मदद की, पर गवर्नर-जनरल कॉर्नवालिस के बाद 1793 से 1798 तक बने। परीक्षा टिप: स्थायी बंदोबस्त 1793 = कॉर्नवालिस, रैयतवाड़ी = मुनरो (मद्रास), महालवाड़ी = होल्ट मैकेंजी (उत्तर-पश्चिम प्रांत)।

Q8.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 65th CCE Pre, 2019आसान

'काकोरी ट्रेन डकैती केस' में किन क्रांतिकारियों को फाँसी दी गई थी?

  1. A.राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला
  2. B.वीर सावरकर और वासुदेव चापेकर
  3. C.प्रफुल्ल चंद्र चाकी और खुदीराम बोस
  4. D.सूर्य सेन और ऊधम सिंह
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला

व्याख्या

सही उत्तर है A, राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाक़उल्ला। दोनों को काकोरी केस में मौत की सज़ा मिली और दिसंबर 1927 में फाँसी दी गई। 9 अगस्त 1925 को हिंदुस्तान रिपब्लिकन एसोसिएशन के सदस्यों ने लखनऊ के पास काकोरी में एक ट्रेन रोककर सरकारी खज़ाना लूटा, ताकि अपने संघर्ष के लिए पैसा जुटा सकें। इस केस में चार लोगों को फाँसी हुई: राम प्रसाद बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला खाँ, राजेंद्र लाहिड़ी और रोशन सिंह, जबकि चंद्रशेखर आज़ाद पकड़े नहीं गए। हिंदू बिस्मिल और मुसलमान अशफ़ाक़उल्ला की दोस्ती आज भी एकता की मिसाल मानी जाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि वासुदेव चापेकर को 1897 में पुणे में प्लेग कमिश्नर रैंड की हत्या के लिए फाँसी हुई थी, और सावरकर को फाँसी नहीं, सेल्युलर जेल की सज़ा मिली थी। विकल्प C गलत है, क्योंकि खुदीराम बोस को बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर बम कांड के लिए 1908 में फाँसी हुई, और प्रफुल्ल चाकी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए मोकामा में खुद को गोली मार ली। विकल्प D गलत है, क्योंकि सूर्य सेन को चटगाँव शस्त्रागार कांड के लिए और ऊधम सिंह को लंदन में माइकल ओ'डायर की हत्या के लिए फाँसी हुई। परीक्षा टिप: काकोरी 1925 यानी बिस्मिल, अशफ़ाक़उल्ला, लाहिड़ी और रोशन सिंह।

Q9.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC CPO · 5 Oct 2023, Shift 1मध्यम

हिंदू धर्म की बुराइयों पर प्रहार करने के लिए आत्मीय सभा की स्थापना कब की गई थी?

  1. A.1845
  2. B.1814
  3. C.1839
  4. D.1828
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 1814

व्याख्या

सही उत्तर है B, 1814। राजा राममोहन राय ने 1814 में कलकत्ता में आत्मीय सभा ('मित्रों की सभा') बनाई। यह चर्चा का एक छोटा मंच था, जो एक निराकार ईश्वर का प्रचार करता था और मूर्तिपूजा, जाति की कठोरता, सती और बाल विवाह का विरोध करता था। यह उस क्रम की पहली कड़ी थी जो परीक्षा में खूब पूछा जाता है: आत्मीय सभा 1814, फिर ब्रह्म सभा 1828, जो आगे चलकर ब्रह्म समाज बनी, फिर 1829 में लॉर्ड विलियम बेंटिक द्वारा सती प्रथा पर रोक, जिसका राय ने ज़ोरदार समर्थन किया। A गलत है क्योंकि राय की मृत्यु 1833 में इंग्लैंड के ब्रिस्टल में हो गई थी, इसलिए उनकी कोई संस्था 1845 की नहीं हो सकती। C गलत है क्योंकि 1839 में देवेंद्रनाथ टैगोर ने तत्वबोधिनी सभा बनाई थी, जो बाद में ब्रह्म आंदोलन में मिल गई। D गलत है क्योंकि 1828 ब्रह्म सभा का वर्ष है, जो राय की दूसरी और बड़ी संस्था थी। परीक्षा टिप: राय का क्रम याद रखें, आत्मीय सभा 1814, ब्रह्म सभा 1828, सती पर रोक 1829, मृत्यु 1833।

Q10.भारतीय इतिहासपूछा गया: हरियाणा · HPSC HCS Prelims GS, 24 Jul 2022मध्यम

उत्तर-वैदिक काल में, ‘बलि’ शब्द का अर्थ है

  1. A.बलिदान
  2. B.कर
  3. C.शक्तिशाली जमींदार
  4. D.आमदनी/आय
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. कर

व्याख्या

सही उत्तर है B, कर। उत्तर-वैदिक काल तक बलि राजा द्वारा वसूला जाने वाला नियमित कर बन चुकी थी। ऋग्वैदिक काल में बलि एक स्वैच्छिक भेंट थी, जो प्रजा या हारे हुए कबीले अपने मुखिया को देते थे, अक्सर पशु या अनाज के रूप में। लगभग 1000 ई.पू. के बाद जब राज्य बड़े होने लगे और गंगा के मैदान में स्थायी खेती फैली, तो यह भेंट एक अनिवार्य भुगतान में बदल गई। इस काल के ग्रंथों में इससे जुड़े राजकीय अधिकारियों के नाम मिलते हैं, जैसे भागदुघ, जो राजा का हिस्सा वसूलता था, और संग्रहीतृ, जो कोषाध्यक्ष था। इसी आय से राजा अपना दरबार और स्थायी सेना चला पाता था। विकल्प A गलत है, क्योंकि बलिदान या यज्ञ के लिए अलग शब्द था, और यहाँ बलि का अर्थ राजा को दिया जाने वाला भुगतान है। विकल्प C गलत है, क्योंकि बलि किसी व्यक्ति का नाम नहीं, बल्कि दी जाने वाली राशि या वस्तु है। विकल्प D गलत है, क्योंकि आय बहुत सामान्य शब्द है, जबकि बलि खास तौर पर राजा का हिस्सा थी। परीक्षा टिप: ऋग्वैदिक बलि स्वैच्छिक भेंट थी; उत्तर-वैदिक काल में यह अनिवार्य कर बनी और भागदुघ इसे वसूलता था।

Q11.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB JE · CBT-1, 16 Dec 2024, Shift 1आसान

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन निम्नलिखित में से किस स्थान पर हुआ था?

  1. A.लाहौर
  2. B.बंबई
  3. C.कलकत्ता
  4. D.इलाहाबाद
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. बंबई

व्याख्या

सही उत्तर है B, बंबई। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का पहला अधिवेशन 28 से 31 दिसंबर 1885 तक बंबई के गोकुलदास तेजपाल संस्कृत कॉलेज में हुआ था। इसकी अध्यक्षता व्योमेश चंद्र बनर्जी ने की, देशभर से 72 प्रतिनिधि आए, और सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी ए.ओ. ह्यूम ने इसके आयोजन में मुख्य भूमिका निभाई। यह अधिवेशन पहले पूना में होना था, पर वहाँ हैज़ा फैलने के कारण इसे बंबई ले जाया गया। पेपर सेटर अगले कुछ अधिवेशनों के बारे में भी पूछते हैं, इसलिए हर स्थान को उसके अध्यक्ष के साथ याद करें। A गलत है क्योंकि लाहौर में 1929 का प्रसिद्ध अधिवेशन जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित हुआ। C गलत है क्योंकि कलकत्ता में 1886 का दूसरा अधिवेशन दादाभाई नौरोजी की अध्यक्षता में हुआ। D गलत है क्योंकि इलाहाबाद में 1888 का चौथा अधिवेशन जॉर्ज यूल की अध्यक्षता में हुआ, जो कांग्रेस के पहले ब्रिटिश अध्यक्ष थे। परीक्षा टिप: 1885 बंबई, डब्ल्यू.सी. बनर्जी, 72 प्रतिनिधि; 1886 कलकत्ता, दादाभाई नौरोजी; 1929 लाहौर, पूर्ण स्वराज।

Q12.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 16 Jun 2024मध्यम

प्राचीन भारत के संदर्भ में, गौतम बुद्ध सामान्यतः निम्नलिखित में से किन उपाधियों से जाने जाते थे?

1. नायपुत्त

2. शाक्यमुनि

3. तथागत

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.1, 2 और 3
  4. D.उपर्युक्त में से कोई भी गौतम बुद्ध की उपाधि नहीं है
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. केवल 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है B, केवल 2 और 3। शाक्यमुनि और तथागत बुद्ध की उपाधियाँ हैं, जबकि नायपुत्त महावीर का नाम है। शाक्यमुनि का अर्थ है 'शाक्यों के मुनि', यानी कपिलवस्तु का वह कुल जिसमें सिद्धार्थ जन्मे थे। तथागत का अर्थ है 'जो इस प्रकार चला गया', और पालि ग्रंथों में बुद्ध स्वयं के लिए यही शब्द प्रयोग करते हैं। नायपुत्त (नातपुत्त) का अर्थ है 'नाय या ज्ञातृक कुल का पुत्र', और बौद्ध ग्रंथ महावीर को निगंठ नातपुत्त कहते हैं। विकल्प A गलत है, क्योंकि सूची में नायपुत्त ही वह नाम है जो बुद्ध का नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि यह दो सही उपाधियों के साथ नायपुत्त भी जोड़ देता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि तीन में से दो नाम सचमुच बुद्ध की उपाधियाँ हैं। बुद्ध की अन्य उपाधियाँ सुगत और भगवत हैं, जबकि महावीर को जिन और वर्धमान भी कहा जाता है। परीक्षा टिप: शाक्यमुनि और तथागत यानी बुद्ध, निगंठ नातपुत्त यानी महावीर।

Q13.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 7 Jan 2021, Shift 1 (CBT 1)आसान

1922 में गांधीजी द्वारा असहयोग आंदोलन वापस लेने का मुख्य कारण क्या था?

  1. A.उत्तर प्रदेश के चौरी चौरा में एक भीड़ ने थाने में आग लगा दी
  2. B.गांधीजी गंभीर रूप से बीमार थे
  3. C.आंदोलन ने अपना लक्ष्य पा लिया था
  4. D.गांधीजी गिरफ्तार कर लिए गए और आंदोलन रोकने को मजबूर हुए
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. उत्तर प्रदेश के चौरी चौरा में एक भीड़ ने थाने में आग लगा दी

व्याख्या

सही उत्तर है A, उत्तर प्रदेश के चौरी चौरा में एक भीड़ ने थाने में आग लगा दी। गांधीजी ने आंदोलन इसलिए वापस लिया क्योंकि वह हिंसक हो गया था, जो उनके अहिंसा के सिद्धांत के विरुद्ध था। 5 फरवरी 1922 को गोरखपुर जिले के चौरी चौरा में पुलिस की गोलीबारी के बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ ने थाने में आग लगा दी और 22 पुलिसकर्मी मारे गए। गांधीजी ने इसे ईश्वर की चेतावनी कहा, पाँच दिन का उपवास किया, और 12 फरवरी 1922 को बारडोली में कांग्रेस कार्यसमिति ने वह आंदोलन स्थगित कर दिया जो 1920 में खिलाफत और पंजाब के अन्याय पर शुरू हुआ था। मोतीलाल नेहरू और सी. आर. दास जैसे नेता इससे असहमत थे और बाद में स्वराज पार्टी बनाई। B गलत है क्योंकि गांधीजी बीमार नहीं थे; यह नैतिक फैसला था। C गलत है क्योंकि आंदोलन रुकने तक स्वराज नहीं मिला था। D गलत है क्योंकि गांधीजी की गिरफ्तारी मार्च 1922 में हुई, आंदोलन वापस लेने के बाद। परीक्षा टिप: चौरी चौरा 5 फरवरी 1922, बारडोली प्रस्ताव 12 फरवरी 1922, असहयोग आंदोलन समाप्त।

Q14.भारतीय इतिहासपूछा गया: SSC GD कांस्टेबल · 12 Feb 2025, Shift 2आसान

मगध के सिंहासन पर राजा बिंबिसार का उत्तराधिकारी निम्नलिखित में से कौन था?

  1. A.अजातशत्रु
  2. B.उदयिन
  3. C.चंद्रगुप्त मौर्य
  4. D.अशोक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. अजातशत्रु

व्याख्या

सही उत्तर है A, अजातशत्रु। वह बिंबिसार का पुत्र था और हर्यक वंश में उसके बाद मगध की गद्दी पर बैठा। बुद्ध के समकालीन बिंबिसार ने वैवाहिक संबंधों और अंग की विजय से मगध को ताकतवर बनाया, और उसकी राजधानी राजगृह थी। अजातशत्रु ने इस शक्ति को आगे बढ़ाया: उसने कोसल से युद्ध किया, लिच्छवियों के वज्जि संघ को हराया और गंगा किनारे पाटलिग्राम गांव में किला बनवाया। बुद्ध की मृत्यु के कुछ समय बाद पहली बौद्ध संगीति उसी के शासन में राजगृह में हुई। B गलत है क्योंकि उदयिन अजातशत्रु का पुत्र था, जो बाद में आया और जिसने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया। C गलत है क्योंकि चंद्रगुप्त मौर्य ने लगभग दो सदी बाद, करीब 322 ईसा पूर्व में मौर्य वंश की नींव रखी। D गलत है क्योंकि अशोक चंद्रगुप्त मौर्य का पोता था। परीक्षा टिप: हर्यक वंश का क्रम, बिंबिसार, फिर अजातशत्रु, फिर उदयिन; पहले राजधानी राजगृह, बाद में पाटलिपुत्र।

Q15.भारतीय इतिहासपूछा गया: उत्तर प्रदेश · UPSSSC PET, 28 Oct 2023, Shift 1आसान

1913 में हिंदुस्तान ग़दर पार्टी का मुख्यालय ________ में स्थित था।

  1. A.दिल्ली
  2. B.लाहौर
  3. C.कलकत्ता
  4. D.सैन फ्रांसिस्को
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. सैन फ्रांसिस्को

व्याख्या

सही उत्तर है D, सैन फ्रांसिस्को। ग़दर पार्टी 1913 में अमेरिका और कनाडा के प्रशांत तट पर बसे भारतीय प्रवासियों ने बनाई थी, जिनमें अधिकतर पंजाबी सिख किसान और मज़दूर थे। सोहन सिंह भकना इसके अध्यक्ष थे और लाला हरदयाल इसके प्रमुख विचारक। इसका कार्यालय ‘युगांतर आश्रम’ सैन फ्रांसिस्को में था, जहाँ से 1 नवंबर 1913 से उर्दू और पंजाबी में साप्ताहिक अख़बार ‘ग़दर’ निकलता था, जो अंग्रेज़ी राज के विरुद्ध सशस्त्र विद्रोह का आह्वान करता था। पहला विश्वयुद्ध शुरू होने पर हज़ारों सदस्य भारत लौटे, पर फरवरी 1915 की योजना की ख़बर लीक हो गई और अनेक क्रांतिकारियों पर लाहौर षड्यंत्र केस चले। विकल्प A गलत है, क्योंकि दिल्ली 1911 में ब्रिटिश भारत की राजधानी बनी, पर पार्टी का केंद्र कभी नहीं रही। विकल्प B गलत है, क्योंकि लाहौर ग़दर क्रांतिकारियों के मुक़दमों से जुड़ा है, मुख्यालय से नहीं। विकल्प C गलत है, क्योंकि कलकत्ता अनुशीलन समिति और युगांतर जैसे बंगाली संगठनों का केंद्र था। परीक्षा टिप: ग़दर पार्टी, 1913, युगांतर आश्रम, सैन फ्रांसिस्को; अध्यक्ष सोहन सिंह भकना।

Q16.भारतीय इतिहासपूछा गया: CDS · CDS (II) 2021, 14 Nov 2021आसान

निम्नलिखित में से किस प्राचीन भारतीय राजा की प्रयाग प्रशस्ति में भूरि-भूरि प्रशंसा की गई है?

  1. A.अशोक
  2. B.हर्षवर्धन
  3. C.समुद्रगुप्त
  4. D.बिंदुसार
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. समुद्रगुप्त

व्याख्या

सही उत्तर है C, समुद्रगुप्त। प्रयाग प्रशस्ति, जिसे इलाहाबाद स्तंभ लेख भी कहते हैं, उन्हीं की प्रशंसा में लिखी गई लंबी संस्कृत कविता है। इसे उनके दरबारी कवि और मंत्री हरिषेण ने रचा और यह अशोक के एक पुराने स्तंभ पर खुदी है, जो अब इलाहाबाद (प्रयागराज) किले में है। इसमें समुद्रगुप्त द्वारा उत्तर और दक्षिण में हराए गए राजाओं, कर देने वाले सीमावर्ती राज्यों और आटविक राज्यों की सूची है, और उन्हें कवि तथा वीणा वादक बताया गया है, जैसा उनके सिक्कों पर भी दिखता है। उनकी व्यापक विजयों के कारण इतिहासकार वी. ए. स्मिथ ने उन्हें 'भारत का नेपोलियन' कहा। A गलत है, उसी स्तंभ पर अशोक के अपने अभिलेख हैं, उनकी प्रशंसा वाली प्रशस्ति नहीं। B गलत है, हर्षवर्धन की प्रशंसा बाणभट्ट के हर्षचरित में है, इस अभिलेख में नहीं। D गलत है, प्रयाग में अशोक के पिता, मौर्य राजा बिंदुसार की कोई प्रशस्ति नहीं है। परीक्षा टिप: प्रयाग प्रशस्ति, हरिषेण, समुद्रगुप्त; ऐहोल अभिलेख, रविकीर्ति, पुलकेशिन द्वितीय।

Q17.भारतीय इतिहासपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · Prelims GS Paper I, 28 May 2023मध्यम

निम्नलिखित में से किस अधिनियम द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल नामित किया गया?

  1. A.रेग्युलेटिंग एक्ट
  2. B.पिट्स इंडिया एक्ट
  3. C.1793 का चार्टर एक्ट
  4. D.1833 का चार्टर एक्ट
उत्तर देखें

सही उत्तर: D. 1833 का चार्टर एक्ट

व्याख्या

सही उत्तर है D, 1833 का चार्टर एक्ट। इस अधिनियम ने बंगाल के गवर्नर-जनरल को भारत का गवर्नर-जनरल बना दिया और उसे पूरे ब्रिटिश भारत पर सभी नागरिक और सैनिक शक्तियाँ दीं। लॉर्ड विलियम बेंटिंक इसके तहत भारत के पहले गवर्नर-जनरल बने। यह केंद्रीकरण का चरम था: बंबई और मद्रास सरकारों से कानून बनाने की शक्ति छीन ली गई, ईस्ट इंडिया कंपनी की व्यापारिक गतिविधियाँ खत्म कर उसे केवल प्रशासनिक संस्था बना दिया गया, और गवर्नर-जनरल की परिषद में विधि सदस्य के रूप में मैकाले को जोड़ा गया। विकल्प A गलत है, क्योंकि 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट ने बंगाल के गवर्नर-जनरल का पद बनाया, जिस पर पहले वॉरेन हेस्टिंग्स बैठे। विकल्प B गलत है, क्योंकि 1784 के पिट्स इंडिया एक्ट ने बोर्ड ऑफ कंट्रोल और द्वैध शासन व्यवस्था बनाई। विकल्प C गलत है, क्योंकि 1793 के चार्टर एक्ट ने मुख्य रूप से कंपनी का चार्टर बीस साल के लिए बढ़ाया। परीक्षा टिप: 1773 बंगाल का गवर्नर-जनरल (हेस्टिंग्स), 1833 भारत का गवर्नर-जनरल (बेंटिंक), 1858 वायसराय (कैनिंग)।

Q18.भारतीय इतिहासपूछा गया: बिहार · BPSC 68th CCE Pre, 12 Feb 2023आसान

1947 में भारत और पाकिस्तान के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा तय करने के लिए बनाए गए दोनों सीमा आयोगों की अध्यक्षता निम्नलिखित में से किसने की थी?

  1. A.सिरिल रैडक्लिफ
  2. B.ए. पी. मून
  3. C.ए. वी. एलेक्ज़ेंडर
  4. D.उपर्युक्त में से एक से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. सिरिल रैडक्लिफ

व्याख्या

सही उत्तर है A, सिरिल रैडक्लिफ। ब्रिटिश वकील सर सिरिल रैडक्लिफ 1947 में पंजाब और बंगाल, दोनों सीमा आयोगों के अध्यक्ष थे। हर आयोग में चार न्यायाधीश थे, दो कांग्रेस के और दो मुस्लिम लीग के नामित, और जब वे सहमत नहीं हुए तो अंतिम फैसला रैडक्लिफ पर आ गया। वे पहले कभी भारत नहीं आए थे और उन्हें यह काम लगभग पाँच सप्ताह में पूरा करना था। उनका फैसला आज़ादी के दो दिन बाद, 17 अगस्त 1947 को सार्वजनिक हुआ, और उनकी खींची रेखा आज भी पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमा पर रैडक्लिफ रेखा कहलाती है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मून पंजाब में तैनात एक ब्रिटिश अधिकारी थे, जिन्होंने बाद में विभाजन पर लिखा; वे आयोगों के अध्यक्ष नहीं थे। विकल्प C गलत है, क्योंकि ए. वी. एलेक्ज़ेंडर 1946 में कैबिनेट मिशन के सदस्य के रूप में भारत आए थे। विकल्प D गलत है, क्योंकि दोनों आयोगों के अध्यक्ष एक ही व्यक्ति, रैडक्लिफ थे। परीक्षा टिप: कैबिनेट मिशन 1946 में पेथिक-लॉरेंस, क्रिप्स और एलेक्ज़ेंडर; 1947 की सीमा रैडक्लिफ की।

Q19.भारतीय इतिहासपूछा गया: RRB NTPC · 9 May 2022, Shift 2 (CBT 2, Level 6)आसान

कल्हण की संस्कृत रचना राजतरंगिणी किस क्षेत्र पर शासन करने वाले राजाओं का इतिहास बताती है?

  1. A.बंगाल
  2. B.बिहार
  3. C.कश्मीर
  4. D.दिल्ली
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. कश्मीर

व्याख्या

सही उत्तर है C, कश्मीर। राजतरंगिणी, यानी राजाओं की नदी, कश्मीर के शासकों का संस्कृत पद्य में लिखा इतिहास है जिसे कल्हण ने लगभग 1148–1150 ईस्वी में रचा। इसमें लगभग 8,000 श्लोक हैं जो आठ तरंगों (अध्यायों) में बँटे हैं, और यह कश्मीर के राजाओं की कथा पौराणिक काल से लेकर कल्हण के अपने समय, राजा जयसिंह के शासन तक ले जाती है। कल्हण ने अभिलेखों, सिक्कों, पुराने ग्रंथों और अपने विवेक का प्रयोग किया, इसलिए इसे भारत में लिखा पहला सच्चा इतिहास-ग्रंथ कहा जाता है। बाद में जोनराज, श्रीवर और प्राज्यभट्ट ने इस कथा को मुगल काल तक आगे बढ़ाया। A गलत है क्योंकि बंगाल के शासकों का वर्णन संध्याकर नंदी के रामचरित जैसे ग्रंथों में है, राजतरंगिणी में नहीं। B गलत है क्योंकि बिहार मगध और पालों का केंद्र था, जो इस ग्रंथ का विषय नहीं हैं। D गलत है क्योंकि दिल्ली के सुल्तानों का इतिहास तबकात-ए-नासिरी जैसे फ़ारसी इतिहासों में मिलता है। परीक्षा टिप: कल्हण, राजतरंगिणी, कश्मीर, 12वीं सदी, आठ तरंगें।

Q20.भारतीय इतिहासमध्यम

मेसोपोटामिया के अभिलेखों में सिंधु क्षेत्र को किस नाम से पुकारा गया है?

  1. A.दिलमुन
  2. B.मगन
  3. C.मेलुहा
  4. D.सिंडोन
उत्तर देखें

सही उत्तर: C. मेलुहा

व्याख्या

सही उत्तर C, मेलुहा है। मेसोपोटामिया के लेखों में मेलुहा को उन देशों में गिना गया है जहां से जहाज कार्नेलियन मनके, हाथी दांत, लकड़ी और तांबा लेकर आते थे, और ये वस्तुएं ठीक वही हैं जो हड़प्पा स्थलों पर बनती थीं। यह व्यापार वस्तु विनिमय पर आधारित था, क्योंकि हड़प्पा सभ्यता का कोई सिक्का नहीं मिला है, और हड़प्पाई शैली की मुहरें मेसोपोटामिया में भी पाई गई हैं।

विकल्प A, दिलमुन की पहचान बहरीन से और विकल्प B, मगन की पहचान ओमान से की जाती है; ये दोनों मेसोपोटामिया और सिंधु के बीच समुद्री मार्ग के पड़ाव थे, भारत के नाम नहीं। विकल्प D, सिंडोन मेसोपोटामियाई शब्द है ही नहीं: यह कपास के लिए प्रयुक्त बाद का यूनानी नाम है, जो सिंधु से बना और यह स्मरण कराता है कि कपास उगाने वाले हड़प्पावासी विश्व में पहले थे।

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