मुख्य सामग्री पर जाएं
GK24
सामान्य विज्ञानमध्यम

घूमता हुआ स्केटर अपनी दोनों भुजाएं शरीर से सटा लेता है और तेज घूमने लगता है। इसका कारण है

  1. A.स्केटर का कोणीय संवेग बढ़ जाता है
  2. B.जड़त्व आघूर्ण घटता है, इसलिए कोणीय वेग बढ़ जाता है
  3. C.स्केटर द्वारा लगाया बल आघूर्ण बढ़ जाता है
  4. D.स्केटर का द्रव्यमान घट जाता है

सही उत्तर

B. जड़त्व आघूर्ण घटता है, इसलिए कोणीय वेग बढ़ जाता है

व्याख्या

सही उत्तर है B, जड़त्व आघूर्ण घटता है, इसलिए कोणीय वेग बढ़ जाता है। जड़त्व आघूर्ण प्रत्येक द्रव्यमान अंश गुणा अक्ष से उसकी दूरी के वर्ग का योग है, इसलिए भुजाएं भीतर समेटने से वह घट जाता है। ऊर्ध्वाधर अक्ष के परितः कोई बाह्य बल आघूर्ण नहीं लगता, अतः कोणीय संवेग अर्थात जड़त्व आघूर्ण और कोणीय वेग का गुणनफल स्थिर रहता है, और घटे जड़त्व आघूर्ण की पूर्ति बढ़े कोणीय वेग से होती है। विकल्प A गलत है, क्योंकि कोणीय संवेग संरक्षित रहता है, बढ़ता नहीं; यही तो यहां कार्यरत सिद्धांत है। विकल्प C गलत है, क्योंकि स्केटर आंतरिक मांसपेशीय बल लगाता है, घूर्णन अक्ष के परितः बाह्य आघूर्ण नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि द्रव्यमान बदल नहीं सकता, केवल अक्ष के परितः उसका वितरण बदलता है। हवा में शरीर समेटने वाला गोताखोर भी इसी सिद्धांत का उपयोग करता है।

पूरा लेख पढ़ें: गुरुत्व केंद्र, बल आघूर्ण और संतुलन: परीक्षा नोट्स

सभी देखें
Q1.सामान्य विज्ञानआसान

बल आघूर्ण का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.न्यूटन
  2. B.न्यूटन मीटर
  3. C.न्यूटन प्रति मीटर
  4. D.जूल प्रति सेकंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. न्यूटन मीटर

बल आघूर्ण बल और उसकी क्रिया रेखा की घूर्णन अक्ष से लंबवत दूरी का गुणनफल है, इसलिए इसका मात्रक बल के मात्रक गुणा लंबाई के मात्रक अर्थात न्यूटन मीटर होता है और विमीय सूत्र M L वर्ग T की घात ऋण दो है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 29 Aug 2019कठिन

किसी दृढ़ पिंड पर लगने वाले तीन बल परिमाण, दिशा और क्रिया रेखा में एक त्रिभुज की तीन भुजाओं से क्रम में निरूपित हैं। ये बल एक युग्म के तुल्य हैं, जिसका आघूर्ण किसके बराबर होगा?

  1. A.त्रिभुज के क्षेत्रफल का तीन गुना
  2. B.त्रिभुज के क्षेत्रफल का दो गुना
  3. C.त्रिभुज का क्षेत्रफल
  4. D.त्रिभुज के क्षेत्रफल का आधा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. त्रिभुज के क्षेत्रफल का दो गुना

जब तीन बल त्रिभुज की भुजाओं से क्रम में निरूपित होते हैं, तो उनका सदिश योग शून्य होता है, क्योंकि तीन भुजाएं त्रिभुज को बंद कर देती हैं, इसलिए पिंड हटाया नहीं जा सकता; परंतु क्रिया रेखाएं भिन्न हैं, इसलिए निकाय एक युग्म में बदल जाता है।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

एकसमान वृत्तीय छल्ले का गुरुत्व केंद्र कहां होता है?

  1. A.छल्ले पर ही, किसी भी बिंदु पर
  2. B.छल्ले के केंद्र पर, उसके पदार्थ से बाहर
  3. C.केंद्र से त्रिज्या के एक तिहाई पर
  4. D.कहीं नहीं, क्योंकि छल्ले का गुरुत्व केंद्र नहीं होता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. छल्ले के केंद्र पर, उसके पदार्थ से बाहर

गुरुत्व केंद्र वह ज्यामितीय बिंदु है जिससे पिंड का परिणामी भार कार्य करता है, और सममिति के कारण एकसमान छल्ले के लिए वह बिंदु उसका ज्यामितीय केंद्र है, जो छल्ले के भीतर की खाली जगह में पड़ता है।

Q4.सामान्य विज्ञानआसान

किसी अक्ष के परितः बल द्वारा उत्पन्न आघूर्ण अधिकतम तब होता है जब बल और भुजा के बीच का कोण हो

  1. A.0 अंश
  2. B.45 अंश
  3. C.90 अंश
  4. D.180 अंश
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 90 अंश

बल आघूर्ण का परिमाण r गुणा F गुणा भुजा और बल के बीच के कोण की साइन होता है, और साइन का मान 90 अंश पर सबसे अधिक अर्थात एक होता है, इसलिए तब संपूर्ण बल पिंड को घुमाने में लगता है।

Q5.सामान्य विज्ञानआसान

लंबा पाना कसे नट को छोटे पाने से आसानी से खोल देता है, क्योंकि वह

  1. A.आघूर्ण भुजा बढ़ाकर आवश्यक बल घटा देता है
  2. B.नट पर घर्षण घटा देता है
  3. C.नट पर लगने वाला द्रव्यमान बढ़ा देता है
  4. D.नट के भार की दिशा बदल देता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आघूर्ण भुजा बढ़ाकर आवश्यक बल घटा देता है

बल आघूर्ण बल और उसकी क्रिया रेखा की अक्ष से लंबवत दूरी का गुणनफल है, इसलिए यदि यह दूरी बढ़ा दी जाए तो उतना ही घुमाव प्रभाव कम बल से पाया जा सकता है; लंबा हत्था वही काम कम जोर में कर देता है।