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GK24
सामान्य विज्ञानआसान

किसी अक्ष के परितः बल द्वारा उत्पन्न आघूर्ण अधिकतम तब होता है जब बल और भुजा के बीच का कोण हो

  1. A.0 अंश
  2. B.45 अंश
  3. C.90 अंश
  4. D.180 अंश

सही उत्तर

C. 90 अंश

व्याख्या

सही उत्तर है C, 90 अंश। बल आघूर्ण का परिमाण r गुणा F गुणा भुजा और बल के बीच के कोण की साइन होता है, और साइन का मान 90 अंश पर सबसे अधिक अर्थात एक होता है, इसलिए तब संपूर्ण बल पिंड को घुमाने में लगता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि शून्य अंश पर साइन शून्य है और भुजा के अनुदिश लगा बल अक्ष से होकर जाता है, जिससे कोई घुमाव प्रभाव नहीं बनता। विकल्प B गलत है, क्योंकि 45 अंश पर साइन लगभग 0.707 है, इसलिए आघूर्ण पर्याप्त तो है, परंतु अधिकतम नहीं। विकल्प D गलत है, क्योंकि 180 अंश पर साइन फिर शून्य हो जाता है और बल पुनः अक्ष से जाने वाली रेखा के अनुदिश लगता है। इसी कारण पाने को उसके हत्थे के समकोण पर दबाया जाता है, उसके अनुदिश नहीं।

पूरा लेख पढ़ें: गुरुत्व केंद्र, बल आघूर्ण और संतुलन: परीक्षा नोट्स

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Q1.सामान्य विज्ञानआसान

बल आघूर्ण का एसआई मात्रक क्या है?

  1. A.न्यूटन
  2. B.न्यूटन मीटर
  3. C.न्यूटन प्रति मीटर
  4. D.जूल प्रति सेकंड
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. न्यूटन मीटर

बल आघूर्ण बल और उसकी क्रिया रेखा की घूर्णन अक्ष से लंबवत दूरी का गुणनफल है, इसलिए इसका मात्रक बल के मात्रक गुणा लंबाई के मात्रक अर्थात न्यूटन मीटर होता है और विमीय सूत्र M L वर्ग T की घात ऋण दो है।

Q2.सामान्य विज्ञानपूछा गया: RRB JE · 29 Aug 2019कठिन

किसी दृढ़ पिंड पर लगने वाले तीन बल परिमाण, दिशा और क्रिया रेखा में एक त्रिभुज की तीन भुजाओं से क्रम में निरूपित हैं। ये बल एक युग्म के तुल्य हैं, जिसका आघूर्ण किसके बराबर होगा?

  1. A.त्रिभुज के क्षेत्रफल का तीन गुना
  2. B.त्रिभुज के क्षेत्रफल का दो गुना
  3. C.त्रिभुज का क्षेत्रफल
  4. D.त्रिभुज के क्षेत्रफल का आधा
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. त्रिभुज के क्षेत्रफल का दो गुना

जब तीन बल त्रिभुज की भुजाओं से क्रम में निरूपित होते हैं, तो उनका सदिश योग शून्य होता है, क्योंकि तीन भुजाएं त्रिभुज को बंद कर देती हैं, इसलिए पिंड हटाया नहीं जा सकता; परंतु क्रिया रेखाएं भिन्न हैं, इसलिए निकाय एक युग्म में बदल जाता है।

Q3.सामान्य विज्ञानआसान

एकसमान वृत्तीय छल्ले का गुरुत्व केंद्र कहां होता है?

  1. A.छल्ले पर ही, किसी भी बिंदु पर
  2. B.छल्ले के केंद्र पर, उसके पदार्थ से बाहर
  3. C.केंद्र से त्रिज्या के एक तिहाई पर
  4. D.कहीं नहीं, क्योंकि छल्ले का गुरुत्व केंद्र नहीं होता
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. छल्ले के केंद्र पर, उसके पदार्थ से बाहर

गुरुत्व केंद्र वह ज्यामितीय बिंदु है जिससे पिंड का परिणामी भार कार्य करता है, और सममिति के कारण एकसमान छल्ले के लिए वह बिंदु उसका ज्यामितीय केंद्र है, जो छल्ले के भीतर की खाली जगह में पड़ता है।

Q4.सामान्य विज्ञानआसान

लंबा पाना कसे नट को छोटे पाने से आसानी से खोल देता है, क्योंकि वह

  1. A.आघूर्ण भुजा बढ़ाकर आवश्यक बल घटा देता है
  2. B.नट पर घर्षण घटा देता है
  3. C.नट पर लगने वाला द्रव्यमान बढ़ा देता है
  4. D.नट के भार की दिशा बदल देता है
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. आघूर्ण भुजा बढ़ाकर आवश्यक बल घटा देता है

बल आघूर्ण बल और उसकी क्रिया रेखा की अक्ष से लंबवत दूरी का गुणनफल है, इसलिए यदि यह दूरी बढ़ा दी जाए तो उतना ही घुमाव प्रभाव कम बल से पाया जा सकता है; लंबा हत्था वही काम कम जोर में कर देता है।

Q5.सामान्य विज्ञानमध्यम

कोई दृढ़ पिंड पूर्ण यांत्रिक संतुलन में कब कहा जाता है?

  1. A.जब उस पर परिणामी बल शून्य हो
  2. B.जब उस पर परिणामी आघूर्ण शून्य हो
  3. C.जब उस पर परिणामी बल और परिणामी आघूर्ण दोनों शून्य हों
  4. D.जब उसका गुरुत्व केंद्र उसके ज्यामितीय केंद्र पर हो
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. जब उस पर परिणामी बल और परिणामी आघूर्ण दोनों शून्य हों

परिणामी बल शून्य होने से रैखिक संतुलन मिलता है, अर्थात पिंड समग्र रूप से त्वरित नहीं होता, और परिणामी आघूर्ण शून्य होने से घूर्णी संतुलन मिलता है, अर्थात वह घूमना आरंभ नहीं करता; पूर्ण संतुलन के लिए दोनों साथ चाहिए।