द्वितीय पंचवर्षीय योजना के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. इसका प्रारूप के. एन. राज के नेतृत्व में तैयार किया गया था। 2. इसमें प्रस्ताव था कि बिजली, रेलवे, इस्पात, मशीनरी और संचार जैसे उद्योग सार्वजनिक क्षेत्र में विकसित किए जा सकते हैं। 3. प्रारूपकारों को उद्योग और कृषि के बीच संतुलन बनाना बहुत कठिन लगा। 4. प्रारूपकारों को उद्योग और कृषि के बीच संतुलन बनाना वास्तव में आसान लगा। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.1 और 2
- C.2 और 3
- D.3 और 4
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 2 और 3। दूसरी योजना ने भारी और आधारभूत उद्योगों को सार्वजनिक क्षेत्र में रखा, और इसके योजनाकारों को उद्योग और कृषि में संतुलन बनाना कठिन लगा; पर इसका प्रारूप के. एन. राज ने नहीं, पी. सी. महालनोबिस ने तैयार किया था।
द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956–61) महालनोबिस मॉडल पर आधारित थी, जिसमें इस्पात, मशीनरी, बिजली, रेलवे और संचार जैसे भारी उद्योगों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई, जिनका स्वामित्व और संचालन अधिकतर राज्य के हाथ में था। भिलाई, दुर्गापुर और राउरकेला के इस्पात संयंत्र इसी दौर में बने। उद्योग में भारी निवेश के कारण कृषि को कम धन मिला, और योजनाकारों ने स्वयं माना कि यह संतुलन कितना कठिन था; 1960 के दशक की खाद्य कमी ने इसकी कीमत दिखा दी।
विकल्प A गलत है, क्योंकि कथन 1 असत्य है: के. एन. राज पहली योजना के प्रारूप से जुड़े युवा अर्थशास्त्री थे, जबकि दूसरी योजना का नेतृत्व महालनोबिस ने किया। विकल्प B गलत है, क्योंकि इसमें असत्य कथन 1 शामिल है। विकल्प D गलत है, क्योंकि कथन 4 कथन 3 का उलटा है और असत्य है।
Exam tip: पहली योजना कृषि (हैरोड-डोमर), दूसरी योजना भारी उद्योग (महालनोबिस)।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंह्रासमान सीमांत उपयोगिता के नियम के अनुसार, किसी वस्तु की उपभोग की गई मात्रा बढ़ने पर उस वस्तु की सीमांत उपयोगिता
- A.बढ़ती है
- B.घटती है
- C.स्थिर रहती है
- D.पहले घटती है और फिर बढ़ती है
उत्तर देखें
किसी वस्तु की हर अतिरिक्त इकाई उपभोक्ता को पिछली इकाई से कम अतिरिक्त संतुष्टि देती है, इसलिए उपभोग बढ़ने पर सीमांत उपयोगिता घटती जाती है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कर के प्रभाव के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : 1. यदि माँग, पूर्ति की तुलना में बेलोचदार हो, तो कर आगे उपभोक्ताओं पर खिसका दिया जाता है। 2. यदि पूर्ति, माँग की तुलना में अधिक बेलोचदार हो, तो कर पीछे उत्पादकों पर खिसका दिया जाता है। ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
कर का बोझ बाज़ार के उस पक्ष पर ज़्यादा पड़ता है जो कम लोचदार है, यानी जो आसानी से पीछे नहीं हट सकता।
पूरी व्याख्या पढ़ें →गरीबी उन्मूलन में सब्सिडी के विकल्प के रूप में UBI का पूरा नाम क्या है?
- A.यूनियन बेसिक इनकम
- B.अनडिफ़ाइंड बेसिक इनकम
- C.अनकंडीशनल बेसिक इनकम
- D.यूनिवर्सल बेसिक इनकम
उत्तर देखें
UBI का विचार यह है कि अनेक अलग-अलग सब्सिडी और कल्याण योजनाओं के स्थान पर हर नागरिक को नियमित रूप से, बिना शर्त, एक तय राशि दी जाए।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित में से कौन चौदहवें वित्त आयोग के अध्यक्ष हैं?
- A.सी. रंगराजन
- B.विजय केलकर
- C.वाई. वी. रेड्डी
- D.राकेश मोहन
उत्तर देखें
2015-2020 की अवधि के लिए 2013 में गठित चौदहवें वित्त आयोग की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर वाई. वी. रेड्डी ने की थी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →GST लागू करने के लिए संविधान संशोधन की आवश्यकता क्यों पड़ी?
- A.राज्य संविधान में संशोधन के बिना GST लागू करने पर केंद्र से सहमत होने को तैयार नहीं थे।
- B.GST को समवर्ती आधार पर लागू किया जाना था और ऐसी स्थिति के लिए अनुच्छेद 246 अपर्याप्त था।
- C.वित्त मंत्रियों की अधिकार प्राप्त समिति ने संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
- D.GST परिषद ने अपनी शक्ति बढ़ाने के लिए संविधान संशोधन की सिफ़ारिश की थी।
उत्तर देखें
GST एक ही आपूर्ति पर केंद्र और राज्य दोनों मिलकर लगाते हैं, और अलग-अलग सूचियों के ज़रिये कराधान शक्तियां बांटने वाला अनुच्छेद 246 ऐसे समवर्ती कर की अनुमति नहीं देता था।
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