निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
- A.अशोक के अनेक अभिलेखों को लिखने में प्रयुक्त ब्राह्मी लिपि में स्थानीय भिन्नताएँ दिखाई देती हैं।
- B.चित्रलिपि (हायरोग्लिफिक) लेखन प्रणाली का विकास प्राचीन मेसोपोटामिया में हुआ था।
- C.कीलाक्षर (क्यूनिफॉर्म) लेखन प्रणाली का विकास तीसरी सहस्राब्दी ईसा पूर्व के आसपास मिस्र में हुआ था।
- D.एक प्राचीन लिपि खरोष्ठी का भारत के दक्षिणी भाग में व्यापक रूप से प्रयोग होता था।
उत्तर देखें
व्याख्या
सही उत्तर है A। अशोक के अधिकांश अभिलेख ब्राह्मी लिपि में हैं, और उस समय भी इस लिपि के अक्षरों के आकार में क्षेत्रीय भिन्नताएँ दिखती हैं।
अशोक के अभिलेख मुख्यतः प्राकृत भाषा में ब्राह्मी लिपि में लिखे गए, जिसे जेम्स प्रिंसेप ने 1837-38 में पढ़ा। ब्राह्मी के अक्षर तब भी क्षेत्र के अनुसार अलग थे, और सदियों में ये भिन्नताएँ आज की लिपियों के परिवार में बदल गईं, जैसे देवनागरी, बांग्ला, तमिल, तेलुगु और कन्नड़। उत्तर-पश्चिम में यही अभिलेख खरोष्ठी में और अफगानिस्तान में यूनानी तथा अरामाइक में लिखे गए।
B गलत है: चित्र-चिह्नों वाली हायरोग्लिफिक लिपि प्राचीन मिस्र में विकसित हुई, मेसोपोटामिया में नहीं।
C गलत है: मिट्टी की पट्टियों पर दबाकर बनाए कील जैसे चिह्नों वाली क्यूनिफॉर्म लिपि मेसोपोटामिया में विकसित हुई, मिस्र में नहीं।
D गलत है: खरोष्ठी दाएँ से बाएँ लिखी जाती थी और उत्तर-पश्चिम (गांधार) में प्रचलित थी, दक्षिण भारत में नहीं।
परीक्षा टिप: ब्राह्मी बाएँ से दाएँ, भारतीय लिपियों की जननी; खरोष्ठी दाएँ से बाएँ, उत्तर-पश्चिम; हायरोग्लिफ मिस्र; क्यूनिफॉर्म मेसोपोटामिया।