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GK24
भारतीय राजव्यवस्थामध्यमपूछा गया: NDA · NDA-I 2020, GAT

दो या अधिक राज्यों के लिए एक साझा उच्च न्यायालय की स्थापना किसके द्वारा की जा सकती है?

  1. A.संसद द्वारा पारित कानून
  2. B.भारत के सर्वोच्च न्यायालय का आदेश
  3. C.भारत के राष्ट्रपति का आदेश
  4. D.भारत के संविधान में संशोधन

सही उत्तर

A. संसद द्वारा पारित कानून

व्याख्या

सही उत्तर है A, संसद द्वारा पारित कानून। अनुच्छेद 231 संसद को कानून बनाकर दो या अधिक राज्यों, या दो या अधिक राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के लिए साझा उच्च न्यायालय स्थापित करने का अधिकार देता है।

मूल संविधान में हर राज्य के लिए एक उच्च न्यायालय का प्रावधान था। 7वें संशोधन अधिनियम, 1956 ने साझा उच्च न्यायालय के लिए अनुच्छेद 231 जोड़ा। इसके उदाहरण हैं: महाराष्ट्र, गोवा, तथा दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव के लिए बॉम्बे उच्च न्यायालय; असम, नागालैंड, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश के लिए गुवाहाटी उच्च न्यायालय; और पंजाब तथा हरियाणा उच्च न्यायालय, जो चंडीगढ़ के लिए भी है।

B गलत है: सर्वोच्च न्यायालय के पास उच्च न्यायालय बनाने या मिलाने की शक्ति नहीं है।

C गलत है: राष्ट्रपति उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति करते हैं, पर आदेश से साझा उच्च न्यायालय नहीं बना सकते।

D गलत है: इसके लिए संविधान संशोधन की जरूरत नहीं; संसद का साधारण कानून पर्याप्त है।

परीक्षा टिप: साझा उच्च न्यायालय = अनुच्छेद 231, संसद के कानून से (7वां संशोधन, 1956)।

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Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA-II 2021, GATआसान

निम्नलिखित में से कौन-सा एक रिट (याचिका) नहीं है?

  1. A.परमादेश (मैंडमस)
  2. B.बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस)
  3. C.उत्प्रेषण (सर्शियोरारी)
  4. D.पृथक्करणीयता (सेवरेबिलिटी)
उत्तर देखें
सही उत्तर: D. पृथक्करणीयता (सेवरेबिलिटी)

व्याख्या

सही उत्तर है D, पृथक्करणीयता (सेवरेबिलिटी)। पृथक्करणीयता कानूनों की व्याख्या में अदालतों द्वारा अपनाया जाने वाला एक सिद्धांत है, कोई रिट नहीं।

अनुच्छेद 32 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय और अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालय पांच रिट जारी कर सकते हैं: बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण और अधिकार पृच्छा। पृथक्करणीयता का सिद्धांत अनुच्छेद 13 से निकलता है: जब किसी कानून का केवल एक भाग मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है, तो अदालत केवल उसी भाग को रद्द करती है और बाकी को बनाए रखती है, बशर्ते वैध भाग अपने आप में टिक सके।

A उत्तर नहीं है: परमादेश, जिसका अर्थ है 'हम आदेश देते हैं', किसी लोक अधिकारी या संस्था को सार्वजनिक कर्तव्य निभाने का आदेश देता है।

B उत्तर नहीं है: बंदी प्रत्यक्षीकरण, यानी 'शरीर प्रस्तुत करो', हिरासत में लिए व्यक्ति को अदालत के सामने लाने की मांग करता है, ताकि हिरासत की वैधता जांची जा सके।

C उत्तर नहीं है: उत्प्रेषण, यानी 'प्रमाणित किया जाए', से उच्च न्यायालय निचली अदालत या अधिकरण का अधिकार क्षेत्र से बाहर दिया गया आदेश रद्द कर सकता है।

परीक्षा टिप: पांच रिट: बंदी प्रत्यक्षीकरण, परमादेश, प्रतिषेध, उत्प्रेषण, अधिकार पृच्छा; पृथक्करणीयता = अनुच्छेद 13।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA-I 2024, GATमध्यम

भारत के संविधान के अनुच्छेद 191 के अंतर्गत, कोई व्यक्ति किसी राज्य की विधान सभा या विधान परिषद का सदस्य चुने जाने के लिए और सदस्य होने के लिए अयोग्य होगा, यदि वह निम्नलिखित के अधीन कोई लाभ का पद धारण करता है :

1. भारत सरकार।

2. कोई राज्य सरकार।

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1, न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

व्याख्या

सही उत्तर है C, 1 और 2 दोनों। अनुच्छेद 191(1)(क) उस व्यक्ति को अयोग्य ठहराता है जो भारत सरकार या किसी राज्य की सरकार के अधीन लाभ का पद धारण करता है।

केवल वह पद अपवाद है जिसे राज्य विधानमंडल ने कानून बनाकर अयोग्यता का कारण न होने वाला घोषित किया हो। इस नियम का उद्देश्य विधायकों को कार्यपालिका से स्वतंत्र रखना है, जो अन्यथा वेतन वाले पदों के जरिए उन्हें प्रभावित कर सकती है। संसद के सदस्यों के लिए यही नियम अनुच्छेद 102 में है। यदि प्रश्न उठे कि राज्य विधानमंडल का कोई सदस्य अयोग्य हो गया है या नहीं, तो राज्यपाल निर्वाचन आयोग की राय के अनुसार निर्णय करते हैं (अनुच्छेद 192)।

A गलत है: राज्य सरकार के अधीन लाभ का पद भी व्यक्ति को अयोग्य बनाता है।

B गलत है: भारत सरकार के अधीन लाभ का पद भी व्यक्ति को अयोग्य बनाता है।

D गलत है: अनुच्छेद 191 में दोनों सरकारों का स्पष्ट उल्लेख है।

परीक्षा टिप: लाभ का पद: संसद के लिए अनुच्छेद 102, राज्य विधानमंडल के लिए अनुच्छेद 191।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA-II 2021, GATमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा एक अधिकार गैर-न्यायोचित (न्यायालय द्वारा अप्रवर्तनीय) है?

  1. A.पर्याप्त आजीविका का अधिकार
  2. B.शोषण के विरुद्ध अधिकार
  3. C.अभियुक्त का अधिकार
  4. D.प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. पर्याप्त आजीविका का अधिकार

व्याख्या

सही उत्तर है A, पर्याप्त आजीविका का अधिकार। यह राज्य के नीति निदेशक तत्वों से आता है, जिन्हें कोई न्यायालय लागू नहीं करा सकता।

अनुच्छेद 39(क) राज्य से अपेक्षा करता है कि वह अपनी नीति ऐसी बनाए कि पुरुष और स्त्री सभी नागरिकों को समान रूप से आजीविका के पर्याप्त साधन का अधिकार मिले। अनुच्छेद 37 कहता है कि भाग IV के निदेशक तत्व देश के शासन में मूलभूत हैं, पर किसी न्यायालय द्वारा प्रवर्तनीय नहीं हैं, इसलिए वे गैर-न्यायोचित हैं। इसके विपरीत भाग III के मौलिक अधिकार अनुच्छेद 32 के अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय और अनुच्छेद 226 के अंतर्गत उच्च न्यायालयों से लागू कराए जा सकते हैं।

B गलत है: शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23 और 24) न्यायोचित मौलिक अधिकार है।

C गलत है: अभियुक्त के अधिकार, जैसे अनुच्छेद 20 और 22 के संरक्षण, मौलिक अधिकार हैं।

D गलत है: अनुच्छेद 21 का प्राण और दैहिक स्वतंत्रता का अधिकार प्रवर्तनीय है और आपातकाल में भी निलंबित नहीं किया जा सकता।

परीक्षा टिप: भाग III के अधिकार न्यायोचित हैं; भाग IV के तत्व (अनुच्छेद 37) नहीं।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA-I 2024, GATकठिन

भारत के संविधान के अनुच्छेद 371A के अंतर्गत, निम्नलिखित में से किस विषय/किन विषयों के संबंध में भारत की संसद के अधिनियम नागालैंड राज्य पर तब तक लागू नहीं होंगे, जब तक नागालैंड राज्य की विधान सभा संकल्प द्वारा ऐसा विनिश्चय न करे?

1. नागाओं की धार्मिक या सामाजिक प्रथाएं

2. नागा रूढ़िजन्य विधि और प्रक्रिया

3. भूमि और उसके संसाधनों का स्वामित्व और अंतरण

4. अन्य राज्यों के साथ नागालैंड की सीमाएं

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए :

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2 और 3
  3. C.केवल 1, 2 और 3
  4. D.1, 2, 3 और 4
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. केवल 1, 2 और 3

व्याख्या

सही उत्तर है C, केवल 1, 2 और 3। अनुच्छेद 371A नागाओं की धार्मिक-सामाजिक प्रथाओं, रूढ़िजन्य विधि और प्रक्रिया तथा भूमि के स्वामित्व की रक्षा करता है, पर राज्य की सीमाओं के बारे में कुछ नहीं कहता।

अनुच्छेद 371A 13वें संशोधन अधिनियम, 1962 से जोड़ा गया, जब 1963 में नागालैंड को राज्य बनाया जाना था। इसके अनुसार नागाओं की धार्मिक या सामाजिक प्रथाओं, नागा रूढ़िजन्य विधि और प्रक्रिया, नागा रूढ़िजन्य विधि के अनुसार दीवानी और फौजदारी न्याय, तथा भूमि और उसके संसाधनों के स्वामित्व और अंतरण पर संसद का कोई अधिनियम नागालैंड पर तभी लागू होगा जब उसकी विधान सभा संकल्प पारित करे। राज्यपाल को कानून-व्यवस्था की विशेष जिम्मेदारी भी दी गई।

A गलत है: इसमें रूढ़िजन्य विधि और भूमि छूट जाती हैं, जिनकी भी यह अनुच्छेद रक्षा करता है।

B गलत है: इसमें धार्मिक और सामाजिक प्रथाएं छूट जाती हैं, जो अनुच्छेद में सबसे पहले हैं।

D गलत है: राज्य की सीमाएं संसद अनुच्छेद 3 के अंतर्गत बदलती है, और अनुच्छेद 371A नागालैंड विधान सभा को ऐसा कोई अधिकार नहीं देता।

परीक्षा टिप: 371A = नागालैंड (रूढ़िजन्य विधि, भूमि); 371G = मिजोरम, इसी तरह के संरक्षण।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: NDA · NDA-I 2025, GATआसान

संविधान (तिहत्तरवां संशोधन) अधिनियम किसका प्रावधान करता है?

  1. A.नगरीय स्वशासन की स्थापना की एक विस्तृत व्यवस्था
  2. B.स्वशासन की इकाइयों के रूप में पंचायतों की स्थापना की एक विस्तृत व्यवस्था
  3. C.भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए एक आयोग की स्थापना
  4. D.झारखंड राज्य का निर्माण
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. स्वशासन की इकाइयों के रूप में पंचायतों की स्थापना की एक विस्तृत व्यवस्था

व्याख्या

सही उत्तर है B, स्वशासन की इकाइयों के रूप में पंचायतों की स्थापना की एक विस्तृत व्यवस्था। 73वें संशोधन ने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया।

संविधान (73वां संशोधन) अधिनियम, 1992 24 अप्रैल 1993 को लागू हुआ, और इसी दिन अब राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। इसने संविधान में भाग IX (अनुच्छेद 243 से 243-O) और ग्यारहवीं अनुसूची जोड़ी, जिसमें पंचायतों के 29 विषय हैं। इसमें ग्राम, मध्यवर्ती और जिला स्तर पर त्रिस्तरीय व्यवस्था, पांच वर्ष का कार्यकाल, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिलाओं (कम से कम एक-तिहाई) के लिए सीटों का आरक्षण, राज्य निर्वाचन आयोग और राज्य वित्त आयोग का प्रावधान है।

A गलत है: नगरपालिकाओं को संवैधानिक दर्जा 74वें संशोधन अधिनियम, 1992 से मिला, जिसने भाग IX-A और बारहवीं अनुसूची जोड़ी।

C गलत है: भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी (अनुच्छेद 350B) का प्रावधान 7वें संशोधन अधिनियम, 1956 ने किया।

D गलत है: झारखंड 2000 में बिहार पुनर्गठन अधिनियम से बना, जो संसद का साधारण कानून है।

परीक्षा टिप: 73वां = पंचायत, भाग IX, 11वीं अनुसूची; 74वां = नगरपालिका, भाग IX-A, 12वीं अनुसूची।