दिव्यांगजन के छूट वाले फास्टैग से जुड़े संशोधित दिशा-निर्देश किस तारीख से प्रभावी होंगे?
- A.1 अक्टूबर 2026
- B.2 अक्टूबर 2026
- C.1 नवंबर 2026
- D.1 अप्रैल 2027
सही उत्तर
B. 2 अक्टूबर 2026
व्याख्या
सही उत्तर 2 अक्टूबर 2026 है। मंत्रालय ने संशोधन की घोषणा करते हुए बताया कि नए दिशा-निर्देश इसी तारीख से प्रभावी होंगे और ये पात्र दिव्यांगजन के लिए छूट वाले फास्टैग जारी करने तथा नवीनीकरण दोनों पर लागू होंगे। विकल्प A गलत है, क्योंकि उस दिन घोषणा सार्वजनिक हुई थी, व्यवस्था लागू नहीं हुई थी। परीक्षाओं में घोषणा की तारीख और लागू होने की तारीख को आपस में बदलकर पूछना आम है, इसलिए दोनों को अलग-अलग याद रखना चाहिए। विकल्प C और विकल्प D गलत हैं, क्योंकि ऐसी कोई मोहलत नहीं दी गई, मंत्रालय ने शुरुआत को नवंबर या अगले वित्त वर्ष तक नहीं टाला। तारीख के साथ यह भी याद रखें कि यह बदलाव अनिवार्य वार्षिक नवीनीकरण के स्थान पर दर्ज दिव्यांगता प्रतिशत आधारित वैधता लाता है।
पूरा लेख पढ़ें: छूट वाले फास्टैग की वैधता अब दिव्यांगता प्रतिशत से तय
अभ्यास प्रश्न
संशोधित दिशा-निर्देशों के तहत 70 से 100 प्रतिशत दिव्यांगता वाले व्यक्ति को जारी छूट वाला फास्टैग कितने समय तक वैध रहेगा?
- A.एक साल
- B.तीन साल
- C.पांच साल
- D.दस साल
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. पांच साल
व्याख्या
सही उत्तर पांच साल है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के संशोधित ढांचे में छूट वाले फास्टैग की वैधता दर्ज दिव्यांगता के प्रतिशत से जुड़ी है और 70 से 100 प्रतिशत की ऊंची श्रेणी में यह वैधता पांच साल की है। विकल्प A गलत है, क्योंकि हर साल नवीनीकरण पहले की व्यवस्था थी, जिसे इस संशोधन ने समाप्त कर दिया है और अब यह किसी भी श्रेणी पर लागू नहीं है। विकल्प B गलत है, क्योंकि तीन साल की वैधता निचली श्रेणी यानी 40 से 70 प्रतिशत से कम दर्ज दिव्यांगता के लिए है, इसलिए आंकड़ा सही है लेकिन गलत समूह से जोड़ा गया है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इन दिशा-निर्देशों में दस साल की कोई श्रेणी नहीं है। वैधता समाप्त होने पर टैग का नवीनीकरण कराया जा सकता है, बशर्ते धारक पात्र हो और राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क नियम, 2008 की शर्तें पूरी हों।
संशोधित छूट वाले फास्टैग ढांचे के बारे में कौन सा कथन सही नहीं है?
- A.वैधता दर्ज दिव्यांगता प्रतिशत पर निर्भर करती है
- B.यूडीआईडी कार्ड मान्य रिकॉर्ड में शामिल है
- C.छूट वाले फास्टैग का नवीनीकरण अब भी हर साल जरूरी है
- D.दिव्यांगजन स्वामित्व श्रेणी में पंजीकृत वाहन भी शामिल हैं
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. छूट वाले फास्टैग का नवीनीकरण अब भी हर साल जरूरी है
व्याख्या
सही उत्तर यह है कि छूट वाले फास्टैग का नवीनीकरण अब भी हर साल जरूरी है, क्योंकि यही शर्त इस संशोधन ने हटाई है। पहले के दिशा-निर्देशों में वार्षिक नवीनीकरण अनिवार्य था, जबकि नया ढांचा वैधता को दर्ज दिव्यांगता प्रतिशत से तय करता है, जिससे लाभार्थियों को बार-बार औपचारिकता से छुटकारा मिलता है। विकल्प A सही कथन है, इसलिए उत्तर नहीं है, क्योंकि पांच साल और तीन साल की श्रेणियां सीधे दर्ज प्रतिशत से निकलती हैं। विकल्प B भी सही है, क्योंकि प्रतिशत साबित करने के लिए वैध दिव्यांगता प्रमाण पत्र, विशिष्ट दिव्यांगता पहचान कार्ड या अन्य लागू रिकॉर्ड मान्य हैं। विकल्प D भी सही है, क्योंकि छूट शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए विशेष रूप से बने वाहनों और दिव्यांगजन श्रेणी में पंजीकृत वाहनों, दोनों पर लागू होती है।
ग्राम सभाओं के सामने रखी जाने वाली वीबी-जी राम जी योजना में कितने दिन के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी है?
- A.100 दिन
- B.125 दिन
- C.150 दिन
- D.180 दिन
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. 125 दिन
व्याख्या
सही उत्तर 125 दिन है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से विशेष ग्राम सभाओं के सामने रखी जाने वाली ग्रामीण रोजगार और आजीविका की विकसित भारत गारंटी में इतने दिन के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी है और इसके साथ स्थानीय स्तर पर तय कामों तथा आजीविका के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना की भी चर्चा होती है। विकल्प A गलत है और यही सबसे मजबूत भ्रमकारी विकल्प है, क्योंकि सौ दिन का आंकड़ा ग्रामीण मजदूरी रोजगार के साथ अभ्यर्थियों के मन में पहले की पढ़ाई से जुड़ा रहता है। विकल्प C और D में बड़े आंकड़े हैं, जो किसी गारंटी में नहीं आते, ये केवल इसलिए संभव लगते हैं कि राज्य सूखा प्रभावित या अनुसूचित क्षेत्रों में कभी अतिरिक्त दिन जोड़ते हैं, जो प्रशासनिक बढ़ोतरी है, यहां पूछी जा रही वैधानिक गारंटी नहीं। परीक्षा के लिए एक सौ पच्चीस दिन का वैधानिक आंकड़ा पक्का कर लें।
इस अभियान के तहत ग्राम पंचायतें किस वित्त वर्ष के लिए अपनी विकास योजनाएं तैयार करेंगी?
- A.2025-26
- B.2026-27
- C.2027-28
- D.2028-29
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 2027-28
व्याख्या
सही उत्तर 2027-28 है। अभियान का नाम चालू दौर पर रखा गया है, लेकिन उसमें ग्राम पंचायत जो योजना बनाती है वह आगे आने वाले वित्त वर्ष की होती है। गांव का नियोजन इसी तरह काम करता है, सभा उस वर्ष का पैसा तय होने से काफी पहले प्राथमिकताएं तय कर देती है। विकल्प B इसी कारण गलत है और यही सबसे आम जाल है, क्योंकि अभियान का नाम चालू वर्ष पर है और जल्दबाजी करने वाला अभ्यर्थी दोनों को एक मान लेता है। विकल्प A गलत है, क्योंकि वह वर्ष अभियान के पिछले दौर का है और बीत चुका है। विकल्प D गलत है, क्योंकि इस कवायद में नियोजन दो वर्ष आगे नहीं जाता। जो योजना बनती है उसे ग्राम पंचायत विकास योजना कहते हैं और ढाई लाख से अधिक पंचायतें अपनी योजना ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर अपलोड करती हैं।
विशेष ग्राम सभाओं में शुरू हो रहे जन योजना अभियान का नाम क्या है?
- A.सबका साथ, सबका विकास
- B.सबकी योजना, सबका विकास
- C.मेरा गांव, मेरी योजना
- D.ग्राम स्वराज, ग्राम विकास
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. सबकी योजना, सबका विकास
व्याख्या
सही उत्तर सबकी योजना, सबका विकास है। दो अक्टूबर को विशेष ग्राम सभाएं जुटने पर इसी नाम से इस वर्ष का जन योजना अभियान शुरू किया जाता है और इसके तहत हर ग्राम पंचायत सहभागी तथा साक्ष्य आधारित नियोजन से अगले वित्त वर्ष की अपनी विकास योजना बनाती है। विकल्प A गलत है, यह सरकार के एक जाने-पहचाने नारे से मिलता-जुलता है, जिसमें सबके साथ विकास की बात है, इसी कारण यह भ्रमित करता है, मगर इस अभियान का नाम यह नहीं है। विकल्प C गलत है, क्योंकि अभियान को ऐसा कोई नाम नहीं दिया गया है, हालांकि यह गांव के नियोजन से जुड़े किसी कार्यक्रम के नाम जैसा लगता है। विकल्प D गलत है, क्योंकि ग्राम स्वराज पंचायतों की क्षमता बढ़ाने वाले एक अलग कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान, के नाम का हिस्सा है, जो सभाओं में चर्चा की जाने वाली योजनाओं में है, स्वयं अभियान नहीं।