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GK24
सरकारी योजनाएंमध्यम

चिंतन शिविर में बताया गया कि स्वीकृति मिलने से निर्माण कार्य शुरू होने तक कितने दिन की समय-सीमा तय है?

  1. A.30 दिन
  2. B.60 दिन
  3. C.72 दिन
  4. D.90 दिन

सही उत्तर

C. 72 दिन

व्याख्या

सही उत्तर 72 दिन है। मंत्री ने कहा कि स्वीकृति मिलने से निर्माण कार्य आरंभ होने तक 72 दिन की समय-सीमा निर्धारित है, पर कुछ राज्य इसका उल्लंघन कर रहे हैं, इसलिए ऐसे राज्यों का पूरा हिसाब तैयार कराया जाएगा। उन्होंने निविदा प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने और बार-बार निविदा निरस्त होने जैसी बाधाओं का हल प्री-टेंडर योजना से निकालने को कहा, क्योंकि देरी से निर्माण सामग्री की लागत बढ़ जाती है। विकल्प A और विकल्प B निर्धारित अवधि से कम हैं और विज्ञप्ति में इनका कोई उल्लेख नहीं है। विकल्प D यानी 90 दिन सुनने में सहज लगता है क्योंकि सरकारी प्रक्रियाओं में तीन महीने की अवधि आम है, पर यहां तय सीमा उससे कम रखी गई है। इसके साथ यह भी याद रखें कि निर्माण के बाद 5 वर्ष तक सड़क का रखरखाव संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी होती है।

पूरा लेख पढ़ें: पीएमजीएसवाई चिंतन शिविर: चौथे चरण में 62 हजार किमी सड़कें

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Q1.सरकारी योजनाएंमध्यम

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण में कितने किलोमीटर नई सड़कों का लक्ष्य रखा गया है?

  1. A.32 हजार किलोमीटर
  2. B.62 हजार किलोमीटर
  3. C.85 हजार किलोमीटर
  4. D.1 लाख किलोमीटर
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 62 हजार किलोमीटर

व्याख्या

सही उत्तर 62 हजार किलोमीटर है। राष्ट्रीय चिंतन शिविर में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने बताया कि योजना के चौथे चरण में 62 हजार किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कों का लक्ष्य मिला है, जिसमें से 20 हजार किलोमीटर की स्वीकृति हो चुकी है। विकल्प A यानी 32 हजार किलोमीटर घोषित लक्ष्य से कम है और विज्ञप्ति में इस आंकड़े का उल्लेख नहीं है। विकल्प C भ्रमित करने वाला है क्योंकि यह अब तक बनी कुल सड़कों के आंकड़े से मिलता-जुलता लगता है, जबकि वह आंकड़ा करीब 8.50 लाख किलोमीटर है, न कि इस चरण का लक्ष्य। विकल्प D भी लक्ष्य को बहुत बढ़ाकर बताता है और किसी घोषणा पर आधारित नहीं है। अभ्यर्थी चरण का लक्ष्य, उसमें स्वीकृत हिस्सा और अब तक बनी कुल सड़कों की लंबाई, तीनों आंकड़े अलग-अलग याद रखें, क्योंकि परीक्षा में इन्हें आपस में बदलकर पूछा जाता है।

Q2.सरकारी योजनाएंआसान

पीएमजीएसवाई का राष्ट्रीय चिंतन शिविर किस स्थान पर आयोजित किया गया?

  1. A.विज्ञान भवन, नई दिल्ली
  2. B.भारत मंडपम, नई दिल्ली
  3. C.यशोभूमि, द्वारका
  4. D.प्रगति मैदान सभागार, नई दिल्ली
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. भारत मंडपम, नई दिल्ली

व्याख्या

सही उत्तर भारत मंडपम, नई दिल्ली है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का दो दिवसीय राष्ट्रीय चिंतन शिविर भारत मंडपम में आयोजित हुआ, जिसे केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री ने संबोधित किया और जिसमें सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के सचिव तथा मुख्य अभियंता शामिल हुए। विकल्प A यानी विज्ञान भवन में सरकारी बैठकें होती हैं, पर यह शिविर वहां नहीं हुआ। विकल्प C यानी यशोभूमि द्वारका का सम्मेलन केंद्र है और प्रदर्शनियों तथा सम्मेलनों के लिए जाना जाता है, इसलिए यह आकर्षक भ्रम है, मगर आयोजन स्थल नहीं। विकल्प D भी गलत है, क्योंकि विज्ञप्ति में स्थान के रूप में स्पष्ट रूप से भारत मंडपम का नाम है। स्थान के साथ आयोजन की अवधि दो दिन और संबोधित करने वाले मंत्री का नाम जोड़कर याद रखना उपयोगी रहेगा।

Q3.सरकारी योजनाएंकठिन

समीक्षा बैठक में बताए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025-26 में देश में दलहन का उत्पादन कितना रहा?

  1. A.266 लाख टन
  2. B.274.09 लाख टन
  3. C.286.46 लाख टन
  4. D.430.59 लाख टन
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 274.09 लाख टन

व्याख्या

सही उत्तर 274.09 लाख टन है। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में दलहन का रिकॉर्ड उत्पादन इसी स्तर पर रहा और यह राष्ट्रीय लक्ष्य से अधिक है। विकल्प A गलत है, क्योंकि 266 लाख टन दलहन उत्पादन का लक्ष्य था, जिसे देश ने पार कर लिया। विकल्प C गलत है, क्योंकि 286.46 लाख हेक्टेयर दलहन की बुआई का रकबा है, अर्थात क्षेत्र का आंकड़ा, उत्पादन का नहीं; यह भी 283 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य से अधिक रहा। विकल्प D गलत है, क्योंकि 430.59 लाख टन तिलहन उत्पादन का आंकड़ा है, जो 427 लाख टन के लक्ष्य से अधिक रहा। परीक्षार्थी को उत्पादन और रकबे के आंकड़े तथा दलहन और तिलहन के आंकड़े आपस में न मिलाने चाहिए, क्योंकि प्रश्न इसी अंतर पर बनते हैं। घरेलू खाद्य तेल उत्पादन भी 129.96 लाख टन तक पहुंचा है।

Q4.सरकारी योजनाएंआसान

मिट्टी की सेहत और फसल अवशेष प्रबंधन पर केंद्रित कौन-सा राष्ट्रव्यापी अभियान इसी माह की 22 तारीख से शुरू किया जा रहा है?

  1. A.खेत बचाओ अभियान
  2. B.मखाना विकास मिशन
  3. C.राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन
  4. D.डिजिटल क्रॉप सर्वे
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. खेत बचाओ अभियान

व्याख्या

सही उत्तर खेत बचाओ अभियान है। समीक्षा बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री ने बताया कि मिट्टी की घटती सेहत, पराली तथा अवशेष प्रबंधन और रासायनिक खादों के असंतुलित उपयोग से खेतों को बचाने के लिए इसी माह की 22 तारीख से पूरे देश में यह सघन अभियान शुरू किया जा रहा है। विकल्प B गलत है, क्योंकि मखाना विकास मिशन मखाना किसानों को बेहतर दाम दिलाने से जुड़ा अलग कार्यक्रम है। विकल्प C गलत है, क्योंकि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन पहले से चल रहा मिशन है, जिसके तहत अब तक 27.32 लाख किसान और 12.85 लाख हेक्टेयर क्षेत्र जुड़ चुका है। विकल्प D गलत है, क्योंकि डिजिटल क्रॉप सर्वे फसलों की सटीक जानकारी जुटाने की डिजिटल प्रक्रिया है, कोई जागरूकता अभियान नहीं। अभियान में कृषि वैज्ञानिक और मैदानी अमला सीधे खेतों तक पहुंचकर किसानों को मिट्टी की जांच तथा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन के प्रति जागरूक करेंगे।

Q5.सरकारी योजनाएंमध्यम

डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत देश में अब तक कितने किसानों की डिजिटल फार्मर आईडी बन चुकी है?

  1. A.8.50 करोड़ से अधिक
  2. B.10.77 करोड़ से अधिक
  3. C.14 करोड़ से अधिक
  4. D.26.73 करोड़ से अधिक
उत्तर देखें

सही उत्तर: B. 10.77 करोड़ से अधिक

व्याख्या

सही उत्तर 10.77 करोड़ से अधिक है। कृषि मंत्रालय की पहली समग्र मासिक समीक्षा बैठक में बताया गया कि डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के अंतर्गत अब तक इतने किसानों की विशिष्ट डिजिटल फार्मर आईडी बनाई जा चुकी है। विकल्प A गलत है, क्योंकि यह आंकड़ा बैठक में दी गई जानकारी से मेल नहीं खाता। विकल्प C गलत है, क्योंकि 14 करोड़ किसानों का आंकड़ा डिजिटल एकीकरण का राष्ट्रीय लक्ष्य है, न कि अब तक बनी आईडी की संख्या; इसी लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति मापी जाती है। विकल्प D गलत है, क्योंकि यह चालू खरीफ सीजन में डिजिटल क्रॉप सर्वे से कवर हुए खेतों की संख्या है, जो किसानों की आईडी से भिन्न माप है। फार्मर आईडी का महत्व यह है कि इससे सब्सिडी, किसान क्रेडिट कार्ड ऋण, एमएसपी खरीद, फसल बीमा और आपदा राहत सीधे किसान के बैंक खाते तक पहुंचती है, जिससे कागजी औपचारिकताएं घटती हैं।