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GK24
भारतीय राजव्यवस्थामध्यमपूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2025, GS Paper I

भारतीय राजव्यवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए : I. किसी राज्य का राज्यपाल अपने पद की शक्तियों के प्रयोग और कर्तव्यों के पालन के लिए किसी न्यायालय के प्रति उत्तरदायी नहीं है। II. राज्यपाल के विरुद्ध उसकी पदावधि के दौरान कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जाएगी या जारी नहीं रखी जाएगी। III. राज्य विधानमंडल के सदस्य सदन में कही गई किसी बात के संबंध में किसी न्यायालय में किसी कार्यवाही के भागी नहीं होते। उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

  1. A.केवल I और II
  2. B.केवल II और III
  3. C.केवल I और III
  4. D.I, II और III

सही उत्तर

D. I, II और III

व्याख्या

सही उत्तर है D, I, II और III। अनुच्छेद 361 राज्यपाल को दोनों बताए गए तरीकों से संरक्षण देता है, और अनुच्छेद 194 सदन में विधायकों द्वारा कही गई बातों को संरक्षण देता है।

अनुच्छेद 361(1) के अनुसार राष्ट्रपति और राज्य का राज्यपाल अपने पद की शक्तियों और कर्तव्यों के प्रयोग के लिए किसी न्यायालय के प्रति उत्तरदायी नहीं हैं। अनुच्छेद 361(2) कहता है कि उनकी पदावधि के दौरान किसी न्यायालय में उनके विरुद्ध कोई आपराधिक कार्यवाही न शुरू होगी, न जारी रहेगी, और अनुच्छेद 361(3) इस दौरान उनकी गिरफ़्तारी या कारावास पर रोक लगाता है। राज्य विधानमंडल के लिए अनुच्छेद 194(2) कहता है कि विधानमंडल या उसकी समितियों में कही गई किसी बात या दिए गए मत के लिए कोई सदस्य किसी न्यायालय में कार्यवाही का भागी नहीं होगा; अनुच्छेद 105 यही विशेषाधिकार सांसदों को देता है।

A गलत है क्योंकि उसमें III छूट गया है। B गलत है क्योंकि उसमें I छूट गया है। C गलत है क्योंकि उसमें II छूट गया है; तीनों कथन सही हैं।

Exam tip: अनुच्छेद 361 = राष्ट्रपति और राज्यपाल की उन्मुक्ति; अनुच्छेद 105 और 194 = संसद और राज्य विधानमंडल में वाक्-स्वतंत्रता।

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Q1.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2026, GS Paper Iकठिन

भारत में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से संबंधित प्रावधानों के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम राज्यों के जनजातीय क्षेत्रों के प्रशासन से संबंधित प्रावधान भारत के संविधान की पाँचवीं अनुसूची में दिए गए हैं।

2. भारत की कुछ जनजातियाँ कुछ आय पर आयकर के भुगतान से छूट की हकदार हैं।

3. भारत का संविधान पंचायतों में अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान करता है।

उपर्युक्त कथनों पर आधारित निम्नलिखित निष्कर्षों में से कौन-सा सही है?

  1. A.दो कथन सही हैं, जिनमें कथन 2 शामिल है।
  2. B.दो कथन सही हैं, जो कथन 1 और 3 हैं।
  3. C.केवल एक कथन सही है।
  4. D.तीनों कथन सही हैं।
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. दो कथन सही हैं, जिनमें कथन 2 शामिल है।

कथन 2 और 3 सही हैं, जबकि कथन 1 पाँचवीं और छठी अनुसूची को आपस में मिला देता है। असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों का प्रशासन छठी अनुसूची (अनुच्छेद 244(2) और 275(1)) के तहत होता है, जो स्वायत्त ज़िला परिषदें बनाती है।

Q2.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2017, GS Paper Iआसान

लोकतंत्र का श्रेष्ठ गुण इस तथ्य में निहित है कि वह किसे सक्रिय करता है?

  1. A.सामान्य स्त्री-पुरुषों की बुद्धि और चरित्र को।
  2. B.कार्यपालिका नेतृत्व को मज़बूत करने के तरीकों को।
  3. C.गतिशीलता और दूरदृष्टि वाले एक श्रेष्ठ व्यक्ति को।
  4. D.समर्पित दलीय कार्यकर्ताओं के एक समूह को।
उत्तर देखें
सही उत्तर: A. सामान्य स्त्री-पुरुषों की बुद्धि और चरित्र को।

लोकतंत्र इस विचार पर टिका है कि साधारण नागरिक सार्वजनिक मामलों को परखने और अपनी सरकार में भाग लेने में सक्षम हैं।

Q3.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2018, GS Paper Iआसान

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. किसी राज्य के राज्यपाल के विरुद्ध उसकी पदावधि के दौरान किसी न्यायालय में कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जाएगी।

2. किसी राज्य के राज्यपाल की उपलब्धियाँ और भत्ते उसकी पदावधि के दौरान कम नहीं किए जाएँगे।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

  1. A.केवल 1
  2. B.केवल 2
  3. C.1 और 2 दोनों
  4. D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
सही उत्तर: C. 1 और 2 दोनों

अनुच्छेद 361 पदावधि के दौरान राज्यपाल को आपराधिक कार्यवाही से बचाता है, और अनुच्छेद 158 इस दौरान उसके वेतन में कटौती से संरक्षण देता है।

Q4.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2026, GS Paper Iकठिन

भारत के संविधान के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

1. भारत के संविधान में ऐसा कोई अनुच्छेद नहीं है जो यह निर्दिष्ट करे कि भारत का संविधान आधिकारिक रूप से 'भारत का संविधान' कहलाएगा।

2. भारत के संविधान में ऐसा कोई अनुच्छेद नहीं है जो यह निर्दिष्ट करे कि भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम, 1947 और भारत शासन अधिनियम, 1935 निरसित हो गए हैं।

3. भारत के संविधान में ऐसा कोई अनुच्छेद नहीं है जो 26 जनवरी, 1950 को भारत के संविधान के प्रारंभ की तिथि के रूप में उल्लेख करे।

उपर्युक्त कथनों पर आधारित निम्नलिखित निष्कर्षों में से कौन-सा सही है?

  1. A.तीनों कथन सही हैं।
  2. B.कोई भी कथन सही नहीं है।
  3. C.दो कथन सही हैं, जिनमें कथन 3 शामिल है।
  4. D.केवल एक कथन सही है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. कोई भी कथन सही नहीं है।

तीनों बातें संविधान के भाग XXII के किसी न किसी अनुच्छेद में दी गई हैं, इसलिए तीनों कथन असत्य हैं।

Q5.भारतीय राजव्यवस्थापूछा गया: UPSC सिविल सेवा · CSE Prelims 2018, GS Paper Iमध्यम

निम्नलिखित में से कौन-सा विधि (कानून) और स्वतंत्रता के बीच के संबंध को सबसे उपयुक्त रूप में दर्शाता है?

  1. A.यदि कानून अधिक हैं, तो स्वतंत्रता कम है।
  2. B.यदि कानून नहीं हैं, तो स्वतंत्रता भी नहीं है।
  3. C.यदि स्वतंत्रता है, तो कानून जनता द्वारा बनाए जाने चाहिए।
  4. D.यदि कानून बहुत जल्दी-जल्दी बदले जाते हैं, तो स्वतंत्रता खतरे में है।
उत्तर देखें
सही उत्तर: B. यदि कानून नहीं हैं, तो स्वतंत्रता भी नहीं है।

स्वतंत्रता का अर्थ नियमों का न होना नहीं है; कानून के बिना ताकतवर मनमानी करेगा और बाकी कोई स्वतंत्र नहीं रहेगा।