भारत में विश्व के दुर्लभतम स्तनधारियों में से एक, सिंधु डॉल्फ़िन मुख्य रूप से निम्नलिखित में से किस नदी में पाई जाती है?
- A.गंगा
- B.कावेरी
- C.ब्रह्मपुत्र
- D.ब्यास
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है D, ब्यास। भारत में सिंधु नदी डॉल्फ़िन केवल पंजाब में ब्यास नदी के एक छोटे हिस्से में, हरिके आर्द्रभूमि के आसपास बची है।
सिंधु नदी डॉल्फ़िन मीठे पानी की डॉल्फ़िन है जो लगभग अंधी होती है और प्रतिध्वनि (इकोलोकेशन) से रास्ता और भोजन खोजती है। इसकी अधिकांश आबादी पाकिस्तान के सिंधु नदी तंत्र में रहती है। भारत में इसका एक छोटा, अलग-थलग समूह ब्यास नदी में, मुख्य रूप से तलवाड़ा और हरिके बैराज के बीच, रहता है, और IUCN रेड लिस्ट में यह संकटग्रस्त (एंडेंजर्ड) श्रेणी में है। पंजाब ने 2019 में इसे राज्य जलीय जीव घोषित किया, और ब्यास संरक्षण रिज़र्व इसके आवास की रक्षा करता है। नदियों को टुकड़ों में बाँटने वाले बाँध, बैराज और प्रदूषण इसके मुख्य खतरे हैं।
A गलत है क्योंकि गंगा में गंगा नदी डॉल्फ़िन रहती है, जो भारत का राष्ट्रीय जलीय जीव और एक अलग प्रजाति है। B गलत है क्योंकि कावेरी में नदी डॉल्फ़िन नहीं पाई जाती। C गलत है क्योंकि ब्रह्मपुत्र में भी गंगा डॉल्फ़िन ही पाई जाती है, सिंधु डॉल्फ़िन नहीं।
Exam tip: गंगा डॉल्फ़िन = राष्ट्रीय जलीय जीव (गंगा, ब्रह्मपुत्र); सिंधु डॉल्फ़िन = पंजाब का राज्य जलीय जीव, ब्यास में।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंदो निकटवर्ती और भिन्न पादप समुदायों की सीमा पर स्थित विविध प्राकृतिक वनस्पति वाले संक्रमण क्षेत्र को क्या कहा जाता है?
- A.पारिस्थितिक अनुक्रमण
- B.इकोटोन
- C.पारिस्थितिक निकेत
- D.चरमावस्था
उत्तर देखें
इकोटोन वह संक्रमण क्षेत्र है जहाँ दो भिन्न समुदाय या पारितंत्र मिलते और आपस में घुलते-मिलते हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →कार्टाजेना प्रोटोकॉल, जिसका भारत एक पक्षकार है, किससे संबंधित है?
- A.ग्रीनहाउस गैसों से निपटना तथा वैश्विक तापन और जलवायु परिवर्तन को कम करना
- B.जैव सुरक्षा, जिस पर जैविक विविधता अभिसमय के तत्वावधान में वार्ता हुई
- C.मानव जीवन को रोगों से बचाने के लिए ओज़ोन क्षयकारी पदार्थों से निपटना
- D.शुष्क क्षेत्रों में शुष्क भूमि कृषि सुधारकर मरुस्थलीकरण की परिघटना से निपटना
उत्तर देखें
कार्टाजेना जैव सुरक्षा प्रोटोकॉल जीवित संशोधित जीवों के सुरक्षित प्रबंधन से जुड़ा है। यह प्रोटोकॉल 2000 में जैविक विविधता अभिसमय के पूरक समझौते के रूप में अपनाया गया और 2003 में लागू हुआ; भारत इसका पक्षकार है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. कई शहरी और उपनगरीय क्षेत्रों का तापमान आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से अधिक रहता है, जिन्हें नगरीय ऊष्मा द्वीप कहा जाता है।
2. शहरी हरित आवरण में कमी और निर्मित कठोर सतहों में वृद्धि ही नगरीय ऊष्मा द्वीप का एकमात्र कारण है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- A.केवल 1
- B.केवल 2
- C.1 और 2 दोनों
- D.न तो 1 और न ही 2
उत्तर देखें
कथन 1 नगरीय ऊष्मा द्वीप की सही परिभाषा देता है, पर कथन 2 गलत है क्योंकि हरियाली की कमी और कठोर सतहें इसका एकमात्र कारण नहीं हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →'द इकोनॉमिक्स ऑफ़ इकोसिस्टम्स एंड बायोडायवर्सिटी (TEEB)' नामक पहल के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
1. यह UNEP, IMF और विश्व आर्थिक मंच द्वारा संचालित एक पहल है।
2. यह एक वैश्विक पहल है जो जैव विविधता के आर्थिक लाभों की ओर ध्यान आकर्षित करने पर केंद्रित है।
3. यह एक ऐसा दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है जो निर्णयकर्ताओं को पारितंत्रों और जैव विविधता के मूल्य को पहचानने, प्रदर्शित करने और अधिग्रहीत करने में सहायता कर सकता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 3
- C.केवल 2 और 3
- D.1, 2 और 3
उत्तर देखें
कथन 1 गलत है, क्योंकि TEEB का संचालन केवल संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) करता है, IMF और विश्व आर्थिक मंच के साथ मिलकर नहीं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →"बायोरॉक प्रौद्योगिकी" की चर्चा निम्नलिखित में से किस स्थिति में की जाती है?
- A.क्षतिग्रस्त प्रवाल भित्तियों का पुनरुद्धार
- B.पादप अवशेषों का उपयोग करके भवन निर्माण सामग्री का विकास
- C.शेल गैस के अन्वेषण/निष्कर्षण हेतु क्षेत्रों की पहचान
- D.वनों/संरक्षित क्षेत्रों में वन्य पशुओं के लिए लवण-चाट उपलब्ध कराना
उत्तर देखें
बायोरॉक समुद्र के भीतर हल्की विद्युत धारा से भित्ति-संरचनाएँ विकसित करने की विधि है, ताकि प्रवाल उन पर बसकर फिर से पनप सकें।
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