निम्नलिखित में से किस प्रकार के बृहत् संचलन को तीव्र संचलन की श्रेणी में रखा जाता है? 1. मृदा सर्पण (क्रीप) 2. पंक प्रवाह 3. मृदा प्रवाह (सॉलिफ्लक्शन) 4. अवसर्पण (स्लम्प) नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर उत्तर चुनिए।
- A.1 और 2
- B.1 और 3
- C.2 और 4
- D.3 और 4
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर है C, 2 और 4। पंक प्रवाह और अवसर्पण इतनी तेज़ी से होते हैं कि दिखाई दें, जबकि मृदा सर्पण और मृदा प्रवाह धीमे संचलन हैं, जो लंबे समय में ही पता चलते हैं।
बृहत् संचलन गुरुत्व के कारण चट्टान और मिट्टी का ढलान से नीचे खिसकना है। धीमे संचलनों में मृदा सर्पण आता है, यानी हल्की ढलानों पर मिट्टी का धीरे-धीरे खिसकना, जिससे बाड़ के खंभे और पेड़ झुक जाते हैं; और मृदा प्रवाह, यानी ठंडे क्षेत्रों में जमी हुई भूमि पर पानी से भरी मिट्टी का धीमा बहाव। पंक प्रवाह तीव्र संचलन है: भारी वर्षा के बाद कम वनस्पति वाली संतृप्त मिट्टी गाढ़ी धारा की तरह नालों में बहती है, जैसे ज्वालामुखी ढलानों पर। अवसर्पण में चट्टान या मिट्टी का खंड वक्र सतह पर पीछे की ओर घूमते हुए तेज़ी से खिसकता है; इसे भूस्खलन में गिना जाता है, जो तीव्र संचलन है।
A गलत है: मृदा सर्पण बृहत् संचलन का सबसे धीमा रूप है।
B गलत है: मृदा सर्पण और मृदा प्रवाह दोनों धीमे संचलन हैं।
D गलत है: मृदा प्रवाह धीमा है, इसलिए यह जोड़ी तीव्र नहीं।
Exam tip: धीमे: मृदा सर्पण, मृदा प्रवाह। तीव्र: भूमि प्रवाह, पंक प्रवाह, मलबा अवधाव तथा अवसर्पण, शैल सर्पण, शैल पतन जैसे भूस्खलन।
अभ्यास प्रश्न
सभी देखेंभारत के निम्नलिखित राज्यों में से किसमें सघन सदाबहार वन आवरण का क्षेत्र सबसे अधिक है?
- A.हिमाचल प्रदेश
- B.अरुणाचल प्रदेश
- C.कर्नाटक
- D.उत्तराखंड
उत्तर देखें
भारी वर्षा, गर्म और नम तलहटी तथा कम जनसंख्या के कारण इन राज्यों में यहाँ सघन सदाबहार वनों का सबसे बड़ा विस्तार है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. विश्व की कई सबसे बड़ी पर्वत श्रृंखलाएँ समुद्र के नीचे स्थित हैं।
2. कुछ पर्वत श्रृंखलाएँ द्वीपीय चाप के रूप में दिखाई देती हैं।
3. मध्य-महासागरीय कटक सबसे लंबी पर्वत श्रृंखलाएँ बनाते हैं।
4. मध्य-अटलांटिक कटक अटलांटिक की तली से तैंतीस मीटर ऊँचा उठा है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.केवल 1 और 2
- B.केवल 3 और 4
- C.केवल 1, 2 और 4
- D.केवल 1, 2 और 3
उत्तर देखें
कथन 4 गलत है: मध्य-अटलांटिक कटक महासागर की तली से हज़ारों मीटर ऊँचा है, तैंतीस मीटर नहीं। महासागर की तली का उच्चावच भी स्थल जितना विविध है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →बहती धारा द्वारा आधार शैल में जलगर्तिका (पॉटहोल) बनने की मुख्य विधि निम्नलिखित में से कौन-सी है?
- A.अपघर्षण
- B.सन्निघर्षण
- C.संक्षारण
- D.मृदा प्रवाह
उत्तर देखें
जलगर्तिकाएँ धारा की चट्टानी तली में उन कंकड़ों और गोलाश्मों से बनती हैं जिन्हें घूमता पानी चट्टान पर रगड़ता है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
1. उत्तर का विशाल मैदान तीन अलग नदी तंत्रों, सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र, की द्रोणियों से बना है।
2. यह पृथ्वी के सबसे सघन आबादी वाले क्षेत्रों में से एक है।
3. दिल्ली में यमुना से लगभग 1600 किमी दूर बंगाल की खाड़ी तक ऊँचाई में केवल 200 मीटर की गिरावट है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
- A.1, 2 और 3
- B.केवल 2 और 3
- C.केवल 1 और 2
- D.केवल 1 और 3
उत्तर देखें
तीनों कथन भारत के उत्तरी मैदान का सही वर्णन करते हैं। उत्तरी मैदान सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र तथा उनकी सहायक नदियों द्वारा लाए गए जलोढ़ से बना है, जो मिलकर हिमालय का जल बहाकर लाती हैं।
पूरी व्याख्या पढ़ें →सिंगापुर को पोर्ट ऑफ कॉल (विश्राम पत्तन) कहा जाता है, क्योंकि
- A.यह तेल के प्रसंस्करण और जहाज़ से उसके परिवहन का काम करता है
- B.यह मूल पत्तन से दूर बनाया गया एक गहरे पानी का पत्तन है
- C.यह मुख्य समुद्री मार्ग पर स्थित है जहाँ जहाज़ ईंधन, पानी और खाद्य सामग्री लेने के लिए लंगर डालते थे
- D.यह उन जहाज़ों को ग्रहण कर मूल पत्तनों की सेवा करता है जो अपने बड़े आकार के कारण वहाँ नहीं पहुँच पाते
उत्तर देखें
पोर्ट ऑफ कॉल यही होता है। विश्राम पत्तन सबसे पहले बड़े समुद्री मार्गों पर ठहराव स्थलों के रूप में विकसित हुए, जहाँ जहाज़ यात्रा के अगले लंबे हिस्से से पहले ईंधन, ताज़ा पानी और रसद लेते थे।
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