बायो ई3 ढांचे में ई3 का अर्थ क्या है, जिसके तहत पीएलए बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक का शुभारंभ हुआ?
- A.ऊर्जा, पारिस्थितिकी और दक्षता
- B.अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार
- C.शिक्षा, उद्यम और निर्यात
- D.इथेनॉल, एंजाइम और इंजीनियरिंग
सही उत्तर
व्याख्या
सही उत्तर अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार है। बायो ई3 सरकार का वह ढांचा है जिसका पूरा नाम अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोजगार के लिए जैव प्रौद्योगिकी है, और इसी के अंतर्गत बलरामपुर चीनी मिल्स की पॉलीलैक्टिक एसिड आधारित बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक परियोजना आगे बढ़ रही है। मंत्री ने कहा कि यह ढांचा देश के आर्थिक विकास, पर्यावरणीय स्थिरता और रोजगार के लक्ष्यों को एक साथ आगे बढ़ाने का अवसर देता है, इसलिए नाम में यही तीन शब्द हैं। विकल्प ए गलत है, क्योंकि ऊर्जा और पारिस्थितिकी संबंधित विषय जरूर हैं, पर ढांचे के नाम में नहीं आते। विकल्प सी गलत है, क्योंकि शिक्षा और निर्यात दूसरी नीतियों की शब्दावली हैं। विकल्प डी गलत है, क्योंकि इथेनॉल और एंजाइम जैव प्रौद्योगिकी के उत्पाद या साधन हैं, ढांचे के उद्देश्य नहीं।
पूरा लेख पढ़ें: बायो ई3 के तहत पीएलए बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक का व्यावसायिक शुभारंभ
अभ्यास प्रश्न
बायो ई3 समर्थित पीएलए और को-पोलिमर्स की पायलट सुविधा कुंभी में किस राज्य के भीतर स्थापित होगी?
- A.उत्तर प्रदेश
- B.महाराष्ट्र
- C.कर्नाटक
- D.बिहार
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पीएलए और को-पोलिमर्स के लिए 100 टीपीए की पायलट स्तरीय शोध सुविधा उत्तर प्रदेश के कुंभी में बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड के एकीकृत विनिर्माण परिसर में बनाई जाएगी, जबकि शुभारंभ कार्यक्रम नई दिल्ली स्थित जैव प्रौद्योगिकी विभाग में हुआ।
पूरी व्याख्या पढ़ें →पीएलए पायलट सुविधा के लिए 75 करोड़ रुपये का अनुदान किस संस्था ने दिया है?
- A.नीति आयोग
- B.वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद
- C.जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद
- D.प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड
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उसी के 75 करोड़ रुपये के अनुदान से पीएलए और उन्नत को-पोलिमर्स की 100 टीपीए पायलट स्तरीय सुविधा को सहयोग मिल रहा है, जिसे बलरामपुर चीनी मिल्स उत्तर प्रदेश के कुंभी में चलाएगी।
पूरी व्याख्या पढ़ें →6 नवंबर 2026 तक I-STEM पोर्टल पर कितने उपकरण सूचीबद्ध थे?
- A.4,044
- B.18,250
- C.31,540
- D.45,000
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6 नवंबर 2026 तक, यानी जिस दिन स्टार्टअप इंडिया पोर्टल के साथ इसका एपीआई एकीकरण शुरू हुआ, I-STEM पर 4,044 पंजीकृत संस्थानों के 31,540 उपकरण दर्ज थे, जो शोधकर्ताओं और नवप्रवर्तकों के लिए बड़ा राष्ट्रीय संसाधन है।
पूरी व्याख्या पढ़ें →6 नवंबर 2026 को स्टार्टअप इंडिया और I-STEM पोर्टल के एपीआई एकीकरण के शुभारंभ की अध्यक्षता किसने की?
- A.डॉ. परविंदर मैनी
- B.प्रो. अजय कुमार सूद
- C.अतीश कुमार सिंह
- D.डॉ. विशाल चौधरी
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उन्होंने इस एकीकरण को संस्थाओं का तालमेल बताया, जिससे शोध और विकास का खर्च घटेगा, महंगी सुविधाओं का दोहराव रुकेगा और सार्वजनिक धन से बने ढांचे का बेहतर उपयोग होगा।
पूरी व्याख्या पढ़ें →नवंबर 2026 में स्टार्टअप इंडिया पोर्टल से जोड़े गए I-STEM पोर्टल का पूरा नाम क्या है?
- A.इंडियन स्कीम फॉर टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग मेंटरशिप
- B.इंडियन साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग फैसिलिटीज मैप
- C.इंटीग्रेटेड स्टार्टअप टेक्नोलॉजी एनेबलमेंट मिशन
- D.इंडियन सोसाइटी फॉर टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथमेटिक्स
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I-STEM वह पोर्टल है जो शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिक उपकरणों और शोध सुविधाओं का नक्शा तैयार करता है, ताकि उन्हें साझा किया जा सके।
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