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GK24
भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

अर्थव्यवस्था के किस क्षेत्र को सेवा क्षेत्र भी कहा जाता है?

  1. A.प्राथमिक क्षेत्र
  2. B.द्वितीयक क्षेत्र
  3. C.तृतीयक क्षेत्र
  4. D.सार्वजनिक क्षेत्र

सही उत्तर

C. तृतीयक क्षेत्र

व्याख्या

सही उत्तर C, तृतीयक क्षेत्र है। यह कोई वस्तु नहीं बनाता; यह परिवहन, भंडारण, संचार, व्यापार, बैंकिंग, बीमा, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा प्रशासन जैसी सेवाएँ देता है, इसीलिए इसे सामान्यतः सेवा क्षेत्र कहा जाता है।

विकल्प A, प्राथमिक क्षेत्र को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र भी कहते हैं, और विकल्प B, द्वितीयक क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र, अर्थात तीनों के दो-दो नाम हैं और प्रश्नपत्र इसी भ्रम का लाभ उठाते हैं। विकल्प D, सार्वजनिक क्षेत्र बिल्कुल दूसरे वर्गीकरण का है, जो स्वामित्व पर आधारित है, गतिविधि की प्रकृति पर नहीं; कोई सार्वजनिक उद्यम तीनों में से किसी भी क्षेत्र में हो सकता है, जैसे सरकारी कोयला खान, इस्पात संयंत्र या बैंक। तीनों वर्गीकरणों को अलग रखना ही इस अध्याय का मुख्य कौशल है, और इसी कारण प्रश्न में दिए शब्दों को ध्यान से पढ़िए कि बात गतिविधि की हो रही है, रोजगार की शर्तों की या स्वामित्व की।

पूरा लेख पढ़ें: भारतीय अर्थव्यवस्था के क्षेत्र: प्राथमिक से तृतीयक तक

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Q1.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

खनन अर्थव्यवस्था के किस क्षेत्र में आता है?

  1. A.प्राथमिक क्षेत्र
  2. B.द्वितीयक क्षेत्र
  3. C.तृतीयक क्षेत्र
  4. D.चतुर्थक क्षेत्र
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सही उत्तर: A. प्राथमिक क्षेत्र

व्याख्या

सही उत्तर A, प्राथमिक क्षेत्र है। खनन प्रकृति से सीधे उत्पाद निकालता है और उसका रूप नहीं बदलता, ठीक वैसे ही जैसे खेती, मत्स्य पालन और वानिकी करते हैं, और इसी प्रकार की हर गतिविधि प्राथमिक क्षेत्र में रखी जाती है।

विकल्प B, द्वितीयक क्षेत्र तभी सही होता जब अयस्क का प्रसंस्करण हो जाए: लौह अयस्क से इस्पात बनाना विनिर्माण है और इसलिए द्वितीयक है। विकल्प C, तृतीयक क्षेत्र में परिवहन, व्यापार और बैंकिंग जैसी सेवाएँ आती हैं जो स्वयं कोई वस्तु नहीं बनातीं। विकल्प D, चतुर्थक क्षेत्र अनुसंधान और सॉफ्टवेयर जैसी ज्ञान सेवाओं के लिए आधुनिक विस्तार है और परीक्षाओं के तीन क्षेत्रों वाले वर्गीकरण में नहीं आता। भारी काम होने के कारण अभ्यर्थी खनन को द्वितीयक मान बैठते हैं, इसलिए कसौटी याद रखिए: जो सीधे प्रकृति से मिले वह प्राथमिक है।

Q2.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत में प्रच्छन्न बेरोजगारी सबसे अधिक किस क्षेत्र में पाई जाती है?

  1. A.कृषि
  2. B.सूचना प्रौद्योगिकी
  3. C.बैंकिंग
  4. D.खनन
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सही उत्तर: A. कृषि

व्याख्या

सही उत्तर A, कृषि है। छोटी पारिवारिक जोत पर घर के सभी सदस्य खेत में लगे रहते हैं जबकि काम को उससे बहुत कम हाथ चाहिए; यदि कुछ लोग हटा लिए जाएँ तो कुल उत्पादन नहीं घटेगा। इसका अर्थ है कि उनका श्रम कुछ नहीं जोड़ रहा, और यही प्रच्छन्न या छिपी बेरोजगारी कहलाती है।

विकल्प B, सूचना प्रौद्योगिकी और विकल्प C, बैंकिंग संगठित सेवा गतिविधियाँ हैं जहाँ पद स्वीकृत होते हैं और इस प्रकार अतिरिक्त कर्मचारी नहीं रखे जाते। विकल्प D, खनन अधिकांशतः संगठित और पूँजी प्रधान है। बेरोजगारी के अन्य रूप भी साथ याद कीजिए: मौसमी बेरोजगारी, जिसमें काम वर्ष के कुछ ही महीनों में मिलता है और जो कृषि में ही होती है, तथा खुली बेरोजगारी, जिसमें काम करने को तैयार व्यक्ति को काम मिलता ही नहीं।

Q3.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

मनरेगा एक ग्रामीण परिवार को वित्तीय वर्ष में कितने दिन का मजदूरी रोजगार सुनिश्चित करता है?

  1. A.50 दिन
  2. B.100 दिन
  3. C.150 दिन
  4. D.200 दिन
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सही उत्तर: B. 100 दिन

व्याख्या

सही उत्तर B, 100 दिन है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम, जो 2005 में पारित हुआ, हर उस ग्रामीण परिवार को एक वित्तीय वर्ष में सौ दिन का मजदूरी रोजगार सुनिश्चित करता है जिसके वयस्क सदस्य अकुशल शारीरिक श्रम करने को तैयार हों।

विकल्प A, C और D केवल गोल संख्याएँ हैं जिनका अधिनियम में कोई आधार नहीं। दो और बातें उतनी ही बार पूछी जाती हैं। पहली, गारंटी की इकाई परिवार है, व्यक्ति नहीं, इसलिए सौ दिन एक ही परिवार के वयस्कों में बँटते हैं। दूसरी, माँग के पंद्रह दिन के भीतर काम न मिलने पर राज्य सरकार पर बेरोजगारी भत्ता देने का दायित्व आ जाता है। इन्हीं दावों के कारण यह कल्याण कार्यक्रम नहीं बल्कि अधिकार आधारित कानून है, जिसे सरकार की इच्छा पर नहीं छोड़ा गया बल्कि जिसका पालन ग्रामीण परिवार माँग कर करा सकता है।

Q4.भारतीय अर्थव्यवस्थामध्यम

भारत के सर्वाधिक श्रमिकों को रोजगार कौन सा क्षेत्र देता है?

  1. A.प्राथमिक क्षेत्र
  2. B.द्वितीयक क्षेत्र
  3. C.तृतीयक क्षेत्र
  4. D.चतुर्थक क्षेत्र
उत्तर देखें

सही उत्तर: A. प्राथमिक क्षेत्र

व्याख्या

सही उत्तर A, प्राथमिक क्षेत्र है। कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियाँ आज भी सबसे अधिक भारतीयों को काम देती हैं, यद्यपि राष्ट्रीय आय में इस क्षेत्र का योगदान उस रोजगार हिस्से की तुलना में कहीं कम है।

विकल्प C, तृतीयक क्षेत्र कठिन विकल्प है, क्योंकि राष्ट्रीय आय में सबसे बड़ा हिस्सा सेवाओं का ही है; परंतु आय का हिस्सा और रोजगार का हिस्सा दो अलग प्रश्न हैं, और प्रश्नपत्र दोनों को साथ रखकर उसी अभ्यर्थी को पकड़ते हैं जिसने केवल एक पंक्ति रटी हो। विकल्प B, द्वितीयक क्षेत्र ने उन देशों में बड़ी श्रमशक्ति खपाई जो पहले औद्योगिक हुए, भारत में उस पैमाने पर यह नहीं हुआ। विकल्प D, चतुर्थक क्षेत्र बाद का विस्तार है। उत्पादन और रोजगार का यही अंतर कृषि में कम आय का कारण है।

Q5.भारतीय अर्थव्यवस्थाआसान

बैंकिंग और बीमा किस क्षेत्र की गतिविधियाँ हैं?

  1. A.प्राथमिक क्षेत्र
  2. B.द्वितीयक क्षेत्र
  3. C.तृतीयक क्षेत्र
  4. D.असंगठित क्षेत्र
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सही उत्तर: C. तृतीयक क्षेत्र

व्याख्या

सही उत्तर C, तृतीयक क्षेत्र है। बैंकिंग और बीमा कोई भौतिक वस्तु नहीं बनाते; वे ऋण देकर, धन का प्रवाह चलाकर और जोखिम ढककर उत्पादन तथा व्यापार को सहारा देते हैं, और यही सहायक गतिविधियाँ तृतीयक या सेवा क्षेत्र का केंद्र हैं।

विकल्प A, प्राथमिक क्षेत्र उन गतिविधियों का है जो सीधे प्रकृति पर निर्भर हैं, और विकल्प B, द्वितीयक क्षेत्र उन उत्पादों को विनिर्मित वस्तुओं में बदलने का। विकल्प D, असंगठित क्षेत्र बिल्कुल दूसरे वर्गीकरण का है, जो रोजगार की शर्तों पर आधारित है; बैंक तो संगठित क्षेत्र का विशिष्ट नियोक्ता है, जहाँ घंटे निश्चित हैं तथा भविष्य निधि और नौकरी की सुरक्षा मिलती है। ध्यान दीजिए कि एक शब्द से क्षेत्र बदल जाता है: गन्ना उगाना प्राथमिक, उससे चीनी बनाना द्वितीयक और उसे बेचना या उसके लिए वित्त देना तृतीयक है।